Friday, 31 July 2020

Ghalib... couplets 6ű

Man by himself,  is just a picture of thoughts in zoom 'n doom.
He thinks that he is in a meeting even when solitudes loom.... 

Aadmee bazaate khud hai ek mahshar e khayaal. 
Hum anjuman samajhte hain khilwat hi kyun n ho..

Hamne mana ki taghaful n karoge lekin.
Khak ho jayenge ham t 8umko khabar hone tak.

I am sure that you will not ignore. 
Before you know, I will be no more.

मैंने मजनूँ पे लड़कपन में 'असद'। 
संग उठाया था कि सर याद आया। 

O 'Asad', for Majnun, while I was still a child. 
Picked a stone, to remember my head in wild. 

दिल में ज़ौक़े वस्लो यादे यार तक बाक़ी नहीं।
आग इस घर में लगी ऐसी कि जो था जल गया। 

No desire to meet lover appears in my heart. 
So was this heart burnt  to finish from start. 

था ज़िन्दगी में मौत का खटका लगा हुआ। 
उड़ने से पेशतर भी मेरा रंग ज़र्द था। 

Even when alive, there was fear of death.
I was pale before flying 'n out of breath.

किस से महरूमिए क़िस्मत की शिकायत कीजे।
हम ने चाहा था कि मर जाएँ सो वो भी न हुआ। 

 To whom to report about debits of fate.
I wanted to die but could not, till date.

मै से ग़रज़ निशात है किस रू सियाह को। एक गूना बेख़ुदी मुझे दिन रात चाहिए। 

Who the black hearted just drinks for pleasure. 
I want to forget myself on all time measure.

उधर वो बदगुमानी है इधर ये नातवानी है।
न पूछा जाए है उनसे न बोला जाए है हमसे।

There is ill feeling on her side and the weakness to feel on mine.
Neither she can ask my state nor I can state that of mine.

हुए मर के हम जो रुस्वा हुए क्यों न ग़र्के दरिया।
न कभी जनाज़ा उठता न कहीं मज़ार होता। 

Ridiculed after death, why wasn't I drowned?
No corpse to be carried, no cementary crowned.

पकड़े जाते हैं फरिश्तों के लिखे पर नाहक़
आदमी कोई हमारा दमे तहरीर भी था?

I was caught for what angels chose to see. 
There was no human to vouch for me. 

शम'अ बुझती है तो उसमें से धुँआ उठता है।
शोल ए इश्क़ सियहपोश हुआ मेरे बाद।

 Extinguished candle flame leaves some smoke.
The flame of love wore dark for this worthy bloke. 

ख़ामोशी में निहाँ ख़ूंगुश्ता लाखों आरज़ूएँ हैं।
चिराग़े मुर्दा हूँ मैं बेज़ुबाँ गोरे ग़रीबाँ का।

Unfulfilled desires are hidden in silence O naive. 
As  extinguished lamp of  a silent, poor man's grave. 

वफ़ा कैसी? कहाँ का इश्क़? जब सर फोड़ना ठहरा।
तो फिर ऐ संगे दिल तेरा ही संगे आस्तां क्यों हो?

No faith, no love, if I have to bang my head. 
Then O stone hearted why on your door step instead?

लो वो भी कह रहे हैं ये बे नंगो नाम है। 
ये जानता अगर तो लुटाता न घर को मैं। 

Lo she too saysI have name nor fame. 
I won't have squandered the wealth, got blame.

दिले नाज़ुक पे उसके रहम आता है मुझे 
'ग़ालिब' ।
न कर सरगर्म उस काफ़िर को उल्फ़त आज़माने में। 

O 'Ghalib' I sympathise with her delicate heart.
Don't tease her to test my love apart.

 हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन।
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है।

I know the truth  about heaven in every way. 
To keep heart pleased Ghalib, it's good to say. 

हूँ गर्मी - ए-निशात-ए-तसव्वुर से नग़्मा संज। 
मैं अंदलीब-ए-गुलशन-ए-ना-आफ़रीदा हूँ।

An imaginary song on tunes so keen. 
I am nightingale of the garden unseen. 

रगों में दौड़ने फिरने के हम नहीं क़ायल। 
जो आँख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है। 

I am not convinced that through vessels it has flown. 
Till it dribbles from eyes, as blood it won't be known. 

Ghoorte thaakook dhomoniye, aami aashwasto naain. 
Chok diye naa jhorle, aami  rokto bolibo naain. (Bengali) 

गो हाथ में जुम्बिश नहीं आँखों में तो दम है। 
रहने दो अभी साग़र- ओ- मीना मेरे आगे।

Though hands can't even flicker and yes they can't hold. 
Let wine cups 'n jar be here, my eyes can still behold. 

अपनी गली में मुझको न कर दफ़्न बाद- ए - क़त्ल। 
मेरे पते से ख़ल्क़ को क्यों तेरा घर मिले। 

After the murder, do not bury me in your street. 
Searching me why should world have your treat. 

कहते हैं जीते हैं उम्मीद पे लोग। 
हम को जीने की भी उम्मीद नहीं। 

In hope of something, people thrive. 
I do not even hope to be alive. 

छोड़ा न रश्क ने कि तिरे घर का नाम लूँ। 
हर इक से पूछता हूँ कि जाऊँ किधर को मैं।

Envy didn't allow to name your home to show. 
I simply ask every one, which way to go? 

रौ में है रख़्श - ए - उम्र कहाँ देखिए थमे। 
न हाथ बाग पर है न पा है रकाब में। 

Horse of life is running, none knows when it stands. 
Feet are out of padlock and rein is not in hands. 

रंज से ख़ूगर हुआ इंसाँ तो मिट जाता है रंज। 
मुश्किलें मुझ पर पड़ीं इतनी कि आसाँ हो गईं। 

The pain eases itself if one gets used to pain. 
Troubles upset me so much that they just didn't remain. 

उन के देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़। 
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है। 

There's glow on my face when she is in view. 
I am no longer sick, she holds that view. 

न लुटता दिन को तो कब रात को यूँ बेख़बर सोता। 
रहा खटका न चोरी का दुआ देता हूँ रहज़न को। 

I was looted at daytime, carefree to sleep as I can. 
Nothing was left for the theft, May God bless the highway man. 

मैं और बज़्म- ए- मै से यूँ तिश्नाकाम आऊँ। 
गर मैंने कई थी तौबा साक़ी को क्या हुआ था? 

To be back thirsty from tavern, that's not my way. 
If I took a vow, who stopped barmaid have her say. 

और बाज़ार से ले आए अगर टूट गया। 
जाम- ए- जम से ये मिरा जाम- ए- सिफ़ाल अच्छा है। 

If it breaks, from market I can get another cup. 
My earthen one is better than Alexander's cup. 1

Jamshed's cup stands alone, golden studded with stone.
Easy to change, worth it's matter. My earthen cup is really better. 2

कोई मेरे दिल से पूछे तेरे तीर ए नीमकश को। 
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता। 

Your half withdrawn arrow, as is from my heart. 
Could it hurt so much, had it crossed from start. 

अपना नहीं ये शेवा कि आराम से बैठें। 
उस दर पे नहीं बाट तो काबे ही को हो आए। 

It is  not my habit to relax and sit. 
Went to Kaaba as her door was not open a bit. 

चलता हूँ थोड़ी दूर हर इक तेज़ रौ के साथ। 
पहचानता नहीं हूँ अभी राहबर को मैं। 

Whosoever walks fast, I costep then go stray. 
I do not recognise, who can show me the way. 

नुक़्ताचीं है ग़म ए दिल उस को सुनाए न बने। 
क्या बने बात जहाँ बात बनाए न बने। 

Finds faults, how to talk about pain of heart. 
How to tell where talks end right from start. 

