Monday, 31 January 2022

MAJROOH SULTANPURI....32....... COUPLETS


सुतून-ए-दार पे रखते चलो सरों के चराग़
जहाँ तलक ये सितम की सियाह रात चले

Place heads as lamps on the gallows poles. 
As long as this dark night of torture rolls. 

 रोक सकता हमें ज़िंदान-ए-बला क्या 'मजरूह'। 
हम तो आवाज़ हैं दीवार से छन जाते हैं। 
O 'Majrooh' ! How can prison of calamity stall ? 
I am a sound, can filter through the wall. 

मुझ से कहा जिब्रील-ए-जुनूँ ने ये भी वही-ए-इलाही है। 
मज़हब तो बस मज़हब-ए-दिल है बाक़ी सब गुमराही है। 

So said in frenzy an angel, this is the will of God as well. 
Only religion is that of heart, all others distraction in part. 

 दिल की तमन्ना थी मस्ती में मंज़िल से भी दूर निकलते। 
अपना भी कोई साथी होता हम भी बहकते चलते चलते। 

 In frenzy heart had in mind, to leave the goal well behind. 
With someone to walk with me, with someone to talk with me.

'मजरुह ' काफ़िले की मिरे दास्ताँ ये है। 
रहबर ने मिल केलूट लिया राहज़न के साथ। 

O'Majrooh' ! This is my caravan's tale. 
Both guide and robber were on trail. 

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम हैं परेशाँ तुम से ज़्यादा। 
चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़्यादा। 

What's frenzy, don't you teach me, I know it more than you. 
In a state of lunacy, I have torn dresses far more than you. 

हम हैं काबा हम हैं बुतख़ाना हमीं हैं कायनात।
हो सके तो ख़ुद को भी इक बार सज्दा कीजिए। 

You are Kaaba, temple, world as shown. 
If possible, bend once before your own. 

तुझे न माने कोई  तुझ को इस से क्या 'मजरूह'। 
चल अपनी राह भटकने  दे नुक्ता-चीनों को। 

O 'Majrooh'! Why care what they say ? 
Let these critics go their way. 

'मजरूह' लिख रहे हैं वो अहल-ए-वफ़ा का नाम। 
हम भी खड़े हुए हैं गुनहगार की तरह। 

O 'Majrooh'! She is writing her loyslist's name. 
I am standing as a sinner in the line to claim. 

फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिये 'मजरूह'। 
शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने। 

Don't ask, how deceptive is wine girl's game ? 
Glasses are changed, wine is the same. 

वो आ रहे हैं संभल संभल कर नज़ारा बे-ख़ुद फ़ज़ा जवाँ है। 
झुकी झुकी हैं नशीली आँखें रुका रुका दौर-ए-आस्माँ है। 

She is coming in balanced way, young is weather view taking toll. 
Intoxicated are downcast eyes, missing a spin is world on the roll. 

सैर-ए-साहिल कर चुके हैं मौज-ए-साहिल सर न मार। 
तुझ से क्या बहलेंगे तूफ़ानों के बहलाए हुए ? 

Don't bang your head O waves, we have traversed the shore. 
How can you coax me, I have tested the tempests before. 

कुछ बता तू ही नशेमन का पता। 
हम तो ऐ बाद-ए-सबा भूल गए। 

You tell me way to home please. 
I have forgotten it O breeze. 

बढ़ा के मिशअल-ए-जाँ हम जुनूँ सिफ़ात चले। 
जो घर को आग लगाए हमारे साथ चले। 

Talking lamp of light in hand, I went the frenzy way. 
One setting his home on fire, can join me anyday. 

बढ़ाई मय जो मोहब्बत से आज साक़ी ने। ये काँपे हाथ कि साग़र भी हम उठा न सके। 

With love when the wine-girl, extended to me wine. 
My hands shook, I could not hold the jug of wine. 

अब कारगह-ए-दहर में लगता है बहुत ़दिल। 
ऐ दोस्त ! कहीं ये भी तिरा ग़म तो नहीं है 

In the prison of this world now heart finds peace. 
My friend ! Is it not also your grief, it's piece. 

दस्त-ए-पुर-ख़ूँ को कफ़-ए-दस्त-ए-निगाराँ समझे। 
क़त्ल- गह थी जिसे हम महफ़िल-ए-याराँ समझे। 

These were blood-soaked hands, hennaed hands I thought. 
It was slaughter site which meeting site eyes thought. 

तिश्नगी ही तिश्नगी है किस को कहिये मय-कदा।
लब ही लब हमने तो देखे किस को पैमाना कहें। 

What to label tavern, it's thirst and thirst. 
I saw only lips, what  to call a cup first. 

 गुलों से भी न हुआ जो मिरा पता देते। 
सबा उड़ाती रही ख़ाक आशियाने की। 

Even flowers didn't tell my home's, way. 
Ash of my home, breeze scattered astray. 

मेरे ही संग-ओ-ख़िश्त से तामीर-ए-बाम-ओ-दर। 
मेरे ही घर को शहर में शामिल किया न जाए। 

 It's bricks and stones  made their walls and door. 
My house is not to be part of city any more. 

कहते हैं कि काँटों से गुल तक हैं राह में लाखों वीराने। 
कहता है मगर ये अज़्म-ए-जुनूँ सहरा से गुलिस्ताँ दूर नहीं। 

It's said between thorns 'n flower is  million desert stretch.
My frenzy claims from desert, garden isn't far to fetch. 

सर पर हवा-ए-ज़ुल्म चले सौ जतन के साथ। 
अपनी कुलाह-कज है उसी बाँकपन के साथ। 

 In a hundred different ways the wind might blow. 
My tilted is seated in a style of lovely show. 

मैं कि एक मेहनतकश मैं कि तीरगी- दुश्मन। 
सुब्ह - ए-नौ इबारत है मेरे मुस्कुराने से। 

I am an optimist, a hard- working man. 
As I smile, comes a new morning on scan. 

पारा-ए-दिल है वतन की सरजमीं मुश्किल में है। 
शहर को वीरान या इस दिल को वीराना कहें। 
Fragmented is heart, national boundaries in danger. 
Should I label as a desert , my heart or city's splendor. 

कहाँ बच कर चली ऐ फ़स्ल-ए-गुल मुझ आबला-पा से। 
मेरे क़दमों की गुलकारी बयाबाँ से चमन तक है। 

Bypassing me, blistered-footed where are you going O spring ? 
Stains of my feet are seen from desert to garden in a string. 

 अश्कों में रंग-ओ-बू-ए-चमन दूर तक मिले। 
जिस दम असीर हो के चले गुलिस्ताँ से हम। 

Colour 'n smell of garden in tears, came with me for long. 
When I was imprisoned, from the garden it left for long. 

बे-तेशा-ए-नज़र न चले राह-ए-रफ़्तगाँ। 
हर नक़्श-ए-पा बुलंद है दीवार की तरह। 

On oft-tracked path, don't go without spade of eye. 
Each footprint is pretty clear and like a wall so high. 

हट के रू-ए-यार से तज़ईन-ए-आलम कर गई। 
वो निगाहें जिन को अब तक रायगाँ समझा था मैं। 

They glorified the world leaving lover's face. 
Eyes which looked useless to me on her face. 

फिर आई फ़स्ल कि मानिंद बर्ग-ए-आवारा
हमारे नाम गुलों के मुरासलात चले। 

Again like vagrant leaves in the weather that came. 
There was exchange of my letters with flowers in name. 

रहते थे कभी जिनके दिल में हम जान से भी प्यारों की तरह ।
बैठे हैं उन्हीं के कूचे में हम आज गुनहगारों की तरह ।

I had been living in his heart, dearer than life without a pause
Now I am seated in his lane, accused of sins without cause. 

दावा था जिन्हें हमदर्दी का ख़ुद आ के न पूछा हाल कभी। 
महफ़िल में बुलाया है हम पर हँसने को गुनहगारों की तरह। 

One who claimed to be co- sufferer, never even asked how was I ? 
He has called me in the group, to laugh 'n hurt without a cause

ये रुके रुके से आँसू ये घुटी घुटी सी आहें। यूँ ही कब तलक ख़ुदाया ! ग़म-ए-ज़िंदगी निबाहें ? 

These unshed tears in eyes, these stifled sighs ! 
O God, how long this way,' ll grievous life stay ? 









Saturday, 29 January 2022

ABDUL HAMEED ADAM...49........COUPLETS

फिर आज 'अदम' शाम से ग़मगीं है तबीअ'त।
फिर आज  सर-ए-शाम मैं कुछ सोच रहा हूँ।

' Adam' I am in grief since evening again.
Since eve', what it is that I am thinking again. 

महशर में इक सवाल किया था क्रीम ने। 
मुझसे यहाँ भी आपकी तारीफ़ हो गई। 

Almighty had asked me on day of doom. 
Once again I praised you here, full bloom. 

  ज़िन्दगी ज़ोर है जवानी का। 
क्या थमेगा बहाव पानी का। 

Life is power of youth, 'll grow. 
Who can stop water from flow. 

लज़्ज़त - ए-ग़म तो बख़्श दी उसने। 
हौसले भी 'अदम' दिए होते। 

He has bestowed on us  pleasure of pain. 
Should also have given courage to sustain. 

 गुलों को खिल के मुरझाना पड़ा है। 
तबस्सुम की सज़ा कितनी बड़ी है। 

Flowers wilt after blooming for a while. 
How big is punishment for a smile. 

जी चाहता है आज 'अदम' उन को छेड़िए
डर डर के प्यार करने में कोई मज़ा नहीं। 

O'Adam' I wish to tease her as a matter of right. 
There's just no pleasure of love in fright. 

 हर दिल-फ़रेब चीज़ नज़र का ग़ुबार है। 
आँखें हसीन हों तो ख़िज़ाँ भी बहार है। 

Each lovely thing is dust cloud, vision dispute. 
Even autumn is spring, if  looking eyes are cute. 

आप इक ज़हमत-ए-नज़र तो करें। 
कौन बेहोश हो नहीं सकता ? 

Just a spell of your eyes on fence. 
Then who can retain his sense ? 

ज़िन्दगी के हसीन तरकश में। 
कितने बे-रहम तीर होते हैं। 

In the arrow - case of life, of repute.
 There are unkind arrows, no dispute. 

कुछ कुछ मेरी आँखों का तसर्रुफ़ भी है शामिल। 
इतना तो हसीं तू मिरे गुलफ़ाम नहीं है। 

My occupancy of your eyes has added the part. 
You weren't so beautiful my love, from start. 

हाथ से खो न बैठना उसको।
 इतनी ख़ुद्दारियाँ नहीं अच्छी। 

 Just don't lose her for good. 
So much vanity is not good. 

हम को शाहों की अदालत से तवक़्क़ो तो नहीं। 
आप कहते हैं तो ज़ंजीर हिला देते हैं। 

  I don't expect anything from king's court. 
If you wish, I 'll move the chain to report. 

मुद्दआ दूर तक गया लेकिन। 
आरज़ू लौट कर नहीं आई। 

  The matter went long, too far. 
Desire wasn't back, kept far. 

जुनूँ अब मंज़िलें तय कर रहा है। 
ख़िरद रस्ता दिखा कर रह गई है। 

For reaching goal, frenzy has the say. 
Intellect has just showed the way. 

हम और लोग हैं हमसे बहुत ग़ुरूर न कर। कलीम था जो तिरा नाज़ सह गया होगा। 

Don't be proud with us, we are different men. 
Prophet had tolerated you there and then. 

