Thursday 28 July 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

ँ का मुसलसल ख़स-ओ-ख़ाशाक पे होनाद्दतों बाद मेरी जो इस राह से गुज़रा हूँ 'क़मर'।
अहद-ए-रफ़्ता को बहुत याद किया है मैंने
..... क़मर मोरादाबादी.....

After years, as I have passed through this way.
I have remembered past times gone a long way.

बे-नियाज़ी हद से गुज़री बंदा-परवर कब तलक।
हम कहेंगे हाल-ए-दिल और आप फ़रमाएँगे क्या?

U concern O considerate has gone a very long way. 
 I ' ll emote heart feelings and "what" 's all you' ll say?

गुज़रे हैं मय-कदे से जो तौबा के बाद हम।
कुछ दूर आदतन भी क़दम लड़खड़ाए हैं।
..... ख़ुमार बारहबंकवी..... 
As I passed by the tavern after renunciation, hey! 
Habitually my legs have trembled a long way.

तुम वो अच्छे कि अच्छे नहीं किसी के साथ।
मैं वो बुरा कि किसी का बुरा नहीं करता।
..... नातिक़ गुलावटी.....

You are so good as good with none.
 I am so bad as bad with  no one.

डूब जाएँ न फूल की नब्ज़ें !
ऐ ख़ुदा मौसमों की साँसें खोल।
..... रफ़ीक़ संदेलवी..... 

Let not flower pulses dwindle away.
O God ! Let seasons breath in a way.


Rekhta today's 5 couplets 

इश्क़ का ज़ौक़-ए-नज़ारा मुफ़्त में बदनाम है।
हुस्न ख़ुद बे-ताब है जल्वा दिखाने के लिए।..... मजाज़ लखनवी.....

Maligned for nothing is pleasure of spectacle by love.
Beauty is keen to exhibit it's splendour over and above.

जो कहकशाँ सी नज़र आती हैं मिरी आँखें। 
गुज़िश्ता शब के ये आँसू हैं जो सितारे हुए।..... प्रियंवदा इल्हान.....

That my eyes'appearance 
is like milky way.
Are last night tears turned stars on the way.

देखूँ तो जुर्म और न देखूँ तो कुफ़्र है। 
अब क्या कहूँ जमाल-ए-रुख़-ए-फ़ित्नागर को मैं?..... पन्ना लाल नूर....

It's a crime if I look, otherwise unbeliever of His grace. 
What can I say about the beauty of her magical face?

यूँ तो अपनों सा कुछ नहीं इस में। 
फिर भी ग़ैरों से वो अलग सा है।
..... परकाश फ़िक्री .....

Though there's nothing in him like our own.
But he is different from the rival clone.

बिछड़ के तुझ से किसी दूसरे पे मरना है। 
ये तजुर्बा भी इसी ज़िन्दगी में करना है।
..... असद बदायूनी.....

Parting with you I have to fall for someone else. 
I 'll gather the experience in this life, none else.

Translated by Ravi Maun

Rekhta today's 5 couplets 30.7. 22


सुना है ग़ैर की महफ़िल में तुम न आओगे
कहो तो आज सजा लूँ ग़रीब - ख़ाने को
..... क़मर जलालवी.....

It's heard, rival' s meeting you 'll dodge.
If so, should I decorate my poor lodge?

ये बज़्म-ए-मय है याँ कोताह-दस्ती
 में है महरूमी।
जो बढ़ कर ख़ुद उठा ले हाथ में 
 मीना उसी का है.. शाद अज़ीमाबादी..

It's a drink meeting, you are deprived if you don't reach.
One who goes ahead to hold, goblet is within his reach. 

जवानी क्या हुई इक रात की कहानी हुई। 
बदन पुराना हुआ रूह भी है पुरानी हुई। 
..... उबैदुल्लाह अलीम.....

What's this youth, just one night tale. 
Body is stale, also the soul
 is stale.

ये चिराग़ जैसे लम्हे कहीं रायगाँ न जाएँ। 
कोई ख़्वाब देख डालो कोई इंक़लाब लाओ।..... राही मासूम रज़ा..... 

These lamp like moments, should not go waste. 
Have a few dreams, carve  a  revolution in haste! 

कुछ बता तू ही नशेमन का पता। 
मैं तो ऐ बाद-ए-सबा भूल गया। 
..... मजरूह सुल्तानपुरी..... 

You tell me where abouts  of nest. 
O breeze ! I  've forgotten it at best

Translated by Ravi Maun 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS 

वादे का एतबार तो है वाक़ई मुझे। 
ये और बात है कि हँसी आ गई मुझे। 
..... नक़शब जारचवी..... 

I believe fully in your promise all the while.
 It is another matter that It makes me smile. 

ये ज़िन्दगी जो पुकारे तो शक सा होता है।
कहीं अभी तो मुझे ख़ुद- कुशी नहीं करनी।..... स्वप्निल तिवारी..... 

There's a little doubt when life gives a call. 
Whether or not, the suicide I have to stall. 

गुलशन में फ़क़त फूलों से नहीं, काँटों से भी ज़ीनत होती है। 
जीने के लिए इस दुनिया में  ग़म की भी ज़रूरत होती है।.....सबा अफ़गानी ..... 

Not only flowers but thorns too, contribute to garden 's grace.
In order to survive in this world, the grief has it's own  place. 

वही शागिर्द फिर हो जाते हैं उस्ताद ऐ 'जौहर'। 
जो अपने जान-ओ-दिल से ख़िदमत-ए-उस्ताद करते हैं। 
.....लाला माधव लाल जौहर..... 

Those disciples take over the mentor' s role. 
Who serve their own mentors heart and sole. 

इक मंज़र में इक धुँधले से अक्स में छुप कर रो लें। 
हम किस ख़्वाब में आँखें मूँदें, और किस ख़्वाब में खोलें? 
..... अंबरीन सलाहुद्दीन..... 

In diffuse shadow of a scene, a crying act has silently been. 
Closing eyes in which dream and to open in which dream? 

Translated by Ravi Maun. 

Rekhta today's 5 couplets 


हर इक शिकस्त-ए-तमन्ना पे मुस्कुराते हैं। 
वो क्या करें जो मुसलसल फ़रेब खाते हैं। 
..... राज़ मोरादाबादी..... 

Even with every defeat of desire, they smile.
 What to do,  who are deceived all the while. 

याद के ख़ुशनुमा जज़ीरों में ।
दिल की आवारगी सी रहती है 
..... माह तल'अत ज़ाहिदी ..... 

Within pretty memory islands. 
Vagabond heart act stands. 

ख़्वाब देखे थे टूट कर मैंने। 
टूट कर ख़्वाब देखते हैं मुझे।... पिन्हा... 

I had seen the dreams to full extent. 
Dreams see me having been extinct. 

अपनी तन्हाई को आबाद तो कर सकते हैं। 
हम तुझे मिल न सकें याद तो कर सकते हैं।..... ताहिर अब्बास..... 

I can extend company to my solitude. 
I remember, even if meetings elude.

करता रहा न मिन्नतें कम की न कुछ  दुआ। 
हासिल हुआ न कुछ तो ख़ुदा बे-असर लगा।..... उज़ैर रहमान..... 

I didn't lessen prayers and continued to plead.
With no gain, God looked effect-less indeed. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS 

सावन एक महीने 'क़ैसर' आँसू जीवन भर। 
इन आँखों के आगे बादल बे-औक़ात लगा। 
..... क़ैसर उल जाफ़री..... 

'Qaisar' rains are for a month, tears last lifelong.
 These eyes have shown cloud 
where does it belong. 

'बानी' ज़रा संभल के मोहब्बत का मोड़ काट। 
इक हादसा भी ताक में होगा यहीं कहीं 
..... राजेंदर मनचंदा बानी

'Baani' steer with care along the life curve. 
Mishap must be waiting here for a swerve. 

ज़रा सी चाय गिरी और दाग़ दाग़ वरक़। 
ये ज़िन्दगी है कि अख़बार का तराशा है। 

A little tea spilt and stained page wise. 
Is it life or newspaper cutting  to size? 

चेहरे पे सारे शहर के गर्द-ए-मलाल है। 
जो दिल का हाल है वही दिल्ली का हाल है।..... मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद..... 

Stain of regret is on entire city's face. 
State of heart on Delhi you  can trace. 

लुत्फ़-ए-बहार कुछ नहीं कर गो है वही बहार। 
दिल क्या उजड़ गया कि ज़माना उजड़ गया।..... अज़ीज़ लखनवी..... 

There's no charm of spring though spring is still there. 
When the heart is ruined, there are ruins every where. 

Rekhta today's 5 couplets 

पूछा जो उन से चाँद निकलता है किस तरह। 
ज़ुल्फ़ों को रुख़ पे डाल के झटका दिया कि यूँ।..... आरज़ू लखनवी..... 

When I asked her about moon appearing in the sky. 
With tress on face, she gave a jerk,  let these fly. 

आप की जानिब से आए तो उठा कर रख लिए। 
पत्थरो से घर सजाने का कभी भी सोचा न था।..... फ़खीरा बातूल..... 

Since these arrived from your side, I kept all these aside. 
To decorate homes, with the stones, wasn't in mind ride. 

मेरा भी इक बाप था, अच्छा सा इक बाप। 
वो जिस जगह पहुँच के मरा था, वहीं हूँ मैं..... रईस फ़रोग़..... 

Me too had a father and he was one good guy.. 
He reached here where I stand, for a final try. 

चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ाएँ। 
न तुम याद आओ न हम याद आएँ। 
..... सरदार अंजुम..... 

Our punishments, let us divide. Let no memory be on any side. 

जिस ने बुनियाद गुलिस्ताँ की कभी डाली थी। 
उस को गुलशन से गुज़रने नहीं देती दुनिया ।..... कँवल डिबाइवी..... 

One who has laid foundation of this garden. 
None even allows him to go in the garden. 

Translated by Ravi Maun. 

Rekhta today's 5 couplets 

आने वाले जाने वाले हर ज़माने के लिए
आदमी मज़दूर है रस्ते बनाने के लिए
..... हफ़ीज़ जालंधरी.....

For coming and going times. 
Man makes roads all the times

आता है दाग़-ए-हसरत-ए-दिल का शुमार याद।
मुझ से मिरे गुनह का हिसाब ऐ ख़ुदा न माँग।..... मिर्ज़ा ग़ालिब.....

I am reminded of remaining desires of heart.
O God,! Don't ask about sins
 on my part.

इस दौर में इंसान का चेहरा नहीं मिलता। 
कब से मैं नक़ाबों की तहें खोल रहा हूँ।
..... मोग़ीसुद्दीन फ़रीदी.....

To find the face of man of this age , I fail
Since when am I opening folds of the veil.

प्यास बढ़ती जा रही है बहता दरिया देख कर। 
भागती जाती हैं लहरें ये तमाशा देख कर।..... साक़ी फ़ारूक़ी.....

Thirst increases seeing
 the river in flow.
The waves are on move  viewing this show.

एक इक बात में सच्चाई है उस की लेकिन। 
अपने वादों से मुकर जाने को जी चाहता है।..... कफ़ील आज़ार अमरोहवी .....

Truth is ingrained in her each and every talk. 
But to refute her promises or desire to balk! 

Translated by Ravi Maun 

Rekha today 'S 5 Couplets

वो कोई दोस्त था अच्छे दिनों का। 
जो पिछली रात से याद आ रहा है। 
..... नासिर काज़मी.....

He was a friend of good old days.
Since last night, his memory stays.

आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं। 
जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं।..... जिगर मुरादाबादी......

Come O friend ! Without you I am worried in a way.
As if something is missing in  everything in a way.