मैं बुलाता तो हूँ उसको मगर ऐ जज़्बा- ए- दिल।
उस पे बन जाय कुछ ऐसी कि बिन आए न बने। 

Let it be so that she can not ignore. 
I invite her but listen O emotions of heart. 

ग़ैर फिरता है लिए यूँ तिरे ख़त को कि अगर। 
कोई पूछे कि ये क्या है तो छुपाए न बने। 

Rival roams freely with your letter in hand. 
If you ask about it, can't hide, isn't smart. 

क़ासिद के आते आते ख़त इक और लिख रखूँ। 
मैं जानता हूँ जो वो लिखेंगे जवाब में। 

 Before postman returns, let me draft another letter. 
I know what 'd be her answer, it's matter. 

शब को किसी कै ख़्वाब में आया न हो कहीं। 
दुखते हैं आज उस बुत- ए- नाज़ुक- बदन के पाँव। 

May be she went places in someone' s dream last night. 
She's delicate, today her feet must be tired and tight. 

हाँ खाइयो मत फ़रेब- ए- हस्ती। 
हरचंद कहें कि है, नहीं है। 

Deceit of existence is a beautiful plot. 
Though many may say so, believe it not. 

हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी। 
कुछ हमारी ख़बर नहीं होती। 

I am where even for me to know. 
No news of mine is there to show. 

नहीं मालूम किस किस का लहू पानी हुआ होगा। 
क़यामत है सर अश्क आलूद होना तेरी मिज़गाँ का। 

I don't know whose blood has been shed as tear. 
It is doom when misty your eyelashes appear. 

ज़ाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर। 
या वो जगह बता दे जहाँ पर ख़ुदा न हो। 

Inside the mosque O priest let me drink. 
Or tell where God isn't, you just think. 

मुद्दत हुई है यार को मेहमाँ किए हुए। 
जोश- ए- क़िदह से बज़्म चिराग़ाँ किए हुए। 

A lot of time has passed when she was my guest. 
With a gathering lit up by wine, fun and fest. 

नाकर्दा गुनाहों की भी हसरत की मिले दाद। 
यारब अगर  इन कर्दा गुनाहों की सज़ा है। 
Praise me for curbing desires of uncommitted sins O Lord! 
If I am punished for sins that were committed off guard. 

मौत का एक दिन मुक़र्रर है। 
नींद क्यों रात भर नहीं आती ? 

The day of death is fixed. 
Why can't I sleep at night ? 

पहले आती थी हाल- ए- दिल पे हँसी।
अब किसी बात पर नहीं आती। 

 I 'd laughed at the state  of heart. 
But, now my lips are tight. 

काबा किस मुँह से जाओगे' ग़ालिब '।
शर्म तुम को मगर नहीं आती। 

What a face for Kaaba O Ghalib
You are ashamed of  none in  sight. 

यारब न वो समझे हैं न समझेंगे मेरी बात 
दे और दिल उन को जो न दे मुझको ज़ुबाँ और। 

 She does not and will not understand me O Lord ! 
Give more heart to  her, if not words to me accord. 

क़फ़स में मुझ से रूदाद-ए-चमन कहते न डर हमदम। 
गिरी थी जिस पे बिजली, वो मेरा आशियाँ क्यों हो ? 

In prison, telling about the garden, do not be afraid. 
Why should it be my nest, in yesterday electric raid ? 

की मिरे क़त्ल के बाद उस ने जफ़ा से तौबा। 
हाय ! उस जूद-ए-पशेमा का पशेमा होना

After my murder, she promised not to repeat the act. 
She feels ashamed so early and that's a fact ! 

बहुत दिनों से तग़ाफ़ुल ने तेरे पैदा की। 
वो इक नज़र जो बज़ाहिर निगाह से कम है। 

Since long your neglect has let it grow. 
A glimpse less than full view as I know. 

था दाम-ए-सख़्त-ओ-तंग निहाँ आशियाँ के पास। 
उड़ने न पाए थे कि गिरफ़्तार हम हुए। 

Hidden near the garden, a tight net was set. 
Before I could fly, I was captured in the net. 

वो आए घर में हमारे ख़ुदा की क़ुदरत है। 
कभी हम उन को कभी अपने घर को देखते हैं। 

Beloved came to my house, it's God's grace. 
I look around  house and then at her face. 

नज़र लगे न कहीं उन के दस्त-ओ-बाज़ू को। 
ये लोग क्यों मिरे ज़ख़्म - ए-जिगर को देखते हैं। 

Let no evil affect her arms and hands. 
My heart wounds don't  deserve a space. 

तुम न आओगे तो मरने की हैं सौ तदबीरें।
मौत कुछ तुम तो नहीं हो कि बुला भी न सकूँ। 

There are many ways to die, if you fail to arrive. 
Well, death isn't you, to call it I  won't strive. 

काँटों की ज़ुबाँ सूख गई प्यास से यारब! 
इक आबला-पा वादी-ए-पुरख़ार में आए। 

O God, dried and thirsty are tongues of thorns. 
Let one with blistered feet come in valley of thorns. 

हुई जिन से तवक़्क़ो ख़स्तगी में दाद पाने की। 
वो हम से भी ज़ियादा ख़स्ता-ए-तेग़-ए-सितम निकले। 

Those whom we thought 'd listen to grief lore. 
Were found to be distressed and hurt to the core. 

और बाज़ार से ले आए अगर टूट गया। 
जाम-ए-जम से ये मिरा जाम-ए-सिफ़ाल अच्छा है। 

If it breaks, from the market can get another cup. 
My earthen cup is better than Alexander' s cup. 

कोई मेरे दिल से पूछे तेरे तीर-ए-नीमकश को। 
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता। 

Your half withdrawn arrow and my poor heart. 
Could it grate so much, had it crossed from start ? 

मेहरबाँ हो के बुला लो मुझे चाहे जिस वक़्त। 
मैं गया वक़्त नहीं हूँ कि फिर आ भी न सकूँ। 

Be kind 'n call anytime, I' ll be back. 
 I am not past, unable to retrace track. 

सुनते हैं जो बहिश्त की तारीफ़ सब दुरुस्त। 
लेकिन ख़ुदा करे वो तेरी जल्वागाह हो। 

Whatever is heard in praise of paradise. 
Be it a place, where to you I visualise. 














ंSAHIR.. GHAZAL.. BHADHKA RAHE HAIN AAG LABE. .

भड़का रहे हैं आग लबे नग़्मागर से हम।
ख़ामोश क्या रहेंगे ज़माने के डर से हम।
 I am blowing fire from the singer's lips.
How can I be silent by fear of worldly nips.
कुछ और बढ़ गए जो अंधेरे तो क्या हुआ।
मायूस तो नहीं हैं तुलू ए सहर से हम। What's there if darkness spreads a bit more. 
I still have hope from chirping  morning lips. 
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है। 
क्या देखें ज़िन्दगी को किसी की नज़र से हम? 
All that I can have is my own view. 
How to see life with someone else's tips? 
माना कि हम ज़मीं को न गुलज़ार कर सके। 
कुछ ख़ार कम तो हो गए गुज़रे जिधर से हम। 
Yes, I couldn't make a garden of the earth. 
Some thorns are removed from where my foot dips. 

BASHIR BADR.. GHAZAL.. MUHABBAT SE, INAYAT SE..

मुहब्बत से, इनायत से, वफ़ा से चोट लगती है।
बिखरता फूल हूँ, मुझको हवा से चोट लगती है। 
Love, grace and loyalty these simply hurt. 
I am a shattering flower, with wind get hurt. 
मेरी आँखों में आँसू की तरह, इक रात आ जाओ। 
तकल्लुफ़ से, बनावट से, अदा से चोट लगती है। 
Like a tear, appear in my eyes one night. 
Manners, showmanship 'n grace simply hurt. 
मैं शबनम की ज़ुबाँ से, फूल की आवाज़ सुनता हूँ। 
अजब अहसास है, अपनी सदा से चोट लगती है। 
I listen to the sound of flowers from dew. 
It's strange that my own calls simply hurt. 
तुझे ख़ुद, अपनी मजबूरी का अंदाज़ा नहीं शायद। 
न कर अहदे वफ़ा, अहदे वफ़ा से चोट लगती है। 
You aren't yet aware of your own limits. 
Don't promise to be loyal, for these simply hurt. 