किस को समझाने लगे आप जनाब-ए-नासेह। 
मैं तो नादाँ हूँ मगर आप तो नादान नहीं। 

O priest ! Whom have you come to preach ? 
I am innocent but that's beyond your reach. 

मौजू-ए-गुफ़्तगू तो मिरी जाँ कुछ और था। दौरान-ए-गुफ़्तगू में तेरी बात आ गई। 

My love, we were talking about something aside. 
In between talks, your matter crept inside. 

वो हसीं बैठा था जब मेरे क़रीब। 
लज़्ज़त - ए-हम-सायगी थी मैं न था। 

When that cute dame was sitting with me. 
Pleasure of her company was there, not me. 

साक़ी तुझे इक थोड़ी सी तकलीफ़ तो होगी। 
साग़र को ज़रा थाम मैं कुछ सोच रहा हूँ। 

O barmaid, wait, it's a trouble of fate. 
You hold my drink, I am on way to think. 

 ख़ुदा ने गढ़ तो दिया आलम-ए-वजूद मगर। 
सजावटों की बिना औरतोंकी ज़ात हुई। 

God had crafted this universe,but still.
Cause of decoration were only women still. 

साक़ी मिरे ख़ुलूस की शिद्दत तो देखना। 
फिर आ गया हूँ गर्दिश - ए-दौराँ को टाल कर। 

O barmaid look at my truth and it's force. 
I am back bye- passing universal revolution force. 

किसी हसीं से लिपटना अशद ज़रूरी है। 
हिलाल-ए-ईद तो कोई सुबूत-ए-ईद नहीं। 

Embracing a beauty is essential, soon. 
Enough proof of Eid isn't Eid moon. 

 नौजवानी में पारसा होना। 
कैसा कार-ए-ज़बून है प्यारे। 

Abstinence in youth, being seer
It's an unfortunate act O dear. 

जिस से छुपना चाहता हूँ मैं 'अदम'।
वो सितमगर जा-ब-जा मौजूद है। 

From whom I want to hide, be absent. 
Everywhere that tyrant is present. 

तौबा का तकल्लुफ़ कौन करे हालात की निय्यत ठीक नहीं। 
रहमत का इरादा बिगड़ा है बरसात की निय्यत ठीक नहीं। 

Who needs be formal to abstain, ill motive of conditions pertain. 
Almighty's goodwill is gone, ill intention of rains is on. 

तड़प कर मैंने तौबा तोड़ डाली। 
तिरी रहमत पे इल्ज़ाम आ रहा था। 

I broke promise to abstain, content. 
Under scanner was Your intent. 

अपनों से भी इतना तकल्लुफ़। 
कितने दुनियादार बने हो ! 

So formal with those who are your own. 
How much involved with world, it's tone. 

तख़्लीक-ए-कायनात के दिलचस्प जुर्म पर। 
हँसता तो होगा आज भी यज़दाँ कभी-कभी। 

Creation of universe, a pleasant crime ! 
God must be laughing from time to time. 

मैं यूँ तलाश - ए-यार में दीवाना हो गया। 
काबे में पाँव रक्खा तो बुत-ख़ाना हो गया। 
So crazy was I in search, a love game. 
I stepped in Kaaba 'n temple it became. 

वोअहद-ए-जवानी वो ख़राबात का आलम। 
नग़्मात में डूबी हुई बरसात काआलम। 

The time of youth, the period of spoils. 
Song-soaked rains, it's pleasant toils. 

 जेब ख़ाली है' अदम' मय क़र्ज़ पर मिलतु नहीं। 
एक दो बोतल में दीवाँ बेचने वाला हूँ मैं। 

There's nothing in pocket, on debt none gives wine. 
For a couple of bottles, I 'll sell poetic work of mine. 

किसी जानिब से कोई महजबीं आने ही वाला है। 
मुझे याद आ रही है आज मथुरा और काशी की। 

Some moonface is about to appear from some side. 
Today memories of Mathura and Kashi are on ride. 

 किसी ने हाल जो पूछा तो हो गए ख़ामोश। 
तुम्हारी बात हम अपनी ज़ुबाँ से क्या कहते ? 

When someone asked my state I just kept mum.
With my tongue, how could I talk about you chum ? 

'अदम' बहुत ही अगर रूठने लगी उम्मीद। किसी के वादे पे फिर एतबार कर लूँगा। 

O 'Adam'! If angry gets my hope. 
'll believe in a promise, I have the scope. 

झाड़ कर गर्द-ए-ग़म-ए-हस्ती को उड़ जाऊँगा मै। 
बे-ख़बर ऐसी भी इक परवाज़ आती है मुझे

Shaking  dust off from grief of life, ' ll fly somewhere. 
O unaware ! Known to me such a flight is there. 

ये अलग बात है साक़ी कि मुझे होश नहीं। होश इतना है कि मैं तुझसे फ़रामोश नहीं। 
It is a separate issue that I have lost sense. 
I didn't forget you O bar girl I have that sense. 

तबाह हो के हक़ायक़ के खुरदरेपन से। 
तसव्वुरात की तामीर कर रहा हूँ मैं। 

Destroyed by rough nature of facts. 
I am creating imaginary tacts. 

हमने तुम्हारे बाद न रक्खी किसी से आस। 
इक तजुर्बा बहुत था, बड़े काम आ गया। 

After you, from anyone I had no hope. 
Experience was enough, no more scope. 

पीर-ए-मुग़ाँ से हम को कोई बैर तो नहीं। 
थोड़ा सा इख़्तिलाफ़ है मर्द-ए-ख़ुदा के साथ। 

Enmity with old manager of tavern ! None can.
 There is a little difference with that gentleman. 

तुझ को क्या दूसरे के ऐबों से ? 
क्यूँ फ़क़त रू-सियाह होता है ? 

Why bother about faults of others, as a whole ? 
For nothing, why darken your face and soul ? 

मैं और उस ग़ुंचा-दहन की आरज़ू। 
आरज़ू की सादगी थी मैं न था। 

My longing for fiery lips on fire! 
It wasn't I, but simplicity of desire. 

दरोग़ के इम्तिहाँ - क़दे में सदा यही कारोबार होगा। 
जो बढ़ के ताईद-ए-हक़ करेगा वही सज़ावार-ए-दार होगा। 

While testing in house of lies, this 'll always be the case. 
One who' ll claim for truth, will 
for hanging present face. 

ये रोज़मर्रा के कुछ वाक़ियात-ए- शादी-ओ-ग़म। 
मेरे ख़ूदा यही इंसाँ की जिंदगानी है ! 

These daily incidents of joy and pain clout. 
O God ! Is it what human life is about ? 

जो अक्सर बार-वर होने से पहले टूट जाते थे। 
वही ख़स्ता शिकस्ता अहद-ओ-पैमाँ याद आते हैं। 

Those which before fruiting, would collapse, lose face. 
In memory old, shattered promises find the place. 

वही शै मक़सद-ए-क़ल्ब-ओ-नज़र महसूस होती है। 
कमी जिस की बराबर उम्र भर महसूस होती है। 

Whose intention of heart and glance is strong ? 
Whose absence is feit all time, life long. 

काश मैं तेरी मुलाक़ात को ख़ुद ही आता।
तूर पर भेज के मूसा को पशेमाँ हूँ मैं। 

I wish meeting you, I myself went. 
Sending Moses on Toor, I really repent. 

 हौले-हौले वस्ल हुआ। 
धीरे-धीरे जान गई। 

Slowly ignited love-flame. 
Slowly waned life flame. 

मेरी जवानी के गर्म लम्हों पे डाल दे गेसुओं का साया। 
ये दोपहर कुछ तो मोतबर हो तमाम माहौल जल रहा है। 

On hot moments of my youth, spread a little tress shade. 
Let this noon cool down a bit, atmosphere is one hot blade. 

मतलब मुआमलात का कुछ पा गया हूँ मैं। 
हँस कर  फ़रेब-ए-चश्म-ए-करम खा गया हूँ मैं। 

I have got the meaning of some affairs. 
Smilingly deceived by eye that cares. 







 


Friday, 28 January 2022

COUPLETS OF ZAUQ.....26.......

नग़्मा-ए-पुरदर्द छेड़ा मैंने इस अंदाज़ से।
ख़ुद-ब-ख़ुद पड़ने लगी मुझ पर नज़र सैयाद की।

A painful song was rendered in such a style. 
It sought captor's eye within a short while.

ऐ 'ज़ौक़' होश गर है तो दुनिया से दूर भाग।
इस मय-कदे में काम नहीं होशियार का।

O'Zauq' get away from the world, if you are aware.
There's no place for one with senses in tavern, beware.

सुर्मा-ए-चश्म-ए-अज़ीज़ाँ न बना मैं ऐ चर्ख़
क्या बना ख़ाक ? ग़ुबार-ए-दिल-ए-अहबाब बना।

I wasn't kohl of lover's eyes O sky !
Dirt of other's heart was only I. 

मौत ने कर दिया नाचार वगर्ना इंसाँ ! 
है वो ख़ुदबीं कि ख़ूदा का भी न क़ायल होता। 

It was death that 'd compelled man, otherwise. 
He is proud, won't bother about God, otherwise. 

मज़कूर तेरी बज़्म में किस का नहीं आता। पर ज़िक्र हमारा नहीं आता नहीं आता। 

Who isn't in your gathering talked about. 
I am the only one who isn't talked about. 

क्या जाने उसे वहम है क्या मेरी तरफ़ से। जो ख़्वाब में भी रात को तन्हा नहीं आता

I know not what fear he has from my side.
 Alone, at night even in dream, he doesn't glide. 

 साथ उसके हूँ मैं साए की मानिंद ब लेकिन। 
उस पर भी जुदा हूँ कि लिपटना नहीं आता। 

I am with her like a shadow, but still. 
Can't embrace, so am seperate still. 

दुनिया का ज़र-ओ-माल किया जमा तो क्या 'ज़ौक़' ? 
कुछ फ़ायदा बे-दस्त-ए-करम उठ नहीं सकता। 

O'Zauq'! You amassed world's wealth but still. 
What good, you can't take it without His will. 

क़िस्मत से ही लाचार हूँ ऐ 'ज़ौक़' वगर्ना।
हर फ़न में हूँ मैं ताक मुझे क्या नहीं आता

O 'Zauq' I am compelled by fate otherwise. 
What don't I know, in every skill, I am wise. 

ज़ाहिद शराब पीने से काफ़िर हुआ मैं क्यों ? 
क्या ठेढ़ चुल्लू पानी में ईमान बह गया ? 

Why did I turn faithless by drinking O priest ? 
Could my faith be washed in a handful O priest ? 

 मुँह से बस करते न हरगिज़ ये ख़ुदा के बंदे। 
गर हरीसों को ख़ुदा सारी ख़ुदाई देता। 

Greedy won't say no to God on their own. 
Even if universe was bestowed by His own. 

तुफ़ंग-ओ-तीर तो ज़ाहिर न था कुछ पास क़ातिल के। 
इलाही फिर जो दिल पर ताक कर मारा तो क्या मारा ? 

No firearm did the murderer possess. 
What did he aim at my heart, make mess ? 

मौत उस को याद करती है ख़ुदा जाने कि गोर। 
यूँ तेरा बीमार-ए-ग़म जो हिचकियाँ लेने लगा। 

God knows, what asked for him, God or grave ? 
Hiccups started for your grief stricken knave ! 

रहता है अपना इश्क़ में यूँ दिल से मशवरा। 
जिस तरह आश्ना से करे आश्ना सलाह। 

I refer in love to my heart this way. 
As one lover wants the other to say. 

