Friday, 30 September 2022

RAVI MAUN.. GHAZAL.. HAI YE IS DAUR KII KAHAANII KYAA....

है ये इस दौर की कहानी क्या? 
मर गया आँख का ही पानी क्या?

किस ने की है दुआ मिरे हक़ में। 
है अभी जग में ये नादानी क्या?

आप तो ख़ुश-फ़हम से लगते थे।
मुँह छुपाने के अब हैं मा'नी क्या?

यार अग़यार सा नहीं ही लगे । 
दोस्ती दुश्मनी का सानी क्या? 

वस्ल की जब उम्मीद टूट गई। 
डूब कर देखूँ अब रवानी क्या? 







Thursday, 29 September 2022

REKHTA.. TODAY'S 5 +.. COUPLETS

मैं आख़िर आदमी हूँ कोई लग़्ज़िश हो ही जाती है 
मगर इक वस्फ़ है मुझ में दिल-आज़ारी नहीं करता 
आसिफ़ करनाली

After all I am a man, some wavering is done . 
But there's a virtue, I don't 
hurt anyone. 

जो चश्म-ए-दिल-रुबा के वस्फ़ में अशआ'र लिखता हूँ 
तो हर हर लफ़्ज़ पर अहल-ए-नज़र इक साद करते हैं 
दत्तात्रिया कैफ़ी 

When I was write couplets on virtues of beloved' s eye. 
On every term, those who can discern, heave a mild sigh. 

ज़ाहिद सुनाऊँ वस्फ़ जो अपनी शराब के 
पढ़ने लगें दरूद फ़रिश्ते सवाब के 
इमदाद अली 

O priest ! If I narrate virtues of my wine for some time. 
Invocation will be read by the virtuous angels in prime. 

दीदनी है शिकस्तगी दिल की 
क्या इमारत ग़मों ने ढाई है
मीर तक़ी मीर

Worth watching is shattered heart. 
Grief razed what a mansion 
of art!

दीदनी है तिरे इताब का रंग ।
शीश-ए-चश्म में शराब का रंग
राबिया पिन्हाँ

Worth seeing is your anger colour. 
A glass of eyes with  wine
 colour.

दीदनी है अब शिकस्त-ए-ज़ब्त की बे-चारगी 
मुस्कुराता हूँ मगर दिल दर्द से लबरेज़ है 
अकबर हैदरी कश्मीरी 

Worth looking is helplessness of self control after defeat.
 I smile all the while, when  heart 's filled with pain so neat. 

समझा है हक़ को अपने ही जानिब हर एक शख़्स।
ये चाँद उस के साथ ही गया जो जिधर गया।
.... पंडित दया शंकर नसीम लखनवी....

Every one has thought of right, on his side with whole might.
Whichever way anyone goes, has moon with him in sight. 

मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा दे 
ये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिजा नहीं है शकील बदायूनी 

You who call me a friend, just friendship defend. 
It's a demand of right, not a request of any blend. 

बोलते क्यूँ नहीं मिरे हक़ में 
आबले पड़ गए ज़बान में क्या 
जौन एलिया

Why don't you speak in my favour? 
Are there blisters on tongue cover ? 

उसी को जीने का हक़ है जो इस ज़माने में 
इधर का लगता रहे और उधर का हो जाए वसीम बरेलवी 

In this world only he has the right to exist. 
Who appears to be on a side, but other persist{

है फ़हम उस का जो हर इंसान के दिल की ज़बाँ समझे। 
सुख़न वो है जिसे हर शख़्स अपना ही बयाँ समझे। 
जितेंद्र मोहन सिन्हा रहबर

It's sensibility that understands language of each heart. 
When everyone thinks, poem's about me, it's a work of art. 

निगह बुलंद सुख़न दिल-नवाज़ जाँ पुर-सोज़ 
यही है रख़्त-ए-सफ़र मीर-ए-कारवाँ के लिए..... अल्लामा इक़बाल.... 

Sights high, poems to pacify, heart rendering cry. 
These are journey needs,for whoever caravan leads. 


मैं सुख़न में हूँ उस जगह कि जहाँ 
साँस लेना भी शाइरी है मुझे 
..... तहज़ीब हाफ़ी.....

In poetry, I 've mainfained that space. 
Even my breath is a poem of grace. 

शहर में किस से सुख़न रखिए किधर को चलिए 
इतनी तन्हाई तो घर में भी है घर को चलिए 
..... नसीर तुराबी..... 

Whom to talk with in city, where to go? 
Home too is as solitary, so let us go. 

हमारी मुस्कराहट पर न जाना। 
दिया तो क़ब्र पर भी जल रहा है
..... आनिस मुइन..... 

Don't get fooled by my smile. 
Lamp graces grave for awhile. 

मेरे होंटों पे मुस्कुराहट है 
गरचे सीने में दाग़ रखता हूँ 
..... शब्बीर नाक़िद..... 

My lips have a smile in mart. 
Though there's a scar in heart. 

मुस्कुराहट है हुस्न का ज़ेवर 
मुस्कुराना न भूल जाया करो 
..... अब्दुल हमीद अदम..... 

An ornament of beauty, is smile.
Don't forget it, even for a while. 

Wednesday, 28 September 2022

REKHTA.. TODAY'S 5 +15 COUPLETS

शैख़ साहब से रस्म-ओ-राह न की 
शुक्र है ज़िंदगी तबाह न की 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़..... 

Nil contact with clergy, well. 
I did not ruin my life, swell ! 

एक ही तो हवस रही है हमें 
अपनी हालत तबाह की जाए 
..... जौन एलिया..... 

I have harboured only one
 lust. 
Ruining my own state is a must. 

मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस 
ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं..... जौन एलिया..... 

I am a strange man, so strange indeed
've ruined myself yet no regret to breed. 

हर एक रात के पहलू से दिन निकलता है।
वो लोग कैसे संभल जाएँ जो तबाह नहीं 
..... माह तलअत ज़ाहिदी..... 

From the realms of each night appears a day.
How can he be assembled, if not ruined in a way.

कुछ दिनों दश्त भी आबाद हुआ चाहता है
कुछ दिनों के लिए अब शहर को वीरानी दे।..... नदीम अहमद..... 

The desert wants population for some time. 
Turn city for a few days to  desert sublime. 

कोई वीरानी सी वीरानी है 
दश्त को देख के घर याद आया
..... मिर्ज़ा ग़ालिब..... 

Some ruin, O what a ruin! 
Reminds of home, this ruin! 

दिल की वीरानी का क्या मज़कूर है 
ये नगर सौ मर्तबा लूटा गया 
..... मीर तक़ी मीर..... 

What to talk about ruins of the heart lane? 
This city was looted again and again. 