इक परिंदा अभी उड़ान में है। 
तीर हर शख़्स की कमान में है ।
..... अमीर क़ज़लबाश...

One bird is flying, in flow. 
An arrow is on each bow.

क्यूँ पशेमाँ हो अगर वादा वफ़ा हो न सका? 
कहीं वादे भी निभाने के लिए होते हैं?
..... इबरत मछलीशहरी.....

Why do you repent for promise unkept? 
Are the promises meant to be kept?

शम'अ माशूक़ों को सिखलाती है तर्ज़-ए-आशिक़ी।
जल के परवाने से पहले बुझ के परवाने के बाद..... जलील मानिकपुरी. ....

To those in love, the candle teaches love style. 
Burning before moth, aflame after, for a while.

Translated by Ravi Maun

मुँह फेर लिया सब ने बीमार को जब देखा
देखा नहीं जाता वो तुम जिस की तरफ़ देखो

तुम थे और हम थे चाँद निकला था
हाए वो रात याद आती है 

इस तरह सितम वो कर रहे हैं
जैसे मेरा ख़ुदा नहीं है 

वो बहुत कम किसी ने देखा है
मुझ को जो कुछ यहाँ नज़र आया 

कोई समझाए आ के नासेह को
सुन सके कौन इस क़दर बातें 

मुसीबत थी हमारे ही लिए क्यूँ
ये माना हम जिए लेकिन जिए क्यूँ 

दिल ने ये कह के कहीं छोड़ा साथ
हम को कुछ काम यहाँ करना है 

पैदा वो बात कर कि तुझे रोएँ दूसरे
रोना ख़ुद अपने हाल पे ये ज़ार ज़ार क्या 

दिल नहीं जब तो ख़ाक है दुनिया
असल जो चीज़ थी वही न रही 


हमेशा से मिज़ाज-ए-हुस्न में दिक़्क़त-पसंदी है
मिरी दुश्वारियाँ आसान होना सख़्त मुश्किल है

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS 8.8.22

किस ने वफ़ा के नाम पे धोका दिया मुझे?
किस से कहूँ कि मेरा गुनहगार कौन है?
..... नजीम अहमद.....

Who has cheated me in the name of gratitude.
Who is my culprit, who has such an attitude?

वो जाता रहा और मैं कुछ बोल न पाया। 
चिड़ियों ने मगर शोर सा दीवार पे खींचा।
..... अहमद फ़ाक़िह..... 

He was leaving, I said not a word, kept poise
The sparrows etched on the wall, some noise.

खींच लाई है मोहब्बत तिरे दर पर मुझ को। 
इतनी आसानी से वर्ना किसे हासिल हुआ मैं?..... इर्शाद ख़ान सिकंदर..... 

It's love that's dragged me to your gate. 
I am not available so easily 
 O mate! 

कितना मुश्किल है ख़ुद-ब - ख़ुद रोना।
बे-ख़ुदी से रिहा करे कोई। 
..... असर अकबराबादी..... 

How hard it is to cry on your own? 
From this ecstasy, let someone disown. 

रात भी चाँद भी समुंदर भी। 
मिल गए कितने ग़म-गुसार मुझे ! 
..... मजीद अख़्तर..... 

The night, moon and sea to save. 
How many comforters did I  have? 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA.. TODAY'S 5 COUPLETS 9.8.22.

उम्र भर रहना है ता'बीर से गर दूर तुम्हें।
फिर मिरे ख़्वाब में आने की ज़रूरत क्या है ?..... नदीम गुल्लानी.....

If you want no interpretation of any dream.
Why do you desire to come in my dream?

तोड़ा है दम अभी अभी बीमार-ए-हिज्र ने।
आए मगर हुज़ूर को ताख़ीर हो गई। 
..... जगत मोहन लाल रवाँ.....

Just now, sick of separation breathed his last. 
Well you came, but should 
have made it fast.

हुई थी इक ख़ता सरज़द सो उस को मुद्दतें गुज़रीं। 
मगर अब तक मिरे दिल से पशेमानी
 नहीं जाती।
..... जगदीश सहाय सक्सेना..... 

I had committed a mistake but that was long long ago. 
How is it that  the regret, from my heart doesn't go. 

मैं भी कुछ ख़ुश नहीं वफ़ा कर के। 
तुम ने अच्छा किया निबाह न की। 
..... मोमिन ख़ान मोमिन..... 

By keeping faith I'm not happy as well. 
You did as well, by not carrying on, swell. 

अब मुझ को एहतिमाम से कीजे सुपुर्द-ए-ख़ाक। 
उकता चुका हूँ जिस्म का मलबा उठा के मैं।..... दिलावर अली आज़ार..... 

Please hand me over to earth with care, final dues. 
I have carried this refuse since long, now I refuse. 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 10.8.22

पूछ रहे हैं मुझ से पेड़ों के सौदागर। 
आब-ओ-हवा कैसे ज़हरीली हो जाती है? 
..... आलम ख़ुर्शीद..... 

The sellers of tree, are enquiring me. 
How does the climate venomous be? 

असीर-ए-पंजा-ए-अहद-ए-शबाब कर के मुझे। 
कहाँ गया मिरा बचपन ख़राब कर के मुझे?..... मुज़्तर ख़ैराबादी..... 

Making me a captive of youth fist. 
Where is my childhood spoiling the list? 

यही तश्वीह शब-ओ-रोज़ है बंगाले में। 
लखनऊ फिर कभी  दिखला दे मुक़द्दर मेरा। 
..... वाजिद अली शाह अख़्तर..... 

Only worry is for me in Bengal day and night. 
How fate can bring Lucknow  back in sight? 

ले आएगा इक रोज़ गुल-ओ-बर्ग भी  'सरबत'। 
बाराँ का मुसलसल ख़स-ओ-ख़ाशाक 
पे होना।..... सरवत हुसैन..... 

It will bring leaves and flowers one day. 
Persistent rain drops on the twigs 'n hay. 

कुछ ख़बर है तुझे ऐ चैन से सोने वाले? 
रात भर कौन तिरी याद में बनाया बेदार रहा?..... हिज्र नाज़िम अली ख़ान..... 

Are you aware O the one, sleeping in peace? 
Night long who was awake in your memories? 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 14.8.22

कौन तहलील हुआ है मुझ में। 
मुंतशिर क्यूँ हैं अनासिर मेरे?
...... विकास शर्मा राज़.....

Who in me, is lawfully reversed.
Why are my elements dispersed?

हौसला है तो सफ़ीनों के अलम लहराओ। बहते दरिया तो चलेंगे इसी रफ़्तार के साथ।..... शहज़ाद अहमद.....

Flutter flags of boats, if you have the creed. 
Flowing rivers will run with
 their own speed.

ऐसी दुनिया में कैसे गुज़ारा करें, तुम ही कह दो कि कब तक गवारा करें?
रात मुझ से मिरी बेबसी ने कहा, बेबसी के लिए एक ताज़ा ग़ज़ल।
..... इरफ़ान सत्तार.....

In this world how to survive, tell me how long to revive?
My helplessness told last night, a fresh ghazal for the plight !

वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में। 
जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता?..... निदा फ़ाज़ली.....

In this world, his is not the only face. 
So far, why not does from heart efface?

हम को यारों ने याद भी न रखा। 
'जौन'  यारों के यार थे हम तो।
..... जौन एलिया.....

My friends didn't even recall. 'John' I was their's after all.

Translated by Ravi Maun.

REKHTA TODAY'S 5+1 COUPLETS ..16.8.22

या वो थे ख़फ़ा हम से या हम हैं ख़फ़ा उन से। 
कल उन का ज़माना था, आज अपना ज़माना है।..... जिगर मुरादाबादी.....

Either she was angry with me, or me angry with her. 
Today it is my time, as yesterday belonged to her.

सड़क पे बैठ गए देखते हुए दुनिया। 
और ऐसे तर्क हुई एक ख़ुद-कुशी हम से।
..... अहमद अता.....

I settled on the road and looked the world around. 
Thus I could renounce, an act so suicide bound.

सियाह - बख़्ती में कब कोई किसी का साथ देता है।
कि तारीकी में साया जुदा रहता है इंसाँ से।..... इमाम बख़्श नासिख़.....

Who does go along, when the fortune is dark. 
Even shadow leaves man, when it's stark dark. 

शम'अ - ए-ख़ेमा कोई ज़ंजीर नहीं हम-सफ़राँ। 
जिस को जाना है, चला जाए इजाज़त कैसी?..... इरफ़ान सिद्दीक़ी..... 

O team mate! The lamp of tent is no shackle or implant. 
You need not seek permission, can leave when you want. 

कितने दिनों के प्यासे होंगे यारो सोचो तो।
शबनम का क़तरा भी जिन को दरिया लगता है!..... क़ैसर-उल - जाफ़री..... 

Just think, since how long were thirsty these men. 
Who thought that the dew drop was a river, amen ! 

हम तो समझे थे कि चारों दर मुक़फ़्फ़ल हो चुके। 
क्या हाल होगा ख़बर थी कोई दरवाज़ा खुला रह जाएगा। 
..... नजीब अहमद..... 

I am thought that all four doors were locked. 
Who knew, one door was open  and gawked. 

Translated by Ravi Maun. 

.REKHTA TODAY'S 5+1 COUPLETS.. 17.8.22

तमाम उम्र मिरा मुझ से इख़्तिलाफ़ रहा। 
गिला न कर जो कभी तेरा हम-नवा न रहा।..... लुत्फ़ - उर रहमान..... 

I have been opposing the self life long. 
Don't ire if I wasn't your friend for long. 

दिल अगर दिल है तो वाबस्त-ए-मोहब्बत होगा। 
निकहत-ए-गुल भी कभी गुल से जुदा होती है?..... अज्ञात..... 

If it's a heart, it must be in touch with the lover. 
Is the fragrance of flower ever away from flower? 

किस किस की ज़ुबाँ रोकने जाऊँ तिरी ख़ातिर। 
किस किस की तबाही में तिरा हाथ नहीं है।..... एहसान दानिश..... 

How many tongues can I hold for you ? 
Whose devastation by you isn't  in queue? 

क़दम रक्खा जो रह-ए-इश्क़ में हम ने तो ये देखा। 
जहाँ में जितने रहज़न हैं, इसी मंज़िल में रहते हैं।..... जलील मानिकपुरी..... 

I saw it by stepping on the love track. 
At this site are all world robbers  in pack. 

मह्व-ए-दीद-ए-चमन-ए-शौक़ है फिर दीद-ए-शौक़। 
गुल-ए-शादाब वही बुलबुल-ए-शैदा भी वही।..... ग़ुलामी भीक नैरंग..... 

One absorbed in seeing garden of love is but a love look or so. 
It is the pleasant flower and it's also the nightingale in woe. 

आँखें सहर तलक मिरी दर से लगी रहीं। 
क्या पूछते हो हाल शब-ए-इंतिज़ार का? 
..... लाला टीका राम..... 

Till morn' my gaze was affixed with the gate. 
What to ask about the waiting night O mate? 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 +1COUPLETS.. 18.8.22

जिस भी फ़नकार का शहकार हो तुम। 
उस ने सदियों तुम्हें सोचा होगा। 
..... अहमद नदीम क़ासमी..... 

The artist who has crafted you. 
For centuries, must have drafted you. 

ज़रूर तेरी गली से गुज़र गया होगा। 
कि आज बाद-ए-सबा बे-क़रार आई है। 
..... कौसर नियाज़ी..... 

It must have gone through your lane. 
Today the breeze is uneasy, insane. 

जिन आँखों से मुझे तुम देखते हो। 
मैं उन आँखों से दुनिया देखता हूं। 
..... रसा चुग़ताई..... 

