Tuesday, 24 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

ऐसे हँस हँस के न देखा करो सब की जानिब।
लोग ऐसी ही अदाओं पे फ़िदा होते हैं। 
..... मजरुह सुल्तानपुरी.....

Don't look at every one with such smiles . 
People fall into love with these styles.

बैठ जाते हैं जहाँ छाँव घनी होती है। 
हाय क्या चीज़ ग़रीब-उल-वतनी होती है।
..... हफ़ीज़ जालंधरी.....

Where ever I find, just sit, relax in dense shade. 
What a thing is exile, is felt in each grass blade. 

मैं अब तो ऐ जुनूँ तेरे हाथों से तंग हूँ। 
लाऊँ कहाँ से रोज़ गरेबाँ नए नए ? 
..... नियाज़ फतेहपुरी..... 

O frenzy ! I am upset in your hands as of now. 
Where from to get daily,  new cloak any how ? 

इश्क़ में फ़िक्र तो दीवाना बना देती है। 
प्यार को अक़्ल नहीं दिल की पनाहों में रखो।..... अलीना इतरत..... 

Concern in love makes a lunatic out of you. 
Keep love in the control of heart not view. 

तमाम शहर गिरफ़्तार है अज़िय्यत में। 
किसे कहूँ, मिरे अहबाब की ख़बर 
रक्खे ?..... रम्ज़ी असीम ..... 

 Whole city is imprisoned in a distress spell. 
Take care of my dear ones, whom can I tell ?