रात की बात का मज़कूर ही क्या 
छोड़िए रात गई बात गई 
..... चिराग़ हसन हज़रत.....

What happened in night, why discuss? 
The night is over, why all this fuss? 
 
जहाँ कुछ दर्द का मज़कूर होगा 
हमारा शेर भी मशहूर होगा 
..... जुर'अत क़लंदर बख़्श..... 

Where ever there 'll be talk of pain. 
Popularity my couplets will gain. 

सहरा को बहुत नाज़ है वीरानी पे अपनी 
वाक़िफ़ नहीं शायद मिरे उजड़े हुए घर से 
...... ख़ुमार बारहबंकवी..... 

Desert is very proud of being. 
desolate. 
Isn't aware of my ruined home state. 

वीरानी कुछ इस दर्जा आँखों में समाई है। गुलशन भी हमें 'नैय्यर' सहरा नज़र आता है।..... सैयद ऐम एच नक़्वी नैय्यर..... 

Ruins are seated so deep in my eyes.
'Nayyar' sees garden as desert lies. 

ये ज़िन्दगी जो पुकारे तो शक सा होता है 
कहीं अभी तो मुझे ख़ुद-कुशी नहीं करनी
..... स्वप्निल तिवारी..... 

When this life calls, a doubt befalls .
Do I commit suicide or time  stalls? 

अमाँ किसे थी मिरे साए में जो रुकता कोई 
ख़ुद अपनी आग में जलता हुआ शजर था मैं..... जमुना प्रसाद राही..... 

Who would come in my shade to retire? 
I was a tree, burning in my own fire. 

मुझे तो ख़ैर वतन छोड़ कर अमाँ न मिली 
वतन भी मुझ से ग़रीब-उल-वतन को तरसेगा..... नासिर काज़मी....

Of course I didn't get shelter in exile. 
Land would also long for me in exile. 

तुझे सीने से लगा लूँ तुझे दिल में रख लूँ 
दर्द की छाँव में ज़ख़्मों की अमाँ में आ जा..... अज़ीज़ कैफ़ी..... 

Let me embrace, inside the heart place. 
In shelter of wounds, pain shade space ! 

आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें 
हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं..... साहिर लुधियानवी..... 

On balance of wealth, hearts you may weigh. 
As a return of love, only love 
I can spray. 

दिल में न हो जुर'अत तो मोहब्बत नहीं मिलती 
ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती 
..... निदा फ़ाज़ली..... 

You can't have love without valour at heart. 
Such an amount of  charity none ' ll impart. 

तुम ने सच बोलने की जुरअत की 
ये भी तौहीन है अदालत की 
सलीम कौसर

Speaking truth you did retort. 
It's also a contempt of court. 

दोस्तों को भी मिले दर्द की दौलत या रब 
मेरा अपना ही भला हो मुझे मंज़ूर नहीं 
..... हफ़ीज़ जालंधरी..... 

Let friends too get pain wealth for free.
Only my benefit O God ! I don't agree. 

दिल दिया जिस ने किसी को वो हुआ साहिब-ए-दिल।
हाथ आ जाती है खो देने से दौलत दिल की।..... आसी ग़ाज़ीपुरी..... 

Who ever gave heart, became man of heart. 
You get this wealth, when with it you part. 



REKHTA....... LOVE COUPLETS OF VARIOUS POETS.

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो 
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए 
बशीर बद्र

Let the glow of your memories be ever with me. 
Who knows which lane marks the eve' of life. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 5 अन्य 
  
और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा 
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा 
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ 

There are many griefs other than love. 
There are many reliefs other than love. 
टैग्ज़ : प्रेरणादायक और 6 अन्य 
 
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ 
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ 
अहमद फ़राज़

Be it enmity come to give heart some pain. 
Come back just to leave me once again. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 2 अन्य 
  
उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो 
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है 
राहत इंदौरी

Go slow O breath her memories are here. 
Even heart throbs disturb while in prayer. 


टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 4 अन्य 
  
इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया 
वर्ना हम भी आदमी थे काम के 
मिर्ज़ा ग़ालिब

Ghalib has been rendered useless by love. 
Or else, he was  useful 
over and above. 
टैग्ज़ : प्रसिद्ध मिसरे और 2 अन्य 
  
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का 
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले 
मिर्ज़ा ग़ालिब

In love there's no difference between life and death. 
I live seeing the idol, who is
 the  cause of last breath. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 3 अन्य 
  
और क्या देखने को बाक़ी है 
आप से दिल लगा के देख लिया 
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

What else is there to see. 
My heart is tagged with thee. 
टैग्ज़ : दिल और 1 अन्य 
  
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है 
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है 
निदा फ़ाज़ली

What's oblivion is unknown to  those with sense. 
Fall in love and then you will cross the fence. 
टैग्ज़ : ज़िंदगी और 6 अन्य 
 
न जी भर के देखा न कुछ बात की 
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की 
बशीर बद्र

Neither I could talk nor had a full view. 
A desire to meet her was long time due.
टैग्ज़ : आरज़ू और 4 अन्य 
  
अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाए 
अब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए 
उबैदुल्लाह अलीम

Be related to an extent for heart to be believed .
Don't love so much that
 death may be conceived. 
टैग्ज़ : मोहब्बत और 1 अन्य 
  
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है 
हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है 
हसरत मोहानी

Silently shedding tears day 'n night, I remember still. 
That period of love and it's plight, I remember still. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 5 अन्य 
  
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी 
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता 
बशीर बद्र

Some compulsions must' ve blocked the way. 
No one is faithless just for a matter of say. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 3 अन्य 
 
इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद 
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता 
अकबर इलाहाबादी

Love has got a very delicate mind. 
The weight of brain is hard to griind. 
टैग्ज़ : मोहब्बत और 1 अन्य 
 
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के 
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के 
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

Losing both of worlds in your love route.
Passing night of grief, he is going O cute ! 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 1 अन्य 
  
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी 
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में 
जौन एलिया

How will I carry life cart? 
Love isn't liked by  heart. 
टैग्ज़ : ज़िंदगी और 2 अन्य 
  
किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम 
तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ 
अहमद फ़राज़

To how many can I tell the cause of our break up O love! 
You are cross with me, come for social make up O love! 
टैग्ज़ : ख़फ़ा और 4 अन्य 
  
हुआ है तुझ से बिछड़ने के बा'द ये मा'लूम 
कि तू नहीं था तिरे साथ एक दुनिया थी 
अहमद फ़राज़

Only after parting with you I have known. 
A world was along with, not
 you alone. 
टैग्ज़ : जुदाई और 2 अन्य 
 
आप के बा'द हर घड़ी हम ने 
आप के साथ ही गुज़ारी है 
गुलज़ार

After you, all time that's gone. 
I have passed with you alone. 
टैग्ज़ : जुदाई और 4 अन्य 
  
वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा 
मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा 
परवीन शाकिर

He is fragrance, with wind he will scatter. 
Where will the flower go, that's the matter? 
टैग्ज़ : मोहब्बत और 2 अन्य 
  
गिला भी तुझ से बहुत है मगर मोहब्बत भी 
वो बात अपनी जगह है ये बात अपनी जगह 
बासिर सुल्तान काज़मी

There's a lot of lament and love too. 
At it's own place, each thing is true. 