Thursday, 30 July 2020

FAIZ. GHAZAL.. AAYE KUCHH ABR KUCHH SHARAAB...

आए कुछ अब्र, कुछ शराब आए।
 उसके बाद आए जो अज़ाब आए।
Let there be wine, let the clouds roar. 
May thereafter calamities score.
हर रगे ख़ूँ में फिर चराग़ाँ हो।
सामने फिर वो बेनक़ाब आए।
Let the lamps glow in all my veins.
As I see uncovered the face I adore. 
कर रहा था ग़मे जहाँ का हिसाब। 
आज वो याद बेहिसाब आए। 
I was accounting universal pain. 
In my memories, you were all the more.
न गई तेरे ग़म की सरदारी ।
दिल में यूँ रोज़ इंकलाब आए। 
Your sorrows kept their place on top.
Daily in heart, were turmoils
 galore.
'फ़ैज़ 'थी राह सर ब सर मंज़िल।
हम जहाँ पहुंचे, कामयाब आए।
O 'Faiz' ! The way to goal was straight.
Where I went, the success was in store. 

GHAZAL... MIR TAQI MIR.. JIS SAR KO GHUROOR AAJ....

जिस सर को ग़ुरूर आज है याँ ताजवरी का।
कल उस पे यहीं शोर है फिर नौहा गरी का।
The head that is proud of crowning around. 
Tomorrow 'll be cries and wailing sound.
आफ़ाक़ की मंज़िल से गया कौन सलामत?
असबाब लुटा राह में याँ हर सफ़री का। 
Who has gone untouched by the world?
Baggage of everyone is looted around. 
ज़िंदां में भी शोरिश न गई अपने जुनूँ की। अब संग मुदावा है, इस आशुफ़्तासरी का। 
Even in prison, lunacy stayed with me. 
Treatment by stoning appears to be sound. 
हर ज़ख़्मे जिगर दावर ए महशर से हमारा।
इंसाफ़तलब है तिरी बेदादगरी का। 
Every wound asks God on doomsday. 
Wants to know why for each crime found. 
अपनी तो जहाँ आँख पड़ी फिर वही देखो। 
आईने को लपका है परीशाँ नज़री का। 
Wherever I saw, I could only see. 
Mirror reveals that sight is unsound. 
ले साँस भी आहिस्ता किनाज़ुक है बहुत काम। 
आफ़ाक़ की इस कारगहे शीशागरी का। 
O slowly you breathe, so delicate is work. 
World is a factory of mirrors all around. 
टुक मीरे जिगर सोख़्तः की जल्द ख़बर ले। 
क्या यार भरोसा है चिराग़ ए सहरी का? 
Care to ask how is Mir, the burnt heart. 
How long can a morning lamp be around? 

क़तील शफ़ाई.. ग़ज़ल.. गर्मिए हस्तिए नाकाम से जल जाते हैं।....

गर्मिए हस्तिए नाकाम से जल जाते हैं।
हम चरागों की तरह शाम से जल जाते हैं।
I get burnt with unfulfilled desire.
With evening, like lamps, get set on fire.
शम'अ जिस आग में जलती है नुमाइश के लिए।
हम उसी आग में गुमनाम से जल जाते हैं। The fire in which candle burns to expose. 
Anonymously I get burnt in that fire.
बच निकलते हैं अगर आतिशे अय्याम से हम। 
शोल ए आरिज़े गुलफ़ाम से जल जाते हैं।
If I escape from the fire of wine. 
The heat of her cheeks sets on fire. 
ख़ुदनुमाई तो नहीं, शेव ए अरबाबे वफ़ा। 
जिनको जलना है, वो आराम से जल जाते हैं।
Exhibition is no habit of being loyal. 
With ease, you can set yourself on fire. 
जब भी आता है मिरा नाम तिरे नाम के साथ।
जाने क्यों लोग, मिरे नाम से जल जाते हैं।
Whenever my name is uttered with your's. 
Know not why, people get set on fire. 

Wednesday, 29 July 2020

SAHIR.. GHAZAL.. MOHABBAT TARK KI MAINE...

मोहब्बत तर्क की मैंने, गिरेबां सी लिया मैंने।
ज़माने अब तो ख़ुश हो, ज़हर भी ये पी लिया मैंने।

I have renounced love, stitched tattered attire. 
Feel happy, I consumed this poison as prior. 

अभी ज़िंदा हूँ, लेकिन सोचता रहता हूँ ख़ल्वत में। 
कि अब तक, किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैंने? 
I am alive but always think when alone. 
How have I lived so far, with what desire? 

उन्हें अपना नहीं सकता, मगर इतना भी क्या कम है। 
कि कुछ मुद्दत , हसीं ख़्वाबों में खो कर
जी लिया मैंने। 
Engrossed in lovely dreams, I have lived for sometime. 
Is it anyway less, though her I can't acquire. 

बस अब तो दामने दिल छोड़ दो, बेकार उम्मीदो। 
बहुत दुख सह लिया मैंने, बहुत दिन जी लिया मैंने। 
Now spare my heart O useless hopes! 
Had enough pain 'n life, now want to be defier. 

Monday, 27 July 2020

BASHIR BADR.. GHAZAL.. TALWAR SE KAATA HAI..

तलवार से काटा है फूलों भरी डाली को।
दुनिया ने नहीं चाहा हम चाहने वालों को। 
Chopped with a sword, twigs,, flowers 'n all.
Those who loved, weren't loved at all.
मैं आग था, फूलोँ में तब्दील हुआ कैसे? 
बच्चों की तरह चूमा उसने मेरे गालों को। 
From fire, how did I turn into flower? 
She kissed my cheeks as of a baby, so small.
अख़लाक़, वफ़ा, चाहत सब क़ीमती कपड़े हैं। 
हर रोज़ न पहना कर इन रेशमी शालों को। 
Manners, loyalty, desire are costly clothes. 
Not for daily wear, is a silken shawl . 
बरसात का मौसम तो लहराने का मौसम है। 
उड़ने दे हवाओं में बिखरे हुए बालों को। 
This rainy weather is there to make waves. 
Let the wind play with your hair after all. 
चिड़ियों के लिए चावल, पौधों के लिए पानी।
 थोड़ी सी मुहब्बत दे हम चाहनेवालों को।
Rice for sparrows and water for plants. 
Only a little love is the lover's call. 
अब राख बटोरेंगे अल्फ़ाज़ के सौदागर। 
मैं आग में रख दूँगा नायाब रसालों को। 
Merchants of words can gather the ashes. 
I'll set on fire rare books, that's all. 
मौला मुझे पानी दे, मैंने नहीं माँगा था। 
चाँदी की सुराही को, सोने के पियालों को।
I didn't want silver goblet, golden cups. 
O God! I wanted only water, that's all. 

SAHIR.. GHAZAL.. DEKHA HAI ZINDAGI KO KUCHH...