आदमीयत और शै है इल्म है कुछ और चीज़। 
कितना तोते को पढ़ाया पर वो हैवाँ ही रहा। 

Learning is one thing another human to be. 
A parrot can be trained but will never a human be. 

हम ऐसे साहिब-ए-इस्मत परी पैकर के आशिक हैं । 
नमाज़ें पढ़ती हैं हूरें हमेशा जिसके दिमन पर। 

I am in love with so dignified
beauty of a gem. 
Houries offer prayers on the. stretch of her hem. 

दिल को रफ़ीक़ इश्क़ में अपना समझ न 'ज़ौक़'। 
टल जाएगा ये अपनी बला तुझ पे टाल के। 

O 'Zauq' don't consider in love, friend your heart. 
He will hand over all ill wills to you and then part. 

दिखा न जोश-ओ-ख़रोश इतना ज़ोर पर चढ़ कर। 
गए जहान में दरिया बहुत उतर चढ़ कर। 

Don't show so much passion in excited way. 
Many streams peaked and ebbed that way. 

 कहा पतंगे ने ये दार-ए-शम'अ पर चढ़ कर। 
"अजब मज़ा है जो मर ले किसी के सर चढ़ कर"। 

Fire worm said it on gallows of flame. 
"It's a pleasure to die at peak of fame". 

बजा कहे जिसे आलम उसे बजा समझो। 
ज़ुबान - ए-ख़ल्क़ को नक़्क़ार-ए-ख़ुदा समझो। 

You take it for right, when the world says so. 
Voice of people is voice of God think so. 

 नहीं है कम ज़र-ए-ख़ालिस से ज़रदी-ए-रुख़सार। 
तुम ऐसे इश्क़ को ऐ 'ज़ौक़' कीमिया समझो। 

Yellow of cheeks is not lesser than real gold. 
O 'Zauq' such a love is called crafted gold. 

कब हक़परस्त ज़ाहिद - ए-जन्नत-परस्त है। 
हूरों पे मर रहा है ये शहवतपरस्त है। 

Priest believes not on truth but on heaven. 
He longs for Houries, he is just sex-raven. 

याँ लब पे लाख लाख सख़ुन इज़्तराब
 में। 
वाँ एक ख़ामुशी तेरी सब के जवाब में। 

Very many passionate words on the lips of all. 
Your silence alone covers answers for all. 

लाई हयात आए, क़ज़ा ले चली चले। 
अपनी ख़ुशी न आए न अपनी ख़ुशी चले। 
We were brought by birth, by death taken away 
Neither came by sweet will, nor left that way. 

गुल भला कुछ तो बहारें ऐ सबा ! दिखला गए। 
हसरत उन ग़ुन्चों पे है जो बिन खिले मुरझा गए ।

The flowers bloomed and showed their glory O breeze ! 
I am sad for shriveled buds, who unbloomed left crease. 

ऐ शम'अ तेरी उम्र-ए-तबीई है एक रात। 
रोकर गुज़ार या इसे हँस कर गुज़ार दे। 

O candle your life span is just one night. 
You may spend with smile or weep outright. 
















Wednesday, 26 January 2022

ABDUL HAMEED ADAM....64..... COUPLETS

कौन अंगड़ाई ले रहा है 'अदम'।
दो जहाँ लड़खड़ाए जाते हैं।

O'Adam' ! Who is having such a stretch.
Unstable both worlds, hard to fetch. 

छोड़ा नहीं ख़ुदी को दौड़े ख़ुदा के पीछे। 
आसाँ को छोड़ बंदे मुश्किल को ढूँढते हैं। 

Didn't leave the self but ran after God. 
Men leave easy, following hard to prod. 

ज़बान - ए-होश से ये कुफ़्र सरज़द हो नहीं सकता। 
मैं कैसे बिन पिए ले लूँ ख़ुदा का नाम ऐ साक़ी। 

This can't be uttered by conscious tongue of a man. 
Without a drink, chanting His name, well how I can ? 

 मैं उम्र भर जवाब नहीं दे सका 'अदम'। 
वो इक नज़र में इतने सवालात कर गए। 

I could not answer these in life as a whole. 
In a look, she posed many questions, their role. 

  ये क्या कि तुमने जफ़ा से भी हाथ खींच लिया। 
मिरी वफ़ाओं का कुछ तो सिला दिया होता। 

From faithlessness why did you withdraw your hand ?
For my faithfulness, can't you take some stand ? 

हुस्न इक दिलरुबा हुकूमत है। 
इश्क़ इक कुदरती ग़ुलामी है। 

Beauty is a pleasant governance. 
Love is a natural subordinance. 

 और तो दिल को नहीं है कोई तकलीफ़ 'अदम' ।
हाँ ज़रा नब्ज़ किसी वक़्त ठहर जाती है। 

O 'Adam', there's no other trouble in heart. 
O yes, at several times pulse stops in part. 

शौक़िया कोई नहीं होता ग़लत। 
इसमें कुछ तेरी रज़ा मौजूद है। 

None is wrong just for fun. 
Your consent for it is in run. 

'अदम' रोज़-ए-अजल जब क़िस्मतें तक़्सीम होती थीं। 
मुक़द्दर की जगह मैं साग़र-ओ-मीना उठा लाया। 

O'Adam' ! While fortunes were distributed by Him. 
I picked bottle and cup in place of fate, on whim. 

जिस से छुपना चाहता हूँ मैं 'अदम' ।
वो सितमगर जा-ब-जा मौजूद है। 

One whom I want to elude. 
Everywhere is that tyrant, the dude. 

हुजूम-ए-हश्र में खोलूँगा अद्ल का दफ़्तर। अभी तो फ़ैसले तहरीर कर रहा हूँ मैं। 

For crowd, office of justice I 'll open on day of doom. 
Till then, judgements are being serialized, making room. 

जब तिरे नैन मुस्कुराते हैं। 
ज़ीस्त के रंज भूल जाते हैं। 

When your eyes simply smile. 
Life pain is forgotten in a while. 

 बात का ख़ून क्यों करें नाहक़। 
आपको फ़ुर्सत-ए-जवाब कहाँ ? 

Why for nothing, should I murder the plea. 
You have no time to answer me. 

ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़। 
मुझ को आदत है मुस्कुराने की। 

O life pain, don't be upset a bit. 
To smile is  part of my habit kit.

फिर आज 'अदम' शाम से ग़मगीं है तबीयत। 
फिर आज सर-ए-शाम मैं कुछ सोच रहा हूँ। 

O 'Adam'! Since eve ' my state is in pain. 
Today I am thinking since eve' again. 

वो परिंदे जो आँख रखते हैं। 
सब से पहले असीर होते हैं। 

 The birds that can view from a far. 
Are the first to get behind bar. 

सो भी जा ऐ दिल-ए-मजरूह बहुत रात गई। 
अब तो रह रह के सितारों को भी नींद आती है। 

Night is way ahead, O wounded heart sleep. 
Now from time to time, even stars are asleep. 

हौले हौले वस्ल हुआ। 
धीरे-धीरे जान गई। 

Gradually love meet was on
Slowly this life was gone. 

किसी ने हाल जो पूछा तो हो गए ख़ामोश। 
तुमारी बात हम अपनी ज़ुबाँ से क्या कहते

When one asked my state, I could silence don.
How could your talk, I state on my own. 

देखा है जिस निगाह से तूने सितम-ज़रीफ़। 
महसूस हो रहा है मैं ग़र्क-ए-शराब हूँ। 

O tyrant ! You saw me with such  look. 
I thought that a lot of wine I took. 

 ख़ुदा ने गढ़ तो दिया आलम-ए-वजूद मगर। 
सजावटों की बिना औरतों की ज़ात हुई। 

Though God had created human creed. 
Cause of decoration was woman indeed. 

 शिकन न डाल जबीं पर शराब देते हूए। 
ये मुस्कुराती हुई चीज़ मुस्कुरा के पिला। 

No frown on forehead, while serving wine.
With a smile, serve  smiling thing divine. 

छूप छुप के जाता है अभी मेरी गली में। 
इक रोज मिरे साथ सर-ए-आम चलेगा। 

One who comes stealthily in my lane. 

One day he 'll walk with me in open, sane. 

थोड़ी सी अक़्ल लाए थे हम भी मगर 'अदम'।
दुनिया के हादसात ने दीवाना कर दिया। 

I had a little sense O' Adam' with me. 
Mishaps of the world took it for lunacy. 

सवाल कर के मैं ख़ुद ही बहुत पशेमाँ हूँ। 
जवाब दे के मुझे और शर्मसार न कर। 

Questioning you I am repentant enough. 
Replying don't drown me in shame trough. 

गिनते हैं लोग गर्मी-ए-बाज़ार देख कर। 
सर्कार देख कर मेरी सरकार देख कर। 

People fall with this market heat. 
Please look well, look well and neat. 

मुझे तौबा का पूरा अज्र मिलता है उसी  सायत। 
कोई ज़ोहरा-जबीं जब पीने पर मजबूर करता है। 

  I get benefit of abstinence in a hard time to think. 
When a starry forehead, compels me to drink. 

ऐ दोस्त मोहब्बत के सदमे तन्हा ही उठाने पड़ते हैं। 
रहबर तो फ़क़त इस रस्ते में दो गाम सहारा देते हैं। 

The grief of love is born alone, no substitute. 
The guide helps only for a while on this route. 

शायद मुझे निकाल कर पछता रहे हैं आप। 
महफ़िल में इस ख़याल से फिर आ गया हूँ मैं। 

Probably you repent my eviction, want to unwind. 
I am back in the meeting with this thought in mind. 

दिल अभी पूरी तरह टूटा नहीं। 
दोस्तों की मेहरबानी चाहिए। 

Heart isn't yet broken totally. 
Needed is a little friends' mercy

 जिन से इंसाँ को पहुँचती है हमेशा तकलीफ़। 
उन का दावा है कि वो अस्ल ख़ुदा वाले हैं। 

Those who to humans always cause grief. 
They are real men of Lord, is their belief. 

  बढ़ के तूफ़ान को आग़ोश में ले ले अपनी। 
डूबने वाले तिरे हाथ से साहिल तो गया। 

Go forward to embrace the tempest even more. 
O drowning man ! You have anyway lost the shore. 

मैं मय-कदे की राह से होकर गुज़र गया। 
वर्ना सफ़र हयात का काफ़ी तवील था। 

I traversed through the tavern route. 
Or else, life's journey was vast, astute. 

बारिश शराब-ए-अर्श है ये सोच कर 'अदम'। 
बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी गया। 

That rain is shower of wine from heaven, to be frank. 
'Adam' reversed Urdu alphabets of rain and drank. 

 कहते हैं उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं। 
जा मैकदे से मेरी जवानी उठा के ला ।

It's said that never comes back the period of youth. 
Go and bring from the tavern, my set up of youth. 

तकलीफ़ मिट गई मगर अहसास रह गया। 
मैं ख़ुश हूँ कुछ न कुछ तो मिरे पास रह गया। 

 Feeling has remained, the troubles have gone. 
I am happy, something is left with me to moan. 

मुस्कुराहट है हुस्न का ज़ेवर। 
मुस्कुराना न भूल जाया करो ।

Ornament of beauty is smile. 
Don't forget even for a while. 

इक हसीं आँख के इशारे पर। 
कारवाँ राह भूल जाते हैं। 

 Guided by a mischievous beautiful eye. 
Caravans lose track without a sigh. 