टैग्ज़ : मोहब्बत 
  
ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया 
जाने क्यूँ आज तिरे नाम पे रोना आया 
शकील बदायुनी

O love! I have wept on your dismal end. 
Why on your name today, is 
this trend? 
टैग्ज़ : उदासी और 4 अन्य 
  
दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं 
कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं 
जिगर मुरादाबादी

I am a making a way in someone 's heart.
What a beautiful way, it 
is on my part ! 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 4 अन्य 
  
इन्हीं पत्थरों पे चल कर अगर आ सको तो आओ 
मिरे घर के रास्ते में कोई कहकशाँ नहीं है 
मुस्तफ़ा ज़ैदी

Walk on these stones, if you can come here. 
On way to my home, no galaxy is there. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 1 अन्य 
  
ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे 
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है 
जिगर मुरादाबादी

Love is not easy, understand it first. 
It's a river on fire, to drown is a must. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 3 अन्य 
  
दिल धड़कने का सबब याद आया 
वो तिरी याद थी अब याद आया 
नासिर काज़मी

Why has my heart throbbed, now I recollect. 
It was your memory that robbed, now I recollect. 
टैग्ज़ : मोहब्बत और 3 अन्य 
  
कोई समझे तो एक बात कहूँ 
इश्क़ तौफ़ीक़ है गुनाह नहीं 
फ़िराक़ गोरखपुरी

If one understands, I 'll tell it in din. 
Love is a gift of God and not a sin. 
टैग्ज़ : गुनाह और 3 अन्य 
 
मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला 
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला 
बशीर बद्र

In love, don't mix friendship for show sake. 
If no embrace, let there be no hand shake. 
टैग्ज़ : दोस्ती और 1 अन्य 
  
तिरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ 
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ 
अल्लामा इक़बाल

I want your love at it's peak. 
How simple I'm, what I seek? 
टैग्ज़ : मोहब्बत और 3 अन्य 
  
सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं 
और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं 
जौन एलिया

All world griefs are mine. 
It's a pity that I am thine. 
टैग्ज़ : ग़म और 1 अन्य 
 
अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो 
तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो 
मुनव्वर राना

Now set the journey of break up at ease. 
Don't visit in dreams 'n disturb please! 

टैग्ज़ : ख़्वाब और 3 अन्य 
 
करूँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम 
मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता 
ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर

What shall I do, if in love, I lose.
There's nothing else, I can be  of use. 

टैग्ज़ : मोहब्बत और 2 अन्य 
  
तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा 
मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है 
अमीर मीनाई

You are angry with my love.
It's your anger, that I love. 
टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 3 अन्य 
 
इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब' 
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने 
मिर्ज़ा ग़ालिब

'Ghalib' love is fire not under control. 
Neither one can start it nor unroll. 
टैग्ज़ : मोहब्बत और 2 अन्य 
  
हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगे 
अभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ 
क़तील शिफ़ाई

I 'll be in it's ambush, me too will sleep. 
I am a little restless, stars you go to sleep. 
टैग्ज़ : नींद और 6 अन्य 
  
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही 
तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ 
साहिर लुधियानवी

Your meeting may make me glad. 
Having met you, makes me sad. 

शेर
इश्क़ की तमन्ना थी इश्क़ की तमन्ना है
इश्क़ ही की राहों में मस्तियों का मेला है

To love was desire. To love is desire. 
On the love paths are frenzies entire. 

अवैसुल हसन खान
शेर
इश्क़ हो जाएगा मेरी दास्तान-ए-इश्क़ से
रात भर जागा करोगे इस कहानी के लिए
आग़ा हज्जू शरफ़
You will fall in love with my love tale. 
You will be awake all night for the tale. 
शेर
इश्क़ है जी का ज़ियाँ इश्क़ में रक्खा क्या है
दिल-ए-बर्बाद बता तेरी तमन्ना क्या है
जुनैद हज़ीं लारी

What's there in love, it's a loss of heart. 
What's your desire, tell O ruined heart. 
शेर
इश्क़ है तर्ज़ ओ तौर इश्क़ के तईं
कहीं बंदा कहीं ख़ुदा है इश्क़
मीर तक़ी मीर


शेर
हक़ीक़ी इश्क़ की इश्क़-ए-मजाज़ी पहली मंज़िल है
चलो सू-ए-ख़ुदा ऐ ज़ाहिदों कू-ए-बुताँ हो कर

अज्ञात
शेर
इश्क़ के हिज्जे भी जो न जानें वो हैं इश्क़ के दावेदार
जैसे ग़ज़लें रट कर गाते हैं बच्चे स्कूल में

अमीक़ हनफ़ी
शेर
दारुश्शफ़ा-ए-इश्क़ में ले जा के हम को इश्क़
बोला कि चंद रोज़ ये बीमारियाँ रहें

मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
शेर
इश्क़ फिर इश्क़ है जिस रूप में जिस भेस में हो
इशरत-ए-वस्ल बने या ग़म-ए-हिज्राँ हो जाए

फ़िराक़ गोरखपुरी
शेर
ज़ाहिरन मौत है क़ज़ा है इश्क़
पर हक़ीक़त में जाँ-फ़ज़ाँ है इश्क़

अब्दुल ग़फ़ूर नस्साख़ 
टैग्ज़ : उदासी और 4 अन्य
  
 
 
शेर के संबंधित परिणाम "ishq"
शेर
इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है
यानी अपना ही मुब्तला है इश्क़

मीर तक़ी मीर
शेर
इश्क़ ही इश्क़ है जहाँ देखो
सारे आलम में भर रहा है इश्क़

मीर तक़ी मीर
शेर
इश्क़ है इश्क़ करने वालों को
कैसा कैसा बहम क्या है इश्क़

मीर तक़ी मीर
शेर
इश्क़ है इश्क़ ये मज़ाक़ नहीं
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो

सुदर्शन फ़ाकिर
शेर
इश्क़ फिर इश्क़ है आशुफ़्ता-सरी माँगे है
होश के दौर में भी जामा-दरी माँगे है

