Tuesday, 24 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

ऐसे हँस हँस के न देखा करो सब की जानिब।
लोग ऐसी ही अदाओं पे फ़िदा होते हैं। 
..... मजरुह सुल्तानपुरी.....

Don't look at every one with such smiles . 
People fall into love with these styles.

बैठ जाते हैं जहाँ छाँव घनी होती है। 
हाय क्या चीज़ ग़रीब-उल-वतनी होती है।
..... हफ़ीज़ जालंधरी.....

Where ever I find, just sit, relax in dense shade. 
What a thing is exile, is felt in each grass blade. 

मैं अब तो ऐ जुनूँ तेरे हाथों से तंग हूँ। 
लाऊँ कहाँ से रोज़ गरेबाँ नए नए ? 
..... नियाज़ फतेहपुरी..... 

O frenzy ! I am upset in your hands as of now. 
Where from to get daily,  new cloak any how ? 

इश्क़ में फ़िक्र तो दीवाना बना देती है। 
प्यार को अक़्ल नहीं दिल की पनाहों में रखो।..... अलीना इतरत..... 

Concern in love makes a lunatic out of you. 
Keep love in the control of heart not view. 

तमाम शहर गिरफ़्तार है अज़िय्यत में। 
किसे कहूँ, मिरे अहबाब की ख़बर 
रक्खे ?..... रम्ज़ी असीम ..... 

 Whole city is imprisoned in a distress spell. 
Take care of my dear ones, whom can I tell ? 

Monday, 23 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

मुद्दत हुई कि ज़िंदा हूँ देखे बग़ैर उसे।
वो शख़्स मिरे दिल से उतर तो नहीं गया ।
..... जावेद नसीमी.....

Since long I'm alive without seeing sweetheart. 
Hasn't that man stepped down from from heart ?

चमन में रहने वालों से तो हम सहरा-नशीं अच्छे।
बहार आ कर चली जाती है वीरानी नहीं जाती।..... अख़्तर शीरानी.....

Better than garden livers are those living in desert.
Spring comes and goes but  desert remains desert.

कभी भूले से भी अब याद भी आती नहीं जिन की। 
वही क़िस्से ज़माने को सुनाना चाहते हैं हम।..... वाली आसी.....

Her memory doesn't even come to my mind. 
Her tales I want to tell world as if mined. 

इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बे-हद।
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता। 
..... अकबर इलाहाबादी.....

Very delicate complexioned is love. 
Can't bear  weight of wisdom above. 

तबस्सुम की सज़ा कितनी कड़ी है। 
गुलों को खिल के मुरझाना पड़ा है। 
..... जोश मलीहाबादी..... 

How harsh is punishment of a smile. 
Flowers bloom and wither in a while. 
 

Sunday, 22 May 2022

AHMAD NADEEM QAASMI.. GHAZAL. JAB TIRA HUKM MILA TARK MOHABBAT KAR DI

जब तिरा हुक्म मिला तर्क मोहब्बत कर दी
दिल मगर इस पे वो धड़का कि क़यामत कर दी

I left love when it was ordered by you.
 Heart throbbed as if  the doom was due. 

तुझ से किस तरह मैं इज़हार-ए-तमन्ना करता 
लफ़्ज़ सूझा तो मआ'नी ने बग़ावत कर दी

When word was found, meaning revolted. 
How could I express desire before you? 

मैं तो समझा था कि लौट आते हैं जाने वाले
तू ने जा कर तो जुदाई मिरी क़िस्मत कर दी

I thought, those who left came back. 
You left, parting was destined by you. 

तुझ को पूजा है कि असनाम-परस्ती की है
मैं ने वहदत के मफ़ाहीम की कसरत कर दी

I have exercised the meaning of oneness. 
Whether idolatry or was I devoted to you. 

मुझ को दुश्मन के इरादों पे भी प्यार आता है
तिरी उल्फ़त ने मोहब्बत मिरी आदत कर दी

I love even the intention of arch- enemies. 
Your love has made mine a habit by you. 

पूछ बैठा हूँ मैं तुझ से तिरे कूचे का पता
तेरे हालात ने कैसी तिरी सूरत कर दी

What have conditions made a change of face. 
I have asked  address of your lane from you. 

क्या तिरा जिस्म तिरे हुस्न की हिद्दत में जला
राख किस ने तिरी सोने की सी रंगत कर दी

Did your body burn in the heat of your beauty ? 
What's turned to ash your golden coloured hue ? 


REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

हर शय मुसाफ़िर हर चीज़ राही।
क्या चाँद तारे क्या मुर्ग़-ओ-माही।
..... अल्लामा इक़बाल.....

 Everything a traveller, wayfarer on every walk.
What to say about moon, stars, fish 'n cock.

तुम्हारी याद बढ़ी और दिल हुआ रौशन। 
ये एक शम'अ अंधेरे ने ख़ुद जला ली है।
..... ताजदार आदिल.....

Your memories overwhelmed and  heart was alit.
This solitary candle, the  darkness has  itself lit. 

जुदा हुए तो जुदाई में ये कमाल भी था। कि उससे राब्ता टूुटा भी था बहाल भी था
..... नावेद रज़ा...... 

When we parted, in separation, there was this art. 
The contact was lost and established from start. 

ऐ दिल-ए-बे-क़रार चुप हो जा। 
जा चुकी है बहार चुप हो जा। 
..... साग़र सिद्दीकी.....

O restless heart ! just shut up. 
The spring has gone, just shut up.

शाम ढलने से फ़क़त शाम नहीं ढलती है। 
उम्र ढल जाती है जल्दी चले आना मिरे दोस्त।.... अश्फ़ाक़ नासिर..... 

As evening wanes, not only evening wanes. 
Come back soon friend ! Life also wanes. 

Saturday, 21 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

बिखरे हुए ख़्वाबों की वो तस्वीर है शायद। 
अब ये भी नहीं याद कहाँ उस से मिला 
था ?..... नवाब अहसन..... 

Of my scattered dreams probably she is a picture.
I don't even recollect now where I had met her.

हमें हर वक़्त ये अहसास दामन-गीर रहता है।
पड़े हैं ढेर सारे काम और मोहलत ज़रा-सी है।..... ख़ुर्शीद तलब.....

All the time does this feeling on my hem lay. 
There is a lot to do and there's a lot of delay.

 इश्क़ तूने बहुत नुक़सान किया है मेरा।
मैं तो उस शख़्स से नफ़रत भी नहीं कर सकता।..... लियाकत जाफ़री.....

O love ! You have done me a lot of harm.
I can't even hate that person as is norm. 

तुम सादा-मिज़ाजी से मिटे फिरते हो जिस पर।
वो शख़्स तो दुनिया में किसी का भी नहीं है।..... एहसान दानिश.....

You are dying for that person by your simple mood. 
That person belongs to no one, she is so shrude. 

चमक रहा है ख़ेमा-ए-रौशन दूर सितारे सा।
दिल की कश्ती तैर रही है खुले समंदर में।..... ज़ेब गौरी.....

Bright tent is glowing like a distant star. 
Ship of heart is floating on sea stretched far.


Friday, 20 May 2022

BOL KI LAB AAZAAD HAIN TERE...

तेरे माथे पे ये आँचल बहुत ही ख़ूब है लेकिन।
तू इस आँचल का इक परचम बना लेती तो अच्छा था।... मजाज़ लखनवी.....

This scarf on your head looks lovely indeed. 
Making flag out of it would be a better deed. 

बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे। 
बोल ज़ुबाँ अब तक तेरी है। 
तेरा सुतवाँ जिस्म है तेरा। 
बोल कि जाँ अब तक तेरी है। 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़..... 

Speak that your lips are still free. 
Your tongue still belongs to thee. 
Your chiselled body is still your's. 
Say that life is yet yours, for all to see. 

ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है। 
ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगा।..... साहिर लुधियानवी..... 

Torture is but torture, when exceeds, remains not. 
Blood is but blood, if it trickles,forms a clot. 

तुमने लूटा है सदियों हमारा सुकूँ। 
अब न हम पर चलेगा तुम्हारा जुनूँ। 
चारागर दर्द-मन्दों के बनते हो क्यूँ ? 
तुम नहीं चारागर, कोई माने मगर। 
मैं नहीं मानता मैं नहीं जानता। 
..... हबीब जालिब..... 

For centuries you looted our peace, every trace. 
Your lunacy can no longer 
rule us, efface. 
Why claim to be healer of grief struck race ? 
You are no healer, though some may agree. 
Neither I recognise nor do I agree. 

ख़ामुशी अच्छी नहीं, इंकार होना चाहिए। 
ये तमाशा अब सर-ए-बाज़ार होना चाहिए।..... जफ़र इक़बाल..... 

Silaence is no good, should clearly say no. 
In the middle of mart, now organise this show. 






REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

पहली बार नज़रों ने चाँद बोलते देखा ।
हम जवाब क्या देते खो गए सवालों में।
..... बशीर बद्र.....

My eyes had seen moon speaking for the first time. 
What could I reply, was lost in questions sublime.

हुस्न को भी कहाँ नसीब 'जिगर' ।
वो जो इक शय मिरी निगाह में है। 
..... जिगर मुरादाबादी..... 

O ' Jigar' ! Even beauty doesn't have in  fate. 
That thing which  my vision can lustrate. 

दुश्मनों की दुश्मनी मेरे लिए आसान थी। खर्च आया दोस्तों की मेज़बानी में बहुत। 
..... मोहम्मद यूसुफ़ पापा..... 

Enmity of enemies was easy for me O Lord ! 
Hospitality of friends was so costly to afford. 

डूबने वाला था दिन शाम थी होने वाली। 
यूँ लगा मेरी कोई चीज़ थी खोने वाली। 
..... जावेद शाहीन..... 

The day was about to go and about to appear was eve'. 
It so appeared as if something of mine is going to leave. 

ऐ मौज-ए-हवादिस तुझे मालूम नहीं क्या? 
हम अहल-ए-मोहब्बत हैं, फ़ना हो नहीं सकते।..... असद भोपाली..... 

O wave of calamity, are not you aware ? 
We are people of love, death can't dare. 








Thursday, 19 May 2022

20 TOP COUPLETS ON SEPARATION

 अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें।
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें।..... अहमद फ़राज़.....

If we part now, probable meeting it looks. 
Like dried  flowers found within books . 

किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम। 
तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ।..... अहमद फ़राज़.....

How can I share cause of separation with all to rake. 
If you are angry with me, come for the world's sake. 

अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो। 
तुम मुझे ख़्वाब में आकर न परेशान करो।..... मुनव्वर राना.....

Let my parting journey be with some ease. 
Don't visit in dream ' n trouble me please. 

तुम से बिछड़ कर ज़िंदा हैं।
जान बहुत शर्मिंदा हैं। 
..... इफ़्तिख़ार आरिफ़.....

Having parted with you , but still am alive. 
O darling ! I am so ashamed to survive.

मिलना था इत्तफाक़ बिछड़ना नसीब था।
वो इतनी दूर हो गया जितना क़रीब था। 
..... अंजुम रहबर.....

Meeting was coincidence, parting was fate.
 So far he has gone as near was the mate.

जिस की आँखों में कटी थीं सदियाँ। 
उस ने सदियों की जुदाई दी है। 
..... गुलज़ार.....

Centuries were passed in those eyes.
 Now has parted with centuries of sighs.

उस को रुख़सत तो किया था मुझे मालूम न था। 
सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला। 
..... निदा फ़ाज़ली.....

I said goodbye to him but was yet not aware. 
One who has gone, left the whole house bare. 

यूँ लगे दोस्त तिरा मुझ से ख़फ़ा हो जाना। जिस तरह फूल से ख़ुशबू का जुदा हो जाना।.... क़तील शफ़ाई.....

Such is your being angry with me O mate. 
As fragrance has left the flower in a spate.

बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई।
इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया।
..... ख़ालिद शरीफ़..... 

The season changed as he parted with such a style. 
One person has deserted the whole city in a while.

तुझे ख़बर भी है ओ चैन से सोने वाले। 
रात भर कौन तिरी याद में बेदार रहा।
..... हिज्र नाज़िम अली ख़ान.....

Sleeping so peacefully, are you aware ?
Who in your memory was night long aware ?

वस्ल में रंग उड़ गया मेरा। 
क्या जुदाई को मुँह दिखाऊँगा ?
..... मीर तक़ी मीर....

I am off colour even in meeting time. 
How will I face the separation time ?

मैंने सोचा था कि लौट आते हैं जाने वाले। तूने जाकर तो जुदाई मिरी क़िस्मत कर दी।.... अहमद नदीम क़ासमी..... 