देखा है ज़िन्दगी को कुछ इतने क़रीब से।
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अजीब से। 
I have seen life from so near. 
All faces do so strange appear. 
ऐ रूहे अस्र जाग, कहाँ सो रही है तू। 
आवाज़ दे रहे हैं, पयंबर सलीब सै।
O soul of age! Where are you asleep?
From cross, the prophet is calling near.
इस रेंगती हयात का कब तक उठाएँ बार। बीमार अब उलझने लगे हैं तबीब से।
How long to bear this life that crawls. 
The sick 'n healer now do not cheer.
हर गाम पे हैं मज्म ए उश्शाक़ मुंतज़िर। 
मक़्तल की राह मिलती है कूए हबीब से। 
 A group of lovers awaits at each step.
Lover's lane is a way togallows, is clear
इस तरह ज़िन्दगी ने दिया है हमारा साथ। जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से। 
Life has been with me in a way. As one lives with a rival in fear.
कहने को दिल की बात जिन्हें ढूँढते थे हम। 
महफ़िल में आ गए हैं वो अपने नसीब से। One with whom I wanted a hearty talk. 
Luckily, she did in this gathering appear. 
नीलाम हो रहा था किसी नाज़नीं का प्यार। 
क़ीमत नहीं चुकाई गई एक ग़रीब से। 
On auction was the love of a delicate one. 
Price couldn't be paid by a poor peer. 
तेरी वफ़ा की लाश पर ला मैं ही डाल दूँ। 
रेशम का ये कफ़न जो मिला है रक़ीब से। 
Let me cover the corpse of your loyalty. 
With silken coffin to you from rival O dear. 

BASHIR BADR... GHAZAL.. DIKHLA KE YAHEE MANZAR...

दिखला के यही मंज़र बादल चला जाता है।
पानी के मकानों पर कैसे लिखा जाता है। 
Showing this scene clouds turn quiet. 
On the waterhouses, how to clearly write. 
उस मोड़ पे हम दोनों कुछ देर बहुत रोए। 
जिस मोड़ से दुनिया को, इक रास्ता जाता है।
On that turn, both of us wept a lot. 
Where a route to the world, goes outright. 
दोनों से चलो पूछें, इसको कहीं देखा है। 
इक काफ़ला आता है, इक काफ़िला जाता है।
Let us enquire from both of these. 
A caravan comes, another goes out of sight. 
इक शम'अ जलाते हो, इक शम'अ बुझाते हो। 
ये चाँद उभरता है, दिल डूबता जाता है। 
You light one candle, blow out another. 
As moon appears, heart sinks outright. 
दुनिया में कहीं इनकी तालीम नहीं होती। 
दो चार किताबों को, घर में पढ़ा जाता है। 
Some books are not taught in schools. 
These are learnt at home, alright. 


Sunday, 26 July 2020

SAHIR.... GHAZAL .. IS TARAF SE GUZARE THE..

इस तरफ़ से गुज़रे थे काफ़िले बहारों के।
आज तक सुलगते हैं, ज़ख़्म रहगुज़ारों के।
The caravans of spring had passed through this way. 
The wounds of this route are still hot as fray.
ख़ल्वतों के शैदाई ख़ल्वतों में खुलते हैं। 
हम से पूछ कर देखो, राज़ पर्दादारों के। 
Those who love being lonely, open up when alone. 
Secrets of those in veils, to you I can relay.
पहले हँस के मिलते हैं, फिर नज़र चुराते हैं। 
आईना सिफ़त हैं लोग, अजनबी दयारों के। 
Men of unknown places, make a show of being chums.
Smiling they will meet and then back away.
शुग़्ल ए मय परस्ती गो, जश्ने नामुरादी था।
यूँ भी कट गए कुछदिन, तेरे सोगवारों के।
The period of being drunk, was a show of failure.
They could pass a  few days, from whom you stayed away. 

Sahir..... qat'aa... Ashkon men jo paya hai....

अश्कों में जो पाया है वो गीतों में दिया है।
इस पर भी सुना है कि ज़माने को गिला है। 
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है। 
जो साज़ पे गुज़री है वो किस दिल को पता है।

What tears have given me, I have passed on as song. 
Still someone laments that, the barter has been wrong. 
What the wires have effused, has been heard by all. 
What violin has gone through, just none can recall. 

Saturday, 25 July 2020

GHAZAL... BASHIR BADR.. MERE DIL KI RAAKH...

मेरे दिल की राख कुरेद मत, इसे मुस्करा के हवा न दे।
ये चिराग़ फिर भी चिराग़ है, कहीं तेरा हाथ जला न दे। 
Do not smile and disturb these ashes with a wand.
This lamp is just a lamp, it may burn your hand.
नए दौर के नए ख़्वाब हैं, नए मौसमों के गुलाब हैं।
ये मुहब्बतों के चिराग़ हैं, इन्हें नफ़रतों की हवा न दे।
New dreams of this era, roses of new season. 
These lamps are of love, let not hate throw sand. 
ज़रा देख चाँद की पत्तियों ने, बिखर बिखर के तमाम शब। 
तेरा नाम लिक्खा है रेत पर, कोई लहर आ के मिटा न दे। 
Moon has written your name with petals on sand all night. 
You watch the wave that comes, let it not disband. 
मैं उदासियाँ न सजा सकूँ, कभी जिस्मो जाँ के मज़ार पर। 
न दिए जलें मेरी आँख में, मुझे इतनी सख़्त सज़ा न दे।
Let sadness not alight, on my grave any night. 
No lamp to burn in eyes, such sentence do not hand. 
मिरे साथ चलने के शौक़ में, बड़ी धूप सर पे उठाएगा। 
तेरा नाक नक़्शा है मोम का, कहीं ग़म की आग घुला न दे।
In order to walk with me, you'll face a lot of sun. 
Your face cuts are of wax, might get melt offhand. 
मैं ग़ज़ल की शबनमी आँख में, ये दुखों के फूल चुना करूँ। 
मिरी सल्तनत मिरा फ़न रहे, मुझे ताजो तख़्त ख़ुदा न दे। 
Let me sort out sad flowers, from dew wet ghazal eyes. 
Let skill be my empire, on no throne to sit offhand. 

Wednesday, 22 July 2020

TAJMAHAL... SAHIR.. NAZM

ताज तेरे लिए इक मज़हरे उल्फ़त ही सही
तुमको इस वादिए रगीं से अक़ीदत ही सही। 
मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझसे! 
Taj may be a symbol of love for you. 
May regard this colourful valley too. 
O my love! Meet me somewhere else. 
बज़्मेशाही में ग़रीबों का गुज़र, क्या मानी? सब्त जिस राह पे हों सतवतेशाही के निशाँ। 
उस पे उल्फ़त भरी रूहों का सफ़र क्या मानी? 
In grand palace, poor people don't exist.
Marked by imperial footprints, these routes. 
Loving souls can't tread, they resist. 
मेरी महबूब पसे पर्दा ए तश्हीरे वफ़ा। 
तूने सतवत के निशानों को तो देखा होता। मुर्दा शाहों के मक़ाबिर से बहलने वाली। अपने तारीक मकानों को तो देखा होता। 
My love, behind curtain of exhibited love. 
You should have seen the imperial mark.
 Enchanted by tomb of rulers bygone. 
You should have recalled your home, so dark. 
अनगिनत लोगों ने दुनिया में मुहब्बत की है। 
कौन कहता है कि सादिक़ न थे जज़्बे उनके। 
लेकिन उनके लिए तश्हीर का सामान नहीं। 
क्योंकि वो लोग भी अपनी ही तरह मुफ़लिस थे। 
Innumerable people have loved on earth. 
Who claims that their feelings were not pure. 
But they lacked showmanship of worth. 
Because like us, they were poor for sure. 
ये इमारातो मक़ाबिर ये फ़सलें ये हिसार। 
मुतलक़ुल्हुक़्म शहनशाहों की अज़मत के सुतूँ। 
दामनेदहर पे उस रंग की गुलकारी है। 
जिसमें शामिल है तेरे और मेरे अज़दाद का ख़ूँ। 
These buildings, tomb, the walls and fort. 
Are pillars of an autocratic king, so great. 
On clothes of time bear colour of the sort. 
The blood of ancestors :yours and mine O mate. 
मेरी महबूब! उन्हें भी तो मुहब्बत होगी। 
जिनकी सन्नाई ने बख़्शीश है इसे शक्ले जमील। 
उनके प्यारों के मक़ाबिर रहे बेनामो नमूद। आज तक उन पे जलाई न किसी ने क़िंदील। 
O my love, they must have loved too. 
Whose carving brought out, beauty in stone. 
Their own graves are unknown to you. 
None on those, have a candle shone.
ये चमनज़ार, ये जमना का किनारा, ये महल। 
ये मुनक़्क़श दरो दीवार, ये महराब ये ताक़। 
इक शहनशाह ने दौलत का सहारा लेकर। हम ग़रीबों की मुहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़। 
These gardens and palace on Jamuna's bank. 
Carved walls, doors, minarets and graves. 
With the help of money and royal rank. 
Have made fun of love of us, poor knaves. 
मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझसे! 
O my love! Meet me somewhere else. 
 