साक़ी मुझे शराब की तोहमत नहीं पसंद। 
मुझको तिरी निगाह का इल्ज़ाम चाहिए। 

O wine girl ! I don't like wine's fake blame. 
On your eyes I would love to lay claim. 

इजाज़त हो तो मैं तसदीक़ कर लूँ तेरी ज़ुल्फ़ों से। 
सुना है ज़िन्दगी इक ख़ूबसूरत दाम है साक़ी। 

If you allow, mayI verify from your tress. 
It's heard, life is a beautiful net, a mess. 

वो मिले भी तो झिझक सी ही रही। 
काश थोड़ी सी हम पिए होते। 

We were hesitant even when we met. 
Why didn't I drink a little before the set. 

शायद मुझे निकाल कर पछता रहे हैं आप। 
महफ़िल में इस ख़याल से फिर आ गया हूँ मैं। 

Evicting me, you are repenting as an afterthought. 
I have returned to this meeting with this thought. 

दिल ख़ुश हुआ है मस्जिद - ए-वीराँ को देख कर। 
मेरी तरह ख़ुदा का भी ख़ाना ख़राब है। 

Looking at deserted mosque,  a thought just rode. 
Delapidated like mine is also God's abode. 

ज़रा इक तबस्सुम की तकलीफ़ करना। 
कि गुलज़ार में फूल मुरझा रहे हैं। 

Your little smile needs some tilting. 
Inside the garden, flowers are wilting. 

बस इक क़दम उठा था ग़लत राह-ए-शौक़ में। 
मंज़िल तमाम उम्र मुझे ढूँढती रही। 

Just one false step on the road of desire. 
Goal searched for me lifetime, entire. 

मैं बद-नसीब हूँ मुझको न दे ख़ुशी इतनी। 
कि मैं ख़ुशी को भी लेकल ख़राब कर दूँगा

I am Ill-fated, don't give me pleasure spell. 
I am sure, I 'll spoil the pleasure as well. 

साक़ी ज़रा निगाह मिला कर तो देखना। 
कमबख्त होश में तो नहीं आ गया हूँ मैं। 

O wine girl look at me in the eye. 
Did I turn conscious from so high ? 

 मरने वाले तो ख़ैर हैं बेबस। 
जीने वाले कमाल करते हैं। 

Those dying are in compulsive spell. 
Those alive, simply really excel. 

जिन को दौलत हक़ीर लगती है। 
उफ़ वो कितने अमीर होते हैं। 

Those who consider, wealth is nothing. 
Well, they are really rich, something! 

मय-कदा है यहाँ सुकून से बैठ। 
कोई आफ़त इधर नहीं आती। 

It's tavern, sit peacefully, don't be terse. 
From this route, calamity can't traverse. 

हद से बढ़ कर हसीन लगते हो। 
झूठी क़समें ज़रूर खाया करो ।

You look beautiful beyond every limit. 
Make false pledges for sure every bit. 

 कश्ती चला रहा है मगर किस अदा के साथ। 
हम भी न डूब जाएँ कहीं ना-ख़ुदा के साथ। 

With such a lovely style, he is rowing the boat. 
May be we also drown with one rowing the boat. 

बाज़ औक़ात किसी और के मिलने से 'अदम'। 
अपनी हस्ती से मुलाक़ात भी हो जाती है। 
O'Adam' ! At times when you meet someone. 
Get acquainted with yourself, the only one. 

पहले बड़ी रग़बत थी तिरे नाम से मुझको। अब सुन के तिरा नाम मैं कुछ सोच रहा हूँ। 

Earlier I was attracted a lot with your name. 
Now listening your name, it's a thinking game. 

ज़िन्दगी है इक किराए की ख़ुशी। 
सूखते तालाब का पानी हूँ मैं। 

Life is a pleasure on hire. 
I am pond water, drying entire. 

लोग कहते हैं कि तुम से ही मोहब्बत है मुझे। 
तुम जो कहते हो कि वहशत है तो वहशत होगी। 

People say that I am in love with you. 
If you say it's wildness, then it's true. 

सब को पहुँचा के उनकी मंज़िल पर। 
आप रस्ते में रह गया हूँ मैं। 

Making all reach the goal. 
I am still on way to goal. 

आँख का एतबार क्या करते ? 
जो भी देखा वो ख़्वाब में देखा। 

Who can believe the eyes, it seems. 
What ever I saw, was in dreams. 

बोले कोई हँस कर तो छिड़क देते हैं जाँ भी। 
लेकिन कोई रूठे तो मनाया नहीं जाता। 

If one speaks with a smile, this life is his in a while. 
With one angry, I am in a fix.
Don't know how to be out of fix.








KHWAJA MIR DARD...... COUPLETS

तर दामनी पे शैख़ हमारी न जाइयो।
दामन निचोड़ दें तो फ़रिश्ते वज़ू करें। 

O priest ! Don't take the trouble to question my wet hem.
If  I squeeze it, to wash hands will be angels, many of them.

सूरतें क्या क्या मिली हैं ख़ाक में। 
है दफ़ीना हुस्न का ज़ेर-ए-ज़मीं।

What lovely faces have gone to be under dust. 
What  treasure of beauty under dust is a must.

दर्द-ए-दिल के वास्ते पैदा किया इंसान को।
वर्ना ताअत के लिए कुछ कम न थे कर्र-ओ-बयाँ।

To bear pain of heart, human being was brought. 
For prayers alone there were angels, quite a lot.

ऐ आँसुओ ! न आवे कुछ दिल की बात लब पर।
लड़के हो तुम कहीं मत अफ़शा-ए-राज़ करना।

O tears ! Let not the state of heart be lipped.
You are kids, don't let the secrets be tipped.

हम तुम से किस हवस की फ़लक ! जुस्तजू करें ?
दिल ही नहीं रहा है जो कुछ आरज़ू करें। 

With what intent should I search for, O sky ?
Without heart, there is no desire  so high !

किनारे से किनारा कब मिला है बहर का यारो। 
पलक लगने की लज़्ज़त दीदा-ए-पुर-आब क्या जाने ?

Has one shore of river ever met the other shore ?
How can joy of sleep be felt by eyes wet to core ?

रोंदे है नक़्श-ए-पा की तरह ख़ल्क़ याँ मुझे ।ऐ उम्र-ए-रफ़्ता छोड़ गई तू कहाँ मुझे 

I am being crushed like footprint by people here. 
O age gone by, just watch, you left me where ? 


Tuesday, 25 January 2022

SOME COUPLETS.....110.......

गर्द उड़ी आशिक़ की तुर्बत से तो झुँझला कर कहा।
वाह ! सर चढ़ने लगी पाँवों की ठुकराई हुई।

When dust from lover's grave, reached height sighed a naive.
Then beloved cried in heat, why be there you crushed by feet ! 

जो देखते तिरी ज़ंजीर - ए-ज़ुल्फ़ का आलम। 
असीर होने की आज़ाद आरज़ू करते। 
............ हैदर अली आतिश

If beauty of chains of your tress was seen. 
Those released would long to have captives been. 

तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो। 
ये दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाज़त हो।........ जौन एलिया........ 

Let me celebrate partition if you so allow. 
Let this heart have some fun if you so allow. 

तुम मोहब्बत को खेल कहते हो। 
हम ने बरबाद ज़िन्दगी कर ली। 
............... बशीर बद्र........... 

You label love as a game. 
I spoilt my life and name. 

यहाँ किसी को भी कुछ हस्ब-ए-आरज़ू न मिला। 
किसी को हम न मिले और हम को तू न मिला।......... ज़फ़र इक़बाल........... 

None could get as per desire, as you can clearly see. 
I wasn't possessed by her, you weren't possessed by me

बहुत अजीब है ये क़ुर्बतों की दूरी भी। 
वो मेरे पास रहा और मुझे कभी न मिला। 
.......... बशीर बद्र......... 

The distance of nearness is very strange. 
He was with me but always out of range. 

इक रात दिलजलों को ये ऐश-ए-विसाल दे। 
फिर चाहे आसमान जहन्नुम में डाल दे। 
........... जलाल लखनवी.......... 

For a night let heartburnts have pleasure of meet. 
Then sky may drop them in hell's darkest street. 

कुछ कह के उसने फिर मुझे दीवाना कर दिया। 
इतनी सी बात थी जिसे अफ़साना कर दिया।....... वहीद इलाहाबादी........ 

She said something and I, a lunatic became. 
It was a little thing but story gained fame. 

कोई ज़मीन है न कोई आसमान है। 
हर शख़्स अपनी ज़ात में इक दास्तान है। 
........ करामत अली करामत......... 

If someone is earth, the other is sky. 
Each person is himself a tale so high. 

मुस्कुराते हुए मिलता हूँ किसी से जो 'ज़फ़र'। 
साफ़ पहचान लिया जाता हूँ रोया हूँ मैं। 
............ ज़फ़र इक़बाल........... 

When ever I smile and meet someone. 
It's clear to him, I have wept, no fun. 

मेरी उम्मीद का सूरज कि तेरी आस का चाँद। 
दिए तमाम। हीरुख़ पर हवा के रक्खे थे। 
......... ज़फ़र मुरादाबादी.......... 

 Whether a sun of my hope or moon of your desire. 
All lamps were in the line of wind for fire. 

तू कहानी ई के पर्दे में भली लगती है। 
ज़िन्दगी तेरी हक़ीक़त नहीं देखी जाती। 
........... अख़्तर सईद ख़ान........... 

You look good only on the screen of a tale. 
It's hard to look at reality of life, I fail. 

मेरी आँखों में उतरने वाले।
 डूब जाना तिरी आदत तो नहीं। 
......... परवीन फ़ना सैयाद............ 

You, who dived deep within my eyes. 
Is it your habit of sinking with sighs. 

हम ने काँटों को भी नर्मी से छुआ है अक्सर। 
लोग बेदर्द हैं फूलों को मसल देते हैं। 
.......... बिस्मिल सईदी............ 

Often even for thorns, I had a gentle touch. 
People are cruel, crushing flowers as such. 

ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहीं। 
तूने मुझको खो दिया मैंने तुझे खोया नहीं।........ मुनीर नियाज़ी......... 

Your imprints weren't washed with rain of grief. 
You have lost me but I still retain your belief. 

अश'आर मेरे यूँ तो ज़माने के लिए हैं। 
कुछ शे'र फ़क़त उनको सुनाने के लिए हैं।
............ कैफ़ी आज़मी........ 

In general, my couplets are for world as a whole. 
Some couplets for her ears have specific role. 

ऐ अश्क न कर ज़ुल्म ज़रा देर ठहर जा। इक शख़्स अभी मेरी निगाहों में बसा है। 
........ एहतमाम सादिक़......... 

O tear ! Don't be cuel, just wait for a while. 
One person occupies my eyes with style. 

तकलीफ़ मिट गई मगर अहसास रह गया। 
ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मेरे पास रह गया।...... अब्दुल हमीद अदम......... 

Some feeling remains though grief is gone. 
I am happy that something is there to moan. 

कभी तो दैर-ओ-हरम से तू आएगा वापस। 
मैं मय-कदे में तिरा इंतिज़ार कर लूँगा। 
........ अब्दुल हमीद अदम......... 

From temple'n mosque, one day you will be back. 
I shall wait for you in  the tavern, keep track. 

आँखों से पिलाते रहो साग़र में न डालो। 
अब हम से कोई जाम उठाया नहीं जाता। 
.......... अब्दुल हमीद अदम.......... 

Serve with your eyes, in glass don't pour. 
I can not lift any glass any more. 

वो दिल ले के ख़ुश हैं मुझे ये ख़ुशी है। 
कि पास उन के रहता हूँ मैं दूर रह कर। 
.......... जलील मानकपुरी......... 