I thought those who left, would be back on date. 
You left and prescribed parting as my fate. 

उसी मक़ाम पर कल मुझ को देख कर तन्हा। 
बहुत उदास हुए फूल बेचने वाले। 
..... जमाल एहसानी..... 

Yesterday seeing me alone at that site. 
Flower sellers were sad with the sight. 

याद है अब तक तुझ से बिछड़ने की वो अंधेरी शाम मुझे। 
तू ख़ामोश खड़ा था लेकिन बातें करता था काजल।..... नासिर काज़मी.... 

That dark eve' of our parting I still recollect. 
You were silent but koel talked with full effect. 

महीने वस्ल के घड़ियों की सूरत उड़ते जाते हैं। 
मगर घड़ियाँ जुदाई की गुज़रती हैं महीनों में..... अल्लामा इक़बाल..... 

Months of meeting, within a few moments fly. 
The moments of parting take months passing by. 

तुझ से क़िस्मत में मिरी सूरत-ए-कुफ़्ल-ए-अबजद। 
था लिखा बात के बनते ही जुदा हो जाना।..... मिर्ज़ा ग़ालिब..... 

With you, like a coded lock on my fate.
As things settled was written, separate. 

 ख़ुद चले आओ या बुला भेजो। 
रात अकेले बसर नहीं होती। 
..... अज़ीज़ लखनवी..... 

Either come or get me flown. 
I can't pass the night alone. 

लगी रहती है अश्कों की झड़ी गर्मी हो सर्दी हो। 
नहीं रुकती कभी बरसात जब से तुम नहीं आए।..... अनवर शऊर..... 

Whether summer or winter,  tears trickle in a stream. 
The rain never stops, since you didn't return to redeem. 

ख़ुश्क ख़ुश्क सी पलकें और सूख जाती हैं। 
मै तिरी जुदाई में इस तरह भी रोया हूँ। 
..... अहमद राही..... 

My dry eyelashes got further dried. 
 Parting with you, this way too I cried. 

चमकते चाँद से चेहरों के मंज़र से निकल आए। 
ख़ुदा हाफ़िज़ कहा बोसा लिया घर से निकल आए।..... फ़ुज़ैल जाफ़री......

I got out of spectrum of moon like faces. 
Said goodbye, kissed and left  home traces. 
 

Wednesday, 18 May 2022

FARHAT EHSAAS.. GHAZAL.. HUI IK KHWAAB SE SHAADI MIRI TANHAAI KI.....

हुई इक ख़्वाब से शादी मिरी तन्हाई की।
पहली बेटी है उदासी मिरी तन्हाई की।

My solitude was married with a dream. 
Sadness is  first daughter of this stream.

अभी मालूम नहीं कितने हैं ज़ाती असबाब। 
कितनी वजहें हैं समाजी मिरी तन्हाई की। 
I do not know what are my personal assets. 
What are the social causes of solitude to gleam ?

जा के देखा तो खुला रौनक़-ए-बाज़ार का राज़।
एक इक चीज़ बनी है मिरी तन्हाई की। 

While there, was out secret of market splendour. 
Everything was crafted out of my solitude steam.

शहर-दर-शहर जो ये अंजुमऩें हैं मौजूद।
तर्बियत-गाहें हैं सारी मिरी तन्हाई की ।

City after city the societies that exist. 
These are training centres of my solitude esteem. 59

सिर्फ़ आईना-ए-आग़ोश-ए-मोहब्बत में मिली।
एक तन्हाई जवाबी मिरी तन्हाई की। 

It was found in embrace of love within mirror. 
A replica of my solitude mid stream. 

साफ़ है चेहरा-ए-क़ातिल मिरी नज़रों में मगर। 
मो'तबर कब है गवाही किसी तन्हाई की। 

The murderer's image is clear in my view. 
When is reliable witness of solitude in  case - seam. 

हासिल-ए-वस्ल सिफ़र हिज्र का हासिल भी सिफ़र। 
जाने कैसी है रियाज़ी मिरी तन्हाई की। 

Zero is the fate of meeting and departure. 
I know not what practice is of my solitude scream. 

किसी हालत में भी तन्हा नहीं होने देती। 
है यही एक ख़राबी मिरी तन्हाई की। 

No way does it allow me to be alone. 
That's the only fault with my solitary regime. 

मैं जो यूँ ही फिरता हूँ मय-ख़ानों में बुतख़ानों में। 
है यही रोज़ा नमाज़ी मिरी  तन्हाई की। 

I who just wanders in taverns 'n temples. 
That's my  solitary way   to treat fasts supreme. 

फ़रहत एहसास वो हम-ज़ाद है मेरा जिस ने। 
शहर में धूम मचा दी मिरी तन्हाई की। 

' Farhat Ehsaas' is my alter ego who has. 
Made popular my solitude with each city team. 








FARHAT EHSAAS.. GHAZAL.. HAR GALII KOOCHE MEN RONE KI SADAA MERI HAI....

हर गली कूचे में रोने की सदा मेरी है।
शहर में जो भी हुआ है वो ख़ता मेरी है। 

Mine is  crying sound in each lane and street. 
Mine is the fault in this city for every feat.

ये जो है ख़ाक का इक ढेर बदन मेरा है।
वो जो उड़ती हुई फिरती है क़बा मेरी है। 

It is this heap of dust, that is my body. 
That which is flying with the wind is my sheet.

ये जो इक शोर सा बरपा है अमल है मेरा।
ये जो तन्हाई बरसती है सज़ा मेरी है। 

This ever expanding noise is my act. 
This raining solitude is my punishing heat. 

मैं जो चाहूँ तो न खिल पाए कहीं एक भी फूल। 
बाग़ तेरा है मगर बाद-ए-सबा मेरी है।

If I don't like, not a single flower will bloom. 
It's your garden, but my breeze is that you meet.

एक  टूटी हुई कश्ती सा बना बैठा हूँ। 
न ये मिट्टी न ये पानी न हवा मेरी है।

I am just seated like a broken down ship. 
Neither soil, nor water nor is mine the wind sheet. 

Tuesday, 17 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

सुना है शहर का नक़्शा बदल गया 'महफ़ूज़'।
तो चल के हम भी ज़रा अपने घर को देखते हैं।
..... अहमद महफ़ूज़.....

'Mahfuuz' map of  city has changed, so I heard.
If it's so, let's go and see our home, our herd. 

मैं भी अपनी ज़ात में आबाद हूँ। 
मेरे अंदर भी क़बीले हैं बहुत।

I am also peopled in my tribe. 
Within me, there are many a tribe.

दिन अंधेरों की तलब में गुज़रा। 
रात को शम'अ जला दी हम ने।
..... गुलाम मोहम्मद क़ासिर.....

In pursuit of darkness, was spent the day. 
With advent of night,I have lit lamp  on the way. 

रात दिन फिर रहा हूँ गलियों में। 
मेरा इक शख़्स खो गया है यहाँ। 
..... अकबर हमीदी.....

I am wandering in the streets day and night. 
Here,one of my persons has gone out of sight. 

एक तख़्ती अम्न के पैगाम की। 
टाँग दीजे ऊँचे मीनारों के बीच।
..... अज़ीज़ नबील.....

With a message of peace on  placard. 
Hang between high minaret record. 

Monday, 16 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

दश्त-ए-तन्हाई में जीने का सलीक़ा सीखिए।
ये शिकस्ता बाम-ओ-दर भी हमसफ़र हो जाएँगे।
..... फ़ुज़ैल जाफ़री.....

 Learn the manner to live in solitude of desert. 
Broken doors and windows will join you in  effort.

हैं ए'तिबार से कितने गिरे हुए देखा।
इसी ज़माने में किस्से इसी ज़माने के।
..... सलील देहलवी.....

You saw, how downcast from belief are these. 
The tales of this world, before this world tease.

इस क़दर मैंने सुलगते हुए घर देखे हैं। 
अब तो चुभने लगे आँखों में उजाले मुझ को।..... कामिल बहज़ादी.....

I have seen the houses burning in this way. 
In my eyes now pierce each glow, each ray.

पहला पत्थर याद हमेशा रहता है। 
दुःख से दिल आबाद हमेशा रहता है।
..... साबिर वसीम.....

You always remember the first stone thrown.
Always heart is inhabited with pain of it's own.

दर्द के सहारे कब तलक चलेंगे ?
साँस रुक रही है रास्ता बड़ा है।
..... ख़लील मामून.....

How long can you travel with support of pain. 
The path is long, stopping is breath chain. 

Sunday, 15 May 2022

AKHBAAR...21.. COUPLETS

हमारे शहरके लोगों का अब अहवाल इतना है।
कभी अख़बार पढ़ लेना कभी अख़बार हो जाना।..... अदा जाफ़री .....

The people of my city are in this state..
 At times reading news, then be paper of the date.

ख़त ग़ैर का पढ़ते थे जो पूछा तो ये बोले। अख़बार का पन्ना है ख़बर देख रहे र्है। 

It was a rival 's letter, when asked, she so hinted
It's a newspaper page,am reading what is printed. 

खींचो न कमानों को न तलवार निकालो। 
जब तोप मुक़ाबिल हो तो अखबार निकालो।..... अकबर इलाहाबादी..... 

Neither pull bow string nor take out the sword
. When faced with cannon ,on news paper you record. 

इस वक़्त वहाँ कौन धुआँ देखने जाए। 
अख़बार में पढ़ लेंगे कहाँ आग लगी है  
..... अनवर मसूद..... 

Who'll go to see now where from comes the smoke. Tomorrow in newspaper, it can be read in a stroke.

दस बजे रात को सो जाते हैं ख़बरें सुन कर। 
सुब्ह हर रोज़ ही अख़बार उठा लैते हैं। 
..... शहज़ाद अहमद..... 

Listening news, we sleep at ten every night. 
In the morning, take the newspaper at sight. 

सुर्खियाँ ख़ून में डुबी हैं सब अख़बारों की 
आज के दिन कोई अख़बार न देखा जाए।..... मख़मूर सईदी..... 

Titles of all the papers are  blood - soaked. 
Today , let no paper be seen, get provoked. 

रात के लम्हात ख़ूनी दास्ताँ लिखते रहे। 
सुब्ह के अख़बार में हालात बेहतर हो गए
..... नुसरत ग्वालियरी..... 

All night moments kept writing bloody tale. 
Morning paper said power control didn't fail. 

ऐसे मर जाएँ कोई नक़्श न छोड़ें अपना। 
याद दिल में न हो अखबार में तस्वीर न हो।..... ख़लील मामून..... 

Just die like that, leaving none of our trace. 
No memory in heart, no photo in news space. 

'वसीम 'ज़ेह्न बनाते तो हैं वही अख़बार। जो ले के एक भी अच्छी ख़बर नहीं आते।..... वसीम बरेलवी..... 

O 'Waseem'! Mind is shaped by the news. 
Which gather not a single good thing in views. 

चश्म-ए-जहाँ से हालत-ए-अस्ली छुपी नहीं। 
अख़बार में जो चाहिए वो छाप दीजिए। 
..... अकबर इलाहाबादी..... 

From the world's eye isn't hidden true state. 
Print what you like on the newspaper plate. 

अद्ल - गाहें तो दूर की शै हैं। 
क़त्ल अख़बार तक नहीं पहुँचा। 
..... साहिर लुधियानवी..... 

The courts of justice are far too away. 
Even in newspaper, murder didn't find way. 

नाख़ुदा देख रहा है कि मैं गिर्दाब में हूँ। 
और जो लोग खड़े पुल पे हैं अख़बार में हैं।..... गुलज़ार..... 

Boatsman is seeing that I am entwined in whorl. 
People on the bridge read news paper 'n quarrel. 

रात भर सोचा किए और सुब्ह - दम अख़बार में। 
अपने हाथों अपने मरने की ख़बर देखा किए।..... मोहम्मद अल्वी..... 

Whole night I thought, at morning in news. 
In my hands saw my own
 death reviews. 

कुछ ख़बरों से इतनी वहशत होती है। 
हाथों में अख़बार उलझने लगते हैं। 
...... भारत भूषण पंत..... 

Some news are so much stuck with freight. 
Newspaper entangles with hands in sight. 

चेहरे पे जो लिखा है वही उसके दिल में है। 
पढ़ ली हैं सुर्खियाँ तो अब अख़बार फेंक दे।..... शहज़ाद अहमद..... 

What ever is written on face is in his heart. 
You have read the titles, throw newspaper part. 

