Monday, 20 July 2020

अमीर मीनाई के... 27...अश'आर... शाख़ों से बर्गेगुल नहीं....

शाख़ोंसे बर्गेगुल नहीं झड़ते हैं बाग़ में।
ज़ेवर उतर रहा है उरूसे बहार का।। 
In garden, with wind flower petals don't glide. 
Gently sliding are ornaments of spring bride. 

झाड़नी है कौन से गुल की नज़र।
बुलबुले फिरती हैं क्यों तिनके लिए।।
To chase out ill spirit from which flower's home?
With straws in their beaks, why nightingales roam?

क्या बला झूम के घनघोर घटा छाई है। 
हाय इस वक़्त मेरा गेसुओं वाला न हुआ।। 
It's true that majestic dark clouds impress.
But how I miss my darling's tress!

हिलती नहीं हवा से चमन में ये डालियाँ। 
मुँह चूमते हैं फूल उरूसे बहार का!

Twigs in garden, aren't shaken as the wind hisses. 
The mouth of spring bride, it's the flower that kisses.... 1

It is not the air that shakes these twigs. 
From mouth of spring's bride, 
flowers take swigs...... 2

लचक है शाखों में, जुंबिश हवा से फूलों में। 
बहार झूल रही है ख़ुशी के झूलों में।।

There is movement of flowers as branches swing. 
Swinging with pleasure this time is spring.

शबे विसाल बहुत कम है आसमाँ से कहो। 
कि जोड़ दे कोई टुकड़ा शबे जुदाई का।। 

Nuptial night is so short, tell the God overhead. 
A piece of departure night be annexed instead... 1

Night of meeting is so short, O Lord ! To you I pray. 
Add a piece of departure night, I 'll then have my say... 2

फिर बैठे बैठे वाद ए वस्ल उसने कर लिया। 
फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का।। 

She just promised to meet once again. 
Same old task to wait will remain.

While sitting, she promised to call back. 
Well, I was left waiting on the track. 2.

रहा ख़्वाब में उनके शब भर विसाल ।
मेरे बख़्त जागे मैं सोया किया ।। 

I met her in dreams for the whole night. 
My fate was awake, while I slept tight. 

जवाँ होने लगे जब वो तो हमसे कर लिया पर्दा। 
हया यक लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता। 

While gaining youth, she covered her face from me. 
Suddenly shy,but slowly slowly young turned she. 

ऐ रूह! क्या बदन में पड़ी है बदन को छोड़। 
मैला बहुत हुआ है अब इस पैरहन को छोड़ ।
Why are you after my body, leave it o soul. 
This dress has got so dirty, leave it as a whole. 

गाहे गाहे की मुलाक़ात ही अच्छी है'अमीर'। 
क़द्र खो देता है हर रोज़ का आना जाना। 

O 'Amir'! Only occasional meeting is fine. 
With daily meeting, you lose honour divine. 

ख़ंजर चले किसी पे, तड़पते हैं हम 'अमीर' ।
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है। 

I am agonised when daggered is someone
Pain of whole world is centered in this one . 

लुत्फ़ आने लगा जफ़ाओं में। 
वो कहीं मेहरबाँ न हो जाएँ। 

Her disloyalty is giving me pleasure. 
Let her not be considerate in measure. 

बुरी सरिश्त न बदली जगह बदलने से। 
चमन में आ के भी काँटा गुलाब हो न सका। 

Changing site didn't change company of those. 
Even in garden, thorn could not become rose. 

तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा। 
मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है। 

On my love, your anger prevails. 
Towards your anger, my heart sails. 

कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं। 
नाख़ुदा जिन का नहीं उन का ख़ुदा होता है। 

Boats of all people reach the shore here. 
Where boatsman is missing, God is there. 

उल्फ़त में बराबर है वफ़ा हो कि जफ़ा हो। हर बात में लज़्ज़त है अगर दिल में मज़ा हो। 

Being faithful or faithless in love is the same. 
With pleasure in heart, all things are same. 

उल्फ़त भी है वो नाज़ भी अंदाज़ भी लेकिन। 
मरता हूँ मैं जिस पर वो अदा और ही कुछ है। 

 She is a trouble, grace and gesture to score. 
One for which I die 
 that style is something more. 

किस ढिठाई से वो दिल छीन के कहते हैं 
'अमीर'। 
वो मिरा घर है रहे जिस में मोहब्बत मेरी। 

O Ameer ! With what audacity she snatches the heart. 
Where my love stays is my home :your heart. 

हुज़ूर वस्ल की हसरत अज़ल से है मुझको। 
ख़याल कीजिये कब से उम्मीदवार हूँ मैं। 

Since start of universe, I had a desire to meet. 
Just think how long am I waiting in this seat. 

वो दुश्मनी से देखते हैं देखते तो हैं। 
मैं शाद हूँ कि हूँ तो किसी की निगाह में। 

She sees me with enmity but still has a view. 
I am so happy to be in someone's review. 

देख ले बुलबुले परवाना की बेताबी को ।
हिज्र अच्छा न हसीनों का विसाल अच्छा है ।

Look at disarray of fire worm and nightingale chart. 
Neither meeting of beauties is good nor depart. 

वस्ल का दिन और इतना मुख़तसर ! 
दिन गिने जाते थे जिस दिन के लिए। 

The day of meeting and so short ! 
Days were counted for it's start

है जवानी ख़ुद जवानी का सिंगार। 
सादगी गहना है इस दिन के लिए। 

Youth is decoration of youth, each page. 
Simplicity is the ornament in this age. 

किसी रईस की महफ़िल का ज़िक्र क्या है 'अमीर' । 
ख़ुदा के घर भी न जाएँगे बिन बुलाए हुए ! 

वो दुश्मनी से देखते हैं देखते तो हैं। 
मैं शाद हूँ कि हूँ तो किसी की निगाह में। 

She sees me with enmity but still has a view. 
I am so happy to be in someone's review. 

बाक़ी न दिल में कोई भी यारब हवस रहे। चौदह बरस के सिन में वो लाखों बरस रहे

O God let not my heart any lust withhold. 
For lacs of years, she be in fourteen years mould. 

कबाब-ए-सीख़ हैं हम करवटें हर सू बदलते हैं। 
जो जल उठता है ये पहलू तो वो पहलू बदलते हैं। 

As kabab minced meat roasted on skewer. 
When a side is burnt, I get turned to newer. 
'




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