Sunday, 2 October 2022

REKHTA.. TODAY'S 5+12 COUPLETS.. 2.10.'22.

ये ज़िन्दगी के कड़े कोस याद आता है।
तिरी निगाह-ए-करम का घना घना साया।
..... फ़िराक़ गोरखपुरी..... 

In these hard miles of life I can now memorise.
The dense dense shade of your graceful eyes ! 

शब-ए-इंतिज़ार की कश्मकश में न पूछ कैसे सहर हुई 
कभी इक चराग़ जला दिया कभी इक चराग़ बुझा दिया 
..... मुनव्वर राना..... 

In this tussle awaiting her, about dawn don't enquire. 
I put out one lamp at times,
 set another lamp afire. 

ज़बाँ ज़बाँ पे शोर था कि रात ख़त्म हो गई 
यहाँ सहर की आस में हयात ख़त्म हो गई..... महताब ज़फ़र..... 

On each tongue was the din that night is over. 
Here, hoping for the dawn,
 life light is over. 

कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी 
सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर होगी 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़..... 

When 'll heart griefs settle and night will be over ? 
It was heard she'd come as  morn', may be slower. 


आई होगी किसी को हिज्र में मौत 
मुझ को तो नींद भी नहीं आती 
..... अकबर इलाहाबादी..... 

May be, someone could die in departure. 
I can't even find the sleep in this pasture. 

बहुत दिनों में मोहब्बत को ये हुआ मा'लूम 
जो तेरे हिज्र में गुज़री वो रात रात हुई 
..... फ़िराक़ गोरखपुरी..... 

Love knew about it after a
 long time. 
Night spent in parting was night prime. 

तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो 
मैं दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाज़त हो..... जौन एलिया..... 

Should I celebrate our parting,
if you so permit.
 Tagging heart with a darling,
 if you so permit. 

हम किस को दिखाते शब-ए-फ़ुर्क़त की उदासी 
सब ख़्वाब में थे रात को बेदार हमीं थे 
..... त'अश्शुक़ लखनवी..... 

Whom to show the sadness 
of parting night. 
All were in dreams, I was awake whole night. 

उक़ाबी रूह जब बेदार होती है जवानों में 
नज़र आती है उन को अपनी मंज़िल आसमानों में..... इक़बाल..... 

When falcon spirit is awake in the youth. 
A goal in skies appears easy 'n smooth. 

कुछ ख़बर है तुझे ऐ चैन से सोने वाले। 
रात भर कौन तिरी याद में बेदार रहा? 
..... हिज्र नाज़िम अली ख़ान..... 

Are you aware, O one sleeping in peace? 
Who was awake all night in your memories? 

रोते फिरते हैं सारी सारी रात 
अब यही रोज़गार है अपना 
..... मीर तक़ी मीर..... 

I keep crying night long. 
Now it's me, on a song. 

मुद्दत हुई है दस्त-ओ-गरेबाँ हुए हमें 
उम्मीद ना-उमीदी ख़ुदा रोज़गार में 
..... यासीन ज़मीर..... 

My engaging in combat was long long ago.
Hope and hopelessness are 
 to come 'n go. 

दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया 
तुझ से भी दिल-फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़..... 

World has made me alien with your memories. 
More enticing than you, are day to day miseries. 

चला जाता हूँ हँसता खेलता मौज-ए-हवादिस से 
अगर आसानियाँ हों ज़िंदगी दुश्वार हो जाए..... असग़र गौंडवी..... 

I keep laughing and playing wlth wave of calamities. 
It would be difficult to live,
 if it was a matter of ease. 

आसाँ नहीं  विसाल तो दुश्वार भी नहीं। 
मुश्किल में हूँ ये मुश्किल-ए-आसाँ लिए हुए..... अमजद नजमी..... 

If not easy, then meeting isn't difficult indeed. 
I am in trouble while doing this easy deed. 

बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना 
आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना 
..... ग़ालिब...... 

Making a difficult task easy, 
is easy to preach. 
For a man being human is beyond his reach. 

अपनी तस्वीर बनाओगे तो होगा एहसास 
कितना दुश्वार है ख़ुद को कोई चेहरा देना 
..... अज़हर इनायती.....

You would realise it, while portraying the self. 
How difficult it is, to give
 a face to the self ?