He has had my heart, it gives me pleasure. 
From a distance I have her company's treasure. 

अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूँ। 
अब मैं अक्सर मैं नहीं होता तुम हो जाता हूँ।.......... अनवर शऊर............. 

For nothing, while sitting, I lose every clue. 
Quite often I am not I, but become you. 

आने में उस के हाल हुआ जाए है तग़ईर। 
क्या हाल होगा पास से जब यार जाएगा? 
............... मीर तक़ी मीर............ 

On her arrival such is the state of my mind. 
When my love departs, 'll I face chaos of a kind ? 

क्यों तूने आख़िर आख़िर उस वक़्त मुँह दिखाया। 
दी जान ' मीर'ने जो हसरत से इक निगह कर। 

Why at such last time did you show your face ? 
' Mir' saw you with a wish, then parted with grace. 

पहुँचा न उस  की दाद को मजलिस में कोई रात। 
मारा बहुत पतंग ने सर शम'अदान पर। 
.......... मीर तक़ी मीर..... 

None on any night, praised it's efforts ahead. 
Fire moth on the lantern, also banged it's head. 

गुल की जफ़ा भी देखी, देखी वफ़ा-ए-बुलबुल। 
इक मुश्त पर पड़े हैं गुलशन में जा-ए- बुलबुल।......... मीर तक़ी मीर.......... 

Watched infidel flower and faithful nightingale. 
Scattered in the garden are wings of nightingale. 

नहीं दैर अगर  'मीर' काबा तो है। 
हमारा क्या कोई ख़ुदा ही नहीं ? 
.......... मीर तक़ी मीर.......... 

'Mir' if no temple, there's Kaaba instead. 
Have I no God, before whom bang head ? 

इक निगह कर के उसने मोल लिया। 
बिक गए आह हम भी क्या सस्ते ! 
............ मीर तक़ी मीर........... 

She purchased me with  just one glance. 
Alas ! I was sold  against a
 little finance. 

बगूले किस तरह उठते हैं उठ कर फैल जाते हैं। 
ये कह कह कर उड़ाई ख़ाक उसने मेरी तुर्बत की।........... नूह नारवी......... 

Said"dust storms thus rise and spread on their way. "
With wind, the dust of my grave, she let go astray. 

ये सब नाआश्ना-ए-लज़्ज़त - ए-परवाज़ हैं शायद। 
असीरों में अभी तक शिकवा-ए-सैयाद रहता है।........ असग़र गौंडवी......... 

They are probably unaware of the pleasure to fly. 
Captives still lament on the captor, but why ? 

कल बहुत नाज़ाँ उरूज़-ए-बख़्त पर सैयाद था। 
बात इतनी थी कि मैं था क़ैद वो आज़ाद था।......... साक़िब लखनवी......... 

Yesterday my captor was very proud of his fate. 
Only he was free and I was in prison O mate. 

मैं तो था मजबूर रहने पर कि था पाबंद-ए-इश्क़। 
कोई पूछे बाग़ में क्या काम था सैयाद का ?......... साक़िब लखनवी............ 

I was in love with garden, so I had to stay. 
What was captor doing in garden, let him say. 

 यहाँ कोताही-ए-ज़ौक़-ए-अलम है ख़ुद गिरफ़्तारी। 
जहाँ बाज़ू सिमटते हैं वहाँ सैयाद होता है।........ असग़र गौंडवी.......... 

When desire to work recedes, you do not resent. 
When arms are by side, for the captor is a present. 

मेरे सैयाद की तालीम की है धूम गुलशन में। 
यहाँ जो आज फँसता है वो कल सैयाद होता है।..... अकबर इलाहाबादी....... 

The training of my captor is famous so to say. 
Who is captured today, becomes captor in a day. 

ये क्या मज़ाक़ फ़रिश्तों को आज सूझा है। 
ख़ुदा के सामने ले आए हैं पिला के मुझे। 
......... रियाज़ ख़ैराबादी.......... 

  What a joke do the angels have in their mind  ? 
Before God, I am presented as  drunk of a kind. 

  जिन को पीने का तरीका न सलीक़ा मालूम। 
जा के कौसर में यकायक वो पिएँगे कैसे? 

Those who learnt here no method or manner to drink. 
How at heavenly wine stream will they suddenly drink ? 

यहाँ फ़साना-ए-दैर-ओ-हरम नहीं 'असग़र'। 
ये मय-कदा है यहाँ बे-ख़ुदी का आलम है।........ असग़र गौंडवी........... 

In temple and mosque, O 'Asghar' there is rift. 
It's tavern and every one here is adrift. 

सदसाला दौर-ए-चर्ख़ था साग़र का एक दौर। 
निकले जो मय-कदे से तो दुनिया बदल गई। 

Equal to a century of skies, was one drink round. 
When I left the tavern, a new world was found. 

पीता नहीं शराब कभी बेवज़ू किए ।
क़ालिब में मेरे रूह किसी पारसा की है ।
........ आबरू........ 

I don't start drinking without ablution before. 
The soul in my body is angelic and pure. 

दिन में चर्चे ख़ुल्द के शब में मय-ए-कौसर के ख़्वाब। 
हम हरम में आ रहे मय-ख़ाना वीराँ देख कर।....... रियाज़ ख़ैराबादी......... 

Talk of heaven in day at wine stream in night dream. 
Seeing  tavern deserted, I went to mosque on scheme. 

नाज़ुक मामला है बहुत ख़ू-ए-दोस्त का। 
देख उसको और अपनी नज़र से बचा के देख।...... माहिरुलक़ादरी.............. 

The habit of my friend is a matter so delicate.
Spare yourself from view, then let your eyes sate. 

तेरी रफ़्तार से एक बेख़बरी निकले है। 
मस्त-ओ-मदहोश कोई जैसे परी निकले है।.............मसहफ़ी............... 

An unawareness spreads from your speed. 
Carefree, intoxicated as a fairy of the creed. 

नर्मी-ओ-आहिस्तगी से पाँव रखने की अदा। 
सीख लें शबनम के क़तरे आप की रफ़्तार से।............ जोश मलीहाबादी............

Placing gently and slowly, your feet with a style. 
Let dew drops learn from you all the while. 

 ख़ुदा जाने करेगा चाक किस किस के गरेबाँ को।
अदा से उन का चलने में वो दामन उठा लेना।........... जुरअत............… 

God knows, in tatters will be whose dress. 
Her moving in style, with a  hem-up - dress ! 

अच्छे हुए ज़माने के बीमार सैकड़ों। 
दिल वो मरीज़ है जो अभी ज़ेर-ए-ग़ौर है। 
............. आसी उल्दनी............ 

Hundreds of diseased are now fit and smart. 
Patient under observation, is still the heart. 

ज़िक्र उनके लब का था फूल पर नज़र गई। 
पंखुड़ी गुलाब की रश्क से बिखर गई ।

We were talking about  her lips, O those ! 
With envy, withered the petals of rose. 

ज़ाहिद को डेढ़ ईंट की मस्जिद पे ये ग़ुरूर। 
वो भी ख़ुदा के फ़ज़्ल से घर का मकाँ नहीं। 

Why about this little mosque is the priest so proud ?
For God's sake it's not his own, I can say it loud. 

 बस इतना फ़र्क़ है इंसान में और उसकी तुर्बत में ।
वो है इक ढेर मिट्टी का ये है तस्वीर मिट्टी की ।............. मंजूर............. 

In man 'n his grave, one difference comes to a boil.
That is a heap of soil, this is a sketch of soil. 

लुत्फ़ - ए-मय तुझ से क्या कहूँ ज़ाहिद? 
हाय कम्बख़्त तूने पी ही नहीं।.... दाग़.. 

How to tell you the pleasure of drink O priest ? 
O I'll fated ! You could have it at least. 

 क़दम रखना संभल कर महफ़िल - ए-रिंदाँ में ऐ वाइज़। 
यहाँ पगड़ी उछलतीहै, इसे मय-ख़ाना कहते हैं। 

It's group of drunks, O priest step with care, dear. 
It is a wine house and turbans are tossed over here. 

बोतल खुली जो हज़रत-ए-वाइज़ के सामने। 
मारे ख़ुशी के काग भी दो ग़ज़ उछल गई 

When a bottle was opened in front of protest. 
With pleasure, cork jumped yards, at least. 

शिद्दत-ए-तिश्नगी में भी ग़ैरत-ए-मैकशी रही। 
उसनेनज़र जो फेर ली मैंने भी जाम रख दिया।........ अहमद फ़राज़.......... Even when thirst was in pink, I maintained decorum of drink. 
When she turned her eyes off my face, I set aside the cup of drink. 

कब लौटा है बहता पानी, बिछड़ा साजन, रूठा दोस्त। 
हमने उसको अपना जाना, जब तक हाथ में दामन था।..... इब्न-ए-इंशा........ 

As long asI held her hem, she was mine I had so known. 
They don't turn, water that flowed, a lover or friend bygone

जो बाल आ जाए शीशे में तोशीशा तोड़ देते हैं। 
जिसे छोड़ें उसे हम उम्र भर को छोड़ देते हैं।........ जावेद अख़्तर......... 

When there's a crack in the mirror, I simply drop. 
When I leave, it's for life and then full stop. 

तिरे अब्रू-ए-पैबस्ता का आलम में फ़साना है। 
किसी उस्ताद शायर का ये बैत-ए-आशिक़ाना है।.... आतिश...... 

In this universe, your eyebrows are simply telling a unique tale. 
Said by a master ghazal poet, it's a couplet set to trail. 

हम जिस के हो गए वो हमारा न हो सका ।यूँ भी हुआ हिसाब बराबर कभी-कभी। 
........ आल-ए-अहमद  सुरूर........ 

I was his but he could not be mine. 
At times we were equal this way, fine. 

प्यारो रहो न दश्त में बारिश के मुंतज़िर। 
मारो ज़मीं पे पाँव कि पानी निकल पड़े। 
........... इक़बाल साजिद........... 

Wait not for rain in desert, O thirsty dear ! 
Hit this ground hard for water to appear. 

दिल से रुख़सत हुई कोई उम्मीद। 
गिरिया यूँ बे-सबब नहीं होता। 
......... मीर तक़ी मीर......... 

Some desire has parted from heart. 
A cry always needs some start. 

ऐ दिल तमाम नफ़ा है सौदा-ए-इश्क़ में। 
इक जान का ज़ियाँ है सो ऐसा ज़ियाँ नहीं। 

In the trade of love, it's all gain O heart ! 
Only life is at risk, with which we can part. 

अपनेमन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़िन्दगी।
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन।........... इक़बाल........... 

Delve deep within yourself 'n find secrets of life unknown. 
Well, you may not be mine, but at least be your own. 

ज़िन्दगी की हक़ीक़त आह न पूछ। 
मौत की वादियों में इक आवाज़। 
.......... साग़र निज़ामी ............ 

Don't ask me the truth of life in a breath. 
It is a sound in the valleys of death. 

आसान नहीं इस दुनिया में ख़्वाबों के सहारे जी लेना। 
संगीन हक़ीक़त है दुनिया ये कोई सुनहरा ख़्वाब नहीं। 

It's not easy in this world to live by dreams alone. 
Love is not a golden dream, but a reality in stone. 

उसी लम्हे को शायर यास की तक्मील कहते हैं। 
मोहब्बत जब मिजाज़-ए-आशिक़ पर बार हो जाए। 

Poets label that moment as the peak of despair. 
When love burdens mood of lover without care. 