उनवान चिश्ती
शेर
इश्क़ है इश्क़ तो इक रोज़ तमाशा होगा
आप जिस मुँह को छुपाते हैं दिखाना होगा

ज़हीर देहलवी
शेर
इश्क़ तिरी इंतिहा इश्क़ मिरी इंतिहा
तू भी अभी ना-तमाम मैं भी अभी ना-तमाम

अल्लामा इक़बाल

Tuesday, 27 September 2022

भक्त के वश में हैं भगवान

भक्त के वश में हैं भगवान।

सुत कुबेर के, मद के कारण गए बहुत  बौराय।
नारदजी ने क्रुद्ध हो कहा, वृक्ष बनो तुम जाय।
क्षमा याचना की तो, मुनि बोले वृंदावन जाओ। 
माँ जसुदा के आँगन में, नित हरि के दर्शन पाओ।
मुक्ति कर रज्ञ लें मेरां मान।
भक्त के वश में हैं भगवान। 

REKHTA.. TODAY'S 5+5COUPLETS

झूट बोला है तो क़ायम भी रहो उस पर 'ज़फ़र '
आदमी को साहिब-ए-किरदार होना चाहिए ।..... ज़फ़र इक़बाल..... 

If you're telling a lie, O 'Zafar' keep up the tie.
A man of character, is how he must live 'n die. 

मैं सच कहूँगी मगर फिर भी हार जाऊँगी 
वो झूट बोलेगा और ला-जवाब कर देगा 
..... परवीन शाकिर..... 

I shall speak the truth yet victory 'll defy. 
He 'll tell me a lie and still 
I can't reply . 

झूट वाले कहीं से कहीं बढ़ गए 
और मैं था कि सच बोलता रह गया 
..... वसीम बरेलवी..... 

Those who told a lie, reached goals so high. 
Only speaking the truth, is all that am I. 

वो झूट बोल रहा था बड़े सलीक़े से 
मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता 
..... वसीम बरेलवी..... 

He was telling lies in a marvelous style. 
What else could I do but
 believe awhile?

बद की सोहबत में मत बैठो इस का है अंजाम बुरा 
बद न बने तो बद कहलाए बद अच्छा बदनाम बुरा..... इस्माइल मेरठी..... 

Don't accompany bad persons, the result is bad. 
You 'll get a bad name even if you are not bad. 

पैदा कहाँ हैं ऐसे परागंदा-तब्अ लोग 
अफ़सोस तुम को 'मीर' से सोहबत नहीं रही..... मीर तक़ी मीर..... 

Where are such people of this distressed nature? 
Alas ! You didn't have company of 'Mir's stature. 

हम से कोई त'आल्लुक-ए-ख़ातिर तो है उसे
वो शख़्स बा-वफ़ा न सही बे-वफ़ा तो है 
..... जमील मलिक..... 

There's a relation between two of us.
Faithless or faithful, why such a fuss? 

अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को 
मैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं 
..... आसी उल्दनी..... 

I am not aware about my own state. 
That I am distressed, others so state. 

रोज़ अच्छे नहीं लगते आँसू। 
ख़ास मौक़ों पे मज़ा देते हैं। 
..... मोहम्मद अल्वी..... 

Tears that appear daily aren't cherished. 
On special occasions, these are relished. 

देखी थी एक रात तिरी ज़ुल्फ़ ख़्वाब में 
फिर जब तलक जिया मैं परेशान ही रहा 
..... रज़ा अज़ीम आबादी..... 

One night in a dream, I saw your tress. 
As long as I Iived, I was in  distress. 

Monday, 26 September 2022

BASHIR BADR.. COUPLETS

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो 

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए 

टैग्ज़ : इश्क़ और 6 अन्य 
  
 
न जी भर के देखा न कुछ बात की 

बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की 

टैग्ज़ : आरज़ू और 5 अन्य 
  
 
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी 

यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता 

टैग्ज़ : इश्क़ और 4 अन्य 
 
 
ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं 

पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है 

टैग्ज़ : ज़िंदगी और 1 अन्य 
  
 
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना 

जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता 

टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 1 अन्य 
 
 
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे 

जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों 

टैग्ज़ : अम्न और 5 अन्य 
 
 
यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं 

मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे 

टैग्ज़ : आदमी और 2 अन्य 
  
 
मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला 

अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला 

टैग्ज़ : इश्क़ और 2 अन्य 
  
 
हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं 

उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में 

टैग : दिल 
  
 
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी 

किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी 

टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 2 अन्य 
  
 
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो 

हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली 

टैग्ज़ : इश्क़ और 2 अन्य 
 
 
कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से 

ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो 

टैग्ज़ : फ़ेमस शायरी और 2 अन्य 
  
 
ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैं ने 

बस एक शख़्स को माँगा मुझे वही न मिला 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा 

यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो 

टैग्ज़ : इश्क़ और 2 अन्य 
 
 
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं 

दिल हमेशा उदास रहता है 

टैग्ज़ : उदासी और 2 अन्य 
 
 
सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा 

इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा 

टैग्ज़ : इश्क़ और 1 अन्य 
  
 
इतनी मिलती है मिरी ग़ज़लों से सूरत तेरी 

लोग तुझ को मिरा महबूब समझते होंगे 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
हसीं तो और हैं लेकिन कोई कहाँ तुझ सा 

जो दिल जलाए बहुत फिर भी दिलरुबा ही लगे 

टैग : हुस्न 
  
 
पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है 

ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है 

टैग्ज़ : ग़म और 2 अन्य 
  
 
पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला 

मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना 

यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है 

जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है 

टैग्ज़ : घमंड और 2 अन्य 
  
 
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में 

तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में 

टैग : फ़साद 
  
 
उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में 

फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते 

टैग : बचपन 
  
 
दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम 

तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे 

टैग्ज़ : दुशमनी और 1 अन्य 
  
 
तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा 

मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा 

टैग्ज़ : इश्क़ और 2 अन्य 
  
 
सात संदूक़ों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें 

आज इंसाँ को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत 

टैग्ज़ : अम्न और 3 अन्य 
 
 
वो चेहरा किताबी रहा सामने 

बड़ी ख़ूबसूरत पढ़ाई हुई 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे 

बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला 

टैग्ज़ : इंसान और 1 अन्य 
  
 
भला हम मिले भी तो क्या मिले वही दूरियाँ वही फ़ासले 

न कभी हमारे क़दम बढ़े न कभी तुम्हारी झिजक गई 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
भूल शायद बहुत बड़ी कर ली 

दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली 

टैग्ज़ : दुनिया और 2 अन्य 
 
 
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा 

मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा 

टैग्ज़ : रोमांटिक और 1 अन्य 
  
 
इसी लिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं 

तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं 

टैग्ज़ : आदमी और 1 अन्य 
 
 
अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना 

हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है 

टैग्ज़ : दरिया और 2 अन्य 
  
 
अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा 

तुम्हें जिस ने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
ख़ुदा ऐसे एहसास का नाम है 

रहे सामने और दिखाई न दे 

टैग्ज़ : एहसास और 1 अन्य 
  
 
न तुम होश में हो न हम होश में हैं 

चलो मय-कदे में वहीं बात होगी 

टैग्ज़ : नशा और 1 अन्य 
 
 
मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है 

कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
  
 
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा 

कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा 

 
  
 
इसी शहर में कई साल से मिरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं 

उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं मुझे उन का कोई पता नहीं 

 
  
 
कभी कभी तो छलक पड़ती हैं यूँही आँखें 

उदास होने का कोई सबब नहीं होता 

टैग्ज़ : आँख और 1 अन्य 
 
 
आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है 

बेवफ़ाई कभी कभी करना 

टैग्ज़ : इश्क़ और 3 अन्य 
 
 
है अजीब शहर की ज़िंदगी न सफ़र रहा न क़याम है 

कहीं कारोबार सी दोपहर कहीं बद-मिज़ाज सी शाम है 

टैग्ज़ : ज़िंदगी और 2 अन्य 
  
 
गुफ़्तुगू उन से रोज़ होती है 

मुद्दतों सामना नहीं होता 

 
 
 
बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम 

मुझे पता चला वो कितनी ख़ूबसूरत है 

टैग्ज़ : महबूब और 1 अन्य 
  
 
कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए 

तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए 

टैग्ज़ : आसमान और 2 अन्य 
  
 
दिल की बस्ती पुरानी दिल्ली है 

जो भी गुज़रा है उस ने लूटा है 

टैग्ज़ : दिल और 1 अन्य 
 
 
एक औरत से वफ़ा करने का ये तोहफ़ा मिला 

जाने कितनी औरतों की बद-दुआएँ साथ हैं 

टैग्ज़ : औरत और 1 अन्य 
 
 
जी बहुत चाहता है सच बोलें 

क्या करें हौसला नहीं होता 

टैग : सच 
 
 
रोने वालों ने उठा रक्खा था घर सर पर मगर 

उम्र भर का जागने वाला पड़ा सोता रहा 

टैग : मौत 
  
 
RECITATION

RAHAT INDAURI.. GHAZAL..

नदी ने धूप से क्या कह दिया रवानी में 
उजाले पाँव पटकने लगे हैं पानी में 

ये कोई और ही किरदार है तुम्हारी तरह 
तुम्हारा ज़िक्र नहीं है मिरी कहानी में 

अब इतनी सारी शबों का हिसाब कौन रखे 
बड़े सवाब कमाए गए जवानी में 

चमकता रहता है सूरज-मुखी में कोई और 
महक रहा है कोई और रात-रानी में 


ये मौज मौज नई हलचलें सी कैसी हैं 
ये किस ने पाँव उतारे उदास पानी में 

मैं सोचता हूँ कोई और कारोबार करूँ 
किताब कौन ख़रीदेगा इस गिरानी में 

REKHTA.. TODAY'S 5 +10 COUPLETS.. 26.9.'22

ग़ौर से देखते रहने की सज़ा पाई है।
तेरी तस्वीर इन आँखों में उतर आई है।..... अभिनंदन पांडे..... 

तेरी सूरत से किसी की नहीं मिलती सूरत 
हम जहाँ में तिरी तस्वीर लिए फिरते हैं 
..... नासिख़..... 

दिल आबाद कहाँ रह पाए उस की याद भुला देने से 
कमरा वीराँ हो जाता है इक तस्वीर हटा देने से..... जलील आली..... 

रंग ख़ुश्बू और मौसम का बहाना हो गया 
अपनी ही तस्वीर में चेहरा पुराना हो गया 
..... ख़ालिद गनी.....

इरादा तो नहीं है ख़ुद-कुशी का। 
मगर मैं ज़िन्दगी से ख़ुश नहीं हूँ। 
..... विकास शर्मा राज़..... 

ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं 
पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है 
..... बशीर बद्र..... 

जो गुज़ारी न जा सकी हम से 
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है 
..... जौन एलिया..... 

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो 
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए..... बशीर बद्र..... 

तेरी आँखों के लिए इतनी सज़ा काफ़ी है। आज की रात मुझे ख़्वाब में रोता हुआ  देख..... अभिशेक शुक्ला..... 

This punishment will suffice for your eyes. 
This night in dream, you watch my cries. 

ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है 
ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है..... इख़्तिख़ार आरिफ़....

I want to get shattered like the dreams.
 Solitude is such as wish to die beams. 

उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए 
कि नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिए 
..... इरफ़ान सिद्दीक़ी..... 

Rise to have a glimpse or night that beams. 
As sleep is not a pre-condition for dreams. 

अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो 
तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो..... मुनव्वर राना..... 

Ease my parting journey as it seems. 
You do not disturb me in the dreams. 

दरख़्त करते नहीं इस लिए उमीद-ए-वफ़ा 
वो जानते हैं परिंदों के पर निकलते हैं। 
..... कुलदीप कुमार..... 

The reason, trees expect loyalty from none. 
They are aware, fledglings 'll fly, have fun. 

मेहंदी लगाने का जो ख़याल आया आप को 
सूखे हुए दरख़्त हिना के हरे हुए 
..... हैदर अली आतिश..... 

When you thought of applying  henna on your hands. 
Henna shrubs turned green from dried out strands. 

उन के होने से बख़्त होते हैं 
बाप घर के दरख़्त होते हैं..... अज्ञात..... 

Fate shines on us while they are there. 
Father is the tree of home, takes care. 

साया है कम खजूर के ऊँचे दरख़्त का 
उम्मीद बाँधिए न बड़े आदमी के साथ 
..... कैफ़ भोपाली.....

Shade of a tall date tree is so small
Don't you hope from big man
 at all. 

उन्हें आँखों की बे-दर्दी ने बे-घर कर दिया है। 
ये आँसू क़हक़हा बनने की कोशिश कर रहे थे।..... अब्बास क़मर..... 

These have been exiled by  merciless eyes. 
Tears wanted to guffaw in times of sighs

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है 
हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है..... हसरत मोहानी..... 

Silently shedding tears day 'n night, I remember. 
That period of courtship I still can remember. 