कुछ हर्फ़ - ए-सुख़न पहले तो अख़बार में आए। 
फिर इश्क़ मिरा कूचा-ओ-बाज़ार में आए।..... इरफ़ान सिद्दीक़ी.....

Let in the paper be published my literary part. 
Then my love can reach the lanes and mart. 

अख़बार में रोज़ाना वही ख़बर है यानी। 
अपने से ये हालात सुधर क्यूँ नहीं जाते ? 
..... महबूब ख़िज़ाँ..... 

 Everyday same news is flashed on platter. 
By itself why can't things change for better. 

इश्क़ अख़बार कब का बंद हुआ। 
दिल मिरा आख़िरी शुमारा है। 
..... फ़रहत अहसास..... 

Since long has closed love news part. 
It's final enumeration is my heart. 

अर्से से इस दयार की कोई ख़बर नहीं। 
फ़ुरसत मिले तो आज का अख़बार देख लें।..... आशुफ़्ता चंगेज़ी..... 

There's no news of this land since long. 
In leisure, let us see newspaper for long. 

तुझे शिनाख्त नहीं है मिरे लहू की क्या ? मैं रोज़ सुब्ह के अख़बार से निकलता हूँ।..... शोएब निज़ाम..... 

 Can't you even recognize my blood shed ? 
Daily from morning  newspaper, it is shed. 

खुलेगा उन पे जो बैनासुतूर पढ़ते हैं। 
वो हर्फ़ हर्फ़ जो अख़बार में नहीं आता.।..... रऊफ़ ख़ैर...... 

Those who read  between lines, it will be apparent to them. Every letter that's not prited in the newspaper stem. 








 


ANWAR MASOOD.. GHAZAL.. AB KAHAAN AUR KISI CHEEZ KI JAA RAKKHI HAI......

अब कहाँ और किसी चीज़ की जा रक्खी है ?
दिल में अब तेरी तमन्ना जो बसा रक्खी है। 

Now where is the space for any other thing ?
In my heart now dwells your desirous fling. 

सर-ब-कफ़ मैं भी हूँ शमशीर-ब-कफ़ है तू भी।
तूने किस दिन पे ये तक़रीब उठा रक्खी है ?

You  have sword in hand, 'n I am willing to die.
For which day have you this approach to kling ?

दिल सुलगता है तिरे सर्द रवैये से मिरा। 
देख इस बर्फ़ ने क्या आग रक्खी है ?

My heart is afire with your cold attitude. 
Look, what fire can this ice- set, bring ? 

आईना देख ज़रा क्या मैं ग़लत कहता हूँ ? तूने ख़ुद से भी कोई बात छुपा रक्खी है। 

 Just look at mirror, is what I say wrong ? 
Even from yourself you have hidden something. 

जैसे तू हुक्म करे दिल मिरा वैसे धड़के। 
ये घड़ी तेरे इशारों से मिला रक्खी है। 

My heart just throbs the way you order. 
 Set to your gestures is the clock, this thing. 

मुतमइन मुझ सै नहीं है जो रईयत मेरी।
 ये मिरा ताज रखा है ये क़बा रक्खी है। 

 If my people are not satisfied with me. 
I am setting aside, crown,, dress, everything. 

गौहर-ए-अश्क से ख़ाली नहीं आँखें 'अनवर'।
यही पूँजी तो ज़माने से बचा रक्खी है।

 'ANWAR ! Eyes aren't devoid of pearl like tears. 
From the world I have saved this costly thing. 

Saturday, 14 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

तुम हमारे किसी तरह न हुए।
वर्ना दुनिया में क्या नहीं होता। 
..... मोमिन ख़ान मोमिन.....

No wsy mine you could be.
In world, what else can't be. 

  अब तो घर की आबादी मेहमानों पर है।
कोई आता है तो वक़्त गुज़र जाता है। 
..... ज़ेहरा निगाह.....

Guests now make the house populace. 
When they come, time finds it's place.

इक ख़ौफ़-ए-बे-पनाह है आँखों के आर-पार।
तारीकियों में डूबता लम्हा है सामने। 
..... सुलेमान ख़ुमार.....

An unlimited fear crosses through the eyes. 
Drowning in darkness is a moment before eyes.

ऐ दिल-ए-बे-क़रार चुप हो जा।
जा चुकी है बहार चुप हो जा। 
.....साग़र सिद्दीक़ी..... 

O restless heart ! Now keep mum.
The spring is gone, now keep mum.

उस का जलवा दिखाई देता है। 
सारे चेहरों में सब किताबों में। 
..... रज़ी रज़ीउद्दीन..... 

Only her appearance comes in view. 
In all faces, books all through. 

Friday, 13 May 2022

GHALIB.. GHAZAL.. AAH KO CHAAHIYE IK UMR ASAR HONE TAK......

आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक।
कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक।

Alas ! It takes time for the effect, till then.
Who'll live to conquer your tress, till then ?

दाम-ए-हर-मौज में है हल्क़-ए-सद-काम-ए-नहंग।
देखें क्या गुज़रे है क़तरे पे गुहर होने तक।

In chain of waves are chains of a hundred tasks.
Let's see as water drop becomes pearl, till then.

आशिक़ी सब्र - तलब और तमन्ना बे-ताब।
दिल का क्या हाल करूँ ख़ून-ए-जिगर होनै तक ?

Love needs patience, desire is impatient.
What 'll heart be, as bloodied is liver, till then.

ता-क़यामत शब-ए-फ़ुरक़त में गुज़र जाएगी उम्र।
सात दिन हम पे भी भारी हैं सहर होने तक। 

Parting night will consume my life till doom. 
Seven days are heavy on me to morn' , till then.

हम ने माना कि तग़ाफ़ुल न करोगे लेकिन। 
ख़ाक हो जाएँगे हम तुम को ख़बर होने तक ।

I agree that you will not ignore me , but. 
Before you know, I 'll become dust, till then. 

परतव-ए-ख़ुर से है शबनम को फ़ना की तालीम। 
मैं भी हूँ एक इनायत की नज़र होने तक। 

Dew is taught to be gone with morning light. 
I am there for a favourable glimpse, till then. 

इक नज़र बेश नहीं फ़ुरसत-ए-हस्ती ग़ाफ़िल। 
गर्मी-ए-बज़्म है इक रक़्स-ए-शरर होने तक। 

O unconscious ! A glimpse isn't enough for life. 
Heat of meeting lasts as spark dances, till then 

ग़म-ए - हस्ती का 'असद' किस से हो जुज़ मर्ग इलाज। 
शम'अ हर रंग में जलती है सहर होने तक। 

' Asad'who can cure life griefs before death ? 
Candle keeps burning upto morn' , till then. 


MUSAHAFI... GHAZAL.. RAAT PARDE SE ZARAA MUNH JO KISU KA NIKLAA......

रात पर्दे से ज़रा मुँह जो किसू का निकला। 
शोला समझा था उसे मैं प भभूका निकला। 

Uncovered at night when a face became.
What I thought cinder was in fact a flame.

महर-ओ-मह उस की फ़बन देख के हैरान रहे।
जब वरक़ यार की तस्वीर-ए-दो-रू का निकला।

Surprised eith her beauty were sun 'n moon.
As double faced picture page of my love came. 

ये अदा देख के कितनों का हुआ काम तमाम। 
नीमचा कल जो टुक उस अरबदा-जू का निकला।

Many got perished by seeing that style.
For a while out dagger of the shouter came.

मर गई सर्व पे जब हो के तसद्दुक़ क़ुमरी।
उस से उस दम भी न तौक़ अपने गुलू का निकला।

As dove-bird was gifted 'n died for Sarv.
Her necklace wasn't out even for name.

' मुसहफ़ी'हम तो ये समझे थे कि होगा कोई ज़ख़्म।
तेरे दिल में तो बहुत काम रफ़ू का निकला। 

O' Mushafi' I had thought there was some tear. 
In your heart, there was a lot to stitch 'n claim. 

Thursday, 12 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

गिरते हैं समंदर में बड़े शौक़ से दरिया।
लेकिन किसी दरिया में समंदर नहीं गिरता।..... क़तील शफ़ाई.....

As a hobby, rivers fall into the sea . 
Sea falllng in a river one does not see.

दिल ने चुपके से कहा कोशिश-ए-नाकाम के बाद।
ज़हर ही दर्द-ए-मोहब्बत की दवा हो जैसे।
..... सैयद एहतिशाम हुसैन.....

After a failed attempt, silently said the heart. 
Poison is the only drug for love pain in  mart.

दर्द-ए-महरूमी-ए-जावेद भी इक दौलत है।
अहल-ए-ग़म भी तिरे शर्मिंदा-ए-अहसाँ निकले।..... अज़ीम मुर्तज़ा.....

Eternal absence of pain is also a treasure.
Men of grief were found to be devoid of favour.

आशिक़ की भी हस्ती है दुनिया में अजब हस्ती।
ज़िंदा है तो रुस्वा है, मर जाए तो अफ़साना।..... हयात अमरोहवी.....

Capability of a lover in the world is so strange.
Dishonoured till alive, with death in tale range.

उसी को ज़िन्दगी का साज़ देकर
 मुतमइन हूँ मैं।
वो हुस्न जिस को हुस्न-ए-बे-सबात कहते आए हैं।..... नुशूर वाहिदी..... 

I am satisfied giving my instrument of life to her. 
The beauty that with death is known to suffer. 



Wednesday, 11 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है।
यानी अपना ही मुब्तला है इश्क़। 
..... मीर तक़ी मीर.....

Love is beloved, it's the lover. Entangled in self is love for ever.

तब हम दोनों वक़्त चुरा कर लाते थे।
अब मिलते हैं जब भी फ़ुरसत होती है। 
..... जानेद अख़्तर.....

Earlier we used to meet stealing the time.. 
Now we meet only when we have time.

किस किस तरह की दिल में गुज़रती हैं हसरतें। 
है वस्ल से ज़ियादा मज़ा इंतिज़ार में। 
..... ताबाँ अब्दुल हई..... 

From heart pass many desires to sate. 
More pleasant than meeting is to wait. 

दिल उस चश्म को वो दिल-ए-ज़ार को। 
कि देखे है बीमार बीमार को। 
..... तस्वीर देहलवी..... 

Heart sees the eye, eye looks at affected heart. 
A sick man looks at the other of it's sort. 

चंद यादों के दिए थोड़ी तमन्ना कुछ ख़्वाब। 
ज़िन्दगी तुझ से ज़ियादा नहीं माँगा हम ने। 
..... मोहम्मद रशीदी..... 

A few lamps of memories, desires  'n dreams. 
O life ! I didn't ask for much,
 as it seems. 

KAIFI AAZMI.. GHAZAL... JO WO MIRE NA RAHE, MEIN HI KAB KISI KA RAHA........

जो वो मिरे न रहे, मैं ही कब किसी का रहा।
बिछड़ के उन से सलीक़ा न ज़िन्दगी का रहा। 

If she was not mine, I was of no one. 
Parting with her, style  of life was undone.

लबों से उड़ गया जुगनू की तरह नाम उन का।
सहारा अब कोई घर में न रौशनी का रहा। 
Her name like glow-worm, flew from lips. 
For light in my home was support of none. 

गुज़रने को तो हज़ारों ही क़ाफ़िले गुज़रे। 
ज़मीं पे नक़्श-ए-क़दम पर किसी किसी का रहा।

A thousand caravans passed by the way. 
Footprints of a few were there after run. . 

Tuesday, 10 May 2022

KAIFI AAZMI.. GHAZAL.. JHUKI JHUKI SI NAZAR BEQARAR HAI KI NAHIN....

झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं।
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं। 

Whether downcast eyes are uneasy or not ? 
Subdued, but there's love in heart or not. 

तू अपने दिल की जवाँ धड़कनों को गिन के बता। 
मिरी तरह तिरा दिल बे-क़रार है कि नहीं। 

Count young throbs of heart and tell. 
Your heart like mine, is uneasy or not. 

वो इक पल जिसमें मोहब्बत जवान होती है। 
उस एक पल का तुझे इंतिज़ार है कि नहीं। 

That moment when love achieves it's youth. 
Whether you wait for that moment or not. 

तिरी उम्मीद पे ठुकरा रहा हूँ दुनिया को। 
तुझे भी अपने पे ये ए'तबार है कि नहीं। 

I am shoeing the world in hope of you. 
Whether you have that faith on self or not. 

KAIFI AAZMI.. GHAZAL. YUN HI KOI MIL GAYA THA SAR-E-RAAH CHALTE CHALTE...