बर्बाद न कर ज़ालिम ठोकर से मज़ारों को। 
ये शहर-ए-ख़मोशाँ है मर मर के बसाया है। 

Do not hit the graves with boots, it is said. 
This silent city is inhabited by the dead. 

दूर है मंज़िल कामतलब कुछ नहीं। 
बस इरादों की कमी का नाम है। 

There is nothing like "goal is far". 
Determination isn't at par. 

 ये ज़िन्दगी औ' मौत का इतना है फ़लसफ़ा। 
इक साँस आई आस बँधी रुक गई कि बस ।

This is the philosophy of life and death. 
Breath brings hope, none without breath. 

मेरा प्याला मुझे ख़ाली ही थमा कर बोले ।ज़िन्दगी प्यास है फिर पीना पिलाना कैसा? 

Giving back my empty cup said"think". 
When life is thirst, then why drink ? 

आख़िर दुआ करें भी तो किस मुद्दआ के साथ। 
कैसे ज़मीं की बात करें आसमाँ से हम ? 

Which issue in prayer can be raised so high ? 
How to talk about matters of earth with sky ? 

न ख़िज़ाँ में है कोई तीरगी न बहार में कोई ताज़गी। 
ये नज़र नज़र के चिराग़ हैं कहीं जल गए कहीं बुझ गए। 

Autumn isn't all that dry, there's nothing fresh in spring.
 These are lamps of vision, put on or off for a thing. 

साक़ी-औ'-वाइज़ में ज़िद है बादाकश चक्कर में है। 
तौबा लब पर और लब डूबा हुआ साग़र में है। 

There's tussle in priest and barmaid, the drunkard is in fix
Penitence is on lips and lips are dipped in a drink mix. 

फ़क़ीर-ए-शहर के तन पर लिबास बाक़ी है। 
अमीर-ए-शहर के अरमाँ अभी कहाँ निकले ?......... साहिर......... 

Some clothes on city poor still exist. 
Unfulfilled desires of the rich persist. 

उड़ गए मेरी उम्मीदों की तरह हर्फ़ मगर ।
आज तक तेरे ख़तों से तिरी ख़ुशबू न गई 

 It's words and my hopes have faded with time. 
But your letters retain your smell of the prime. 

 दोस्तों को भी मिले दर्द की दौलत यारब
मेरा अपना ही भला हो मुझे मंज़ूर नहीं। 

My friends should also get wealth of pain. 
O God ! Why this bounty should I retain ? 

तर्क-ए-तआल्लुकात पे रोया न तू न मैं। 
लेकिन ये क्या कि चैन से सोया न तू न मैं।....... ख़ालिद अंसारी........... 

Renouncing our relationship, neither you cried nor I. 
But how is it that peacefully, neither you slept nor I. 

 जिस पर हमारी आँखों ने मोती पिरोए रात भर। 
भेजावही काग़ज़ उन्हें हमने लिखा कुछ भी नहीं।..... बशीर बद्र...... 

The paper on which my eyes arranged pearls all through the night. 
Sent it simply blank to her, on it I just did not write. 

तेरी जुस्तजू की धुन में मैं पहुँच गया वहाँ तक। 
जहाँ दूसरा अभी तक कोई नक़्श-ए- पा नहीं है। 

On your pursuit, I have reached that place. 
Where no foot had ever left it's trace. 

तू बचाए लाख दामन मेरा फिर भी है ये दावा। 
तेरे दिल में मैं ही मैं हूँ कोई दूसरा नहीं है। 

 You may try to evade, but I still hold the claim. 
In your heart, it's only mine and O other face. 

बनाने वाले शायद तेरा कोई ख़ास मक़सद था। 
मिरी फूटी हुई तक़दीर से, टूटे हुए दिल से।......... हफ़ीज़ जालंधरी....... 

Well perhaps there was something in your mind. 
Crafting my broken heart, shattered fate of the kind. 

किसने देख हैं तिरी रूह के रिसते हुए ज़ख़्म। 
कौन उतरा हैतिरे क़ल्ब की गहराई में। 
........ रईस अमरोहवी... .... .... 

 Who has seen all the seeping wounds of your soul ? 
Who has descended depth of your heart as a whole ? 

जोश-ए-सरमस्ती में वो मौज-ए-सबा की छेड़छाड़। 
वो तेरे आरिज़ पे एक हल्के तबस्सुम की शिकन।...... मुइन अहसन जज़्बी....... 

In a flow of frenzy, tickled by wave of breeze. 
On your cheeks has appeared a smiling crease. 

है तकल्लुफ़ नक़ाब वे रुख़सार। 
क्या छुपें आफ़ताब हैं दोनों।.... मीर..... 

Those cheeks, veil can not conceal. 
It's formal, suns are bound to reveal. 

आरिज़-ए-गुलगूँ पे उन के रंग सा एक आ गया। 
उन गुलों को छेड़ कर मैंने गुलिस्ताँ कर दिया।.... असग़र गौंडवी......... 

On those flowery cheeks appeared a colour shade. 
I teased those flowers and a garden was made. 

 न जिया तेरी चश्म का मारा। 
न तेरी ज़ुल्फ़ का बँधा छूटा।.... सौदा..... 

Neither could one struck by your eyes survive. 
Nor could one bound by your tress freely revive. 

ज़ाहिद ने मेरा हासिल-ए-ईमाँ नहीं देखा। 
रुख़ पर तेरे ज़ुल्फ़ों को परीशाँ नहीं देखा। 
......... असग़र गौंडवी.......... 

My summary of religion, the priest hasn't seen. 
Troubled tress on your cheeks, he hasn't seen. 

बिखेर दे जो वो ज़ुल्फ़ों को अपने मुखड़े पर। 
तो मारे शर्म के आई हुई घटा फिर जाए। 
........... मुसहफ़ी............. 

If she spreads those tresses on her face. 
Out of shame, rain clouds have to retrace. 

बिखर रहे हैं अभी से हयात के अजज़ा। 
अभी तो दोश पे वो काकुल-ए-दराज़ नहीं।.. अली अख़्तर अख़्तर अलीगढ़ी... 

 Scattered are elements of life right now. 
On shoulders no tress is there any how. 

मैं सोचता हूँ ज़माने का हाल क्या होगा ? 
अगर वो उलझी हुई ज़ुल्फ़ तूने सुलझाई। 
......... अहमद राही............. 

What 'll happen to world, how 'll  I express ? 
If you could ease out that entangled tress. 

एक न एक ज़ुल्मत से जब वाबस्ता रहना है तो ' जोश'। 
ज़िन्दगी पर साया-ए-ज़ुल्फ़-ए-परीशाँ क्यों न हो ?...... जोश मलीहाबादी......... 

O  'Josh' with some darkness, if you have to be in touch. 
Why not shade of her scattered tress be there as such ? 

मोअत्तर है उसी कूचे की सूरत अपना सहरा भी। 
कहाँ खोले हैं गेसू यार ने ख़ुशबू कहाँ तक है ?...... शफ़क़ अमादपुरी......... 

My desert is fragrant just like her lane. 
Where are spread her hair 'n fragrant strain ? 

नसीम-ए-सुब्ह बू-ए-गुल से क्या इतराती फिरती है। 
ज़रा सूँघे शमीम-ए-ज़ुल्फ़ ख़ुशबू इसको कहते हैं।..... अकबर इलाहाबादी...... 

Loaded with flower smell the breeze, doesn't find herself at ease. 
Let her smell that fragrant tress and then fragrance express ! 

चोरी कहीं खुले न नसीम-ए-बहार की। 
ख़ुशबू उड़ा के लाई है गेसू-ए-यार की।
...... आग़ा हश्र कश्मीरी........ 

Let not be out in open theft by spring breeze. 
The fragrance of my lover's tress is on lease. 

अभी शबाब है कर लूँ ख़ताएँ जी भर के। 
फिर इस मोक़ाम पे उम्र-ए-रवाँ मिले न मिले।.... आनंद नारायण मुल्ला...... 

It is time of youth, let me just
 commit sins galore. 
At this stage, I may not get age going any more. 

ख़याल और किसी का अगर नहीं न सही।
तुझे तो चैन से तेरा शबाब रहने दे। 
.....  ... उमीद उमैठवी.......... 

If you do not care for anyone else, well let it be so. 
At least your youth, should on you, some peace bestow. 

मुँह फेर कर यूँ गई जवानी। 
याद आ गया रूठना किसी का। 
........ जलाल मानिकपुरी ........ 

Youth left me simply turning her face. 
It reminded how lover switched the grace. 

अहद-ए-जवानी रो रो काटा पीरी में ली आँखें मूँद। 
यानी रात बहुत रोए थे सुब्ह हुई आराम किया।.... मीर तक़ी मीर........ 

Time of youth was spent crying, closed my eyes in old age. 
I had wept all through night then took rest in morning cage. 

 शबाब मिट चुका याद-ए-शबाब बाक़ी है। है बू शराब की साग़र में अब शराब नहीं। 
........... अख़्तर शीरानी............ 

The youth is gone, only memory is retained. 
There's no wine in jug, only smell remained. 

कर अहद-ए-गुज़श्ता को शरीक-ए-ग़म-ए-इमरोज़। 
ख़ाकिस्तर-ए-माज़ी से कुछ उठता है धुँआ भी।.....  फ़िराक़ गोरखपुरी......... 

Mingle grief of today with the past to choke. 
From  ashes of past, comes out some smoke. 



























PUNDIT CHAKBAST.....26......... COUPLETS

जिस गोशा-ए-दुनिया में परस्तिश हो वफ़ा की।
काबा है वही और वही बुतख़ाना है मेरा। 

That part of world, who for being faithful pray. 
Is my Kaaba as well as my temple, so to say. 

जुनून-ए-हुब्ब-ए-वतन का मज़ा शबाब में है।
लहू में फिर ये रवानी रहे रहे न रहे। 

Craze for love of land, is in youth, a pleasure.
How long stays this flow in blood, a treasure .

 मिटने वालों को वफ़ा का ये सबक़ याद रहे।
बेड़ियाँ पैर में हों और दिल आज़ाद रहे। 

Let perishers for faith learn this lesson beyond reason. 
With chains in feet, heart should be out  of prison

चिराग़ क़ौम का रौशन है अर्श पर दिल के। 
इसे हवा के फ़रिश्ते बुझा नहीं सकते। 

The lamp of nation is alit in sky of heart.
 No storm angel can put it off even in part.

अहल-ए-हिम्मत मंज़िल-ए-मक़सूद तक आ ही गए।
बंदा-ए-तक़दीर क़िस्मत का गिला करते रहे।

While men of courage reached the desired goal. 
Those who followed fate, blamed it as a whole.

राहत से भी अज़ीज़ है राहत की आरज़ू। 
दिल ढूँढता है सिलसिला-ए-इंतिज़ार को।

Dearer than  happiness is to have it's desire.
It is perstent wait that heart wants to acquire.

कुछ दाग़ गुनाहों के हैं कुछ अश्क-ए-नदामत।
इबरत का मुरक़्क़ा है मेरे दामन-ए-तर में।

There are some stains of sin and of tears to repent.
My wet hem is a picture, a lesson with intent.

यह ग़लत है कि हमें तर्ज़-ए-फ़ुग़ाँ याद नहीं।
अब ये आलम है कि गुंजाइश-ए-फ़रियाद नहीं।

It is wrong that I forgot the style to weep. 
The state is, I don't want to pray for upkeep.