The eyes with which you see me.
Those eyes see the world for  me. 

हम तिरे ख़्वाबों की जन्नत से निकल कर आ गए। 
देख तेरा क़स्र-ए-आलीशान ख़ाली कर दिया।..... ऐतबार साजिद..... 

I have come out of the heaven of your dreams. 
Your grand castle is vacated,
it seems. 

तेरी मजबूरियां दुरुस्त मगर। 
तूने वा'दा किया था, याद तो कर। 
..... नासिर काज़मी..... 

Your compulsions are true indeed. 
But remember, your promise was a deed. 
 
रंगों से न रखिए किसी सूरत की तवक़्क़ो। वो ख़ून का क़तरा है जो शहकार बनेगा। 
..... अली मुतहर अश' अर..... 

Do not have any hope from the colours, they shirk. 
It is a drop of blood that' ll be the master's work. 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 +2 COUPLETS..19.8.22

हम आह भी है करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम। 
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती। 
..... अकबर इलाहाबादी..... 

Even for a sigh, I get a bad name. 
He commits murder, yet no fame. 

सौदा-ए-इश्क़ और है वहशत कुछ और शय। 
मजनूँ का कोई दोस्त फ़साना-निगार था। 
..... बेख़ूद देहलवी..... 

Bargain in love is something different than barbaric note. 
Someone of Majnun's friend was a story-teller to quote. 

तमाम रात नहाया था शहर पानी में। 
वो रंग उतर ही गए जो उतरने वाले थे। 
..... जमाल अहसानी..... 

Night long, the city was bathed in rain.
 Washable colours just left no stain. 

वैसे तो इक आँसू भी बहा कर मुझे ले जाए। 
ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता। 
..... वसीम बरेलवी..... 

Though even a tear can wash me away. 
Or else, a storm can't shake me on way. 

दोस्ती किस न थी किस से मुझे प्यार न था। 
जब बुरे वक़्त पे देखा तो कोई यार न था।
..... मीर हसन..... 

Who wasn't my friend, who wasn't in love. 
When time was bad, no chum was in trove. 

'मीर' अमदन भी कोई मरता है? 
जान है तो जहान है प्यारे। 
..... मीर तक़ी मीर..... 

'Meer'! Does anyone intentionally die? 
With life, you have a worldly tie. 

कितने दिन में आए हो साथी, मेरे सोते भाग जगाने? 
मुझ से अलग इस एक बरस में तुम भी पे न बीती क्या क्या जाने? 
..... जाँ निसार अख़्तर..... 

After how many days have you mate, come to awaken sleeping fate. 
In one year with us separate, what all have you gone through O mate? 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 +2 COUPLETS

जहाँ में मंज़िल-ए-मक़सूद ढूँढने वाले। 
इस कायनात की तस्वीर ही ख़याली है। 
..... शहज़ाद अहमद..... 

You who are searching the goal in universe.
Imaginary is the picture of this universe. 

चेहरे पे सारे शहर के गर्द-ए-मलाल है। 
जो दिल का हाल है वही दिल्ली का हाल है।..... मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद..... 

There's dust of regret of city 
as a whole. 
State of heart is akin to Delhi as a whole. 

सिया है ज़ख़्म-ए-बुलबुल गुल ने ख़ार और बू-ए-गुलशन से। 
सूई तागा हमारे चाक-ए-दिल का है 
कहाँ  देखें?..... वली उज़लत..... 

Flower has stitched with thorn and garden fragrance, wound of nightingale. 
Where's  that needle and the thread to tether our shattered heart's trail? 

माँ की दुआ न बाप की शफ़क़त का साया है। 
आज अपने साथ अपना जनम दिन मनाया है।..... अंजुम सलीमी..... 

Neither there are mother's blessings nor father's kind shade. 
Today I have celebrated my birthday in my own company grade. 

तुम तकल्लुफ़ को भी इख़लाक समझते हो 'फ़राज़'। 
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला। 
..... अहमद फ़राज़..... 

O 'Faraz'! You think formality and sincerity are same. 
Each one who shakes hand
 isn't friend in the game. 

मेरा इश्क़ तो ख़ैर मिरी महरूमी का परवर्दा है। 
क्या मालूम था वो भी देगा मेरा इतना 
टूट के साथ? ..... अज़हर फ़राग़..... 

Well, my love is fostered by my misfortune. 
Who knew that he 'd be with me to this tune? 

जब सा' त प्रकट होने की वाँ आई मुकुट धरैया की। 
अब आगे बात जन्म की है जय बोलो किशन कन्हैया की। 
..... नज़ीर अकबराबादी..... 

When the right time came for the crown bearer to be there. 
Hail Kishan Kanhaiya,for ahead is  story of His birth  there. 

यारो सुनो ! यह दधि के लुटैया का बालपन
और मधुपुरी नगर के बसैया का बालपन॥
मोहन सरूप निरत करैया का बालपन
बन-बन के ग्वाल गोएँ चरैया का बालपन॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥1॥

ज़ाहिर में सुत वह नन्द जशोदा के आप थे
वर्ना वह आप माई थे और आप बाप थे॥
पर्दे में बालपन के यह उनके मिलाप थे
जोती सरूप कहिये जिन्हें सो वह आप थे॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन।
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥2॥

उनको तो बालपन से न था काम कुछ ज़रा
संसार की जो रीति थी उसको रखा बजा॥
मालिक थे वह तो आपी उन्हें बालपन से क्या
वां बालपन, जवानी, बुढ़ापा, सब एक था॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥3॥
विज्ञापन

मालिक जो होवे उसको सभी ठाठ या सरे
मालिक जो होवे उसको सभी ठाठ या सरे
चाहे वह नंगे पांव फिरे या मुकुट धरे॥
सब रूप हैं उसी के वह जो चाहे सो करे
चाहे जवां हो, चाहे लड़कपन से मन हरे॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥4॥

बाले हो व्रज राज जो दुनिया में आ गए
लीला के लाख रंग तमाशे दिखा गए॥
इस बालपन के रूप में कितनों को भा गए
इक यह भी लहर थी कि जहां को जता गए॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥5॥

यूं बालपन तो होता है हर तिफ़्ल[1] का भला
पर उनके बालपन में तो कुछ और भेद था॥
इस भेद की भला जी, किसी को ख़बर है क्या
क्या जाने अपने खेलने आये थे क्या कला॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥6॥
वह बालपन में देखते जीधर नज़र उठा
राधारमन तो यारों अ़जब जायेगौर[2] थे
लड़कों में वह कहां है, जो कुछ उनमें तौर थे॥
आप ही वह प्रभु नाथ थे आप ही वह दौर थे
उनके तो बालपन ही में तेवर कुछ और थे॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन।
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥7॥

वह बालपन में देखते जीधर नज़र उठा
पत्थर भी एक बार तो बन जाता मोम सा॥
उस रूप को ज्ञानी कोई देखता जो आ
दंडवत ही वह करता था माथा झुका झुका॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥8॥

पर्दा न बालपन का वह करते अगर ज़रा
क्या ताब थी जो कोई नज़र भर के देखता॥
झाड़ और पहाड़ देते सभी अपना सर झुका
पर कौन जानता था जो कुछ उनका भेद था॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥9॥
मोहन, मदन, गोपाल, हरी बंस, मन हरन
मोहन, मदन, गोपाल, हरी बंस, मन हरन
बलिहारी उनके नाम पै मेरा यह तन बदन॥
गिरधारी, नन्दलाल, हरि नाथ, गोवरधन
लाखों किये बनाव, हज़ारों किये जतन॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥10॥

पैदा तो मधु पुरी में हुए श्याम जी मुरार
गोकुल में आके नन्छ के घर में लिया क़रार[3]॥
नन्द उनको देख होवे था जी जान से निसार[4]।
माई जशोदा पीती थी पानी को बार बार॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥11॥

जब तक कि दूध पीते रहे ग्वाल व्रज राज
सबके गले के कठुले थे और सबके सर के ताज॥
सुन्दर जो नारियां थीं वह करतीं थी कामो-काज
रसिया का उन दिनों तो अजब रस का था मिज़ाज॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥12॥

बदशक्ल से तो रोके सदा दूर हटते थे
और खु़बरू को देखके हंस-हंस चिमटते थे॥
जिन नारियों से उनके ग़मो-दर्द बंटते थे
उनके तो दौड़-दौड़ गले से लिपटते थे॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥13॥
अब घुटनियों का उनके मैं चलना बयां करूं
अब घुटनियों का उनके मैं चलना बयां करूं
या मीठी बातें मुंह से निकलना बयां करूं॥
या बालकों की तरह से पलना बयां करूं
या गोदियों में उनका मचलना बयां करूं॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥14॥

पाटी पकड़ के चलने लगे जब मदन गोपाल
धरती तमाम हो गई एक आन में निहाल[5]॥
बासुक चरन छूने को चले छोड़ कर पताल
आकास पर भी धूम मची देख उनकी चाल॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥15॥

थी उनकी चाल की तो अ़जब यारों चाल-ढाल
पांवों में घुंघरू बाजते, सर पर झंडूले बाल॥
चलते ठुमक-ठुमक के जो वह डगमगाती चाल
थांबें कभी जसोदा कभी नन्द लें संभाल॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥16॥

पहने झगा गले में जो वह दखिनी चीर का
गहने में भर रहा गोया लड़का अमीर का॥
जाता था होश देख के शाहो वज़ीर का
मैं किस तरह कहूं इसे छोरा अहीर का॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥17॥
जब पांवों चलने लागे बिहारी न किशोर
जब पांवों चलने लागे बिहारी न किशोर
माखन उचक्के ठहरे, मलाई दही के चोर॥
मुंह हाथ दूध से भरे कपड़े भी शोर-बोर
डाला तमाम ब्रज की गलियों में अपना शोर॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥18॥

करने लगे यह धूम, जो गिरधारी नन्द लाल
इक आप और दूसरे साथ उनके ग्वाल बाल॥
माखन दही चुराने लगे सबके देख भाल
दी अपनी दधि की चोरी की घर घर में धूम डाल॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥19॥

थे घर जो ग्वालिनों के लगे घर से जा-बजा
जिस घर को ख़ाली देखा उसी घर में जा फिरा॥
माखन मलाई, दूध, जो पाया सो खा लिया
कुछ खाया, कुछ ख़राब किया, कुछ गिरा दिया॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥20॥

कोठी में होवे फिर तो उसी को ढंढोरना
गोली में हो तो उसमें भी जा मुंह को बोरना॥
ऊंचा हो तो भी कांधे पै चढ़ कर न छोड़ना।
पहुंचे न हाथ तो उसे मुरली से फोड़ना॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥21॥
ग़र चोरी करते आ गई ग्वालिन कोई वहां
ग़र चोरी करते आ गई ग्वालिन कोई वहां
और उसने आ पकड़ लिया तो उससे बोले हां॥
मैं तो तेरे दही की उड़ाता था मक्खियां
खाता नहीं मैं उसकी निकाले था चूंटियां॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥22॥

गर मारने को हाथ उठाती कोई ज़रा
तो उसकी अंगिया फाड़ते घूसे लगा लगा॥
चिल्लाते गाली देते, मचल जाते जा बजा
हर तरह वां से भाग निकलते उड़ा छुड़ा॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥23॥

गुस्से में कोई हाथ पकड़ती जो आन कर
तो उसको वह सरूप दिखाते थे मुरलीधर॥
जो आपी लाके धरती वह माखन कटोरी भर
गुस्सा वह उनका आन में जाता वहीं उतर॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥24॥
उनको तो देख ग्वालिनें जी जान पाती थीं
उनको तो देख ग्वालिनें जी जान पाती थीं
घर में इसी बहाने से उनको बुलाती थीं॥
ज़ाहिर में उनके हाथ से वह गुल मचाती थीं
पर्दे में सब वह किशन के बलिहारी जाती थीं॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥25॥