यूँ ही कोई मिल गया था सर-ए-राह चलते चलते।
वहीं थम के रह गई है मिरी रात ढलते ढलते।

Someone had met on the way, while I was on stroll.
He has simply stopped over there, my evening on roll.

जो कही गई है मुझ से वो ज़माना कह रहा है। 
कि फ़साना बन गई है मिरी बात टलते टलते।

Whatever is said to me, is now on every tongue.
It is now in shape of tale, the talk has taken toll.

शब-ए-इंतिज़ार आख़िर कभी होगी मुख़्तसर भी।
ये चिराग़ बुझ रहे हैं मिरे साथ जलते जलते। 

This waiting night also will sometime get shortened.
These lamps are also dimming, alight since night fall. 

KAIFI AAZMI.. GHAZAL.. YA DIL KI SUNO DUNIYA WALO YA HUM KO BHI CHUP RAHNE DO..

या दिल की सुनो दुनिया वालो या हम को भी चुप रहने दो।
मैं ग़म को ख़ुशी कैसे कह दूँ जो कहते हैं उन को कहने दो।

O world ! Either listen to heart or let me  also be mum..
How can I call grief pleasure, let those who can say so, hum. 

 ये फूल चमन में कैसा खिला माली की नज़र में प्यार नहीं।
हँसते हुए क्या क्या देख लिया अब बहते हैं आँसू बहने दो। 

What a flower bloom in garden, no love in the gardener's eye.

Smiling what you could see  saw, now let tears roll O chum.

इक ख़्वाब ख़ुशी का देखा नहीं, जो देखा कभी तो भूल गये।
जो माँगा कभी तुम दे न सके, जो दे दिया उस को रहने दो।

I have not seen a pleasant dream,I forget , if I had seen one. 
You could not give, what I had asked, what I have, let me keep that sum.

क्या दर्द किसी का लेगा कोई ऐसा तो किसी को दर्द नहीं। 
बहते हुए आँसू और बहें अब ऐसी तसल्ली रहने दो। 

Who can share other's pain, no one can have that much  pain.
Let rolling tears be on roll, do not thus console, keep mum. 

TODAY'S 5+2 COUPLETS

पेड़ के काटने वालों को ये मालूम तो था।
जिस्म जल जाएँगे जब सर पे न साया होगा।..... कैफ़ी आज़मी.....

Those who were cutting the tree were aware.
Bodies would burn if their heads were bare.

अपनी नाकामियों पे आख़िर-ए-कार।
मुस्कुराना तो अख्तियार में है।
..... क़मर जमील.....

Ultimately on my own failure. 
I can smile, that's for sure. 

जब से आया है वो मुखड़ा नज़र आईने को।
 तब से अपनी ही ख़बर है नहीं आईने को।..... मजनूँ गोरखपुरी..... 

Having seen that face the mirror ever since. 
Is unable to look after the
 self ever since. 

वो लोग अपने आप में कितने अज़ीम थे। 
जो अपने दुश्मनों से भी नफ़रत न कर सके।..... ख़लील तनवीर..... 

Within themselves, how were those men great. 
Who even to their enemies could never hate. 

हँसी है दिल - लगी है क़हक़हे हैं। 
तुम्हारी अंजुमन का पूछना क्या ? 
..... मुबारक अज़ीमाबादी..... 

There's heartappealing laughter and guffaws. 
What to enquire about your meeting laws ? 

या दिल की सुनो दुनिया वालो या मुझ को अभी चुप रहने दो। 
मैं ग़म को ख़ुशी कैसे कह दूँ जो कहते हैं उन को कहने दो।..... कैफ़ी आज़मी..... 

O world ! Either listen to the heart,or let me also keep mum. 
How can I say grief is pleasure, those who say so, let them hum. 

ये फूल चमन में कैसा खिला माली की नज़र में प्यार नहीं। 
हँसते हुए क्या क्या देख लिया अब बहते हैं आँसू बहने दो। 

What a flower in garden bloom, even gardener shows look of doom. . 
What all have you seen with a smile, let the tears now flow O chum. 



Monday, 9 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

अधूरी छोड़ के तस्वीर मर गया वो 'ज़ेब' ।
कोई भी रंग मयस्सर न था लहू के सिवा। 
..... ज़ेब ग़ौरी.....

 O 'Zeb' ! He died leaving picture incomplete.
No colour but blood was there to complete. 

अंदर का ज़हर-नाक अंधेरा ही था बहुत।
शब पर तुली खड़ हहै शब-ए-तार किस लिए ?..... ज़फ़र इक़बाल.....

Enough was poisonous dark inside over there. 
Why is dark night dangling over my head here ?

मेरी ग़ज़ल को मेरी जाँ फ़क़त ग़ज़ल न समझ। 
इक आईना है जो हर दम तिरे मुक़ाबिल है।..... कलीम आजिज़.....

Don't take my ghazal for ghazal alone here. 
It's a mirror that confronts you everywhere.

शबनमी क़तरे गुल-ए-लाला पे धे रक़्स-कुना।
बर्फ़ के टुकड़े भी देखे गए अंगारों में।
..... महफ़ूज़ुर्रहमान.....

Dancing on spotted flowers were drops of dew. 
Ice chips on the cinders were also in view.

वाक़िफ़ हैं ख़ूब आपके तर्ज़-ए-जफ़ा से हम।
इज़हार-ए-इल्तिफ़ात की ज़हमत न कीजिए।..... हसरत मोहानी.....

I am very well aware of your faithless way. 
Don't take trouble to show affection and say. 

Sunday, 8 May 2022

FANAA KANPURI.. GHAZAL.. GHAM HAR IK AANKH KO CHHALKAYE ZAROORI TO NAHIIN....

ग़म हर इक आँख को छलकाए ज़रूरी तो नहीं। 
अब्र उठे और बरस जाए ज़रूरी तो नहीं।

It's not essential that grief can spill every eye.
Rain shall not pour from each cloud roaring high. 

बर्क़ सैयाद के घर पर भी तो गिर सकती है। 
आशियाने पे ही लहराए ज़रूरी तो नहीं।

Electric spark can also fall on the captor's home. 
It's not essential that it 'll wave on the nests set high.

राहबर राह मुसाफ़िर को दिखा देता है। 
वही मंज़िल पे पहुँच जाए ज़रूरी तो नहीं। 
Guide can show the way to wayfarer. 
It isn't essential to reach goal in each try.

नोक-ए-हर-ख़ार ख़तरनाक तो होती है मगर।
सब के दामन से उलझजाए ज़रूरी तो नहीं ।

It's true that tip of each thorn is dangerous. 
These can't entangle every hem held high.

ग़ुंचे मुरझाते हैं और शाख़ से गिर जाने हैं। हर कोई फूल ही बन जाए ज़रूरी तो नहीं। 

Buds also shrivel and fall from twigs.
Each won't turn flower, it's true with a sigh. 

Saturday, 7 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

कितने नादाँ हैं तिरे भूलने वाले कि तुझे। भूलने के लिए इक उम्र पड़ होहो जैसे।
..... अहमद फ़राज़.....

How innocent are those who plan to forget you. 
As if there's whole life time to forget you. 

नहीं होती है राह-ए-इश्क़ में आसाँ मंज़िल
सफ़र में भी तो सदियों की मसाफ़त चाहिए है।.... फ़रहत नदीम हुमायूँ.....

En-route to love, goal isn't easy to attain.
It needs time of centuries for this to attain. 

टपकना अश्क का तम्हीद है दीदार की जैसे।
तुलू-ए-महर से पहले सितारा सुब्ह-दम निकले।..... जलील मानिकपुरी.....

Dropping of tear is a preparation of her view. 
As morning star before sun-rise comes to view.

ग़ैर की नजरों से बच कर सब की मर्ज़ी के ख़िलाफ़। 
वो तिरा चोरी-छिपे रातों को आना याद है।
..... हसरत मोहानी.....

Avoiding view of rivals, against everyone 's will.
Your stealthy arrival at nights, I remember still. 

दिल की उदासियों का कोई सबब नहीं है। बस ये सबब है मेरे दिल की उदासियों का।..... नील अहमद..... 

There is no cause for sadness of my heart. 
Only this is the cause for sadness of my heart. 

Friday, 6 May 2022

BASHIR BADR.. GHAZAL.. MERE BARE MEN HAWAON SE WO KAB POOCHHEGAA....

मेरे बारे में हवाओं से वो कब पूछेगा ?
ख़ाक जब ख़ाक में मिल जाएगी तब पूछेगा !

About me, from the wind, when will he ask ?
When dust will mingle with dust 'n mask ! 

घर बसाने में ये ख़तरा है कि घर का मालिक। 
रात में देर से आने का सबब पूछेगा। 

The trouble with being at home, is owner. 
Why am I late at night, take to task. 

अपना ग़म सब को बताना है तमाशा करना। 
हाल-ए-दिल उसको सुनाएंगे वो जब पूछेगा। 

Talking about your grief with all, is show off. 
State of heart 'll be told, when he will ask. 

जब बिछड़ना भी तो हँसते हुए जाना वर्ना। 
हर कोई रूठ के जाने का सबब पूछेगा। 

Even if we part, leave with a smile or else. 
Why did you take offence, every one' ll ask. 

हम ने लफ़्ज़ों के जहाँ दाम लगे बेच दिया। 
शे'र पूछेगा हमें अब न अदब पूछेगा। 

When suitably priced, I sold the words. 
About me now couplets and literature won't ask. 


Thursday, 5 May 2022

QATEEL SHAFAAI.. GHAZAL.. DOOR TAK CHHAYE THE BADAL AUR KAHIIN SAAYA NA THA.....

दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था।
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था। 

Clouds were spread all over, yet shade was no more. 
This type of rainy season was never seen before. 

सुर्ख़ आहन परटपकती बूँद है अब हर ख़ुशी। 
ज़िन्दगी ने यूँ तो पहले हमको तरसाया न था। 

Every pleasure is a drop on iron that's red hot. 
Like this life had never made me crave to the core.

क्या मिला आख़िर तुझे सायों के पीछे भाग कर ?
ऐ दिल-ए-नादाँ तुझे क्या हम ने समझाया न था ?

 After all what did you get by following the shadows ?
O innocent heart ! Didn't I try  you to understand more  ? 

उफ़ ये सन्नाटा कि आहट तक न हो जिसमें मुख़िल। 
ज़िन्दगी में इस क़दर हमने सुकूँ पाया न था। 

What a silence that even a  footfall feels intruder.
I had never known peace of this kind in life before.

ख़ूब रोए छुप के घर की चारदीवारी में हम। 
हाल-ए-दिल कहने के क़ाबिल कोई हमसाया न था।

I had wept a lot within the boundaries of home. 
Had no neighbour whom heart feelings I could pour. 

हो गए क़ल्लाश जब से आस की दौलत लुटी।
पास अपने और तो कोई भी सरमाया न था। 

 I got bankrupt when wealth of hope was robbed.
There was no wealth, means or material anymore. 

वो पयम्बर हो कि आशिक़ क़त्लगाह-ए-शौक़ में।
ताज काँटों का किसे दुनिया ने पहनाया न था ? 

May be a prophet or lover, in the battlefield of desire. 
Wasn't it always  crown of thorns that world saw, he wore. 

सिर्फ़ ख़ुशबू की कमी थी ग़ौर के क़ाबिल 'क़तील' ।
वर्ना गुलशन में कोई भी फूल मुरझाया न था।..... क़तील शफ़ाई.....

 Only fragrance was missing worth a mention O 'Qateel'.
 Not a single flower faded in the garden anymore. 


REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

यूँ देखते रहना उसे अच्छा नहीं 'मोहसिन'। वो काँच का पैकर है तो पत्थर तिरी आँखें।..... मोहसिन नक़्वी.....

O Mohsin ! It isn't good to keep looking at her class.
While your eyes are stone, her whole form is glass. 

खींच लाई है तिरे दश्त की वहशत वर्ना। 
कितने दरिया ही मिरी प्यास बुझाने आते।..... रज़्मी असीम.....

Wildness of your desert has brought me here. 
Many streams 'd come to quench my thirst there.

चीख़ उठता है दफ़-अतन किरदार।
जब कोई शख़्स बदगुमाँ हो जाय। 
..... अहमद अश्फ़ाक़.....

Suddenly character starts crying. 
 When someone is suspicious, trying. 

शायद यूँ ही सिमट सकें घर की ज़रूरतें। 
' तनवीर ' माँ के हाथ में अपनी कमाई दे। 
..... तनवीर सिप्रा.....

May be, the home needs 'll sqeeze within hand.
' Tanveer' ! Place your earnings on mother's hand.