ज़िन्दगी क्या है अनासिर का निज़ाम-ए-तरतीब।
मौत क्या है इन्हीं अजज़ा का परेशाँ होना। 

Life is when constituent elements organise. 
When these disorganize, it is called demise. 

दुनिया से ले चला है जो तू हसरतों का बोझ। 
काफ़ी नहीं है सर पे गुनाहों का बार क्या

From world, why carry the load of desire ?
Isn't load of sins enough for you to tire ?

नया बिस्मिल हूँ मैं वाक़िफ़ ननहीं रस्म-ए-शहादत से।
बता दे तू ही ऐ ज़ालिम तड़पने की अदा क्या है ?

I am a new half-dead, am not  aware how to die ?
O tyrant! Why don't you tell me the style to cry ?

मुफ़लिसी मेरी मोहब्बत की कसौटी बन  गई। 
हिम्मत - ए-अहबाब के जौहर नुमाया हो गए।

Poverty became a touchstone of my love. 
It showed courage of friends over and above.

मेरे मज़हब में है वाइज़ तर्क - ए-मय-नोशी हराम।
छोड़ कर पीता हूँ फिर तौबा इसी का नाम है। 

O priest in my religion, leaving wine is a sin.
I leave to restart, to abstain is not dipping chin.

चमकता है शहीदों का लहू क़ुदरत के पर्दे में। 
शफ़क़ का हुस्न क्या है फूल की रंगीं क़बा क्या है ?

 Martyr's blood  in it's gale, glistens through nature's veil.
It's the twilight glow, coloured dress of a flower to show.

उलझ पड़ूँ किसी दामन से मैं वो ख़ार नहीं। 
वो फूल हूँ जो किसी के गले का हार नहीं। 
 Getting stuck with any hem, I am not such thorn. 
I am a flower unworthy of a garland since morn'.

 संतरी देख के इस जोश को शरमाएँगे।
गीत ज़ंजीर की झंकार पे हम गाएँगे। 

Guards'll be shy of our courage for long. 
On tinkling of chains we will sing song. 

क्या कहूँ कौन हवा सर में भरी रहती है। 
बे पिए आठ पहर बेख़बरी रहती है। 

What to say, which air is filling this head. 
Undrunk, all the time I am lost instead. 

अपने ही दिल का पियाला पिए मदहोश हूँ मैं। 
झूठी पीता नहीं मग़रिब की वो मयनोश हूँ मैं ।

Drawing from cup of my own heart, I am drunk. 
Used wine of west  isn't   choice of this drunk. 

आबरू क्या है, तमन्ना-ए-वफ़ा में मरना। 
दीन क्या है, किसी कामिल की परस्तिश करना। 

Regard is dying in desire to be a faithful man. 
Religion is to be of service to a learned man. 

दर-ए-तदबीर पर सर फोड़ना शेवा रहा अपना। 
वसीले हाथ ही आए न क़िस्मत आज़माई के। 

To bang head on the steps of effort is my style. 
I tested no fortune any time, even for a while. 

जब कोई ज़ुल्म नया करते हैं, फ़रमाते हैं 
"अगले वक्तों के हमें तर्ज़-ए-सितम याद नहीं"। 

With every new torture, this is what she has to say. 
"I neither recall earlier torture nor any earlier way. "

 मुफ़लिसी मेरी मोहब्बत की कसौटी बन गई। 
हिम्मत-ए-अहबाब के जौहर नुमायाँ हो गए। 

Touchstone  of love was my being poor. 
Courage of friends was  silent approver. 

शिरकत-ए-ग़म की अज़ीज़ों से तमन्ना क्या हो ? 
इम्तिहाँ इन की वफ़ा का मुझे मंज़ूर नहीं। 

Why desire for friends to share my pain ? 
I do not like to test their faith in vain. 

अब की तो शाम-ए-ग़म की सियाही कुछ और है। 
मंज़ूर है तुझे मेरे परवरदिगार क्या ? 

Different is darkness of grief this eve, it's accord. 
What's acceptable to you is what 'll happen O Lord ! 

मेरे अहबाब पेश आते हैं मुझ से बेवफ़ाई से। 
वफ़ादारी में शायद कर रहे हैं इम्तिहाँ मेरा। 

With faithlessness my relatives face. 
Probably testing my faith, in case. 

ज़िन्दगी नाम था जिसका उसे खो बैठे हम। 
अब उम्मीदों की फ़क़त जलवागरी बाक़ी है। 

We have lost what used to be life by name. 
Exhibition of desires still remains in game. 





PUNDIT CHAKBAST.. GHAZAL.. DIL VO DIL HAI JO SADAA ZABT SE NAASHAAD RAHE...

दिल वो दिल है जो सदा ज़ब्त से नाशाद रहे।
लब वो लब है जो न शर्मिंदा-ए-फ़रियाद रहे।

Heart is heart who can bear and be sad to say.
Lips are lips which are not ashamed to pray. 

 ख़ुशनवाई का सबक़ मैंने क़फ़स में सीखा।
क्या कहूँ और सलामत मेरा सैयाद रहे। 

I learnt lesson of a pleasant tongue in cage.
May my captor survive, what else can I say. 

मुझ को मिल जाए चहकने के लिए शाख़ मेरी। 
कौन कहता है कि गुलशन में न सैयाद रहे। 

That I can possess my branch to sing. 
Who says that in garden, captor can't stay ?

जज़्बा-ए-क़ौम से ख़ाली न हो सौदा-ए-शबाब।
वो जवानी है जो इस शौक़ में बरबाद रहे। 
Let youth be intoxicated with love for man. 
Let this craze in youth survive, come what may. 

PUNDIT CHAKBAST.. GHAZAL.. AGAR DARDE MOHABBAT SE NA INSAAN AASHNAA HOTAA

अगर दर्द-ए-मुहब्बत से न इंसाँ आश्ना होता।
न मरने का सितम होता न जीने का मज़ा होता। 

If with pain of love, man wasn't aware. 
Neither grief of death nor joy of life was there. 

  हज़ारों जान देते हैं बुतों की बे-वफ़ाई पर।
अगर इनमें से कोई बा-वफ़ा होता तो क्या होता ?

Thousands die for infidel lovely dames. 
If one was faithful, would the future spare ?

हविस जीने की है यूँ उम्र के बेकार कटने पर। 
जो हमसे आदमी का हक़ अदा होता तो क्या होता ?

Why crave for a life just going waste  ?
If we added meaning to life, what 'd be there ? 

ये माना बे-हिजाबाना निगाहें क़हर करती हैं। 
मगर हुस्न-ए-हया परवर का आलम दूसरा होता। 

 Though shameless eyes are killers indeed. 
But a shameful beauty was a lovely affair. 

 ज़बाँ के ज़ोर पर हंगामा-आराई से क्या हासिल ? 
वतन में एक दिल होता मगर दर्द आश्ना होता। 

What good is creating havoc by use of tongue ? 
One heart in nation, but would for pain care. 

PUNDIT CHAKBAST.. GHAZAL.. BAAGHBAAN NE YE ANOKHAA SITAM IIJAAD KIYAA.......

बाग़बा़ँ ने ये अनोखा सितम ईजाद किया। आशियाँ फूँक के पानी को बहुत याद किया।

Gardener devised torture system so strange. 
Set garden on fire, wanted water within range.

दर-ए-ज़िंदाँ पे लिखा है किसी दीवाने ने।
"वही आज़ाद है जिसने इसे आबाद किया"।

A fanatic wrote on the prison gate. 
"Resident here gets freedom in exchange. "

जिस पर अहबाब बहुत रोए फ़क़त इतना था। 
घर को वीरान किया क़ब्र को आबाद किया। 

For whom relatives cried so much, was this. 
Deserted house, inhabited the grave range.

इस को ना-क़द्री-ए-आलम का सिला कहते हैं।
मर चुके हम तो ज़माने ने बहुत याद किया। 

After death the world regarded me a lot. 
It's disrespect of talent by world for a change. 

Monday, 24 January 2022

SOME COUPLETS.. SOME POETS....25.......

ख़फ़ा हैं फिर भी आकर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में।
हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है।.......... अख़्तर शीरानी.......

She is angry but teases me still in dreams. 
On my state her kindness remains, it seems.

कोई तोहमत हो मिरे नाम चली आती है। 
जैसे बाज़ार में हर एक गली आती है। 
........... अंजुम ख़याली ............ 

Whatever be the blame, it seeks my name. 
As into market main, reaches every single lane. 

कमाल-ए-इश्क़ तो देखो वो आ गए लेकिन।
वही है शौक़ वही इंतिज़ार बाक़ी है। 
........ जलील मानिकपुरी ........

It's a feat of love that even after she came. 
I was waiting still, desires were same. 

उलझते रहने में कुछ भी नहीं थकन के सिवा। 
बहुत हक़ीर हैं हम तुम बड़ी है ये दुनिया। 
........... महबूब ख़िज़ाँ........

Entangling with it will exhaust our sheen.
So vast is the world, we are so mean. 

इश्क़ मुझको नहीं वहशत ही सही।
मेरी वहशत तिरी शोहरत ही सही। 

Not love but barbaric in name.
Let my wildness be your fame. 

रूठे लोगों को मनाने में मज़ा आता है। 
जान कर आप को नाराज़ किया है मैंने। 
............ फ़बाद अहमद.......... 

 It's a pleasure to make the angry at ease.
I knew  but to you I wanted to tease.

इश्क़ भी है किस क़दर बर-ख़ुद-ग़लत।
उन की बज़्म - ए-नाज़ और ख़ुद्दारियाँ।

How wrong is love within itself. 
Her gathering and a thought of self.

कितने नादाँ हैं तुझे भूलने वाले कि तुझे। 
याद करने के लिए उम्र पड़ी हो जैसे। 
............... अहमद फ़राज़...........

How innocent are those who want to forget you. 
They think a lifetime is enough to get you 

अब उन दरीचों पे गहरे दबीज़ पर्दे हैं।
वो ताँक झाँक का मासू़म सिलसिला भी गया।......... परवीन शाकिर.............

 Now there are thick, deep coloured curtains on windows. 
Gone are occasional innocent sequence of face shows.

तमन्ना जो न रखता हो झुकाए वो नज़र किस से। 
उसे शादी-ओ-ग़म किस से उसे सूद-ओ-ज़रर किस से।..... तस्वीर देहलवी.....

One who has no desire, why should his eyes down toss. 
With whom should he have pain, pleasure, interest, loss. 

 आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं।
सामान सौ बरस का है पल की ख़बर नहीं।..... हैरत इलाहाबादी.......

About time of his death, no human is aware. 
Make up for century, moment's notice isn't there.

फट पड़ा इक आसमाँ बुलबुल के दिल पर रात को। 
रख दिया फूलों पे मुँह शबनम ने जिस दम प्यार से।...... साक़िब लखनवी....

It was shock of life for nightingale that night. 
Dew drops lovingly lipping flowers in sight. 

गुलशन से उठ के मेरा मकाँ दिल में आ गया। 
इक दाग़ बन गया है नशेमन जला हुआ। 
........... साक़िब लखनवी.........

My home has shifted from garden to heart. 
That burnt out nest is a scar from start. 

बहारों में ये होश ही कब रहा था ?
कि जलती है क्या शै, कहाँ आशियाँ है? ...... मदहोश ग्वालियरी.......

In spring, who had sense at best ?
What is burning, where is nest?

उस साल फ़स्ल-ए-गुल में उजड़ा था बनते बनते।
रहता तो आशियाँ को अब एक साल होता।...... आसी लखनवी.........

Scattered while making in spring that year. 
Had it been, my nest would be year old dear ,!