Monday, 20 July 2020

अमीर मीनाई के... 27...अश'आर... शाख़ों से बर्गेगुल नहीं....

शाख़ोंसे बर्गेगुल नहीं झड़ते हैं बाग़ में।
ज़ेवर उतर रहा है उरूसे बहार का।। 
In garden, with wind flower petals don't glide. 
Gently sliding are ornaments of spring bride. 

झाड़नी है कौन से गुल की नज़र।
बुलबुले फिरती हैं क्यों तिनके लिए।।
To chase out ill spirit from which flower's home?
With straws in their beaks, why nightingales roam?

क्या बला झूम के घनघोर घटा छाई है। 
हाय इस वक़्त मेरा गेसुओं वाला न हुआ।। 
It's true that majestic dark clouds impress.
But how I miss my darling's tress!

हिलती नहीं हवा से चमन में ये डालियाँ। 
मुँह चूमते हैं फूल उरूसे बहार का!

Twigs in garden, aren't shaken as the wind hisses. 
The mouth of spring bride, it's the flower that kisses.... 1

It is not the air that shakes these twigs. 
From mouth of spring's bride, 
flowers take swigs...... 2

लचक है शाखों में, जुंबिश हवा से फूलों में। 
बहार झूल रही है ख़ुशी के झूलों में।।

There is movement of flowers as branches swing. 
Swinging with pleasure this time is spring.

शबे विसाल बहुत कम है आसमाँ से कहो। 
कि जोड़ दे कोई टुकड़ा शबे जुदाई का।। 

Nuptial night is so short, tell the God overhead. 
A piece of departure night be annexed instead... 1

Night of meeting is so short, O Lord ! To you I pray. 
Add a piece of departure night, I 'll then have my say... 2

फिर बैठे बैठे वाद ए वस्ल उसने कर लिया। 
फिर उठ खड़ा हुआ वही रोग इंतज़ार का।। 

She just promised to meet once again. 
Same old task to wait will remain.

While sitting, she promised to call back. 
Well, I was left waiting on the track. 2.

रहा ख़्वाब में उनके शब भर विसाल ।
मेरे बख़्त जागे मैं सोया किया ।। 

I met her in dreams for the whole night. 
My fate was awake, while I slept tight. 

जवाँ होने लगे जब वो तो हमसे कर लिया पर्दा। 
हया यक लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता। 

While gaining youth, she covered her face from me. 
Suddenly shy,but slowly slowly young turned she. 

ऐ रूह! क्या बदन में पड़ी है बदन को छोड़। 
मैला बहुत हुआ है अब इस पैरहन को छोड़ ।
Why are you after my body, leave it o soul. 
This dress has got so dirty, leave it as a whole. 

गाहे गाहे की मुलाक़ात ही अच्छी है'अमीर'। 
क़द्र खो देता है हर रोज़ का आना जाना। 

O 'Amir'! Only occasional meeting is fine. 
With daily meeting, you lose honour divine. 

ख़ंजर चले किसी पे, तड़पते हैं हम 'अमीर' ।
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है। 

I am agonised when daggered is someone
Pain of whole world is centered in this one . 

लुत्फ़ आने लगा जफ़ाओं में। 
वो कहीं मेहरबाँ न हो जाएँ। 

Her disloyalty is giving me pleasure. 
Let her not be considerate in measure. 

बुरी सरिश्त न बदली जगह बदलने से। 
चमन में आ के भी काँटा गुलाब हो न सका। 

Changing site didn't change company of those. 
Even in garden, thorn could not become rose. 

तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा। 
मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है। 

On my love, your anger prevails. 
Towards your anger, my heart sails. 

कश्तियाँ सब की किनारे पे पहुँच जाती हैं। 
नाख़ुदा जिन का नहीं उन का ख़ुदा होता है। 

Boats of all people reach the shore here. 
Where boatsman is missing, God is there. 

उल्फ़त में बराबर है वफ़ा हो कि जफ़ा हो। हर बात में लज़्ज़त है अगर दिल में मज़ा हो। 

Being faithful or faithless in love is the same. 
With pleasure in heart, all things are same. 

उल्फ़त भी है वो नाज़ भी अंदाज़ भी लेकिन। 
मरता हूँ मैं जिस पर वो अदा और ही कुछ है। 

 She is a trouble, grace and gesture to score. 
One for which I die 
 that style is something more. 

किस ढिठाई से वो दिल छीन के कहते हैं 
'अमीर'। 
वो मिरा घर है रहे जिस में मोहब्बत मेरी। 

O Ameer ! With what audacity she snatches the heart. 
Where my love stays is my home :your heart. 

हुज़ूर वस्ल की हसरत अज़ल से है मुझको। 
ख़याल कीजिये कब से उम्मीदवार हूँ मैं। 

Since start of universe, I had a desire to meet. 
Just think how long am I waiting in this seat. 

वो दुश्मनी से देखते हैं देखते तो हैं। 
मैं शाद हूँ कि हूँ तो किसी की निगाह में। 

She sees me with enmity but still has a view. 
I am so happy to be in someone's review. 

देख ले बुलबुले परवाना की बेताबी को ।
हिज्र अच्छा न हसीनों का विसाल अच्छा है ।

Look at disarray of fire worm and nightingale chart. 
Neither meeting of beauties is good nor depart. 

वस्ल का दिन और इतना मुख़तसर ! 
दिन गिने जाते थे जिस दिन के लिए। 

The day of meeting and so short ! 
Days were counted for it's start

है जवानी ख़ुद जवानी का सिंगार। 
सादगी गहना है इस दिन के लिए। 

Youth is decoration of youth, each page. 
Simplicity is the ornament in this age. 

किसी रईस की महफ़िल का ज़िक्र क्या है 'अमीर' । 
ख़ुदा के घर भी न जाएँगे बिन बुलाए हुए ! 

वो दुश्मनी से देखते हैं देखते तो हैं। 
मैं शाद हूँ कि हूँ तो किसी की निगाह में। 

She sees me with enmity but still has a view. 
I am so happy to be in someone's review. 

बाक़ी न दिल में कोई भी यारब हवस रहे। चौदह बरस के सिन में वो लाखों बरस रहे

O God let not my heart any lust withhold. 
For lacs of years, she be in fourteen years mould. 

कबाब-ए-सीख़ हैं हम करवटें हर सू बदलते हैं। 
जो जल उठता है ये पहलू तो वो पहलू बदलते हैं। 

As kabab minced meat roasted on skewer. 
When a side is burnt, I get turned to newer. 
'




Sunday, 19 July 2020

मीर दर्द के 12अश'आर... यारब ये दिल है...

यारब! ये दिल है या कोई मेहमाँ सराय है। ग़म रह गया कभी, कभी आराम रह गया।

O God! Is my heart a guesthouse on highway?
At different times, grief and pleasure stay.