इक हल्क़ा-ए-अहबाब है तन्हाई भी उस की।
इक हम हैं कि हर बज़्म में तन्हा नज़र आए।..... वामिक़ जौनपुरी..... 

Even her separation is a friendly chain. 
Even in each gathering, 
alone I remain. 


Wednesday, 4 May 2022

केवट हरि चरणाँ नैं धोवै।

केवट हरि चरणाँ नैं धोवै ।

जिन चरणाँ का दरसन नैं मुनि करैं तपस्या भारी।
छूताँ ही पत्थर सैं निकली गौतम ऋषि की नारी।
उन चरणाँ नैं धोणै को यो मौको कैयाँ खोवै। 
केवट हरि चरणाँ नैं धोवै ।

नाव काठ की पत्थर भी छूयाँ नारी हो जाय।
पैल्याँ धोल्यूँ इन चरणाँ नैं फिर द्यूँ पार कराय। 
हरि हँस कहैं करो कुछ जिससैं नाव नार नहीं होवै। 
केवट हरि चरणाँ नैं धोवै ।

गंगा निकली हरि चरणाँ सैं बेद पुराण बतावै। 
फिर सैं छू कर धन्य हो ही मन मैं क्यूँ सुकचावै। 
प्रेम मगन है केवट आँख्याँ को जल पैर भिगोवै। 
केवट हरि चरणाँ नैं धोवै ।

देख देख कै काडै जितणा गड़्या राह मैं सूल।
निरखै हरसै हरसै निरखै हुयो भाग्य अनुकूल। 
फिर कब दरसन पाऊँगो मैं जब सोचै तो रोवै। 
केवट हरि चरणाँ नैं धोवै ।

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

ग़म-ए-ज़माना ने मजबूर कर दिया वर्ना।
ये आरज़ू थी कि तेरी ही आरज़ू करते। 
..... अख़्तर शीरानी.....

World grief had compelled me too. 
Though I longed to long for you.

जिस के लिए बच्चा रोया था और पोंछे थे आँसू बाबा ने। 
वो बच्चा अब भी ज़िन्दा है वो मँहगा खिलौना टूट गया। 
..... महशर बदायूनी.....

For which the child wept 'n tears wiped by father.
That child is still alive, costly toy has broken father ! 

हुए मदफ़न-ए-दरिया ज़ेर-ए-दरिया तैरने वाले।
तमाचे मौज के खाते थे जो, बन कर गुहर निकले।

Those who swam under the stream, finally got drowned. 
Those who bore  slaps of waves, were as pearls crowned.

कैसे थे लोग जिन की ज़बानों में नूर था। 
अब तो तमाम झूट है सच्चाइयों में भी। 
..... जमील मलिक.....

What men were those who had virtuous tongue ?
Now that it's a total lie, even when truth is sung. 

रात भर ख़्वाब में जलना भी इक बीमारी है। 
इश्क़ की आग से बचने में समझदारी है। 
..... अमित शर्मा मीत.....

It's a disease as you burn night long in dreams. 
Saving  self from fire of love is sensible, it seems. 

Tuesday, 3 May 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

जो लोग गुज़रते हैं मुसलसल रह-ए-दिल से।
दिन ईद का हो उन को मुबारक तह-ए-दिल से।..... उबैद आज़म आज़मी.....

Those who pass so regularly by the heart's way.
Auspicious for them from bottom of heart be Eid's day.

ईद का दिन है गले आज तो लग जा ज़ालिम। 
रस्म-ए-दुनिया भी है, मौक़ा भी है, दस्तूर भी है।..... क़मर बदायूनी.....

O tyrant ! Just embrace me today on Eid's day.
It's world tradition, a chance 'n custom of the day.

हँसी है, दिल-लगी है, क़हक़हे हैं।
तुम्हारी अंजुमन का पूछना क्या ?
..... मुबारक अज़ीमाबादी.....

There's laughter, amusement and guffaws. 
What to enquire about your meeting laws ?

वो चाँदनी में फिरते हैं घर घर ये शोर है। 
निकला है आफ़ताब शब-ए-माहताब में।
..... जलील मानिकपुरी.....

She walks in moonlight, there's noise from each home site. 
That the sun has also appeared on a moon - lit night.

बच्चों को हम न एक खिलौना भी दे सके। ग़म और बढ़ गया है जो त्योहार आए हैं। 
..... ओबैदुर रहमान.....

We could not provide to the children one toy. 
Pain has increased with the festivals ploy. 

Monday, 2 May 2022

BASHIR BADR.. GHAZAL.. KAHIIN PANGHATON KI DAGAR NAHIN, KAHIN AANCHALON KA NAGAR NAHIN....

कहीं पनघटों की डगर नहीं, कहीं आँचलों का नगर नहीं।
ये पहाड़ धूप के पेड़ हैं कोई सायादार शजर नहीं। 

It's no route of watering places, a city of hems just worth nothing. 
These mounts are trees of sunlight, shadless trees are worth nothing. 

वो बिका है कितने करोड़ में ज़रा उसका हाल बताइए। 
कोई शख़्स भूख से मर गया, ये ख़बर तो कोई ख़बर नहीं। 

Tell details of the man, who was sold in several crores.
Someone has died of hunger, this news is just worth nothing.

ये महकते फूलों की छतरियाँ, मिरी महरबाँ, मिरी साहबाँ।
तिरे साथ धूप के रास्तों का सफ़र तो कोई सफ़र नहीं। 

These canopies of fragrant flowers, O kindhearted, O my love ! 
Moving with you in the sun, this journey is just worth nothing. 

मैं वहाँ से आया हूँ, आज भी जहाँ प्यार दिल का चराग़ है। 
ये अजीब रात  का शहर है, यहाँ रौशनी का गुज़र नहीं। 

I have come from a place, where love is still a lamp of heart. 
This city has a strange night, entry of light is worth nothing. 

ये ज़मीन दर्द की नहर है ये ज़मीन प्यार का शहर है।
मैं इसी ज़मीन का ख़्वाब हूँ मुझे आसमान का डर नहीं। 

This earth is canal of pain, this earth is a city of love. 
I am a dream of this land,for me fear of sky is worth nothing. 

कोई 'मीर' हो कि 'बशीर' हो, जो तुम्हारे नाज़ उठाएँ हम। 
ये 'ज़फ़र' की दिल्ली है बा-अदब, यहाँ हर किसी का गुज़र नहीं। 

Are you 'Mir' or 'Bashir', that we take care of your poise. 
This is Delhi of respected 'Zafar', here anyone is worth nothing. 







BASHIR BADR...15.... COUPLETS

शिद्दत की धूप तेज़ हवाओं के बावजूद।
मैं शाख़ से गिरा हूँ नज़र से गिरा नहीं। 

Despite intense sun and wind blasts select. 
I have fallen from branch, not an eye reject.

तमाम रात मैं ख़्वाबों में जागता ही रहा। 
चढ़ा हुआ है इन आँखों में रात भर का ख़ुमार। 

Whole night I kept awake in the dreamy skies
Intoxicating effect of night is still in my eyes. 

ये बात कि सूरत के भले दिल के बुरे हो। अल्लाह करे झूठ हो, बहुतों से सुनी है। 

That you are good in face and bad at heart. 
By God be it a lie, is heard from many a part. 

सुझाई कुछ नहीं देता शिकस्ता यादों ने। 
किसी का चेहरा किसी के बदन पे जोड़ दिया। 
Nothing is apparent because
memories are shattered. 
Grafting of some face on other's body hasn't mattered. 

 किताबें, किताबें, किताबें, किताबें।
कभी तो वो आँखें वो रुख़सार पढ़ना।

Books and books and heap of books. 
Read her eyes, cheeks and looks. 

अजीब आग है हमदर्दियों के मौसम की। 
ग़रीब बस्तियाँ बरसात ही में जलती हैं। 

Strange is the fire in kindness terrain. 
Hutments of poor are ashed in rain. 

शाहिद शब-ए-हिज्राँ है तिरा ज़िक्र हुआ था। 
ऐ मौत भली आई तिरी उम्र बड़ी है। 

Parting night is a witness, there was a mention about you. 
Dear death ! You are  welcome,  you  may live long too. 

किस के अंदर क्या छुपा है कुछ पता लगता नहीं। 
तैल की दौलत मिली वीरान रेगिस्तान में। 

No one knows, what does it contain ?
The wealth of oil in desert terrain !

मीर, कबीर, बशीर इसी मकतब के हैं। 
आ दिल के मकतब में अपना नाम लिखा।

Mir, Kabir, Bashir are from this school. 
Enrol your name in this heart school. 

अल्लाह ने नवाज़ दिया है तो ख़ुश रहो। 
तुम क्या समझ रहे हो ये शोहरत ग़ज़ल से है ? 

Be happy that Almighty has granted you grace. 
Do you think, ghazal fame has scored this place ? 

जब उसकी नवाज़िश होती है ये मोजज़ा तब हो जाता है। 
अल्फ़ाज़ महकने लगते हैं काग़ज़ भी अदब हो जाता है। 

 When His is the grace, this marvel takes place. 
The words get fragrant, paper wins literary race. 

कभी बोले तो शह्रों के मकाँ भी बात करते हैं। 
तुम्हारे ज़ेहन में तो सिर्फ़ क़स्बे की हवेली है। 

City homes also talk,  you will so find. 
Town mansion is engraved in your mind. 

इतनी सियाह रात में किस को सदाएँ दूँ। 
ऐसा चिराग़ दे जो कभी बोलता भी हो। 

Whom to call in such a dark night spell ? 
Give a lamp that at times talks  as well. 

दिन का शहज़ादा मेरा मेहमान है, बेशक रहे। 
रात का भूला मुसाफ़िर भी यहाँ ठहरा करे। 

Prince of the day is my guest,  let him dwell. 
Let lost traveller of night stay here as well. 

कैसे दोनों वक़्त गले मिलते हैं रोज़। 
ये मंज़र मैंने दुश्मन के नाम लिखा। 

How both times embrace each day ? 
This scene I scrolled  enemy way. 


BASHIR BADR.. GHAZAL.. SAAT RANGON KE SHAMIYANE HAIN

सात रंगों के शामियाने हैं।
दिल के मौसम बड़े सुहाने हैं। 

Canopy of seven colours with gold. 
Weathers of heart are pleasing, cold. 

कोई तदबीर भूलने की नहीं। 
याद आने के सौ बहाने हैं। 

 No worthwhile way to forget.
Hundred ways to remember old

दिल की बस्ती अभी कहाँ बदली। 
ये मुहल्ले बहुत पुराने हैं। 

Heart site hasn't changed. 
These streets are very old. 

हक़ हमारा नहीं दरख़्तों पर। 
ये परिंदों के आशियाने हैं। 

We don't own the trees. 
These are bird's household. 

 इल्म-ओ-हिकमत, सियासत-ओ-मज़हब।
अपने अपने शराबख़ाने हैं। 

Knowledge, healing, politics, religion. 
These are taverns, seperate, bold. 

धूप का प्यार ख़ूबसूरत है। 
आग के फूल भी सुहाने हैं। 

Life of sunlight is  beautiful . 
Flowers of fire are lovely, it's told. 


BASHIR BADR.. GHAZAL.. KOI CHIRAAGH NAHIN HAI MAGAR UJAALA HAI.......

कोई चिराग़ नहीं है मगर उजाला है।
अजीब रात है सूरज निकलने वाला है। 

There's no lamp, but light in guile. 
Night is strange, sun 'll rise in a while.

अजब सी आग है इस बे-लिबास पत्थर पर।
पहाड़ पर तिरी बरसात का दुशाला है। 

Fire is strange on this uncovered stone.
Over mountain, your rain shawl does smile. 

अजीब लहजा है दुश्मन की मुस्कुराहट का। 
मुझे गिराया कहाँ है मुझे सँभाला है। 

Strange is the style of my enemy 's smile.
Didn't throw, kept me lifted all the while. 

निकल के पास की मस्जिद से एक बच्चे ने।
फ़साद में जली मूरत पे हार डाला है। 

Coming out of a nearby mosque, one child. 
Garlanded riot burnt statue in a while. 

तमाम वादी-ओ-सहरा में आग रौशन है।
मुझे ख़िज़ाँ के इन्हीं मौसमों ने पाला है। 

In valleys 'n deserts entire, glows only this fire.
I have been reared by autumn all the while. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

दानिस्ता हम ने अपने सभी ग़म छुपा लिए।
पूछा किसी ने हाल तो बस मुस्कुरा दिए। 
..... आफ़ाक़ सिद्दीक़ी.....