कहतीं थीं दिल में दूध जो अब हम छिपाएंगे
श्रीकृष्ण इसी बहाने हमें मुंह दिखाएंगे॥
और जो हमारे घर में यह माखन न पाएंगे
तो उनको क्या ग़रज है यह काहे को आएंगे॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥26॥

सब मिल जशोदा पास यह कहती थी आके बीर
अब तो तुम्हारा कान्ह हुआ है बड़ा शरीर॥
देता है हमको गालियां फिर फाड़ता है चीर
छोड़े दही न दूध, न माखन, मही न खीर॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥27॥
माता जशोदा उनकी बहुत करती मिनतियां
माता जशोदा उनकी बहुत करती मिनतियां
और कान्ह को डराती उठा बन की सांटियां॥
जब कान्ह जी जशोदा से करते यही बयां
तुम सच न जानो माता, यह सारी हैं झूटियां॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥28॥

माता कभी यह मेरी छुंगलिया छुपाती हैं
जाता हूं राह में तो मुझे छेड़ जाती हैं॥
आप ही मुझे रुठाती हैं आपी मनाती हैं
मारो इन्हें यह मुझको बहुत सा सताती हैं॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥29॥

माता कभी यह मुझको पकड़ कर ले जाती हैं
गाने में अपने सथ मुझे भी गंवाती हैं॥
सब नाचती हैं आप मुझे भी नचाती हैं
आप ही तुम्हारे पास यह फ़रयादी[6] आती हैं॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥30॥
मुंह खोल तीन लोक का आलम दिखा दिया...
एक रोज मुंह में कान्हा ने माखन झुका दिया।
पूछा जशोदा ने तो वहीं मुंह बना दिया॥
मुंह खोल तीन लोक का आलम दिखा दिया
एक आन में दिखा दिया और फिर भुला दिया॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥31॥

थे कान्ह जी तो नंद जशोदा के घर के माह
मोहन नवल किशोर की थी सबके दिल में चाह॥
उनको जो देखता था सो कहता था वाह-वाह
ऐसा तो बालपन न हुआ है किसी का आह॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥32॥

सब मिलके यारो किशन मुरारी की बोलो जै
गोबिन्द छैल कुंज बिहारी की बोलो जै॥
दधिचोर गोपी नाथ, बिहारी की बोलो जै
तुम भी ”नज़ीर“ किशन बिहारी की बोलो जै॥
ऐसा था बांसुरी के बजैया का बालपन
क्या-क्या कहूं मैं किशन कन्हैया का बालपन॥33॥

शब्दार्थ
  तिफ़्ल-बच्चा
  जायेगौर-विचार करने योग्य
  निसार- न्यौछावर
  निहाल- समृद्ध
  फ़रयादी- गुहार लेकर

साभार: कविताकोश





Monday 25 July 2022

SAAGHAR SIDDIQII.. GHAZAL..

साक़ी की इक निगाह के अफ़्साने बन गए 
कुछ फूल टूट कर मिरे पैमाने बन गए 

Many tales were made from barmaid's look. 
Some flowers shape of wine glass took. 

काटी जहाँ तसव्वुर-ए-जानाँ में एक शब 
कहते हैं लोग उस जगह बुत-ख़ाने बन गए 

Where I thought deep about
 my love. 
It's said those sites took temple look. 

जिन पर न साए ज़ुल्फ़-ए-ग़ज़ालाँ के पड़ सके 
एहसास की निगाह में वीराने बन गए 

Sites not shaded by darling's tress. 
These became deserts in feeling 's book. 

जो पी सके न सुर्ख़ लबों की तजल्लियाँ 
दुनिया के तजरबात से अनजाने बन गए 

One who didn't sip her red lips glow. 
Didn't get experience of world book

'साग़र' वही मक़ाम है इक मंज़िल-ए-फ़राज़ 
अपने भी जिस मक़ाम पे बेगाने बन गए

Saghar!  That's the high level 
of goal. 
Where our own also acquired  other 's look


रूदाद-ए-मोहब्बत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए 

दो दिन की मसर्रत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए 

जब जाम दिया था साक़ी ने जब दौर चला था महफ़िल में 

इक होश की साअत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए 

अब वक़्त के नाज़ुक होंटों पर मजरूह तरन्नुम रक़्साँ है 

बेदाद-ए-मशिय्यत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए 

एहसास के मय-ख़ाने में कहाँ अब फ़िक्र-ओ-नज़र की क़िंदीलें 

आलाम की शिद्दत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए 

कुछ हाल के अंधे साथी थे कुछ माज़ी के अय्यार सजन 

अहबाब की चाहत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए 

काँटों से भरा है दामन-ए-दिल शबनम से सुलगती हैं पलकें 

फूलों की सख़ावत क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए 

अब अपनी हक़ीक़त भी 'साग़र' बे-रब्त कहानी लगती है 

दुनिया की हक़ीक़त क्या कहिए कुछ याद रही कुछ भूल गए

साग़र सिद्दीक़ी
265
तारों से मेरा जाम भरो मैं नशे में हूँ 
ऐ साकिनान-ए-ख़ुल्द सुनो मैं नशे में हूँ 

Fill my glass with stars, for I am drunk. 
Listen O heavenly beings for I am drunk. 

कुछ फूल खिल रहे हैं सर-ए-शाख़-ए-मय-कदा 
तुम ही ज़रा ये फूल चुनो मैं नशे में हूँ 

Some flowers are blooming in the tavern. 
You choose and pick these, I am drunk. 

ठहरो अभी तो सुब्ह का मारा है ज़ौ-फ़िशाँ 
देखो मुझे फ़रेब न दो मैं नशे में हूँ 

Wait, still he morning struck is aglow. 
Please don't deceive me, for I am drunk. 

नश्शा तो मौत है ग़म-ए-हस्ती की धूप में 
बिखरा के ज़ुल्फ़ साथ चलो मैं नशे में हूँ 

Being drunk is death in sun of life griefs. 
Join me with disheveled tress, I am drunk. 

मेला यूँ ही रहे ये सर-ए-रहगुज़ार-ए-ज़ीस्त 
अब जाम सामने ही रखो मैं नशे में हूँ 

Let this fair continue all along life. 
Keep wine cup in front, for I am drunk. 

पायल छनक रही है निगार-ए-ख़याल की 
कुछ एहतिमाम-ए-रक़्स करो मैं नशे में हूँ 

Anklets of thoughts are jingling afresh. 
Maintain dignity of dance for I am drunk. 

मैं डगमगा रहा हूँ बयाबान-ए-होश में 
मेरे अभी क़रीब रहो मैं नशे में हूँ 

I am unstable in the desert of sense. 
Just stay along with me for I  am drunk. 

है सिर्फ़ इक तबस्सुम-ए-रंगीं बहुत मुझे 
'साग़र' ब-दोश लाला-रुख़ो मैं नशे में हूँ 

Only a colourful youth is enough for me. 
'Saghar' on shoulder of red cheeks, I am drunk. 






Sunday 24 July 2022

रवि मौन.. प्रभु जी! मैं तो चाकर थारो...

प्रभु जी! मैं तो चाकर थारो।
भलो बुरो जैसो भी हूँ, थे अपणूँ समझ बिचारो।
बिषय बासना मिटी ना अभी, बीत्यो जीबन सारो।
खारा जल की नदी न कोई, पण यो सागर खारो।
थारी सरण आण बैठ्यो मैं, चौतरफाँ को मारो।
करम पोटली चरणाँ धर दी, अब ऐं मैं के म्हारो।
प्रभु जी! मैं तो चाकर थारो।।

रवि मौन.. शबरी झूठा बेर खुआवै...

शबरी झूठा बेर खुआवै ।
एक एक दाणा नैं चाखै, खाटा दूर बगावै। 
प्रेम सुधा पी हुई बावरी, ईंनैं कुण समझावै
अपणै हाथाँ बेर खुवारी, मन ही मन हरसावै।
बर बर आँख्याँ खोलै मूँदै, दरसन को सुख पावै। 
भक्ताँ कै आधीन रामजी, बड़ा प्रेम सैं खावै।
जात कूण पूछै शबरी की, या रघुबर नैं भावै।
शबरी झूठा बेर खुआवै ।

शिव स्तुति.... रवि मौन

चंद्र बढ़ाए शोभा सर की, गंग जटा में  साजे।
नीलकण्ठ हैं भोले बाबा गले भुजंग बिराजे।
माथे पर त्रिनेत्र शोभित हैं कर में है तिरशूल।
भस्म लगा कर तन में श्री हर गए 
सती को भूल।
लगी समाधि सदाशिव की तो गणना 
काल बिसारी।
राघवेंद्र का ध्यान लगाकर बैठ गए
त्रिपुरारी।। 

Saturday 23 July 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

जाने किस ख़्वाब-ए-परेशाँ का है चक्कर सारा।
बिखरा बिखरा हुआ लगता है मिरा घर सारा।..... कौसर मज़हरी.....

Which is this deadly dream and it's spell ?
My house appears to be in doldrums as well. 

और क्या इस से ज़ियादा कोई नर्मी बरतूँ? दिल के ज़ख़्मों को छुआ है तिरे गालों की तरह।..... जाँ निसार अख़्तर.....

How far gentleness , delicacy can I seek? 
I touch the heart wounds like your cheek.

क़ैस जंगल में अकेला है मुझे जाने दो।
ख़ूब गुज़रेगी जो मिल बैठेंगे दीवाने दो।
..... मियाँदाद ख़ां सैयाह.....

Qais is alone in the jungle, let me go. 
It will be well with two frentics in row.

मुझे दोस्त कहने वाले, ज़रा दोस्ती निभा दे। 
ये मतालबा है हक़ का, कोई इल्तिजा नहीं है।..... शकील बदायूनी..... 

You call me a friend, then honour it's name. 
It is not a request, but a
 title claim. 

सो जाते है फ़ुटपाथ पे अख़बार बिछा के। मज़दूर कभी नींद की गोली नहीं लेते। 
..... मुनव्वर राना..... 

They lie on newspaper, as footpath fills. 
Labourers never consume sleeping pills. 



REKHTA.. TODAY'S 5 COUPLETS 

हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी। 
जिस को भी देखना है कई बार देखना। 
..... निदा फ़ाज़ली..... 

There are several men within a man, it's plain. 
Whenever you see one , look again and again. 

हमें भी आज ही करना था इंतिज़ार उस का। 
उसे भी आज ही सब वादे भूल जाने थे। 
..... आशुफ़्ता चंगेज़ी ..... 

I had to keep waiting for her only today. 
She had to forget the promises only today. 

बैठते जब हैं, खिलौने वो बनाने के लिए। 
उनसे बन जाते हैं हथियार, ये किस्सा क्या है ?..... हस्तीमल हस्ती..... 

Whenever they sit to design the toys. 
Weapons are formed, why is it so boys? 

ख़्वाबों पे इख़्तियार न यादों पे ज़ोर है। 
कब ज़िन्दगी गुज़ारी है अपने हिसाब से? 
..... फातिमा हसन..... 

Neither I have control over memories nor dreams. 
When have I passed the life 
by my own esteems ? 

ख़त्म होने दे मिरे साथ ही अपना भी वजूद। 
तू भी इक नक़्श ख़राबे का है मर जा 
मुझ में।..... मुसव्विर सब्ज़वारी.....

Let your individuality also be lost within me. 
You are also a shadow of this ruin, lose thee. 