एक आँसू ने डुबोया मुझ को उन की बज़्म में 
बूँद भर पानी से सारी आबरू पानी हुई 
..... इब्राहिम ज़ौक़..... 

In her meeting I was drowned by a single tear drop. 
My prestige was watered down by a single tear drop. 

वैसे तो इक आँसू ही बहा कर मुझे ले जाए 
ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता 
..... वसीम बरेलवी..... 

Though , even a drop of tear may drift me away . 
Or else, even a strong storm can not sway . 





RIAZ KHAIRABADI.. GHAZAL

दर्द हो तो दवा करे कोई 

मौत ही हो तो क्या करे कोई 

न सताए कोई उन्हें शब-ए-वस्ल 

उन की बातें सुना करे कोई 

बंद होता है अब दर-ए-तौबा 

दर-ए-मय-ख़ाना वा करे कोई 

क़ब्र में आ के नींद आई है 

न उठाए ख़ुदा करे कोई 

थीं ये दुनिया की बातें दुनिया तक 

हश्र में क्या गिला करे कोई

उठी जब झुकी जबीन-ए-नियाज़ 

किस तरह इल्तिजा करे कोई 

बोसा लें ग़ैर दें सज़ा हम को 

हम हैं मुजरिम ख़ता करे कोई 

बिगड़े गेसू तो बोले झुँझला कर 

न बलाएँ लिया करे कोई 

नज़्अ' में क्या सितम का मौक़ा है 

वक़्त है अब दुआ करे कोई 

हश्र के दिन की रात हो कि न हो 

अपना वा'दा वफ़ा करे कोई 

न सताए कोई किसी को 'रियाज़' 

न सितम का गिला करे कोई

Sunday, 25 September 2022

REKHTA.. TODAY'S 5 +7 COUPLETS.. 25.9.'22.

सातों आलम सर करने के बा'द इक दिन की छुट्टी ले कर 
घर में चिड़ियों के गाने पर बच्चों की हैरानी देखो..... शुजा ख़ावर..... 

After winning seven worlds, on leave for a day.
Children listen to bird songs at home in a way! 

ये माना मैं किसी क़ाबिल नहीं हूँ इन निगाहों में 
बुरा क्या है अगर ये दुख ये हैरानी मुझे दे दो.... . साहिर लुधियानवी..... 

I am worth nothing in those eyes, I confess. 
What's bad if you give me the 
 pain 'n distress. 

इतनी सारी यादों के होते भी जब दिल में 
वीरानी होती है तो हैरानी होती है 
..... अफ़ज़ल ख़ान..... 

With so many memories
in heart to ponder! 
That it's still a desert, 
is a matter of wonder

हफ़्ते में हैं दिन सात मगर सात दिनों में 
सिर्फ़ एक ही इतवार है मालूम नहीं क्यूँ 
..... किशन लाल ख़ंदां देहलवी.....
 
There's a seven days week, but in this show. 
Why there's only one Sunday, I don't know. 

अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना 
हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है..... बशीर बद्र..... 

Read discourse on water, if
 you have leisure. 
Each river writes a story of years as treasure. 

फ़ुरसत में रहा करते हैं फ़ुरसत से ज़ियादा। 
मसरूफ़ हैं हम लोग ज़रूरत से ज़ियादा। 
..... सुल्तान अख़्तर..... 

To be at leisure more than leisure is the need.
 Busy more than the need
to be, is our breed. 

जी ढूँडता है फिर वही फ़ुर्सत कि रात दिन 
बैठे रहें तसव्वुर-ए-जानाँ किए हुए 
.....ग़ालिब..... 

Heart searches for the days and nights of leisure. 
Delving in the thoughts of  sweetheart 's treasure ! 

अक़्ल को तन्क़ीद से फ़ुर्सत नहीं 
इश्क़ पर आमाल की बुनियाद रख 
..... इक़बाल..... 

Head has always criticism as  case. 
Build your future with love as base. 

आने में सदा देर लगाते ही रहे तुम। 
जाते रहे हम जान से आते ही रहे तुम। 
...... नासिख़..... 

Your arrival has always been
 a matter of delay. 
I was dying , but your arrival was yet same way. 

सौ चाँद भी चमकेंगे तो क्या बात बनेगी 
तुम आए तो इस रात की औक़ात बनेगी 
..... जाँ निसार अख़्तर..... 

What will it be even with a hundred moon' s glow? 
With your arrival, this night 
now will be a show ! 

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम 
आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे 
..... राहत इन्दौरी..... 

We aren't the leaves that will fall with the wind. 
Just tell the storm to keep 
it's limits in mind. 

उन की फ़रमाइश नई दिन रात है 
और थोड़ी सी मिरी औक़ात है 
..... दाग़ देहलवी..... 

Her fresh demands 
in daily courses ! 
But very limited are
 my resources.





Saturday, 24 September 2022

SAHIR LUDHIANAVI. GHAZAL.. MILTI HAI

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी 
होती है दिलबरों की इनायत कभी कभी

In the life, love is met only at times. 
Lover's grace you get only at times. 

शर्मा के मुँह न फेर नज़र के सवाल पर
लाती है ऐसे मोड़ पे क़िस्मत कभी कभी

A glimpse to turn face 'n feel shy.
 This fate bend is set only at times. 

खुलते नहीं हैं रोज़ दरीचे बहार के
आती है जान-ए-मन ये क़यामत कभी कभी

Windows of spring don't open 
each day. 
Darling! This doom is set only at times. 

तन्हा न कट सकेंगे जवानी के रास्ते
पेश आएगी किसी की ज़रूरत कभी कभी

Youth paths can't be travelled alone. 
Needs for one to have met, only at times. 

फिर खो न जाएँ हम कहीं दुनिया की भीड़ में
मिलती है पास आने की मोहलत कभी-कभी

We may get lost again in crowd of world. 
Breather to be together we get only at times. 
 

KHUMAAR BARAHBANKVI.. GHAZAL..

कभी शेर-ओ-नग़्मा बन के कभी आँसुओं में ढल के 


वो मुझे मिले तो लेकिन मिले सूरतें बदल के 

ये वफ़ा की सख़्त राहें ये तुम्हारे पा-ए-नाज़ुक 
न लो इंतिक़ाम मुझ से मिरे साथ साथ चल के 

वही आँख बे-बहा है जो ग़म-ए-जहाँ में डूबे 
वही जाम जाम है जो बग़ैर फ़र्क़ छलके 

न तो होश से तआ'रुफ़ न जुनूँ से आश्नाई 
ये कहाँ पहुँच गए हम तिरी बज़्म से निकल के 
ये चराग़-ए-अंजुमन तो हैं बस एक शब के मेहमाँ 
तू जला वो शम्अ' ऐ दिल जो बुझे कभी न जल के 

कोई ऐ 'ख़ुमार' उन को मिरे शे'र नज़्र कर दे 
जो मुख़ालिफ़ीन मुख़्लिस नहीं मो'तरिफ़ ग़ज़ल के 

MANOJ MUNTASHIR.. COUPLETS

सीने के उस कोने में भी तू है, जहाँ दिल होता है…
इतना ज्यादा कोई किसी के अंदर दाखिल होता है..??
भागता फिरता हूँ मैं तुझसे, रोज़ सुबह से शाम तलक…
फिर भी मेरी सांस-सांस में, तू ही शामिल होता है.