Willingly I concealed all my pain. 
When asked about state, smiled in vain.

भुलाना हमारा मुबारक मुबारक। 
मगर शर्त ये है न याद आइएगा।
..... जिगर मुरादाबादी.....

Blessed is your forgetting me. 
Term is, don't come to memory

चिराग़, चाँद, शफ़क़, शाम, फूल, झील, सबा।
चुराईं सब ने ही कुछ कुछ शबाहतें तेरी। 
..... अंजुम इरफ़ानी.....

Lamp, moon, twilight, eve', flower, lake 'n breeze. 
Your lookalikeness was a little stolen by all these. 

रंग बदला हुआ है फूलों का। 
तुम यक़ीनन उदास गुज़रे थे। 
..... मोहम्मद मुस्तहसन जामी..... 

In the colour of flowers, there's a change. 
Surely you were sad, passing this range. 

सर पे अहसान रहा बे-सर-ओ-सामानी का
ख़ार-ए-सहरा से न उलझा कभी दामन अपना।..... ज़हीर देहलवी..... 

I was favoured by without bag'n baggage on head. 
My hem wasn't entangled in the desert thorn-bed. 






Sunday, 1 May 2022

BASHIR BADR.. GHAZAL.. AAINA DHOOP KA DARIYA MEN DIKHATA HAI MUJHE.....

आईना धूप का दरिया में दिखाता है मुझे। मेरा दुश्मन मिरे लहजे में बुलाता है मुझे।

Mirror of sunlight in stream for a while. 
My enemy calls me in my own style. 

आँसुओं से मिरी तहरीर नहीं मिट सकती 
कोई काग़ज़ हूँ कि पानी से डराता है मुझे।

My writings can't be erased by tears. 
Am I a paper afraid of water in guile. 

सर पे सूरज की सवारी मुझे मंज़ूर नहीं।
अपना क़द धूप में छोटा नज़र आता है मुझे। 

I don't want sun to be mounted on head. 
My height is short in mid day sun every while. 

दूध पीते हुए बच्चे की तरह है दिल भी। 
दिन में सो जाता है रातों को जगाता है मुझे। 

My heart is like a milk sucking babe. 
Sleeping during day, awake at night every while. 

धूप की आग से फूलों के बदन रौशन हैं। 
सात रंगो में मिरा दर्द सजाता है मुझे। 

Well lit are flwers from fire of sun. 
Decoratng my pain in seven colours all the while

रोज़ कहता है कि गिरती हूई दीवार हूँ मैं 
एक बादल है जो रह रह के डराता है मुझे। 

Every day, it tells I am a(( collapsing wall. 
A cloud frightens time to time in a while.

 ऐसा लगता है कि उसने मुझे ग़ालिब जाना। 
न उठाता है मुझे और न बिठाता है मुझे। 

It appears that he has taken me for Ghalib. 
Neither can I sit nor stand for a while.


Saturday, 30 April 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

किसे कहें कि रिफ़ाक़त का दाग़ है दिल पर।
बिछड़ने वाला तो खुल कर कभी मिला ही नहीं।...... असलम अंसारी.....

Whom to say that companion's stain is on heart. 
One who parted, had never met well from start.

हम जुदा हो गए आग़ाज़-ए-सफ़र  से पहले।
जाने किस सम्त हमें राह-ए-वफ़ा ले जाती
..... शहरयार.....

We parted before start of journey could make. 
Unaware, which way path of love could take. 

ज़िन्दगी गुल है, नग़्मा है, महताब है।
ज़िन्दगी को फ़क़त इम्तिहाँ मत समझ। 
..... मोहसिन भोपाली.....

Life is flower, song, moon at  best. 
Don't you think life is but one test. 

सहर के साथ चले रौसनी के साथ चले। 
तमाम उम्र किसी अजनबी के साथ चले।
..... ख़ुर्शीद अहमद ज़मी.....

I walked with break of day 'n with light.
Whole life with a stranger, I walked alright. 

मेहरबानी चारासाज़ों की बढ़ी। 
जब बढ़ा दरमाँ तो बीमारी बढ़ी। 
... .. मुबारक अज़ीमाबादी....

Affection of healers was on the rise. 
With rise of druge, did sickness rise. 

Friday, 29 April 2022

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

कोई तितली निशाने पर नहीं है। 
मैं बस रंगों का पीछा कर रहा हूँ। 
..... ज़ुबैर अली ताबिश..... 

No butterfly is yet on aim. 
Following colours is my game. 

पहली सी लज़्ज़तें नहीं अब दर्द-ए-इश्क़ में। 
क्यूँ दिल को मैंने दर्द का ख़ूगर बना दिया ?....... सेहर इश्क़ाबादी..... 

Flavours in pain of love are not as before. 
Why did I make terror a habit to heart core ? 

हर लम्हा अगर गुरेज़-पा है। 
तू क्यूँ मिरे दिल में बस गया है ? 
..... अहमद नदीम क़ासमी..... 

If evasive is every moment. 
Why in my heart did you cement ? 

पुकारते हैं उन्हें साहिलों के सन्नाटे। 
जो लोग डूब गए कश्तियाँ बनाते हुए। 
..... सलीम कौसर..... 

Calling them are the silence of shores. 
Those who drowned in ship craft cores. 

जाने कैसा रिश्ता है रहगुज़र का क़दमों
 से ? 
थक के बैठ जाऊँ तो रास्ता बुलाता है। 
..... शकील आज़मी..... 

Relation is unknown between feet and route. 
Exhausted if I sat, the path called in pursuit. 





Thursday, 28 April 2022

BASHIR BADR.. GHAZAL.. SADIYON KI GATHARI SAR PAR LE JAATI HAI...

 सदियों की गठरी सर पर ले जाती है।
दुनिया बच्ची बन कर वापस आती है। 

With bale of centuries on head space. 
As a child world gets back at it's pace. 

मैं दुनिया की हद के बाहर रहता हूँ। 
घर मेरा छोटा है लेकिन ज़ाती है। 

I live outside bonds of world. 
Home is small but I own the place. 

दुनिया भर के शहरों का कल्चर यकसाँ। 
आबादी तन्हाई बनती जाती है। 

World city culture has one trace. 
Populace is solitude in it's face. 

मैं शीशे के घर में पत्थर की मछली। 
दरिया की ख़ुशबू मुझ में क्यों आती है ?

I am a stone fish in glass house. 
Why does fragrance of river grace ?

पत्थर बदला पानी बदला बदला क्या ?
इंसाँ तो जज़्बाती था जज़्बाती है। 

Stone changed, water changed, what has changed ?
Human beings were emotional, have still same trace.

काग़ज़ की कश्ती जुगनू झिलमिल झिलमिल। 
शोहरत क्या है, इक नदिया बरसाती है।

Paper boats, glow-worms, glittering away. 
Fame is a stream at rainy pace. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS

कुछ दिनों दश्त भी आबाद हुआ चाहता है।
कुछ दिनों के लिए अब शहर को वीरानी दे।..... नदीम अहमद..... 

 Desert wants to be dwelt for a few days.
Let the city be deserted for a few days. 

 मालूम है वादे की हक़ीक़त। 
बहला लेते हैं अपने जी को। 
..... दत्तात्रेय कैफ़ी..... 

Reality of promise I know very well. 
Yet it consoles me in this spell. 

ये मो'जिज़ा हमारे ही तर्ज़-ए-बयाँ का था। उसने वो सुन लिया था जो हमने कहा न था।..... अख़्तर शाहजहांपुरी..... 

This was a miracle of how I said. 
He listened to what I had not said. 

ख़ुद अपने आप से मिलने की ख़ातिर। 
अभी कोसों हमें चलना पड़ेगा। 
..... सीमा ग़ज़ल..... 

In order to meet with me. 
On a long way I have to be. 

रोज़ के रोज़ बदलता हूँ मैं ख़ुद अपना जवाज़। 
जिंदगानी मैं तुझे हल नहीं होने देता। 
..... सईदुल्लाह क़ुरैशी..... 

Everyday, myself I change what's right. 
O life ! I don't let you solve it right. 



Wednesday, 27 April 2022

BASHIR BADR.. GHAZAL.. SAU KHULOOS BAATON MEN SAB KARAM KHAYAALON MEN....

सौ ख़ुलूस बातों में सब करम ख़यालों में।
बस ज़रा वफ़ा कम है शहर के ग़ज़ालों में। 
With sincerity in talks and thoughts with grace. 
Only faithfulness is little in city deer race. 

पहली बार नज़रों ने चाँद बोलते देखा।
हम जवाब क्या देते खो गए सवालों में।

For the first time, my eyes saw the moon talk. 
What could I answer, was lost in querry pace. 

  यूँ किसी की आँखों में सुब्ह तक अभी थे हम।
जिस तरह रहे शबनम फूल के पियालों में।

This way I was seated in someone's eyes.
As dew resides in flower cups with grace. 

रात तेरी यादों ने दिल को इस तरह छेड़ा।
जैसे कोई चुटकी ले नर्म नर्म गालों में। 

Your memories last night agitated my heart. 
As someone gently pinches soft cheeks in face. 

मेरी आँख के तारे अब न देख पाओगे।। रात के मुसाफ़िर थे, खो गए उजालों में।

Now you won't see the stars of my night. 
These were travellers of night, in light efface.

जैसे आधी शब के बाद चाँद नींद में चौंके। वो गुलाब की जुम्बिश उन सियाह बालों में।

As moon is startled in midnight sleep.
A gentle rosy shake in dark tress space. 

BASHIR BADR.. GHAZAL.. SANNAATA KYA CHUPKE CHUPKE KAHTAA HAI...

सन्नाटा क्या चुपके चुपके कहता है ?
सारी दुनिया किस का रैन बसेरा है ?

Silently, what silence spies ?
At night, where rest of world lies ?

आसमान के दोनों कोनों के आख़िर। 
एक सितारा तेरा है इक मेरा है। 

One star is mine, one yours. 
On two ends of the skies. 

आहिस्ता, आहिस्ता दिल पर दस्तक दो।
धीर-धीरे ये दरवाज़ा खुलता है।

Gently knock on the heart. 
Slowly this door openly shies. 

सूरज के घर से उसके घर तक जाना। 
कितना सीधा सादा धूप का रस्ता है। 

From home of sun to hers. 
Straight sunlight path lies.

सारी रात लिहाफ़ों में रोई आँखें। 
सब कहते थे रिश्ता-नाता झूठा है।

All night, within covers wept eyes.
People said, all relations are lies. 

BASHIR BADR.. GHAZAL.. DHOOP AATI HAI MUJHKO PHAILAANE.....

धूप आती है मुझको फैलाने।
शामियाना मिरा हवा ताने। 

Spreading me is sunlight. 
Wind keeps the canopy tight. 

झूमते फूल माँगते हैं दुआ। 
अब हवा आए हमको बिखराने। 

While swinging flowers pray. 
Let wind scatter with might. 

 रात बिलकुल बरहना लेटी है।
बिखरे हैं चाँद तारों के दाने। 

Undressed, is lying the night. 
Scattered moon 'n stars in sight.

फिर हवा में गिलास लहराए। 
दो सितारे उठे हैं टकराने। 

Glasses swung again in air.
Two stars collide with might. 

पत्ते मोती हथेलियों पे लिए। 
सुब्ह को दे रहे हैं नज़राने। 

Leaves with pearls on palm. 
Make offers to morning bright. 

Tuesday, 26 April 2022

TODAY'S 5 COUPLETS

माज़ी-ए-मरहूम की नाकामियों का ज़िक्र छोड़।
ज़िन्दगी की फ़ुरसत-ए-बाक़ी से कोई काम ले।
सीमाब अकबराबादी

Let the talk about failures of dead past be set aside.
Upon waves of what's left at present, take a ride.

वो जो प्यासा लगता था सैलाब-ज़दा था।
पानी पानी कहते कहते डूब गया है।
अनीस मोइन

One who looked thirsty was really flood - struck.
Saying water, has to the river bottom struck.

बिखरे हुए थे लोग ख़ुद अपने वजूद में।
इंसाँ की ज़िन्दगी का अजब बंदोबस्त था।
इब्राहिम अश्क

Men were scattered in entities of their own.
Human life was thus settled in a strange tone.

हिज्र की शब नाला-ए-दिल वो सदा देने लगे।
सुनने वाले रात कटने की दुआ देने लगे।
साक़िब लखनवी

She started crying from heart on the parting night.
Those who heard just prayed for ending the night.