Friday 22 July 2022

RAJESH REDDY.. GHAZAL..

अब क्या बताएँ टूटे हैं कितने कहाँ से हम 
ख़ुद को समेटते हैं यहाँ से वहाँ से हम 

How to tell where from, how much I had tear? 
I am gathering myself from here and there. 

क्या जाने किस जहाँ में मिलेगा हमें सुकून 
नाराज़ हैं ज़मीं से ख़फ़ा आसमाँ से हम 

I know not which world will give me solace. 
I am angry with earth and sky over here. 

अब तो सराब ही से बुझाने लगे हैं प्यास 
लेने लगे हैं काम यक़ीं का गुमाँ से हम 

Now I am quenching my thirst with mirage. 
Possibility is used as certainty over here. 

लेकिन हमारी आँखों ने कुछ और कह दिया 
कुछ और कहते रह गए अपनी ज़बाँ से हम 

My eyes have narrated a different tale. 
Though tongue said something else over here. 

आईने से उलझता है जब भी हमारा अक्स 
हट जाते हैं बचा के नज़र दरमियाँ से हम 

When my image isn't at par with mirror.
I get away from their midst over there. 

मिलते नहीं हैं अपनी कहानी में हम कहीं 
ग़ाएब हुए हैं जब से तिरी दास्ताँ से हम 

I can't  be traced even in my own story
 As I am missing from 
your tale over there. 

ग़म बिक रहे थे मेले में ख़ुशियों के नाम पर 
मायूस हो के लौटे हैं हर इक दुकाँ से हम 

Grief was sold at fair, in garb of pleasure. 
I have been disappointed at each shop there. 


रवि मौन... भक्त के वश में हैं भगवान

जिनकी महिमा गाते गाते, शत शारद थक जायँ।
रोते हिचकी ले लेकर वे, नैनन नीर बहायँ।
आज यशोदा क्रुद्ध हुई हैं, दंडित होंगे लाल। 
ऊखल के भी भाग्य जगे हैं, साथ बँधे गोपाल। 
प्रेम की डोरी है पहचान। 
भक्त के वश में हैं भगवान।। 

क्रोध नष्ट कर गया ज्ञान को, अनुनय विनय न मानी। 
अम्बरीष का वध करने की, जब ऋषिवर ने ठानी। 
चक्र सुदर्शन पीछे पीछे, दुर्वासा जी आगे। 
कहीं शरण जब मिल न सकी, तो सहसा ऋषिवर जागे।
भक्त कर देगा अभय प्रदान। 
भक्त के वश में हैं भगवान।।

मीरा हैं हरि में मगन, रहे छुटे घरबार। 
कुल की मर्यादा गई, राणा करें विचार। 
विष का प्याला देख कर, मीरा हुईं निहाल।
माखन मिश्री खा चुके, इसे चखें गोपाल।
कि हँस कर, कर गईं विष का पान।
भक्त के वश में हैं भगवान।। 

Thursday 21 July 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

ये इक शजर कि जिस पे न काँटा न फूल है।
साये पे उस के बैठ के रोना फ़ुज़ूल है
..... शहरयार.....

A tree which neither a flower nor thorn bears. 
Sitting in it's shade, it is futile to shed tears. 

मौत से ज़ीस्त की तकमील नहीं हो सकती। 
रौशनी ख़ाक में तहलील नहीं हो सकती।
..... नजीब अहमद.....

न सैर-ए-बाग़ न मिलना न मीठी बातें हैं।
ये दिन बहार के ऐ जान मुफ़्त जाते हैं। 
..... नाजी साकिर.....

There are neither garden walks, nor meetings, nor sweet talks. 
My love! these days of spring, are being wasted for nothing . 

बे-धड़क पिछले पहर नाला-ओ-शेवन क्यूँ  है?
कह दे इतना तो कोई ताज़ा गिरफ़्तारों से।.....यगाना चंगेज़ी ..... 

Why is the fearless wailing in late hours of night? 
Let someone tell freshly imprisoned their right ! 

ये इंतिज़ार न ठहरा कोई बला ठहरी। 
किसी की जान गई आप की अदा ठहरी। 
..... नसीम अमरोहवी .....

It is not an expectation, but a calamitous presentation. 
While it's your favourite style, someone loses life in a while. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 11.8.22

मिल मालिक के कुत्ते भी चर्बीले हैं। 
लेकिन मज़दूरों के चेहरे पीले हैं। 
..... तनवीर सिप्रा..... 

Even dogs of mill owner are fatty indeed. 
Faces of labourers are pale, without feed. 

ये किस का चेहरा दमकता है मेरी आँखों में? 
ये किस की याद मुझे कहकशाँ से आती है?..... ओबैदुल्लाह सिद्दीक़ी..... 

Whose is the face that glitters in my eyes? 
Whose memory comes from yonder skies? 

जिन पे नाज़ाँ थे ये ज़मीन-ओ-फ़लक। 
अब कहाँ हैं वो सूरतें बाक़ी? 
..... इब्न-ए-मुफ़्ती..... 

Earth and sky were proud of those. 
Where are such faces, even  close? 

ज़रा सा साथ दो ग़म के सफ़र में। 
ज़रा सा मुस्कुरा दो, थक गया हूँ। 
..... लियाक़त अली आसिम..... 

Give me company in the journey of grief. 
I am tired, give a smile, 
even if  brief. 

ख़ुशबू जैसी रात ने मेरा। 
अपना जैसा हाल किया था। 
..... आसिमा ताहिर..... 

A night that was fragrance prone. 
Had scattered me like her
 own. 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 12.8.22

मंज़िल पे नज़र आई बहुत दूरी-ए-मंज़िल 
बे-साख़्ता आने लगे सब राह-नुमा याद। 
..... अज़्मत अब्दुल क़ैयाम ख़ान..... 

Near goal became evident, the distance of goal. 
Naturally came to mind, all the guides to goal. 

अभी तलक है सदा पानियों पे ठहरी हुई। अगरचे डूब चुका है पुकारने वाला। 
..... फ़ारुख़ ज़ोहरा गिलानी..... 

His sound still stays on the water around. 
Although the caller has long since drowned. 

निगाह-ए-शौक़ अगर दिल की तर्जुमाँ हो जाए। 
तो ज़र्रा ज़र्रा मोहब्बत का राज़-दाँ हो जाए।..... हया लखनवी..... 

If look of love can translate what's there in heart. 
Each grain of love will be a secret-keeper in part. 

बहुत ताख़ीर से पाया है ख़ुद को। 
मैं अपने सब्र का फल हो गया हूँ। 
..... हुमैरा राहत.....

Belatedly, my self, I have found. 
I am a fruit of my patience, profound. 

ज़ीस्त और मौत का आख़िर ये फ़साना क्या है? 
उम्र क्यूँ हस्ब-ए-ज़रूरत नहीं दी सकती? 
..... खालिदा उज़्मा..... 

What's this story on life and death page? 
As needed, why can't be accorded the age? 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 12.8.22.

शिकवा कोई दरिया की रवानी से नहीं है। 
रिश्ता ही मिरी प्यास का पानी से नहीं है। 
..... शहरयार...... 

With the river in flow,I have no reproach. 
Water and my thirst just do not approach. 

जब यार ने उठा कर ज़ुल्फ़ों के बाल बाँधे। तो मैंने अपने दिल में लाखों ख़याल बाँधे।..... सौदा मोहम्मद रफ़ी..... 

When my lover tied the hair of her tress. 
I had in my heart, many ideas to press. 

हमें भी नींद आ जाएगी, हम भी सो ही जाएँगे। 
अभी कुछ बे-क़रारी है, सितारो तुम तो सो जाओ। ..... क़तील शफ़ाई..... 

It 'll also come to me, finally me too will sleep. 
I am still at unease, O stars! You go to sleep. 

मुझे भी डर है तिरी आरज़ू न मिट जाए। 
बहुत दिनों से तबीअ'त मिरी उदास नहीं। 
..... नासिर काज़मी..... 

A fear transpires, I may lose your desires. 
Many days in my state, sadness doesn't date. 

ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को। 
ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं। 
..... ख़ुमार बाराबंकवी..... 

I had to tell her with delight, I love you as my right. 
For these words to come out, years were lost in bout. 

... Translated by Ravi Maun... 









Tuesday 19 July 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS ये मुलाक़ात मुलाक़ात नहीं होती है।


मुद्दतों ख़ुद से मुलाक़ात नहीं होती है। 
रात होती है मगर रात नहीं होती है। 
..... ज़ीशन नियाज़ी.....

We don't talk with the self since long. 
Night sets in, but it's no night since long. 

हुस्न हर हाल में है हुस्न परागंदा नक़ाब।
कोई पर्दा है न चिलमन ये कोई क्या  जाने।..... अर्श मल्सियानी.....

Beauty is beauty with veil disarranged, every way.
Neither the veil is complete nor split, how to say? 

तेरी बे-पर्दगी ही हुस्न का पर्दा निकली।
काम कुछ कर गई हर हाल में ग़फ़लत मेरी।..... सोहैल अज़ीमाबादी
*
Your immodesty turned out to be a beauty veil. 
Something was achieved  by my oblivion trail. . 





Saturday 16 July 2022

CHOSEN COUPLETS... MANY POETS...

न जाने किस की हमें उम्र भर तलाश रही।
जिसे क़रीब से देखा वो दूसरा निकला।
..... ख़लील-उर-रहमान आज़मी.....

Life long, I searched for, was an unknown dear
He was someone else, whom I saw from near. 

ये इक शजर है जिस पे न काँटा न फूल है। 
साए में इस के बैठ के रोना फ़ुज़ूल है। 
..... शहरयार..... 

A tree which neither a flower nor thorn bears. 
Sitting in it's shade, it is futile  to shed tears. 


जो लिखा है कि जो पढ़ा है जो किया है। 
सब भुला देगी ये दुनिया इश्क़ कीजे। 
..... नौमान शौक़..... 

कूचा-ए-यार से यारब न उठाना हम को। 
इस बुरे हाल में भी हम तो यहीं अच्छे हैं। 
..... मुज़्तर ख़ैराबादी..... 

उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद।
वक़्त कितना क़ीमती है आजकल ।
..... शकील बदायूनी..... 


इक पल किसी दरख़्त के साए में साँस ले। 
सारे शहर में जानने वाला कोई तो हो। 
..... किश्वर नाहीद..... 

For a moment, breathe under shade of a tree.
Someone in the city, should also recognise thee. 

बहार आए तो मेरा सलाम कह देना। 
मुझे तो आज तलब कर लिया है सहरा ने।..... कैफ़ी आज़मी.....

If spring arrives, convey my salute, after all.  
Today, the desert for me, has served a call.

अब जिस तरफ़ से चाहे गुज़र जाए कारवाँ। 
वीरानियाँ तो सब मेरे दिल में उतर गईं।
..... कैफ़ी आज़मी.....

The caravan may pass from  any side now.
Deserts have settled in my heart anyhow.

उसे ख़बर थी हम विसाल - ओ-हिज्र इक साथ चाहते हैं।
सो उस ने आधा उजाड़ रक्खा है, आधा बना दिया है।..... फ़रहत अहसास..... 

She knew that I wanted to meet and depart in one go.
 So she has deserted one half and let the other grow. 

रौशन जमाल-ए-यार से है अंजुमन तमाम। 
दहका हुआ है आतिश-ए-गुल से चमन 
तमाम।..... हसरत मोहानी..... 

Lover 's beauty has illuminated gathering as a whole. 
Entire garden is on fire with the glow of flower' s role. 

अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ। 
अब मैं अक्सर मैं नहीं होता तुम हो जाता हूँ।..... अनवर श'ऊर..... 