जब मैं नहीं तो बाग़ में इसका मुक़ाम क्यों ?
अच्छा हुआ कि लग गई आग आशियाने में।..... साक़िब लखनवी...........

In my absence, why only that should survive ?
It's good that in fire, my nest didn't thrive.

तामीर-ए-आशियाँ से मैंने ये राज़ पाया।
अहल-ए-नवा के हक़ में बिजली है आशियाना।....... इक़बाल........

While making my home, I could find O lark !
That a singer's nest is within range of spark. 

हो गए बरसों कि आँखों की खटक जाती रही।
जब कोई तिनका उड़ा घर अपना याद आया मुझे।..... साक़िब लखनवी......

It's been years, in eyes irritants don't roam. 
When a straw got air bound I remembered home. 

गुलशन बहार पर था नशेमन बना लिया। 
मैं क्यों हुआ असीर मिरा क्या क़ुसूर था ?

I made my nest, in garden there was spring. 
Why was I imprisoned? For what ? Which thing ?

निशान-ए-बर्ग-ए-गुल तक भी न छोड़ इस बाग़ में गुलचीं।
तेरी क़िस्मत से रज़्म आराइयाँ हैं बाग़बानों में।.... इक़बाल......

O destroyer ! Don't leave a flower petal in the garden.
It's your luck that there are quarrels in the garden. 

मिरी क़ैद का दिल-शिकन माजरा था।
बहार आई थी, आशियाँ बन चुका था।

Being captured was a heart breaking thing. 
My nest was made and there was spring. 

हमीं नावाक़िफ़-ए-रस्म-चमन थे ऐ क़फ़स वालो।
फ़लक से अहद ले लेते तो फ़िक्र-ए-आशियाँ करते।.... आसी लखनवी...

O prison mates ! I knew not the garden customs well nigh.
I should have made the nest after  a promise from sky.

सियाह-बख़्त में कब कोई किसी का साथ देता है ?
कि तारीकी में साया भी जुदा होता है इंसाँ से।....... नासिख़........

When your fate is bad, none is on your side. 
In dark even your own shadow stands aside. 

दें ग़ैर दुश्मनी का हमारी ख़याल छोड़। 
याँ दुश्मनी के वास्ते काफ़ी हैं यार बस। 
........... हाली..........

Let rivals for enmity pay no heed.
My friends here 'll fulfill the need.

बहुत उम्मीद थी जिन से हुए वो मेहरबाँ क़ातिल। 
हमारे क़त्ल करने को बने ख़ुद पासबाँ क़ातिल। 

I was killed by those from whom I had hope. 
My murder was planned by guardians, what hope ? 

COUPLETS ON TEARS.....19..........

वो अक्स बन के मिरी चश्म-ए-तर में रहता है।
अजीब शख़्स है शीशे के घर में रहता है। 
............. बिस्मिल साबरी..........

As a shadow, he says in my eyes still wet. 
A strange man living in water house yet. 

मिरी रूह की हक़ीक़त मिरे आँसुओं से पूछो। 
मिरा मज्लिसी तबस्सुम मिरा तर्जुमा नहीं है।........... मुस्तफ़ा ज़ैदी..........

Tears 'll reveal truth of soul in a while.
I am not what is my social smile. 

क्या कहूँ किस तरह से जीता हूँ। 
ग़म को खाता हूँ आँसू पीता हूँ ।
............ मीर असर...........

How I live, how can I explain ?
I sip tears, devour the pain. 

घास में जज़्ब हुए होंगे ज़मीं के आँसू। 
पाँव रखता हूँ तो थोड़ी सी नमी लगती है। 
Tears of earth were absorbed in the grass. 
It feels a little wet, this carpet is class.

थमें आँसू तो फिर तुम शौक़ से घर को चले जाना। 
कहाँ जाते हो इस तूफ़ान में पानी ज़रा ठहरे।...... लाला माधव राम जौहर......

When tears stop, you can go home if you please. 
Why move out in this hurricane, ietthe rain cease. 

अश्क-ए-ग़म दीदा-ए-पुर-नम से संभाले न गए।
ये वो बच्चे हैं जो माँ बाप से पाले न गए।
.......... मीर अनीस..........

Tears of grief, my wet eyes couldn't bear.
These are  children that parents couldn't rear.

जो आग लगाई थी तुमने उस को तो बुझाया अश्कों ने। 
जो अश्कों ने भड़काई है उस आग को ठंडा कौन करे ?..... जज़्बी.......

Tears put off what you had set on fire. 
What tears provoked, who 'd cool that ire ?

 आँसू हमारे गिर गए उस की निगाह से।
इन मोतियों की अब कोई क़ीमत नहीं रही
............. जलील मानिकपुरी ............

My tears had a fall from her view. 
These pearls lost price, nothing is due. 

 पहले नहाई ओस में फिर आँसुओं में रात।
यूँ बूँद बूँद उतरी हमारे घरों में रात। 
............. शहरयार............

First in dew, then in tears bathed night. 
Thus drop-wise settled in our homes, the night.

क्या कहूँ दीदा-ए-तर ये तो मिरा चेहरा है।
संग कट जाते हैं पानी की जहाँ धार गिरे। 
........... शकेब जलाली............ 

What to tell O wet eyed, this is my face. 
Even on a stone, the rain leaves a trace.

होती है शाम आँख से आँसू रवाँ हुए। 
ये वक़्त क़ैदियों की रिहाई का वक़्त है। 
........... अहमद मुश्ताक.......... 

Come evening, tears leave to far. 
This is when prisoners get out of bar. 

 आँखों तक आ स्की न कभी आँसुओं की लहर। 
ये क़ाफ़िला भी नक़्ल-ए-मकानी में रह गया।....... अब्बास ताबिश.......... 

Wave of tears couldn't reach eyes, even trace. 
This caravan was also lost out of place. 

इतने आँसू तो न थे दीदा-ए-तर के आगे। 
अब तो पानी ही भरा रहता है घर के आगे।.......... मीर हसन........... 

So many tears weren't in wet eye dome. 
Now water has settled in front of home. 

ये आँसू बे-सबब जारी नहीं है। 
मुझे रोने की बीमारी नहीं है। 
........... कलीम आजिज़........... 

For nothing are not tears on roll. 

No disease to weep is taking it's toll. 

उस ने छूकर मुझे पत्थर से फिर इंसान किया। 
मुद्दतों बाद मेरी आँखों से आँसू आए 
................ बशीर बद्र............ 

She touched and I turned to man from stone. 
It's been long since in eyes, tears have shown. 

उन के रुख़सारो पे ढलते हुए आँसू तौबा
मैंने शबनम को भी शोलों पे मचलते देखा।......... साहिर.......... 

Those tears  were rolling down her cheeks, I repent. 
Dewdrops on embers throwing tantrums, no comment. 

रोज़ अच्छे नहीं लगते आँसू। 
ख़ास मौक़ों पे मज़ा देते हैं। 
........... मोहम्मद अल्वी........ 

Shedding tears doesn't look good every day. 
These impart pleasure in a specific way. 

एक आँसू ने डुबोया मुझको उनकी बज़्म में ।
बूँद भर पानी से सारी आबरू पानी हुई ।
........ शैख़ इब्राहिम ज़ौक़.......... 

One tear has drowned me in her contact. 
A drop of water watered down my respect. 

रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं क़ायल। 
जो आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है ?............. ग़ालिब.......... 

Travelling vessels, in category of blood, it won't fall. 
Till it trickles down the eyes, to it, blood I won't call. 




Saturday, 22 January 2022

NAASIR KAZMI..20...... COUPLETS

भरी दुनिया में जी नहीं लगता।
जाने क्या चीज़ की कमी है अभी। 

This world, I just don't like. 
What's missing, doesn't strike. 

कौन अच्छा है इस ज़माने में। 
क्यूँ किसी को बुरा कहे कोई। 

What's good in this world.
Why flag of bad be unfurled. 

गए दिनों का सुराग़ ले कर किधर से आया किधर गया वो।
अजीब मानूस अजनबी था मुझे तो हैरान कर गया वो। 

Taking a hint from days gone by, where he went, where from he came.
Strange, well known, unknown man, he set me in distraction game. 

दिल तो मेरा उदास है 'नासिर '।
शहर क्यूँ साँय साँय करता है। 

O 'Naasir' my heart is sad.
Wind sounds in city, a fad. 

इस क़दर रोया हूँ तेरी याद में।
आईने आँखों के धुँदले हो गए।

 In your memory tears rake.
Eyeglasses 've turned opaque.

 दिन गुज़ारा था बड़ी मुश्किल से।
फिर तिरा वादा-ए-शब याद आया।

With trouble, the day I could pass. 
Promise of night in memories cross. 

मैं सोते सोते कई बार चौंक चौंक उठा।
तमाम रात तिरे पहलुओं से आँच आई। 

Many times I was awakened from night sleep. 
Fire from your sides was so intense to seep. 

तेरी मजबूरियां दुरुस्त मगर। 
तूने वादा किया था याद तो कर। 

Your helplessness is true to grind. 
But you promised, keep it in mind.

 नए कपड़े बदल कर जाऊँ कहाँ और बाल बनाऊँ किस के लिए।
वो शख़्स तो शहर ही छोड़ गया मैं बाहर जाऊँ किस  के लिए। 

Why should I change clothes, why should I shape hair ? 
That dame has left the town, outside whom can I stare ? 

जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िंदगी ने भर दिए। 
तुम्हें भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया। 

Those wounds of departure, pain of life has healed. 
You are also asleep, I am content, got revealed. 

हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर'। 
उदासी बाल खोले सो रही है। 

O'Naasir'! On the walls of our home. 
Tress open, grief sleeps near dome. 

रात कितनी गुज़र गई लेकिन। 
इतनी हिम्मत नहीं कि घर जाएँ। 

Although a lot of night has passed. 
Courage to go home hasn't  grassed. 

मुझे ये डर है तिरी आरज़ू न मिट जाए। 
बहुत दिनों से तबीअ'त मिरी उदास नहीं। 

I fear to be losing your desire. 
Since many days, there's no ire

तन्हाइयाँ तुम्हारा पता पूछती रहीं। 
शब भर तुम्हारी याद ने सोने नहीं दिया। 

Loneliness asked your address zone. 
Night long, memories cut sleep  tone. 

इस शहर-बे-चिराग़ में जाएगी तू कहाँ। 
आ ऐ शब-ए-फ़िराक़ तुझे घर ही ले चलें

Where will you go in this lampess town. 
O parting night come 'n my home crown. 

ऐ दोस्त हम ने तर्क-ए-मोहब्बत के बावजूद। 
महसूस की है तेरी ज़रूरत कभी-कभी। 

O friend ! Even after break of our love. 
I' ve felt your need quite often and above. 

 कुछ यादगार-ए-शहर-ए-सितमगर ही ले चलें। 
आए हैं इस गली में तो पत्थर ही ले चलें। 

Some memories  of the tyrant town. 
From her lane let stone stoop down. 

दिल धड़कने का सबब याध आया। 
वो तिरी याद थी अब याद आया। 

Now I remember why did heart throb. 
It was your memory on memory knob. 

याद है अब तक तुझसे बिछड़ने की वो अंधेरी शाम मुझे। 
तू ख़ामोश खड़ा था लेकिन बातें करता था काजल। 

I still recall that dark parting eve' with sighs. 
You were silent but talking was kohl of the eyes. 

आज देखा है तुझ को देर के बाद। 
आज का दिन गुज़र न जाए कहीं। 

I have seen you after so long. 
Let the day not pass, prolong.