Friday 23 April 2021

AHMAD MUSHTAAQ......3.... COUPLETS

मिल ही आते हैं उसे ऐसा भी क्या हो जाएगा?
बस यही न दर्द कुछ दिल का सिवा हो जाएगा। 

Let's go and meet, what can it impart ?
O yes! A spurt in pain of the heart.

दोस्त सब जमा हुए रात की ख़ामोशी में।
कोई रो कर तो कोई बाल बना कर आया। 
Friends gathered in the silence of night offhand. 
Some combed their hair, others cried beforehand. 

मैं बहुत ख़ुश था कड़ी धूप के सन्नाटे में। 
क्यूँ तिरी याद का बादल मिरे सर पर आया?

I was very happy in solitude of strong sun. 
Came cloud of your memories, see what's done. 

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