Saturday, 25 June 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

मेरे नालों में असर हो ये ज़रूरी तो नहीं।
हर शब-ए-ग़म की सहर हो ये ज़रूरी तो नहीं।..... नुसरत हाशमी.....

My laments will be effective, it's not essential. 
Night of sorrow 'll see morn', it's not essential.

ग़रज़ कि काट दिए ज़िन्दगी के दिन ऐ दोस्त।
वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में।
..... फ़िराक़ गोरखपुरी.....

Somehow, I have passed this life-set.
Whether to remember you or forget. 

न चारागर की ज़रूरत  , न कुछ दवा की है। 
दुआ को हाथ उठाओ कि ग़म की रात कटे।..... राजेन्दर कृशन.....