हरदम बुतों की सूरत, रखता है दिल नज़र में। 
होती है बुतपरस्ती, अब तो ख़ुदा के घर में।। 

Heart always keeps faces of many idols on record. 
Now this is idol worship in Islamic house of Lord!

सूरतें क्या क्या मिली हैं ख़ाक में। 
है दफ़ीना हुस्न का ज़ेरे ज़मीं।। 

A lot of splendid faces have turned to dust. 
Treasure of beauty, below earth , is a must. 

दर्दे दिल के वास्ते पैदा किया इंसान को। 
वर्ना ता'अत के लिए कुछ कम न थे कर्रो बयाँ! 

Humans were made to bear heartache. 
Many angels were there for prayer sake. 

ज़िन्दगी है, या कोई तूफ़ान है। 
हम तो इस जीने के हाथों मर चले।।
 
Is it life or a storm that's rife? 
I am dying in the hands of life! 

रौंदे है नक़्शे पा की तरह  ख़ल्क़ याँ मुझे।
ऐ उम्रे रफ़्ता छोड़ गई तू कहाँ मुझे? 

I am crushed like a footprint by world as a whole. 
 O bygone times! Why have you left me in this role?

किनारे से किनारा कब मिला है बहर का यारो। 
पलक लगने की लज़्ज़त दीद ए पुर आब क्या जाने?

Both shores of the river do some distance keep. 
How tear filled eyes can get pleasure of sleep?

, जग में आकर इधर उधर देखा।
तू ही आया नज़र जिधर देखा।।

 In this world, I saw this way, that way. 
Only you could be seen on every way. 

वाए नाकामी कि वक़्ते मर्ग ये साबित हुआ। 
ख़्वाब था जो कुछ कि देखा, जो सुना अफ़साना था। 

Unsuccessfully, at time of death, I was certain. 
I saw only dreams, heard stories behind curtain. 

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल, जिंदगानी फिर कहाँ? 
ज़िन्दगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ? 

Roam in world O negligent, this life will be no more. 
Even if life remains, the youth will be no more. 

'दर्द' तू जो करे है जी का ज़ियाँ। 
फ़ायदा उस ज़ियान में कुछ है? 

'Dard'! You incur such heart loss. 
Is there any gain in this loss? 

इन दिनों कुछ अजब है दिल का हाल। 
देखता कुछ है ध्यान में कुछ है। 

These days condition of heart is strange. 
It's vision and thoughts are out of range. 

Saturday, 18 July 2020

ग़ालिब.. एक ग़ज़ल.... किसी को दे के दिल...

किसी को दे के दिल कोई, नवा- संजे-फ़ुग़ाँ क्यों हो?
न हो जब दिल ही सीने में, तो फिर मुँह में ज़ुबाँ क्यों हो?

When you parted with  heart, how with grief would you score?
When heart is not in chest, why should tongue say any more?

वो अपनी ख़ू न बदलेंगे , हम अपनी वज़ह क्यों बदलें?
सुबकसर बन के क्यों पूछें, कि हम से सरगराँ क्यो हो?

She won't leave her habit, then why should I quit mine?
Why get humiliated and ask why anger  is in store?

क़फ़स में मुझ से रूदादे चमन, कहते न डर हमदम। 
गिरी थी जिस पे कल बिजली, वो मेरा आशियाँ क्यों हो?

Do not be afraid, to talk about garden, to me in cage. 
Why should it be my nest,  struck by spark, the night before? 

यही है आज़माना, तो सताना किस को कहते हैं? 
उदू के हो गए जब तुम, तो मेरा इम्तिहाँ क्यों हो?

If it's how you verify, then how do you hurt 'n why?
If it's rival whom you love, then  why test me more' n more? 

वफ़ा कैसी? कहाँ का इश्क़? जब सर फोड़ना ठहरा! 
तो फिर ऐ संगदिल! तेरा ही संगेआस्ताँ क्यों हो? 

What loyalty 'n what love? If I have to bang my head! 
O stone hearted! Why  be it on stepping stone of your door? 

निकाला चाहता है काम क्या ता'नों से तू' 'ग़ालिब'? 
तेरे नामेहर कहने से वो तुझ पर मेहरबाँ क्यो हो? 

O Ghalib! Why do you so think? That your taunts'll turn her pink
When you call her  unkind, would kindness she restore? 

 

ग़ालिब के 12अश'आर... हम ने माना कि तग़ाफ़ुल न करोगे लेकिन...

हमने माना कि तग़ाफ़ुल न करोगे लेकिन ।
ख़ाक हो जाएँगे हम तुम को ख़बर होने तक ।।

I know, that you will not ignore. 
Till you know, I'll be no more.

 उनको देखे से जो आ जाती है मुँह पर रौनक़। 
वो समझते हैं, कि बीमार का हाल अच्छा है।।
 
My face just glows, when she is in view. 
I am no longer sick, she holds
that view.

उलझे दामन को छुड़ाते नहीं झटका देकर। 
दफ़ अतन तर्के तआल्लुक में भी रुस्वाई है। 

No entangled garment, should be jerked away. 
Sudden parting brings disgrace, so to say. 

काँटों की ज़ुबाँ सूख गई प्यास से यारब। इक आबला पा वादिए पुरख़्वार में आए।।

 O God! Dried 'n thirsty are the tongues of thorns. 
Let a blister footed  man come in valley of thorns. 

शब को किसी के ख़्वाब में आया न हो कहीं। 
दुखते हैं आज उस बुते नाज़ुक बदन के पाँव।। 
May be she went places, in someone's dream last night. Today, her feet are tired. It is  a delicate body's right. 

देखिए तक़रीर की लज़्ज़त कि जो उसने कहा। 
मैंने ये जाना कि गोया ये भी मेरे दिल मे है।। 
The beauty of her talk is, whatever she said. 
As if it was, what I wanted to say instead.

आते हैं ग़ैब से ये मज़ामीं ख़याल में। 
'ग़ालिब' सरीर-ए-ख़ामा नवा-ए-सरोश है।

The thoughts of these topics are hidden from choice. 
O'Ghalib'rubbing pen on paper emits a divine voice.

दाग़ ए फ़िराक़ ए सोहबत ए शब की जली हुई। 
इक शम'अ रह गई है सो वो भी ख़ामोश है।

Part of night festival and departed grace. 
Burnt candle stands without glow on it's face. 

मुन् हसर मरने पे हो जिस की उम्मीद।
नाउम्मीदी उस की देखा चाहिए। 

Only on death whose hope could hook. 
His hopelessness is worth a look. 

एक हंगामे पे मौकूफ़ है घर की रोनक़। 
नौहा ए ग़म ही सही नग़्मा ए शादी न सही

Get up of home, from occasions take breath. 
Whether sing at marriage or mourn over death.

सुनते हैं जो बहिश्त की तारीफ़ सब दुरुस्त। 
लेकिन ख़ुदा करे वो तेरी जल्वागाह हो। 

The praise of heaven is O. K. but then.
By grace of God, see you there, Amen!

ज़ाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर। 
या वो जगह बता दे जहाँ पर ख़ुदा न हो। 

O priest! Inside mosque, let me sit and drink.
Or tell about a place with which God has no link. 

Wednesday, 15 July 2020

Many poets.. many couplets... vaqt mujh par do kathin...

वक़्त मुझ पर दो कठिन गुज़रे हैं सारी उम्र में। 
इक तिरे आने से पहले इक तिरे जाने के बाद।।.. मुज़्तर ख़ैराबादी...
In my life, only two times, have been tough enough to moan. 
One, before you came and the other, after you had gone.

यही शाने करीमी है, यही कारे चमनबंदी।
कि जब ग़ुंचे का दिल शक़ हो, तो गुल का पैरहन जागे।।.. डाक्टर ख़ुर्शीदुल इस्लाम
That's His grace, that's how gardens grow. 
When heart of a bud shatters, floral garments show.