इक ख़ौफ़-ज़दा सा शख़्स घर तक।
पहुँचा कई रास्तों में बट कर।
इद्रीस बाबर

A fear-struck man on the way to home.
Has come fragmented on ways to home

Saturday, 23 April 2022

TODAY'S 5 COUPLETS

मिरे वजूद के ख़ुशबू-निगार सहरा में।
वो मिल गए हैं तो मिल कर बिछड़ भी सकते हैं।..... जाज़िब क़ुरैशी.......

In the fragrant, beloved desert of my being. 
She can also part as she has been seeing.

है मेरा चेहरा सैकड़ों चेहरों का आईना। 
बेज़ार हो गया हूँ तमाशाइयों से मैं। 
..... अहमद ज़िया.....

My face is a mirror of hundreds of faces. 
I am sick of onlookers 'n their graces.

इश्क़ भी है किस क़दर बर-ख़ुद-ग़लत।
उनकी बज़्म-ए-नाज़ और ख़ुद्दारियाँ !
..... बिस्मिल सईदी..... 

Love is self-mistaken to such an extent.
Her coquettries' n vanity are all to comment !

दश्त जैसी उजाड़ हैं आँखें। 
इन दरीचों से ख़्वाब क्या झाँकें ?
..... सिराज फ़ैसल ख़ान.....

These eyes are, deserted, desolate, deep. 
From such windows how can dreams peep ?

कल जहाँ दीवार ही दीवार थी। 
अब वहाँ दर है, जबीं है, इश्क़ है। 
..... तौक़ीर तक़ी..... 

Where there was wall 'n wall ahead. 
Now there's love, door and forehead. 


Friday, 22 April 2022

GHAZAL.. ALLAMA IQBAL.. NA TU ZAMIN KE LIYE HAI NA ASMAN KE LIYE.....

  न तू ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिए।
जहाँ है तेरे लिए तू नहीं जहाँ के लिए।

Neither you are for earth nor for sky are you.
You aren't meant for the world, world is for you. 

ये अक़्ल-ओ-दिल हैं शरर शोला-ए-मोहब्बत के।
वो ख़ार-ओ-ख़स के लिए है ये नीस्ताँ के लिए।

Mind and heart are sparks from chunk of love-fire.
That's for thorns' n husk, this for high green grass too.

मक़ाम-ए-परवरिश-ए-आह-ओ-लाला है ये चमन।
न सैर-ए-गुल के लिए है न आशियाँ के लिए।

Garden is for growth of sighs 'n spotted flowers.
It's neither to visit flowers, nor for residence too. 

निगह बुलंद, सुख़न दिलनवाज़, जाँ पुर-सोज़।
यही है रख़्त-ए-सफ़र मीर-ए-कारवाँ के लिए।

High sight, talks bright and a heart on fire. 
It's all that needs be kept by caravan' s leader too.

निशान-ए-राह दिखाते थे जो सितारों को।
तरस गए हैं किसी मर्द-ए-राह-दाँ के लिए।

Those who could show path even to stars. 
Now long for some man to guide route to you. 

ज़रा सी बात थी अंदेशा-ए-ग़म ने उसे।
बढ़ा दिया है फ़क़त ज़ेब-ए-दास्ताँ के लिए।

It was a little thing but the suspects of grief. 
Exaggerated it for the stretch of this tale too. 

Monday, 18 April 2022

TODAY'S 5 COUPLETS

हाँ समंदर में उतर, लेकिन उभरने की भी सोच।
डूबने से पहले गहराई का अंदाज़ा लगा। 
..... अर्श सिद्दीक़ी.....

Well, enter in to sea, but also ponder getting out. 
Before sinking, it's depth needs  be learnt about. 

वो हम से ख़फ़ा हैं, हम उन से ख़फ़ा हैं।
मगर बात करने को जी चाहता है। 
..... शकील बदायूनी.....

She is angry with me 'n I with her. 
But still I wish to talk with her. 

ले गईं दूर, बहुत दूर हवाएँ जिस को। 
वही बादल था मिरी प्यास बुझाने वाला। 
..... इक़बाल अशहर..... 

One whom the winds carried far far away. 
That cloud could quench my thirst anyway. 

जो देखते तिरी ज़ंजीर-ए-ज़ुल्फ़ का आलम। 
असीर होने की आज़ाद आरज़ू करते। 
..... हैदर अली आतिश..... 

If glorious state of your tress-chains were seen. 
The desire in released, to be captive had been. 

गुल हुए ग़र्क़ आब-ए-शबनम में। 
देख उस साहिब-ए-हया की अदा। 
..... वली मोहम्मद वली..... 

The flowers got drowned in waters of dew. 
Look at style of dame - in- shame, it's new. 




Sunday, 17 April 2022

CHOSEN TWENTY COUPLETS OF RAJENDRA MANCHANDAA 'BAANI'

वो टूटते हुए रिश्तों का हुस्न-ए-आख़िर था

कि चुप सी लग गई दोनों को बात करते हुए


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  • वो टूटते हुए रिश्तों का हुस्न-ए-आख़िर था 
कि चुप सी लग गई दोनों को बात करते हुए 

For breaking relations, it was a beautiful end. 
Silence had set in, during talks from each end. 

ऐ दोस्त मैं ख़ामोश किसी डर से नहीं था। 
क़ायल ही तिरी बात का अंदर से नहीं था। 
My friend, I was not silent out of fear. 
I was unconvinced inside,O my dear. 

ओस से प्यास कहाँ बुझती है ? 
मूसला-धार बरस मेरी जान ! 

How can dew quench the thirst ? 
O my love ! Let it be cloudburst. 

ढलेगी शाम यहाँ कुछ नज़र न आएगा। 
फिर इसके ब'अद बहुत याद घर की आएगी। 

As evening will set, here nothing will be in view. 
After that, home memories will be long overdue. 

ज़रा छुआ था कि बस पेड़ आ गिरा मुझ पर। 
कहाँ ख़बर थी कि अंदर से खोखला है बहुत। 

The tree fell upon me just by one little touch. 
How to know, it was filled with devoid so much ! 

'बानी' ज़रा संभल के मोहब्बत के मोड़ काट। 
इक हादसा भी ताक में होगा यहीं कहीं। 

O 'Baani' on love curve, drive with care. 
An awaiting accident will be somewhere. 

आज क्या लौटते लम्हात मयस्सर आए ? 
याद तुम अपनी इनायात से बढ़कर आए। 
 Were returning moments available in today's game ? 
Even beyond your kindness, your memories came. 

उदास शाम की यादों भरी सुलगती हवा। 
हमें फिर आज पुराने दयार ले आई। 

Memory filled burning air of a sad eve'. 
Brought us back at old site to relieve. 

दिन को दफ़्तर में अकेला, शब भरे घर में अकेला। 
मैं कि अक्स-ए-मुंतशिर एक एक मंज़र में अकेला। 

Alone at office in day, in night- filled home alone. 
I am a scattered reflection, in every scene, alone. 

इस क़दर ख़ाली हुआ बैठा हूँ अपनी ज़ात में। 
कोई झोंका आएगा जाने कहाँ ले जाएगा? 

I am seated so vacant within my own.
Breeze will take me away with it's own. 

तू कोई ग़म है तो दिल में जगह बना अपनी। 
तू इक सदा है तो एहसास की कमाँ से निकल। 

As a grief, get established within the heart. 
As a sound, from the bow of feeling, depart. 

न जाने कल हों कहाँ, साथ अब हवा के हैं। 
कि हम परिंदे मक़ामात-ए-गुम-शुदा के हैं। 
Where will we be tomorrow, are with the wimd now. 
Because we are the birds of lost goals, anyhow. 

हरी सुनहरी ख़ाक उड़ाने वाला मैं। 
शफ़क़ शजर तस्वीर बनाने वाला मैं। 

Unseating green golden dust, roaming free. 
I paint pictures of twilight as well as tree. 

वो हँसता खेलता इक लफ़्ज़ कह गया 'बानी'। 
मगर मिरे लिए दफ़्तर खुला मआनी का। 

'Baani' laughing, playing,  one word he said. 
For me, to an office of meanings, it lead. 

 कोई भूली हुई शय ताक़-ए-हर-मंज़र में रक्खी थी। 
सितारे छत पे रक्खे थे, शिकन बिस्तर पे रक्खी थी। 

 Some forgotten thing was placed in niche of every view. 
Stars were on the roof, on bed there was a crease in view. 

पैहम मौज-ए-इमकानी में ।
अगला पाँव नए पानी में। 

Continuous wave of possibility I see. 
Vey next step in new water, to be. 

कोई गोशा ख़्वाब का सा ढूँढ ही लेते थे हम। 
शहर अपना शहर 'बानी' बे-अमाँ ऐसा न था। 

Some dreamy site, 'Baani' could always search. 
City wasn't without refuge , there was some perch. 

चलो कि जज़्बा-ए-इज़हार चीख़ में तो ढला। 
किसी तरह इसे आख़िर अदा तो होना था। 

This feeling was shaped in a cry after all. 
Some how, it was to be expressed after all.

वही इक मौसम-ए-सफ़्फ़ाक था अंदर भी बाहर भी। 
अजब साज़िश लहू की थी अजब फ़ित्ना हवा का था। 

Same cruel season was outside and within. 
Strange bloody plan, strange trouble to win. 

थी कोई पाँव में जंजीर, बच गए, वर्ना। 
रम-ए-हवा का तमाशा यहाँ रहा है बहुत। 

I was saved by some chain of my feet. 
Or else, flight of breeze was sure to unseat. 




  
 

Saturday, 16 April 2022

TODAY'S 5 COUPLETS

वो सूरत देख कर अपनी ये सूरत ही नहीं रहती।
तरस आए तो क्या आए उसे मेरी मुसीबत पर।
.. जलील मानिकपुरी...

Looking at her face, such isn't my state, O mate !
Why should she feel pity on my troubled state ?

ऐसा न हो कि दर्द बने दर्द-ए-ला-दवा।
ऐसा न हो कि तुम भी मुदावा न कर सको।
.. सूफ़ी तबस्सुम..

Let it not be so that pain becomes untreatable feat.
Let it not be so that even you are unable to treat.

इधर उधर के सुनाए हज़ार अफ़साने।
दिलों की बात सुनाने का हौसला न हुआ।
.. ख़ालिदा उज़्मा..

I narrated a thousand tales from here 'n there.
To tell what hearts felt,I just couldn't dare. 

किसी ग़रीब को ज़ख़्मी करें कि क़त्ल करें। 
निगाह-ए-नाज़ पे जुर्माने थोड़ी होते हैं ! 

Whether a poor is wounded or killed on call. 
The look of love is just not punished at all. 

बदल गया है ज़माना बदल गई दुनिया। 
न अब वो मैं हूँ मिरी जाँ न अब वो तू तू है। 
.. आसिम वास्ती.. 

Age has changed, world is not the same. 
My love ! Neither I nor you are the same.

Thursday, 14 April 2022

TODAY'S 5 COUPLETS


जिन से मिल कर ज़िन्दगी से इश्क़ हो जाए वो लोग।
आप ने शायद न देखे हों मगर ऐसे भी हैं।
..... सुरूर बाराबंकवी.....

You fall in love with life meeting those people, have been.
Such people are there, though you may not have seen.

दिल से उठता है सुब्ह-ओ-शाम धुआँ।
कोई रहता है इस मकाँ में अभी।
..... अंजुम रुमानी.....

From heart, morn' O eve', smoke does spill.
Someone resides in this home, still.

 सफ़र में कोई किसी के लिए ठहरता नहीं।
न मुड़ के देखा कभी साहिलों को दरिया ने।
..... फ़ारिग़ बुख़ारी.....

During journey , none stops for another, scores.
River just roars, never looks back on shores.

ग़म से मंसूब करूँ, दर्द का रिश्ता दे दूँ।
ज़िन्दगी आ ! तुझे जीने का सलीक़ा स क़ा दे दूँ।
.अली अहमद जलीली.

Let me tag you with pain and grief instil.
Come O life ! I 'll give you living skill.

मंज़र को किसी तरह बदलने की दुआ दे।
दे रात की ठंडक को पिघलने की दुआ दे।
. शीन काफ़ निज़ाम.

For scene to change anyway, you simply do pray.
For the cold of night, to melt pray alright. 

Translated by Ravi Maun.

Tuesday, 12 April 2022

TODAY'S 5 COUPLETS

मैं ज़िन्दगी के सभी ग़म भुलाए बैठा हूँ।
तुम्हारे इश्क़ से कितनी मुझे सहूलत है।
..... ज़ीशान साहिल........