While sitting, I lose my own entity somehow. 
I don't remain myself but become you now. 

दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त। 
दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से ! 
..... हफ़ीज़  होशियारपुरी ..... 

Friendship is common O friend.
But rarely, you can find a
 friend ! 

ऐ ग़म-ए-जिंदगी न हो नाराज़। 
मुझ को आदत है मुस्कुराने की। 
..... अब्दुल हमीद अदम..... 

Life griefs ! Don't get angry in a while. 
I am simply habituated  to smile. 

अब जिस के जी में आए, वही पाए रौशनी। 
हम ने तो दिल जला के सर-ए-आम रख दिया। ..... कैफ़ी आज़मी..... 

Now whoever has in mind, get a glow of his kind. 
I have set my heart on fire, for everyone to find.... 


BASHIR BADR..52.. COUPLETS

दिमाग़ भी कोई मसरूफ़ छापा-ख़ाना है।
वो शोर जैसे कि अख़बार छपता रहता है।

The mind is just like a busy printing press. 
Emits noise as newspapers stamped in press.

आँसुओं में धुली ख़ुशी की तरह। 
रिश्ते को होते हैं शायरी की तरह। 

आओ जानाँ ! बादलों के साथ - साथ। 
धूप जाती है कहाँ, पीछा करें। 

वही पढ़ने- लिखने का शौक़ था, वही पढ़ने - लिखने का शौक़ है। 
तिरा नाम लिखना किताब पर, तिरा नाम लिखना किताब में। 

एक मुठ्ठी ख़ाक थे हम एक मुठ्ठी ख़ाक हैं 
उस की मर्ज़ी है हमें दरिया करे सहरा करे

तू जानता नहीं मिरी चाहत अजीब सी है। 
मुझको मना रहा है कभी ख़ुद ख़फ़ा भी हो
कभी-कभी तो छलक पडती हैं यूँ ही आँखें।
उदास होने का कोई सबब नहीं होता। 

At times, our eyes just spill over. 
There's no reason for a sad cover.

कभी तो शाम ढले अपने घर गए होते। 
किसी की आँख में रह कर सँवर गए होते

At times going home as 'eve meets night.
Being in someone' s eyes to
 her delight.

राहों में कौन आया गया कुछ पता नहीं।
उसको तलाश करते रहे जो मिला नहीं। 

I don't even know, who passed by on street. 
I searched for the one whom I didn't meet.

मैं चुप रहा तो और ग़लत-फ़हमियाँ बढ़ीं।
वो भी सुना है उसने जो मैंने कहा नहीं।

Misunderstandings rose, as I kept lips close. 
What I did not say, her ears heard it anyway .

न जी भर के देखा न कुछ बात की। 
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की। 

Neither I talked nor eyes had a treat. 
There was a longing for me to meet.

हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है। 
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा। 

I am a stream, aware of my esteem 
Any way I move, will find my groove. 

अभी इस तरफ़ न निगाह कर, मैं ग़ज़ल की पलकें सँवार लूँ।
तेरा लफ़्ज़-लफ़्ज़ हो आईना, तुझे आईने में उतार लूँ।

Do not look this way still,  ghazal eyelashes didn't yet fill. 
You mirror word for word, 
While I shape you to be heard.

इसी शहर में कई साल से, मिरे कुछ  क़रीबी अज़ीज़ हैं।
उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं, मुझे उनका कोई पता नहीं।

So many years over here, my close kins are there. 
They aren't aware of me, me too, long time no see. 

कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िन्दगी ने कह दिया। 
तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा। 

How truely has the life said it to me. 
If you aren't mine, another will be. 

चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना। 
बडी दूर तक रात ही रात होगी। 

Take care of lamps in eyes, to see
For long, enroute, will the night be.

इसीलिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं। तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं । 

That's why I am still unknown here. 
Every one's angel, I am human here. 

उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में। 
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते।

Let the birds fly in naughty wind as a pack. 
The period of childhood never comes back. 

अजीब शख़्स है नाराज़ हो के हँसता है। 
मैं चाहता हूँ ख़फ़ा हो तो वो ख़फ़ा ही लगे। 

He is so strange a man, while angry, laugh he can. 
When he is angry or so, well then it should show. 

अगर फ़ुरसत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना ।
हर एक दरिया हज़ारों साल का अफ़साना लिखता है। 

If you can get some time, read writs of water sublime. 
 A tale of centuries mute, each stream writes enroute. 

अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा। 
मगर तुम्हारी तरह कोन मुझको चाहेगा?

If I try to trace, 'll find one at a place. 
But just like you, who'll like me too? 

अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा।
तुम्हें जिसने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो। 

On route, there are bends, to come 'n go are human trends. 
Who 's forgotten you from start, pray forget on your part. 

अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया। 
जिस को गले लगा लिया वो दूर हो गया। 

Custom of this place, is hard 
to trace. 
Whoever I embrace, goes far from place. 

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो ।
न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए। 

Let the glow of your memories be ever with me. 
Who knows, which lane marks the 'eve of life.

शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है।
जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है।

The peak of fame, is a moment' s game. 
Branch you sit on, can break 'n is gone. 

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में ।
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में।

Erecting a house, most people retire. 
You don't mind, setting houses afire.

कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा। 
मुझे मालूम है क़िस्मत का लिक्खा भी  बदलता है।

I am never strained, by the lines of my hand.
As what's written in fate, gets changed O mate !

पहली बार नज़रों ने चाँद बोलते देखा ।
हम जवाब क्या देते खो गए सवालों में ।

For first time my eyes, saw moon talking under skies.
Well what could I have said, was lost in queries instead.

सात संदूकों में भर कर बंद कर दो नफ़रतें। 
आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत 
है बहुत।

Enclosed in many a box, keep hate cramped in locks.
Today the  humans need, love as their principal feed.

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला। 
अगर गले नहीं लगता तो हाथ भी न मिला

In love do not mix, a show of friendship tricks.
If you can't embrace, don't shake hands, efface.

ग़ज़लों का हुनर अपनी आँखों को सिखाएँगे। 
रोएँगे बहुत लेकिन आँसू नहीं आएँगे। 

I 'll teach ghazal skill, eyes 'll love still. 
I 'll weep a lot, without a tear in the slot.

सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा। 
इतना मत चाहो उसे वो बे-वफ़ा हो
जाएगा। 

If you bow down your head, stone 'll be God instead.
Don't like her so much, she 'll get an infidel touch.

ख़ुदा हम को ऐसी ख़ुदाई न दे ।
कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे। 

O God ! Don't give such a godly sheen. 
That but for self, nothing can be seen.

काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के। 
दीवाना बे - पढ़े- लिखे मशहूर हो गया।

Crushed under papers weight,
scholars had died of late.
While the lunatic in game, got fabulous name and fame.

दादी से कहना उस की कहानी सुनाए।
जो बादशाह इश्क़ में मज़दूर हो गया।

O granny you just tell, this story as well.
A love-stuck king, turned worker in a fling. 

पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी।
आँखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते।

Eye lashes get a sheen, when in sleep I had been. 
Still eyes do not know,which dreams you can't show.

जिस को देखो मेरे माथे की तरफ़ देखता है। 
दर्द होता है किधर और कहाँ रौशन है ?

All those whom I see, it's the face that they see.
Where from arises pain, 
 shine shows in which plane? 

मैं जब सो जाऊँ इन पलकों पे अपने होंट रख देना। 
यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है। 

While I am in deep sleep, on my eyes lips you keep. 
Well I 'll know for sure, below eye-lashes heart can roar. 

यूँ तरस खा के न पूछो अहवाल। 
तीर सीने पे लगा हो जैसे। 

O friends! Do not so mercifully ask. 
As if arrow has struck 'n done the task. 

मोहब्बत एक ख़ुशबू है, हमेशा साथ चलती है। 
कोई इंसान तंहाई में भी तंहा नहीं  होता। 

Love is a fragrance , with you it moves on. 
Even when in solitude, no man is alone. 

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे। 
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों। 

Let enmity be at it's peak, but some space be to sneak. 
When friendship we acclaim , there should be no shame. 

जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है। 
आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा।

I look at the goal from very first day. 
These eyes didn't see mile-stone on the way. 

उसे किसी की मुहब्बत का ए'तिबार नहीं। उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है ।

He doesn't believe in love, with none. 
Probably he was tortured by everyone. 

गुलाबों की तरह शबनम में अपना दिल भिगोते हैं। 
मोहब्बत करने वाले ख़ूबसूरत लोग होते हैं। 

They soak hearts like roses in dew. 
Those who love are beautiful, few. 

चमकती है कहीं सदियों में आँसुओं से ज़मीं ।
ग़ज़ल के शे'र कहाँ रोज़ रोज़ होते हैं ! 

In centuries, with tears, earth is aglow. 
Couplets of ghazal is not a daily show! 

अब के आँसू आँखों से दिल में उतरे। 
रुख़ बदला दरिया ने कैसा बहने का ! 

Tears descended from eyes to heart this time. 
See, how the stream changed flow this time ! 

ज़हीन साँप सदा आस्तीं में रहते हैं। 
जबाँ से कहते हैं दिल से मुआफ़ करते नहीं। 

Intelligent snakes live up in sleeves, always. 
They never excuse, although  tongue  so says. 

खुले से लान में सब लोग बैठें चाय पियें। 
दुआ करो कि ख़ुदा हमको आदमी कर दे।

People sit together in open  lawn, taking tea sips. 
Transform us to humans, with this prayer on lips. 

लहजा कि जैसे सुब्ह की ख़ुशबू अज़ान दे। 
जी चाहता है मैं तेरी आवाज़ चूम लूँ ।

Fragrance of morning prayer is her style. 
How I wish to kiss your voice in a while. 

इतनी मिलती है मेरी ग़ज़लों से सूरत तेरी। लोग तुझको मेरा महबूब समझते होंगे। 

My ghazals match so much with your face. 
You are my love, people can always trace. 

मुझको शाम बता देती है। 
तुम कैसे कपड़े पहनी हो?

To me, tells every evening. 
Which dress did on you kling? 

इस ख़ुशी में है मुझे ख़याल आया। 
ग़म के दिन कितने ख़ूबसूरत थे। 

In pleasure, appeared this belief. 
How beautiful were days of grief? 

ऐसे मिलो कि अपना समझता रहे सदा। 
जिस शख़्स से तुम्हारा दिली इख़्तिलाफ़ है। 

Always meet as if you are his part.
With the person you differ at heart. 

सच सियासत से अदालत तक बहुत मसरूफ़ है। 
झूट बोलो झूट में अब भी मोहब्बत है बहुत। 

Truth is busy from politics to court. 
Tell lies for lies still have love to court. 

किताबें रिसाले न अख़बार पढना। 
मगर दिल को हर रात इक बार पढ़ना। 

Neither read newspaper nor magazine nor book. 
But each night towards heart, have a reading look. 

मुख़ालफ़त से मिरी शख़्सियत सँवरती है। मैं दुश्मनों का बहुत एहतराम करता हूँ। 

My individually is shaped by opposition. 
I hold my rivals in esteemed position. 

सुनाते हैं मुझे ख़्वाबों की दास्तां अक्सर। 
कहानियों के पुर-असरार लब तुम्हारी तरह। 

Quite often they recite, to me on memory flight. 
Effective story lips, like you these give me tips. 




. . 