पीता नहीं शराब कभी बे वज़ू किए।
क़ालिब में मेरे रूह किसी पारसा की है।। 
........ आबरू.....
I don't start drinking without ablution before. 
The soul in my body is angelic and pure. 

मैं ख़याल हूँ किसी और का मुझे सोचता कोई और है। 
सरे आइना मेरा अक्स है पसे आइना कोई और है।....... सलीम कौसर......
I am an idea of someone and thinking me is someone else. 
My shadow is in front of mirror
'n behind it is someone else.
शबेवस्लत क़रीब आने न पाए कोई ख़िलवत में। 
अदब हमसे जुदा ठहरे हया तुमसे जुदा ठहरे।।....' अमीर 'मीनाई 
Nothing should come near us on the nuptial night. 
Let manners spare me and shame leave you, alright ! 

तू ख़ुदा है, न मेरा इश्क़ फरिश्तों जैसा। 
दोनों इंसाँ हैं, तो क्यों इतने हिजाबों में मिलें ? .... अहमद फ़राज़.... 
Neither you are God, nor my love is angelic sort. 
We are humans, why should curtains keep us apart? 

देख ज़िन्दाँ से परे रंगेचमन जोशेबहार। 
रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख।।..... फ़ैज़.., 
Beyond prison, over garden in spring, have a glance. 
Don't look at your chains, if you want to dance. 

झाड़नी है कौन से गुल की नज़र। 
बुलबुले फिरती हैं क्यों तिनके लिए? 
..... अमीर मीनाई.... 
To chase out ill spirit from which flower's home. 
With straws in their beaks, why nightingales roam ? 


Tuesday, 14 July 2020

फ़ैज़.. ग़ज़ल.. इश्क़ मिन्नत कशे क़रार नहीं

इश्क़ मिन्नत कशे क़रार नहीं ।
हुस्न मजबूरे इन्तज़ार नहीं। 
Peace is not love desire's call.
Beauty isn't obliged to wait at all.
तेरी रंजिश की इंतिहा मालूम। 
हसरतों का मेरी शुमार नहीं। 
Your indifference ! I know it's limits . 
My desires can't be counted at all. 
अपनी नज़रें बिखेर दे साक़ी। 
मय ब अंदाज ए ख़ुमार नहीं। 
Spread your looks here O wine girl. 
Wine alone won't intoxicate all. 
ज़ेरे लब है अभी तबस्सुमे दोस्त। 
मुंतज़िर जल्वाए बहार नहीं। 
Beauty of my love is yet unworded. 
Spring hasn't arrived, is about to fall.
अपनी तकमील कर रहा हूँ मैं। 
वर्ना तुझसे तो मुझको प्यार नहीं। 
I am trying to complete myself. 
Though I don't love you at all. 
चारा ए इंतज़ार कौन करे? 
तेरी नफ़रत भी उस्तवार नहीं। 
Who can solve the waiting riddle ? 
Even your hate can't change it's stall. 
'फ़ैज़' ज़िंदा रहें वो हैं तो सही। 
क्या हुआ गर वफ़ाशआर नहीं। 
O 'Faiz' she lives, she exists. 
What if not faithful to my call. 


Monday, 13 July 2020

साहिर.. एक नज़्म.. कभी-कभी मेरे दिल में ख़याल आता है....

कभी-कभी मेरे दिल में ख़याल आता है।.... 

कि ज़िन्दगी तेरी ज़ुल्फ़ों की नर्म छाओं में, गुज़रने लगती तो शादाब हो भी सकती थी।
ये तीरगी जो मेरे ज़ीस्त का मुक़द्दर है,
तेरी नज़र की शुआओं में खो भी सकती थी। 
 Sometimes, a thought just crosses my mind...... 

Filtering through the soft shades of your tress, 
Life could be beautiful at every cost. 
This darkness that's now my fate line, 
For good, in the glow of your face could be lost.
अजब न था कि मैं बेगान ए अलम रहकर,
तेरे जमाल की रानाइयों में खो रहता।
तेरा गुदाज़ बदन तेरी नीमबाज़ आँखें,
इन्हीं हसीन फ़िसानों में महव हो रहता। 
In colours of your body it wasn't so strange,
That I was not aware of ground realities at last.
The beautiful stories of your tickling body and 
Half closed eyes could a spell have cast. 
पुकारतीं मुझे जब तल्ख़ियाँ ज़माने की, 
तेरे लबों से हलावत के घूँट पी लेता। 
हयात चीख़ती फिरती बरहनासर और मैं, 
घनेरी ज़ुल्फ़ों के साए में छुप के
 जी लेता। 
I would take poison sips from your lips, 
When the bitternesses of life would call. 
When bare headed life would keep crying, 
In the shade of your dark tress I would stall. 
मगर ये हो न सका और अब ये आलम है,
कि तू नहीं, तेरा ग़म, तेरी जुस्तजू भी नहीं। 
गुज़र रही है कुछ इस तरह ज़िन्दगी जैसे, उसे किसी के सहारे की आरज़ू भी नहीं। 
But it could not be so and now, For you, your pain, your search is no space. 
Life is passing so smooth this way, 
That it  needs help from no place. 
ज़माने भर के दुखों को लगा चुका हूँ गले, गुज़र रहा हूँ कुछ अनजानी रहगुज़ारों से। 
महीब साए मेरी सिम्त बढ़ते आते हैं,
हयातोमौत के पुरहौल ख़ारज़ारों से। 
I have embraced the troubles of world, 
Am passing through routes yet unknown. 
Heart curdling shades of life and death, 
Terrible thorny shadows towards me have  grown. 
न कोई जादह, न मंज़िल, न रोशनी का सुराग़, 
भटक रही है ख़लाओं में ज़िन्दगी मेरी। 
इन्हीं ख़लाओं में रह जाऊँगा कहीं खोकर, 
मैं जानता हूँ मेरी हमनफ़स ! मगर यूँही। 
कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता है। 
No light, no goal, there's nothing with me, 
In vacancy of life I am roaming around. 
My cobreather! I am very well aware, 
Someday in vacancies I won't be found..... 

Sometimes a thought just crosses my mind...... 





Sunday, 12 July 2020

TEARS.. THEIR SUICIDE

शबे फ़िराक़ की तन्हाइयों से घबरा कर ।तुम्हारे मिलने की उम्मीद, आँख में पाकर। मचल कर आ गए आँखों में, दिल को ठुकरा कर।
बहुत तलाश किया तुम को, हर तरफ़ जाकर। 
न पाया जब तुम्हें वाँ भी, तो ग़म से घबरा कर। 
टपक के पलकों से, अश्कों ने ख़ुदकुशी कर ली।।.....
Troubled by, solitude of departure, at night. 
Hoping to find you in eyes, within sight. 
They surfaced in eyes and shunned the heart. 
Searched over and again, then part by part. 
Not finding, grief amassed,made to decide. 
Tears dropped from the eyes, to commit suicide...... 

Tuesday, 7 July 2020

AMEER KHUSRO...5 Couplets.. Khusro baazi prem ki...

खुसरो बाज़ी प्रेम की, खेलूँ पिय के संग।
मैं जीती तो पिय मेरे, हारी तो पिय संग।। 

Khusro, I 'll play with my lover, knowing well it is love game.
If I win, then he is mine, if he wins,then he shall claim.

खुसरो दरिया प्रेम का उल्टी बा की धार ।जो उतरा डूबा वही जो डूबा सो पार ।।

O Khusro! it is stream of love and it has a backward flow. One who crossed got drowned, one who drowned could go.

खुसरो! रैन सुहाग की, जागी पिय के संग। तन मेरो मन पीव को, दोउ भए एक रंग।।

Khusro! On nuptial night, in one mood, we were awake. 
My body was on offer, his desires were on take. 