You too are in the corner of chest, where there is heart. 
How can someone within the other, so deeply impart?
I keep running away from you, since morning until eve'! 
Still in every breath of mine, you  just join from start.

कभी ख़ुद्दारी की सरहद ही नहीं लांघते है,
भीख तो छोड़िये, हम हक़ भी नहीं मांगते है.

I have never crossed the boundaries of self respect. 
Leave aside alms, I don't
 even beg my right with tact

तू किसी की भी रहे, तेरी याद मेरी है,
अमीर हूँ मैं कि ये जायदाद मेरी है.

You may belong to anyone, but your memories are mine. 
Since that's my property, so I am rich and it is just. fine. 

अँधेरी रात, नहीं लेती नाम ढलने का,
यही तो वक़्त है सूरज तेरे निकलने का.

The night is very dark and yet unwilling to end.
 This is time O sun, to appear from horizon blend. 

बयान सच के तराज़ू में तोलता हूँ मैं…
तेरी ख़ुशी के लिए थोड़ी बोलता हूँ मैं ..!!!

I weigh each statement in 
the balance of truth. 
I don't speak with you to  please 'n be smooth. 

हवा में घर बनाया था कभी जो,
उसी के सामने बेबस पड़ा हूँ…
तुम्हारे भी दरीचे कौन खोले
कई जन्मो से मैं बाहर खड़ा हूँ…!!!

The home that was built in air, 
I am lying in front of it. 
Who can open your windows,
I spend lives out of it. 

न दिन है न रात है…
कोई तन्हा है न साथ है…
जैसी आँखें वैसी दुनिया..
बस इतनी सी बात है.

Neither there's day nor night, 
not in company or alone. 
The eyes that look at world,
will see so, that's known. 

कल सूरज सर पे पिघलेगा तो याद करोगे,
कि माँ से घना कोई दरख़्त नहीं था…
इस पछतावे के साथ कैसे जियोगे,
कि वो तुमसे बात करना चाहती थी
और तुम्हारे पास वक़्त नहीं था.

Tomorrow while sun will melt on head, you 'll remember.
No tree is as dense in shade, 
 as that cast by your mother.
Tell me how will you live with the regret, she wanted to talk. And you had brushed it aside, that time was out of stock. 



REKHTA.. TODAY'S 5 +8 COUPLETS.. 24.9.'22.

हम तो कहते हैं मोहब्बत में मज़ा है ही नहीं। 
आप कहते हैं तो फिर मान लिया जाता है।..... तरकश प्रदीप..... 

I so say,in love, there's no charm
If you say,I will  accept, no
harm. 

दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के 
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़..... 

Having lost both worlds in your love. 
He is leaving after a sad night,  dove. 

और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा 
राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़.....

Agonies are in world, besides the love. 
And some reliefs besides that of love. 

मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का 
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले.... मिर्ज़ा ग़ालिब..... 

In love, there's no difference between life 'n death.
 I live seeing that idol, who 
will snatch my breath. 

आए कुछ अब्र कुछ शराब आए 
इस के ब'अद आए जो अज़ाब आए 
...... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़..... 

Let the clouds and wine come.
Then agonies can also come. 

बर्क़ को अब्र के दामन में छुपा देखा है 
हम ने उस शोख़ को मजबूर-ए-हया देखा है...... हसरत मोहानी..... 

I have seen clouds hiding the spark in sky. 
I have seen the naughty dame helpless, shy. 

उस ने बारिश में भी खिड़की खोल कर देखा नहीं। 
भीगने वालों को कल  क्या-क्या परेशानी हुई।..... जमाल एहसानी..... 

She didn't even open the window and see in rain. 
Yesterday, those who got drenched, their pain ! 

प्यासो रहो न दश्त में बारिश के मुंतज़िर 
मारो ज़मीं पे पाँव कि पानी निकल पड़े 
..... इक़बाल साजिद..... 

Don't keep thirsty in desert
 and wait for rain. 
Hit the earth hard for water, again and again. 

मैं कि काग़ज़ की एक कश्ती हूँ 
पहली बारिश ही आख़िरी है मुझे 
..... तहज़ीब हाफ़ी..... 

I am simply a paper boat. 
First rain 'll be last to quote. 

हम ने काँटों को भी नरमी से छुआ है अक्सर 
लोग बेदर्द हैं फूलों को मसल देते हैं 
..... बिस्मिल सईदी..... 

Often I have touched even thorns with ease. 
People are cruel, crush flowers with ease. 

ये बातों में नर्मी ये तहज़ीब-ओ-आदाब 
सभी कुछ मिला हम को उर्दू ज़बाँ से 
..... बशीर महताब..... 

These soft talks,culture and manner.
I got all under Urdu language banner. 

और क्या इस से ज़ियादा कोई नर्मी बरतूँ 
दिल के ज़ख़्मों को छुआ है तिरे गालों की तरह..... जाँ निसार अख़्तर..... 

After all, how much softness does one seek? 
I have touched heart wounds like your cheek. 

रोने वालों ने उठा रखा था घर सर पर मगर। 
उम्र भर का जागने वाला पड़ा सोता रहा। 
..... बशीर बद्र..... 

The house was in din by those who had wept. 
But one who kept awake life- long, now slept. 