Friday 15 July 2022

रवि मौन....... एक कविता

क्रुद्ध नमस्ते होकर भगवान शिव ने अपना तीसरा नेत्र खोला
और सबसे सुंदर देवता कामदेव जल कर भस्म हो गया। 
जब किसी असमर्थ को अपनी क्षमता का दर्प हो, 
तो विनाश  निश्चित है।

कामदेव ने भगवान शिव की समाधि को, 
देव-हित में भंग करना चाहा था। 
परोपकार की आग में जल कर, 
देहत्याग करने से, 
अनंग होते हुए भी वह मन्मथ है, 
सम्पूर्ण सृष्टि पर भारी है। 
उसके नयन बाण से बिंधा हृदय, 
जलता तो है, पर सुख की अनुभूति से। 

रवि मौन... चतुष्पदी

हँसते हँसते दिन को काटो, सोते सोते रात।, 
जाने कब रोना पड़ जाए, हो जाए क्या बात?
जब जीवन पथ के पड़ाव पर, साथी से हो भेंट। 
जाने कितना प्रबल उठेगा, मन में  झंझावात? 

Wednesday 13 July 2022

KHUMAAR BARAHBANKVI.. GHAZAL.. IK PAL MEN IK SADII KA MAZAA HUMSE PUUCHHIYE...

इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए 
दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए 

Pleasure of century within a moment, you ask me. 
Joy of  life, in two days to
 foment, you ask me

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम 
क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए 

Slowly I have forgotten her
 in a lot of time. 
Charm of suicide in instalment, you ask me. 

आग़ाज़-ए-आशिक़ी का मज़ा आप जानिए 
अंजाम-ए-आशिक़ी का मज़ा हम से पूछिए 

The glamour of starting love
is known to you. 
How has love become 
dormant , you ask me.

जलते दियों में जलते घरों जैसी ज़ौ कहाँ 
सरकार रौशनी का मज़ा हम से पूछिए 

How burning lamps can glow like houses on fire? 
Sir! The appeal of lightening comment, you ask me. 

वो जान ही गए कि हमें उन से प्यार है 
आँखों की मुख़बिरी का मज़ा हम से पूछिए 

So, she has known, I am 
in love with her. 
The glamour of eyes as informant, you ask me. 

हँसने का शौक़ हम को भी था आप की तरह 
हँसिए मगर हँसी का मज़ा हम से पूछिए 

Me too, had a longing to laugh  like you. 
Laugh , but ardour of it's gradient, you ask me. 

हम तौबा कर के मर गए बे-मौत ऐ 'ख़ुमार' 
तौहीन-ए-मय-कशी का मज़ा हम से पूछिए

Penitence for wine has killed  me 'Khumaar'. 
Fun of insulting drink and repent, you ask me. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

'सैफ़' अंदाज़-ए-बयाँ रंग बदल देता है।
वर्ना दुनिया में कोई बात नई बात नहीं।
..... सैफ़ुद्दीन सैफ़.....

O 'Saif' ! Style of expression, colours what's said.
Or else, in the world, nothing new is being said. 

उसे बे-चैन कर जाऊँगा मैं भी। 
ख़मोशी से गुज़र जाऊँगा मैं भी। 
..... अमीर क़ज़लबाश..... 

I 'll also unsettle her , it's plain. 
Silently me too' ll pass by her lane. 

नज़र में शोख़ शबीहें लिए हुए है सहर। 
अभी न कोई इधर से धुआँ धुआँ गुज़रे। 
..... चंद्रभान ख़याल..... 

Morning has naughty images in her eye. 
At present, let none who is sad, pass by. 

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो ।
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है..... राहत इन्दौरी..... 

O breaths! Pass silently by her memory zone. 
Even heart beats disturb prayer, it's known. 

सुन तो सही, जहाँ में है तेरा फ़साना क्या? कहती है तुझे ख़ल्क़-ए-ख़ुदा ग़ायबाना क्या ? ... हैदर अली आतिश..... 

Just listen ! In universe, 
the tale about you ? 
What does your creation silently nail about you? 


इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए 
दो दिन की ज़िंदगी का मज़ा हम से पूछिए 

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम 

क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए 

आग़ाज़-ए-आशिक़ी का मज़ा आप जानिए 

अंजाम-ए-आशिक़ी का मज़ा हम से पूछिए 

जलते दियों में जलते घरों जैसी ज़ौ कहाँ 

सरकार रौशनी का मज़ा हम से पूछिए 

वो जान ही गए कि हमें उन से प्यार है 

आँखों की मुख़बिरी का मज़ा हम से पूछिए 

हँसने का शौक़ हम को भी था आप की तरह 

हँसिए मगर हँसी का मज़ा हम से पूछिए 

हम तौबा कर के मर गए बे-मौत ऐ 'ख़ुमार' 

तौहीन-ए-मय-कशी का मज़ा हम से पूछिए

Tuesday 12 July 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

ख़ुदा की उस के गले में अजीब क़ुदरत है।
वो बोलता है तो इक रौशनी सी होती है। 
..... बशीर बद्र.....

There's a strange divine power in his throat. 
When he speaks, there's a light so remote. 

वो बात सारे फ़साने में जिस का ज़िक्र न था ।
वो बात उनको बहुत नागवार गुज़री है ।
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ ..... 

Something that wasn't even  mentioned in the tale. 
To his utter dislike is, that 
very part of detail. 

तेरी याद का हर मंज़र पस-मंज़र लिखता रहता हूँ। 
दिल को वरक़ बनाता हूँ और शब भर लिखता रहता हूँ।..... कुमार पाशी.....

In the background of your memory, each spectacle I write. 
Taking my heart for a paper, I  keep writing whole night. 

खुली किताब थी फूलों भरी ज़मीं मेरी। 
किताब मेरी थी रंग-ए-किताब उस का था।..... वज़ीर आग़ा..... 

My life was an open book of  flower rich land. 
It was my book, with colours
 of that friend 

हाँ उन्हीं लोगों से दुनिया में शिकायत है मुझे। 
हाँ वही लोग जो अक्सर हमें याद आए हैं।
..... राही मासूम रज़ा..... 

O yes ! In this world, I have a complaint against all those.
O Yes !  Persons who often 
visit my memory, so close. 




SEVERAL POETS, SEVERAL GHAZALS

इन आँखों ने क्या क्या तमाशा न देखा
हक़ीक़त में जो देखना था न देखा

तुझे देख कर वो दुई उठ गई है
कि अपना भी सानी न देखा न देखा

उन आँखों के क़ुर्बान जाऊँ जिन्हों ने
हज़ारों हिजाबों में परवाना देखा

बहुत दर्द-मंदों को देखा है तू ने
ये सीना ये दिल ये कलेजा न देखा

वो कब देख सकता है उस की तजल्ली
जिस इंसान ने अपना ही जल्वा न देखा

बहुत शोर सुनते थे इस अंजुमन का
यहाँ आ के जो कुछ सुना था न देखा

सफ़ाई है बाग़-ए-मोहब्बत में ऐसी
कि बाद-ए-सबा ने भी तिनका न देखा

उसे देख कर और को फिर जो देखे
कोई देखने वाला ऐसा न देखा

वो था जल्वा-आरा मगर तू ने मूसा
न देखा न देखा न देखा न देखा

गया कारवाँ छोड़ कर मुझ को तन्हा
ज़रा मेरे आने का रस्ता न देखा

कहाँ नक़्श-ए-अव्वल कहाँ नक़्श-ए-सानी
ख़ुदा की ख़ुदाई में तुझ सा न देखा

तिरी याद है या है तेरा तसव्वुर
कभी 'दाग़' को हम ने तन्हा न देखा



तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे
मैं एक शाम चुरा लूँ अगर बुरा न लगे

The weather of your city is lovely kind indeed. 
May I steal an 'eve,with you if you don't  mind indeed. 

तुम्हारे बस में अगर हो तो भूल जाओ मुझे
तुम्हें भुलाने में शायद मुझे ज़माना लगे

You may forget me if it's within your means. 
To forget you ' ll take me, time of a kind indeed. 

जो डूबना है तो इतने सुकून से डूबो
के आस-पास की लहरों को भी पता न लगे

If you want to drown, so silently sink. 
Even neighbouring waves don't find indeed. 

वो फूल जो मेरे दामन से हो गये मंसूब
ख़ुदा करे उन्हें बाज़ार की हवा न लगे

The flowers that are now part of my hem. 
Let not be subjected to  market wind indeed. 

न जाने क्या है किसी की उदास आँखों में
वो मुँह छुपा के भी जाये तो बेवफ़ा न लगे

I know not what's there in her sad eyes. 
Parting with veiled face, isn't unkind indeed. 

तू इस तरह से मिरे साथ बेवफ़ाई कर
कि तेरे बाद मुझे कोई बेवफ़ा न लगे

You be faithless with me to such an extent. 
None 'll look faithless of the grind indeed. 

तुम आँख मूँद के पी जाओ ज़िन्दगी "क़ैसर"
के एक घूँट में शायद ये बदमज़ा न लगे

O' Qaisar'! Gulp life with the eyes closed . 
May be , it's ill taste you won't mind indeed. 


अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं 
मिरी याद से जंग फ़रमा रहे हैं 

She is alone in an angry pose. 
At war with my memories pose.

ये कैसी हवा-ए-तरक़्क़ी चली है 
दिए तो दिए दिल बुझे जा रहे हैं 

What has developed in this wind? 
Not only lamps, even hearts foreclose. 

इलाही मिरे दोस्त हों ख़ैरियत से 
ये क्यूँ घर में पत्थर नहीं आ रहे हैं 

O God ! Welfare be with my friends. 
Why are stones not coming so close? 

बहिश्त-ए-तसव्वुर के जल्वे हैं मैं हूँ 
जुदाई सलामत मज़े आ रहे हैं 

Exhibited are heaven of thoughts and me. 
Separation be there, it's a pleasant dose. 

क़यामत के आने में रिंदों को शक था 
जो देखा तो वाइ'ज़ चले आ रहे हैं 

Drunkards had doubt, doom.' d come
In view was the priest coming so close. 

बहारों में भी मय से परहेज़ तौबा 
'ख़ुमार' आप काफ़िर हुए जा रहे हैं

Abstaining drinks in season of spring. 
'Khumaar' ! You are taking an infidel pose. 


दिल के बहलाने की तदबीर तो है 
तू नहीं है तिरी तस्वीर तो है 

There's something for heart to console. 
I have your picture, if not as a whole. 

हम-सफ़र छोड़ गए मुझ को तो क्या 
साथ मेरे मिरी तक़दीर तो है 

What if co-travellers left me alone. 
My desiny is there with me to roll. 

क़ैद से छूट के भी क्या पाया 
आज भी पाँव में ज़ंजीर तो है 

Still chains are klinging to my feet. 
What if I have come out of gaol? 

क्या मजाल उन की न दें ख़त का जवाब 
बात कुछ बाइस-ए-ताख़ीर तो है 

Why won't she answer my letter? 
Though there's some delay in the role. 

पुर्सिश-ए-हाल को वो आ ही गए 
कुछ भी हो इश्क़ में तासीर तो है 

She is here to know, how 
am I ? 
Love seems to have an effective role. 

ग़म की दुनिया रहे आबाद 'शकील' 
मुफ़्लिसी में कोई जागीर तो है 

O 'Shakeel' ! Let world of grief persist. 
There's an estate in poverty mole.

Translated by Ravi Maun. 

