Sunday 1 January 2023

REKHTA.. TODAY'S 5 COUPLETS

दीवार-ओ-दर ख़ून के छींटे हैं जा-ब-जा
बिखरा हुआ है रंग-ए-हिना तेरे शहर में
..... कैफ़ अज़ीमाबादी.....

The stains of blood are there, on doors 'n walls everywhere.
Scattered is henna' s colour,
 in your city, what a horror !

ज़िंदगी भर दर-ओ-दीवार सजाए जाएँ
तब कहीं जा के मकीनों पे मकां खुलते हैं
..... हसन जमील.....

Whole life you decorate it's walls 'n door. 
House ie then open to owner not before.

आँख खुलते ही बस्तियाँ ताराज
कोई  लज़्ज़त नहीं है ख़्वाबों में
..... आशुफ़्ता चंगेज़ी..... 

As eyes open , areas are ruined to core
There's no pleasure in dreams any more. 

ज़िंदगी गुम न दोस्ती गुम है
सच यही है कि आदमी गुम है
..... कँवल डिबाइवी..... 

Neither life nor friendship is absent. 
It's truth that the man is absent. 

उन के रुख़्सार देख जीता हूँ 
आरज़ी मेरी जिंदगानी है
..... नाज़ी शाकिर..... 

Her cheek look is my life 
So temporary is my life. 

रुख़सत करने के आदाब निभाने ही थे
बंद आँखों से उसको जाता देख लिया है 
..... परवीन शाकिर..... 

Protocol of departing had to 
be in place. 
With eyes shut , I saw him make  space. 

दिल भी तोड़ा तो सलीक़े से न तोड़ा तुम ने 
बेवफ़ाई के भी आदाब हुआ करते हैं 
..... माहताब आलम.....

You broke the heart but not in style 
Being faithless has it's manner 'n style. 

बोले कि तुझ को दीन की इस्लाह फ़र्ज़ है 
मैं चल दिया ये कह के कि आदाब अर्ज़ है..... अकबर इलाहाबादी..... 

बाग़ में जाने के आदाब हुआ करते हैं 
किसी तितली को न फूलों से उड़ाया जाए 
..... निदा फ़ाज़ली..... 



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