I have forgotten all the troubles of life. 
What a comfort has your love given to life !

 और ही वो लोग हैं जिनको है यज़्दाँ की तलाश।
मुझको इंसानों की दुनिया में है इंसाँ की तलाश। 
........ नज़ीर सिद्दीक़ी.......

There are others, whose search to virtuous Lord extends. 
In this world of humans, my search, upto a man, ends. 

जो निगाह-ए-नाज़ का बिस्मिल नहीं।
दिल नहीं वो दिल नहीं वो दिल नहीं। 
....... मुबारक अज़ीमाबादी......

One who hasn't been wounded by love-look.
 Is not a heart, no heart by any love-book.

कैसे इस बात पर यक़ीं कर लूँ ?
तू हक़ीक़त है, कोई ख़्वाब नहीं !
....... संदीप कोल नादिम...... 

How can I believe it to any extreme ? 
You are a reality and not a dream ! 

रहती है साथ साथ कोई ख़ुशगवार याद। 
तुझसे बिछड़ के तेरी रिफ़ाक़त गई नहीं। 
...... ख़ालिद इक़बाल यासिर....... 

Some pleasant memory with me, remains. 
Even after parting, your company sustains. 

Monday, 11 April 2022

TODAY'S 5 COUPLETS

लबों पर युँही सी हँसी भेज दे।
मुझे मेरी पहली ख़ुशी भेज दे। 
..... मोहम्मद अल्वी.....

Impart that smile, which for nothing, came.
Give my first pleasure, O Maker of game !

वो जो प्यासा लगता था, सैलाब-ज़दा था। पानी पानी कहते कहते डूब गया है।
..... आनिस मोइन.....

 One who looked thirsty, was a victim of flood water.
He has finally got drowned, saying "water, water !"

वरक़ वरक़ तुझे तहरीर करता रहता हूँ। 
मैं ज़िन्दगी तिरी तशहीर करता रहता हूँ। 
..... रईसुद्दीन रईस.....

I keep writing about you page after page. 
O life ! I popularise you at every stage.

 कोई दस्तक, कोई आहट, न शनासा आवाज़।
ख़ाक उड़ती है दर-ए-दिल पे बयाबाँ की तरह।
..... ज़हीर कश्मीरी.....

No knock, footfall, a voice known from start !
Dust storms, like desert  on the door of heart.

 कितनी दिलकश हैं तिरी तस्वीर की रानाइयाँ।
लेकिन ऐ पर्दा-नशीं ! तस्वीर फिर तस्वीर है !
..... शकील बदायूनी.....

How alluring are the beauties of your portrait !
But O veiled rachel ! Portrait is but a portrait ! 

Saturday, 2 April 2022

[02/04, 05:44] 

 पतझड़ बिन आते नहीं नूतन,चिकने पात।
कठिनाई, संघर्ष से, निखरे मानव जात।

काव्य रूप.. रवि मौन..

औरों को कर सकोगे तब ही इसे‌ प्रदान।
दाता ! तेरे पास में जब होगा सम्मान।

काव्य रूप.. रवि मौन..

[नाप जोख कर मैंने अपनी अंगुली देखी।
पाया अ सम, तभी हरि तेरी रचना देखी।

काव्य रूप.. रवि मौन..

[02/04, 03:39]

 कल किसने देखा है, कहिए।
आज सत्य है,उस पर रहिए।
यही बात कह रही अमन से।
पर वो सुनता है बे मन से।
..... रवि मौन…..
[02/04, 03:47]

 पहले सब सुनते थे मेरी।
मात-पिता गृह की यह फेरी।
फेरी क्यों अंखियां साजन ने ?
कैसी हलचल मेरे मन में ?
 ‌
..... रवि मौन.....
[02/04, 03:54] 

 अपने मन की कहना हक़ है।
क्या नारी का सहना हक़ है?
प्रेम नदी में बहना हक़ है।
बहना से छुप रहना हक़ है।
..... रवि मौन.....
[02/04, 03:59] 

 बहना, सब से सब कह देगी।
वह न अमन को भी छोड़ेगी।
छेड़ेगी, जब जी चाहेगा।
जी उसका जब तब चाहेगा।
..... रवि मौन.....
[02/04, 04:06]

 मैं पगली हूं,वो पगली है।
प्रेम राह पतली सी गली है।
 मैं ‌औ' तुम हो, साथ राह में।
फिर किसकी परवाह चाह में ?
..... रवि मौन.....

[02/04, 04:14] 

 चाह, हृदय में ‌ बस तेरी है।
जगत ,युद्ध की रणभेरी है।
साथ मिले जब, मुझे सजन का।
हम कर लेंगे, अपने मन का।
..... रवि मौन.....

[02/04, 04:20] 

मन की कैसी बात चलाई ?
मन को सब कहते हरजाई।
शब्द, मन अमन हैं सौतेले।
किसे नकारे,किस से बोले ?

..... रवि मौन.....
[02/04, 04:25

्बोले से ही ,सुनते साजन।
इसे‌ समझ ले, ऐ मेरे मन।
तब तब बुद्धि तेरी‌ भरमाती।
जब जब उनकी याद सताती।hi
.. ‌... रवि मौन.....
[02/04, 04:33] 

 सता रहे क्यों मुझको साजन ?
मैं तेरी, तुम मेरे साजन।
बहुत गर्म है,लू चलती है।
बस आंखों में ही है सावन !
..... रवि मौन.....
[02/04, 04:42] 

सावन के‌ जब पड़ते झूले।
देह ,संग झूले के झूले।
अभी देर पी  के आने में।
पीहर से पी-घर जाने में।

..... रवि मौन.....

[02/04, 04:51] 

पीहर से पी,हर कर लाए।
अब न याद पीहर की आए।
चोर बसा है मेरे मन में।
और मगन हूं मैं,साजन में।
..... रवि मौन...

5.4. 03.30

देश भी मेरा, मेरा धर्म।
इसी निमित्त करूँ सब कर्म।
चाहे जग समझे, न समझे।
 हिंदू समझें इसका मर्म। 

..... रवि मौन..... 

मर्माहत है देश हमारा। 
सदियों से ही रहा बिचारा। 
अब तो गर्व सनातन पर कर। 
इस पर ही जी, इस पर ही मर। 

..... रवि मौन..... 

ये नेता तो अभिनेता हैं। 
 स्वयम् भाग्य भी लिख लेते हैं। 
जनता पर जो कुछ भी बीते। 
अपनी झोली भर लेते हैं। 

..... रवि मौन..... 


जब मिलती सुविधाएँ इनको। 
क्या कोई सांसद कहता है ? 
बस भी करो, न और अधिक लो। 
जनता का पैसा बहता है। 

..... रवि मौन..... 

कई पदों से मिलती पैंशन। 
पक्ष विपक्ष सभी मिल जाते। 
जब भी हों निज हित की बातें। 
सारे एक साथ हो जाते। 

..... रवि मौन..... 

इन्हें भूल जाते सब वादे। 
दीन हीन को जो दे डाले। 
वोट दे दिया है उन ने तो। 
विपदा अपनी आप सम्भाले। 

..... रवि मौन..... 

ये दे दूँगा, वो दे देंगे। 
कुछ तो अपनी पूँजी से दो। 
कर दाताओं के पैसे से। 
देकर, श्रेय स्वयं का ले लो। 

..... रवि मौन..... 

मुफ़्त नहीं कुछ भी मिलता है। 
चाहे बिजली हो या पानी। 
करदाताओं का पैसा है। 
जिस से अपनी शान बखानी। 

..... रवि मौन..... 

माल तुम्हारे पास बहुत है । 
कई पीढ़ियों तलक रहेगा। 
उस में से भी कुछ तो दे दो। 
देश पुण्य की कथा कहेगा। 

..... रवि मौन..... 

पर तुमने लेना सीखा है।
 देने की सुध जब भी आई। 
करदाताओं का पैसा ही।
 तुम को सदा पड़ा दिखलाई। 

..... रवि मौन.....

08. 04 . 04. 22

हे हरि ! तुम हो दीनाधार।
मैं  मूरख जनमों का, पर अब गही तेरी पतवार।
अब तो यह है तुम पर स्वामी, कैसे हूँगा पार।
चाहे पार लगाएँ साँवरा, या छोड़ें मँझधार।
 तुम पर ही छोड़ा है,तो मैं कैसे करूँ विचार।
हरि पर रख विश्वास बावरे, हो जाएगा पार।

.. . रवि मौन.....

08. 04..06. 11 

ग़लत लोगों से जो कीं उम्मीद, उससे आधे दुःख।
शक किए जो सच्चे लोगों पर, उसी से आधे दुःख।
गर न हो उम्मीद और शक ज़िन्दगी के भाल पर।
सारा जीवन ख़ुश रहोगे, छोटी सी इस चाल पर।

काव्य रूप.. रवि मौन..

[09/04, 04. 01
क्या लिखिए, लिखने को क्या है ?
पूर्ण जगत ही तो मिथ्या है। 
हरि से जब तक नेह न लागा। 
सारा जीवन व्यर्थ गया है। 

रवि मौन 

कौन सुनेगा कथा तुम्हारी ?
 कौन सुनेगा व्यथा तुम्हारी ? 
जो कहना है, हरि सुन लेंगे। 
आगे बढ़ कर, कर गह लेंगे। 

..... रवि मौन.....
[09/04, 04. 07
जब हरि ने कर गहा तुम्हारा।
सारा जगत लगे बेचारा।
अब फिर इसकी चाह किसे है ?
अब जग की परवाह किसे है ?

..... रवि मौन.....
[09/04, 04:12
हरि का वरद हस्त है जब तक।
यह मन तेरा मस्त है तब तक।
इसको चिंता नहीं सताती।
याद न इसको जग की आती।

..... रवि मौन.....

हरि के चरणन में मन लागा।
अब चिंता की बात नहीं है, अब मैं नहीं अभागा।
कोई तुलना नहीं किसी से, प्रीति राह पग पागा।
जूठन राम लला की खाने, मैं जन्मों का कागा।
मोह बंधनों में सुषुप्त था, राम-कृपा से जागा।
हरि का वरद-हस्त है सर पर, सोने बीच सुहागा।

..... रवि मौन.....

13 04 /03 37

मुनि मतंग का समय आ गया, शबरी को समझाया।
मैं तो चला अन्य लोकों में यह तन हुआ पराया।
किंतु तुम यहाँ रहना, इस पथ पर आएँगे राम।
उन्हें मिलाना है वानर दलसे, यह तेरा काम।
इस पर्वत पर ही रहता है सूर्य पुत्र सुग्रीव।
है हनुमान वहीं पर जो होगा भविष्य की नींव।
वालि न मार सके उस को, मैंने दे डाला श्राप।
इस पर्वत पर आ न सके रक्षा का था संताप। 
बनें मित्र सुग्रीव और रघुकुल भूषण श्रीराम।
तो आने वाले भविष्य का सुंदर हो परिणाम।

..... रवि मौन.....

देखने के तेरे अंदाज़ निराले हैं क्यों ?
अधखुले नैन तेरे मय के पियाले हैं क्यों ?
यूँ अचानक ही खुले बंद हुए तेरे नयन। 
यूँ लगे जैसे कि जंगल में ग़ज़ाले हैं, क्यों?
13.7.16....10.45  रात्रि

कव्वा बोला काँव काँव। बिल्ली बोली म्याँव म्याँव। 
बोला गदहा ढैंचू ढैंचू। धोबी कहे कान मैं खेंचूँ। 
सीधे-सीधे घर चल आज। करने मुझको कितने काज। 
तेरा दाना-पानी डालूँ। फिर मैं भी दो रोटी खालूँ। 
घर वाली से करलूँ प्यार। चाहे हो थोड़ी तकरार। 
हम तुम करते कितना काम। ले अपने मालिक का नाम। 
इससे चलता घर संसार। पर न मने कोई त्योहार।
पास गाँव में भोला के घर। देखा है एक लड़का जाकर। 
मुन्नी की है बात चलाई। इसी महीने लगी सगाई। 
शादी में तुझ को दे दूँगा। छोटू को पालूँ पोसूँगा। 
छः महने में काम करेगा। तेरे कुल का नाम करेगा।
ठाकुर के घर कर मज़दूरी। करूँ रक़म शादी की पूरी। 
वर्ना मेरा लड़का देगा। ठाकुर पैसे पूरे लेगा। 
मैंने भर बाप का कर्ज़। इसे समझ कर अपना फ़र्ज़। 
कब दहेज का भूत भगेगा ? कब मेरा ये देश जगेगा ?
11.10.16...5.30 शाम