जयंती विशेष: 'आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब...' पढ़ें, ग़ज़लकार इक़बाल अज़ीम के अश'आर 
 आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब,ख़ुद-फ़रेबी ही मोहब्बत का सिला हो जैसे1/ 6

आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब,ख़ुद-फ़रेबी ही मोहब्बत का सिला हो जैसे

 यूँ सर-ए-राह मुलाक़ात हुई है अक्सर, उस ने देखा भी नहीं हम ने पुकारा भी नहीं2/ 6

यूँ सर-ए-राह मुलाक़ात हुई है अक्सर, उस ने देखा भी नहीं हम ने पुकारा भी नहीं


 हम बहुत दूर निकल आए हैं चलते चलते, अब ठहर जाएँ कहीं शाम के ढलते ढलते3/ 6

हम बहुत दूर निकल आए हैं चलते चलते, अब ठहर जाएँ कहीं शाम के ढलते ढलते

 अपनी मिट्टी ही पे चलने का सलीक़ा सीखो, संग-ए-मरमर पे चलोगे तो फिसल जाओगे4/ 6

अपनी मिट्टी ही पे चलने का सलीक़ा सीखो, संग-ए-मरमर पे चलोगे तो फिसल जाओगे


 अब हम भी सोचते हैं कि बाज़ार गर्म है, अपना ज़मीर बेच के दुनिया ख़रीद लें5/ 6

अब हम भी सोचते हैं कि बाज़ार गर्म है, अपना ज़मीर बेच के दुनिया ख़रीद लें

 ज़माना देखा है हम ने हमारी क़द्र करो,हम अपनी आँखों में दुनिया बसाए बैठे हैं 


आलम तिरी निगह से है सरशार देखना 

मेरी तरफ़ भी टुक तो भला यार देखना 

नादाँ से एक उम्र रहा मुझ को रब्त-ए-इश्क़ 

दाना से अब पड़ा है सरोकार देखना 

गर्दिश से तेरी चश्म के मुद्दत से हूँ ख़राब 

तिस पर करे है मुझ से ये इक़रार देखना 

नासेह अबस करे है मनअ मुझ को इश्क़ से 

आ जाए वो नज़र तो फिर इंकार देखना 

'चंदा' को तुम से चश्म ये है या अली कि हो 

ख़ाक-ए-नजफ़ को सुरमा-ए-अबसार देखना

..... मह लक़ा चंदर .  .... 


औरत हूँ मगर सूरत-ए-कोहसार खड़ी हूँ
फ़रहत ज़ाहिद

औरत हूँ मगर सूरत-ए-कोहसार खड़ी हूँ 
इक सच के तहफ़्फ़ुज़ के लिए सब से लड़ी हूँ 

I am a woman but stand like a mountain tall. 
For sanctity of truth, fought with one 'n all. 

वो मुझ से सितारों का पता पूछ रहा है 
पत्थर की तरह जिस की अँगूठी में जड़ी हूँ 

He is asking the address of stars from me. 
In whose ring I am studded as stone so small. 

अल्फ़ाज़ न आवाज़ न हमराज़ न दम-साज़ 
ये कैसे दोराहे पे मैं ख़ामोश खड़ी हूँ 

Neither word, nor voice, nor colleague nor cotuner. 
On what a two-way I am standing silent to call. 

इस दश्त-ए-बला में न समझ ख़ुद को अकेला 
मैं चोब की सूरत तिरे खे़मे में गड़ी हूँ 

फूलों पे बरसती हूँ कभी सूरत-ए-शबनम 

बदली हुई रुत में कभी सावन की झड़ी हूँ 


दिलों की राह पर आख़िर ग़ुबार सा क्यूँ है

थका थका मिरी मंज़िल का रास्ता क्यूँ है

सवाल कर दिया तिश्ना-लबी ने साग़र से
मिरी तलब से तिरा इतना फ़ासला क्यूँ है

जो दूर दूर नहीं कोई दिल की राहों पर
तू इस मरीज़ में जीने का हौसला क्यूँ है

कहानियों की गुज़रगाह पर भी नींद नहीं
ये रात कैसी है ये दर्द जागता क्यूँ है

अगर तबस्सुम-ए-ग़ुंचा की बात उड़ी थी यूँही
हज़ार रंग में डूबी हुई हवा क्यूँ है
Ravi Bhardwaj Ravi Bhardwaj
Mere Alfaz
नटखट "नेन" तनक सी पयिंया...
चलत जात पग छाइयां छाइयां ...

चली दर्शन को "राधा प्यारी" ...
छोड़ आईं घर द्वार पिछारी ...

रोके रुकत ना भागी जाए ...
हरी दर्शन को "प्यासी" हाय ...

किसी कली ने भी देखा न आँख भर के मुझे 


गुज़र गई जरस-ए-गुल उदास कर के मुझे 

मैं सो रहा था किसी याद के शबिस्ताँ में 
जगा के छोड़ गए क़ाफ़िले सहर के मुझे 

मैं रो रहा था मुक़द्दर की सख़्त राहों में 
उड़ा के ले गए जादू तिरी नज़र के मुझे 

मैं तेरे दर्द की तुग़्यानियों में डूब गया 
पुकारते रहे तारे उभर उभर के मुझे 

तिरे फ़िराक़ की रातें कभी न भूलेंगी 
मज़े मिले उन्हीं रातों में उम्र भर के मुझे 

ज़रा सी देर ठहरने दे ऐ ग़म-ए-दुनिया 
बुला रहा है कोई बाम से उतर के मुझे 

फिर आज आई थी इक मौज-ए-हवा-ए-तरब 
सुना गई है फ़साने इधर उधर के मुझे 




REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

एक ही शहर में रहना है मगर मिलना  नहीं।
देखते हैं, ये अज़िय्यत भी गवारा कर लें।
. .... ऐतबार  साजिद..... 

 Living in same city, not meeting still.
Let's tolerate the distress
 to it's fill.

ख़ामुशी अच्छी नहीं, इंकार होना चाहिए। 
ये तमाशा, अब सर-ए-बाज़ार होना चाहिए।..... ज़फ़र इक़बाल.....

Silaence is no good, full revolt it should. 
Well it should show, on streets let it grow. 

हम तो समझे थे कि, हम भूल गए हैं उन को।
क्या हुआ आज ये, किस बात पे रोना आया ? ..... साहिर लुधियानवी.....

I had so thought, I forgot her even in sleep. 
What happened today, what made me weep?

रेख़्ते के तुम्हीं उस्ताद नहीं हो 'ग़ालिब'।
कहते हैं, अगले ज़माने में कोई 'मीर' भी था।..... मिर्ज़ा ग़ालिब.....

O 'Ghalib'! You aren't rekhta's only master.
There was one 'Miir', you came much after.

हँस के फरमाते हैं वो देख के हालत मेरी। 
क्यूँ तुम आसान समझते थे मोहब्बत
 मेरी ?..... अमीर मीनाई.....

Smilingly she says, looking at my troubled lot. 
Loving me was easy, why had you so thought ? 

Monday 11 July 2022

KHUMAAR BARAHBANKVI.. GHAZAL.. AKELE HAIN WO AUR JHUNJHLAA RAHE HAIN...

अकेले हैं वो और झुँझला रहे हैं 

मिरी याद से जंग फ़रमा रहे हैं 

ये कैसी हवा-ए-तरक़्क़ी चली है 

दिए तो दिए दिल बुझे जा रहे हैं 

इलाही मिरे दोस्त हों ख़ैरियत से 

ये क्यूँ घर में पत्थर नहीं आ रहे हैं 

बहिश्त-ए-तसव्वुर के जल्वे हैं मैं हूँ 

जुदाई सलामत मज़े आ रहे हैं 

क़यामत के आने में रिंदों को शक था 

जो देखा तो वाइ'ज़ चले आ रहे हैं 

बहारों में भी मय से परहेज़ तौबा 

'ख़ुमार' आप काफ़िर हुए जा रहे हैं

रवि मौन...देख चतुर्भुज रूप को देवकी औ' वसुदेव.....

देख चतुर्भुज रूप को, देवकी औ' वसुदेव। करते कारागार में स्तुति, नैनन सुख लेव।। 
मुझ सा सुत माँगा कभी, करी तपस्या घोर। 
यहीं आ गया मैं स्वयं, बोले प्रभु चितचोर।।

 बेड़ी सारी खुल गईं, औ' कारा के द्वार। 
लिए सूप में वसु चले, जग के पालनहार।। 

देखा गहरी नींद में, सोए रक्षक-वृंद। 
गोकुल तक लेकर चले, प्रमुदित श्री गोविंद।। 

पैरों को छूकर हुई, यमुना नदी निहाल। 
खेलेंगे आकर यहाँ, सखा संग गोपाल।। 

जसुदा औ' नंदलाल की, कन्या गोद उठाय। 
वहाँ सुलाया कृष्ण को, कारा पहुँचे जाय।। 

जन्मी है संतान फिर, बोले पहरेदार। 
कंस चला आया, इसे मैं डालूंगा मार।। 

भैया यह तो है सुता, मत लो हत्या पाप। 
हँस कर बोला कंस यह, समझूँगा मैं आप।। 

इसे शिला पर पटक कर, भेजूँ यम के द्वार। 
देवी बोलीं, पल रहा तेरा मारनहार।। 

छुटीं कंस के हाथ से, हो गईं अंतर्धान। 
जसुमति को सुख देन हितु, रोए श्री भगवान।। 

वध अबोध शिशु के किए, देवी देतीं मार। 
चरण पकड़ कर बच गया, कंस धरा का भार।। 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

ज़ाहिद शराब पीने से काफ़िर हुआ मैं क्यूँ?
क्या डेढ़ चुल्लू पानी में ईमान बह गया ?
..... इब्राहिम ज़ौक़.....

O priest ! Why did I become infidel, by drinking the wine?
Was religion flooded away,
 with a few fistfuls of mine?

न तुम होश में हो, न हम होश में हैं।
चलो मय-कदे में, वहीं बात होगी।
..... बशीर बद्र.....

Neither you are in senses nor I, over here. 
Let's go to the tavern, 'll talk over there.

 पानी हिला नहीं है, अभी भी है जूँ का तूँ।
पत्थर तो एक फेंक के देखा ज़रूर है। 
..... राकेश उल्फ़त..... 

Water isn't moved to core, it's still as before. 
Yes! A stone is thrown, to see
 if it's shown. 

सब इक चिराग़ के परवाने होना चाहते हैं 
अजीब लोग हैं, दीवाने होना चाहते हैं। 
..... असद बदायूनी.....

Everyone wants to be moth of the same flame.
People are strange, like to get crazy and name.

इक रोज़ इक नदी के किनारे मिलेंगे हम। 
इक दूसरे से अपना पता पूछते हुए।
..... शहबाज़ रिज़वी.....

One day, we 'll meet near bank of a stream. 
Asking each other about our own esteem. 

Sunday 10 July 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से 
वो और थे जो हार गए आसमान से ।
..... फ़हीम जोगापुरी..... 

The world isn't aware about my flight. 
Others have lost against sky- might. 

बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है। 
उसे गले से लगाए ज़माना हो गया है। 
..... इरफ़ान सिद्दीक़ी..... 

The blood within me is like a whiplash stir. 
A long time has gone since I embraced her. 

शायद किसी की याद का मौसम फिर आ गया। 
पहलू में दिल की तरह धड़कने लगी है शाम।..... ओवेस अहमद दौराँ..... 

Probably it's a season to remember someone at best. . 
Evening is throbbing like heart in the chest. 

मौसम अजीब रहता है, दल के दयार का।
आगे हैं लू के झोंके भी, ठंडी हवा के बा'द।
..... क़ैसर शमीम.....

Season of crowd spread is so strange to please. 
Hot wind also blows after the  cold breeze. 

सब के लिए सवाल ये कब है, कि क्या न हो। 
उन को तो मुझ से ज़िद है कि मेरा कहा न हो।..... रईस रामपुरी..... 

Where's a question for all, what not to be.
she is adamant that  what I said, shouldn't be. 


..... 






...