Saturday, 13 August 2022

AMEER MINAI.. GHAZAL.. KUCHH KHAAR HII NAHIIN MIRE DAAMAN KE YAAR HAIN..

कुछ ख़ार ही नहीं मिरे दामन के यार हैं 
गर्दन में तौक़ भी तो लड़कपन के यार हैं 
In deep love
सीना हो कुश्तगान-ए-मोहब्बत का या गला temper of steel 
दोनों ये तेरे ख़ंजर-ए-आहन के यार हैं 

ख़ातिर हमारी करता है दैर-ओ-हरम में कौन 
हम तो न शैख़ के न बरहमन के यार हैं 
Boat sailed by wind
क्या पूछता है मुझ से निशाँ सैल-ओ-बर्क़ का ancient.... Harvest
दोनों क़दीम से मिरे ख़िर्मन के यार हैं 

क्या गर्म हैं कि कहते हैं ख़ूबान-ए-लखनऊ beautiful girl 
लंदन को जाएँ वो जो फिरंगन के यार हैं 

वो दुश्मनी करें तो करें इख़्तियार है 
हम तो अदू के दोस्त हैं दुश्मन के यार हैं 
Unconcerned
कुछ इस चमन में सब्ज़ा-ए-बेगाना हम नहीं lily of the valley 
नर्गिस के दोस्त लाला-ओ-सौसन के यार हैं 
Valley in exile
काँटे हैं जितने वादी-ए-ग़ुर्बत के ऐ जुनूँ 
सब आस्तीं के जेब के दामन के तार हैं