गोरी सोई सेज पर मुख पर डाले केस ।चल खुसरो घर आपनै, रैन भई चहुँ देस ।

The beauty is lying on bed, her face  covered with dark hair.
O Khusro go home early, for there is night everywhere...

ज़े हाल ए मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल दुराय नैना बनाय बतियाँ। 
कि ताब ए हिज्र नदारम ऐ जाँ न लेहू काहे लगाय छतियाँ।

 Do not neglect state of poor by two way glance and make saying.
O love I don't have heart to part, why not embrace me in craving. 

भरी दुनिया में आख़िर दिल को.....शकील बदायूनी.... where to go?

भरी दुनिया में आख़िर, दिल को समझाने कहाँ जाएँ? 
मुहब्बत हो गई जिन को, वो दीवाने कहाँ जाएँ?
In this world's crowded mart, to make clear to troubled heart, for such lunatics, where to go?

लगे हैं शम'अ पर पहरे, ज़माने की निगाहों के।
जिन्हें जलने की हसरत है, वो परवाने कहाँ जाएँ?
Flame is within the cage, under eyes of people in rage, who wish to sign death page, for such moths, where to go?

सुनाना भी जिन्हें मुश्किल, छुपाना भी जिन्हें मुश्किल, ज़रा तू ही बता ऐ दिल, वो अफ़साने कहाँ जाएँ?
So difficult to narrate, so difficult to placate, just tell me O heartmate, for such stories where to go?

नज़र में उलझनें, दिल में है आलम बेक़रारी का।
समझ में कुछ नहीं आता, वो तूफ़ाने कहाँ जाएँ?
The vision is so unclear, tumult is in heart O dear, can't understand O peer, for such typhoons where to go? 

Monday, 6 July 2020

Javed Akhtar..ghazal... tumko dekha to..

तुम को देखा तो ये ख़याल आया।
ज़िन्दगी धूप, तुम घना साया।। 

With you in sight, this thought was laid. 
Life is sun and you dense shade. 

आज फिर दिल ने इक तमन्ना की। 
आज फिर दिल को,हमने समझाया।।

Today my heart desired again. 
Today, again I could persuade. 

तुम चले जाओगे, तो सोचेंगे। 
हमने क्या खोया, हमने क्या पाया?

When you leave, then I 'll think.
What was lost or gained in trade?

हम जिसे गुनगुना नहीं सकते। 
वक़्त ने ऐसा गीत क्यों गाया? 

What I can, in no way hum. 
Why such song has time relayed?..... 

Sunday, 5 July 2020

Jigar... ghazal..... Ab to ye bhi nahi raha ehsas

ab to ye bhī nahīñ rahā ehsās 
dard hotā hai yā nahīñ hotā 

Now I can not even feel. 
Whether or not there's pain. 

ishq jab tak na kar chuke rusvā 
aadmī kaam kā nahīñ hotā 

A man is not worth his salt. 
Till,  love has lent a bad name. 

TuuT paḌtā hai daf.atan jo ishq 
besh-tar der-pā nahīñ hotā 

If suddenly, love breaks in. 
It does not last,  gets sane. 

vo bhī hotā hai ek vaqt ki jab 
mā-sivā mā-sivā nahīñ hotā 

That time also comes, when
Massive doesn't massive remain. 

haa.e kyā ho gayā tabī.at ko 
ġham bhī rāhat-fazā nahīñ hotā 

What has gone wrong with me?The pain isn't in soother's lane. 

dil hamārā hai yā tumhārā hai 
ham se ye faisla nahīñ hotā. 

Is the heart your's or mine? 
I can not judge, which lane? 

jis pe terī nazar nahīñ hotī 
us kī jānib ḳhudā nahīñ hotā.

One whom you don't favour. 
Even His grace doesn't rain. 

maiñ ki be-zār umr bhar ke liye 
dil ki dam-bhar judā nahīñ hotā 

Heart isn't apart for a moment. 
I am never a part, life 's bane.

vo hamāre qarīb hote haiñ 
jab hamārā patā nahīñ hotā 

She comes so close with me
When I am no longer sane. 

dil ko kyā kyā sukūn hotā hai 
jab koī aasrā nahīñ hotā 

The heart is tranquil,when
 No shelter can sustain. 

ho ke ik baar sāmnā un se 
phir kabhī sāmnā nahīñ hotā

Once, when she confronts. 
Can never be viewed again. 

Friday, 3 July 2020

Iqbaal... ghazal.... tere ishq ki inteha...

tire ishq intihā chāhtā huuñ

mirī sādgī dekh kyā chāhtā huuñ

Full extent of your love, is what I want. 

Look at my simplicity, what I want. 

sitam ho ki ho vada-e-be-hijābī

koī baat sabr-āzmā chāhtā huuñ

Be it your torture, or promise to unveil. 

Worth testing my patience, is what I want. 

ye jannat mubārak rahe zāhidoñ ko. 

ki maiñ aap sāmnā chāhtā huuñ

Congrats to all priests for their heaven.

Your confrontation , is what I want.

zarā to dil huuñ magar shoḳh itnā

vahī lan-tarānī sunā chāhtā huuñ

So little is my heart, but still so bold. 

Your sweet nothing talk, is what I want. 

koī dam mehmāñ huuñ ai ahl-e-mahfil

charāġh-e-sahar huuñ bujhā chāhtā huuñ

I am guest of moments, O those gathered! 

Morn' flame to be put out, is what I want. 

bharī bazm meñ raaz baat kah

baḌā be-adab huuñ sazā chāhtā huuñ

A secret was told in full gathering!

Unmannered! Punishment, is what I want. 

ख़ामोश....

ख़ामोश रहने वालों का, अपना ही वज़न है।
जो नींव के पत्थर हैं, वो बोला नहीं करते।।... 
...... रवि मौन..... 

Thursday, 2 July 2020

Saudaa...7 couplets saawan ke badalon...

सावन के बादलों की तरह से भरे हुए ।
ये वो नयन हैं, जिन से कि जंगल हरे हुए ।
Filled, like dark spring clouds, are seen. 
These eyes have poured, to turn jungles green........

आवारगी से ख़ुश हूँ मैं इतना कि बादेमर्ग।
हर ज़र्रा मेरी ख़ाक का होगा हवा परस्त।। I am a happy vagabond, after death, as I must.
With wind will loiter, every particle of my dust.

संभल के रखना क़दम दश्ते ख़ार में मजनू  ।
कि इस दयार में 'सौदा' बरहना पा भी है ।। 
O Majnu! Step  carefully in thorn jungle zone. 
Here 'Sauda' also walks barefoot on his own. 

फ़िक्र मआश, इश्क़े बुतन, यादे रफ़्तगाँ ।
इस ज़िन्दगी में, अब कोई क्या क्या किया करे? 
Wordly worries, love of dames 'n memories of the past. 
If you do all these in life, 
will it really last? 

न ग़रज़ कुफ़्र से रखते हैं न इस्लाम से काम। 
मुद्दआ  साक़ी से अपने हमें और जाम  से काम। 
I don't have anything to do with atheism or Islam. 
I care for the wine girl and the drinks that calm. 

नसीम है तेरे कूचे में और सबा भी है। 
हमारी ख़ाक से देखो तो कुछ रहा भी है। 

In your lane come wind and breeze as first. 
Just look if something remains of my dust. 

सहरा में कहीं हैं तो बयाबाँ में कहीं हैं। 
हम ख़ाना-बदोशों का कहीं घर नहीं होता। 
 Some are in jungles and others in desert. 
Nomads like us have no home to flirt. 

ऐ लाला गो फ़लक ने दिए तुझ को चार दाग़। 
छाती मिरी सराह कि इक दिल हज़ार दाग़। 

O poppy don't be proud to show your four spots. 
Praise my chest with one heart, thousand spots.