Friday, 23 September 2022

ETBAAR SAAJID..... COUPLETS

तुम्हें जब कभी मिलें फ़ुर्सतें मिरे दिल से बोझ उतार दो
मैं बहुत दिनों से उदास हूँ मुझे कोई शाम उधार दो 


जिन्हें मानता ही नहीं ये दिल वही लोग मेरे हैं हम-सफ़र
मुझे हर तरह से जो रास थे वही लोग मुझ से बिछड़ गए 



किसे पाने की ख़्वाहिश है कि 'साजिद'
मैं रफ़्ता रफ़्ता ख़ुद को खो रहा हूँ 


फ़क़त एक धुन थी कि रात-दिन इसी ख़्वाब-ज़ार में गुम रहें
वो सुरूर ऐसा सुरूर था वो ख़ुमार ऐसा ख़ुमार था 

ढूँढ़ते क्या हो इन आँखों में कहानी मेरी
ख़ुद में गुम रहना तो आदत है पुरानी मेरी  


कैसे कहें कि जान से प्यारा नहीं रहा
ये और बात अब वो हमारा नहीं रहा 

अब तो ख़ुद अपनी ज़रूरत भी नहीं है हम को
 वो भी दिन थे कि कभी तेरी ज़रूरत हम थे 


ये बरसों का तअल्लुक़ तोड़ देना चाहते हैं हम
अब अपने आप को भी छोड़ देना चाहते हैं हम 

गुफ़्तुगू देर से जारी है नतीजे के बग़ैर
इक नई बात निकल आती है हर बात के साथ


फिर वही लम्बी दो-पहरें हैं फिर वही दिल की हालत है
बाहर कितना सन्नाटा है अंदर कितनी वहशत है


REKHTA... TODAY's 5 +8 COUPLETS

साहिल तमाम अश्क-ए-नदामत से अट गया।
दरिया से कोई शख़्स तो प्यासा पलट गया।..... शकेब जलाली.....

The tears of repentance flooded it's shore. 
A man came back from
 river, thirsty to core.

इक नाम क्या लिखा तिरा साहिल की रेत पर। 
फिर उम्र भर हवा से मिरी दुश्मनी रही। 
..... परवीन शाकिर.....

I just wrote your name on sea sand shore. 
Enmity with wind was for life, ever more.

बढ़ के तूफ़ान को आग़ोश में ले ले अपनी। 
डूबने वाले तिरे हाथ से साहिल तो गया।..... अब्दुल हमीद अदम.....

Embrace the tempest, go ahead,don't think. 
You can not reach the shore,
 will surely sink.

देखा उसे तो आँख से आँसू निकल पड़े। दरिया अगरचे ख़ुश्क था पानी तहों में था।
..... नासिर ज़ैदी.....

Seeing it, tears appeared in my eye. 
With wet sand layers, river was dry. 

कहाँ मैं अभी तक नज़र आ सका हूँ 
ख़ुदा जाने कितनी तहों में छुपा हूँ 
..... दिल अय्यूबी..... 

I can't be visualised by any side.
 God knows how many layers hide? 

ये उदासी का सबब पूछने वाले 'अजमल'।
क्या करेंगे जो उदासी का सबब बतलाया?.....अजमल सिराज.....

'Ajmal'! Those who ask me, why am I sad? 
What will they do if I tell, why am I sad? 

उस के यूँ तर्क-ए-मोहब्बत का सबब होगा कोई 
जी नहीं ये मानता वो बेवफ़ा पहले से था 
..... परवीन शाकिर.. 

For  break up,there might be some reason, his stand. 
The heart doesn't accept, he was infidel before hand. 

किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम? 
तू मुझ से ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ।..... अहमद फ़राज़..... 

To how many persons can I tell cause of our break up? 
If you are angry with me, come for the world to shut up. 

जिसे मंज़िल समझ कर रुक गए हम। 
वहीं से अपना आग़ाज़-ए-सफ़र था। 
..... बशीर महताब..... 

Where I stopped thinking it was goal. 
That was start of journey as a whole. 

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही 
नहीं विसाल मयस्सर तो आरज़ू ही सही 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़.....

Let there be an effort, if 
goal isn't in view. 
If meeting isn't there, let  desires be, a few. 

उक़ाबी रूह जब बेदार होती है जवानों में 
नज़र आती है उन को अपनी मंज़िल आसमानों में..... अल्लामा इक़बाल..... 

When hawk soul gets free within the young. 
They see their goals in the 
 sky far flung. 

अपनी मंज़िल पे पहुँचना भी खड़े रहना भी 
कितना मुश्किल है बड़े हो के बड़े रहना भी..... शकील आज़मी..... 

How difficult it is to reach goal and stand. 
How difficult it is to be old and hold hand. 

ये अलग बात कि मैं नूह नहीं था लेकिन 
मैं ने कश्ती को ग़लत सम्त में बहने न दिया..... अज़हर इनायती..... 

It's a different story that I wasn't Nooh as a guide. 
But I didn't allow the ship
 to go wayward any side. 

Thursday, 22 September 2022

SALIIM KAUSAR.. GHAZAL.. TUJH SE BADH KAR KOI PYAARAA BHI NAHIIN HO. SAKTAA..........

तुझ से बढ़ कर कोई प्यारा भी नहीं हो सकता
पर तिरा साथ गवारा भी नहीं हो सकता

No one could be a dearer than you. 
But I am can not tolerate you too. 

पाँव रखते हैं फिसल सकता है मिट्टी हो कि रेत
हर किनारा तो किनारा भी नहीं हो सकता

The foot can slip over soil or sand. 
Every corner can't be a shore too. 

उस तक आवाज़ पहुँचनी भी बड़ी मुश्किल है
और न देखे तो इशारा भी नहीं हो सकता

It's very difficult for sound to reach her. 
Without seeing, you can't signal too. 

तेरे बंदों की मईशत का अजब हाल हुआ
ऐश कैसा कि गुज़ारा भी नहीं हो सकता

The state of your people is so strange. 
What luxury, you can't survive  too. 

अपना दुश्मन भी दिखाई नहीं देता हो जिसे
ऐसा लश्कर तो सफ़-आरा भी नहीं हो सकता

One who can't even see his enemy. 
Such an army can not marshal too. 

हुस्न ऐसा कि चका-चौंद हुई हैं आँखें
हैरत ऐसी कि नज़ारा भी नहीं हो सकता

Beauty is such that eyes are blared. 
Surprising, you can not even view. 

वैसे वो शख़्स हमारा तो कभी था ही नहीं
दुख तो ये है कि तुम्हारा भी नहीं हो सकता

That person had never been mine. 
Trouble is, you also, can not woo. 

दुनिया अच्छी भी नहीं लगती हम जैसों को 'सलीम'
और दुनिया से किनारा भी नहीं हो सकता

'Saleem' and his people dislike world. 
You  can't cut corners with it too. 



MIRZA GHALIB.. GHAZAL.. ISHQ MUJHH KO NAHIIN WAHSHAT HII SAHII.......

इश्क़ मुझ को नहीं वहशत ही सही 
मेरी वहशत तिरी शोहरत ही सही 

Let it be my madness, if not love. 
My madness be your fame O love ! 

क़त्अ कीजे न तअल्लुक़ हम से 
कुछ नहीं है तो अदावत ही सही 

Don't break all contacts with me. 
Let enmity be, if nothing else O love ! 

मेरे होने में है क्या रुस्वाई 
ऐ वो मज्लिस नहीं ख़ल्वत ही सही 

What's bad name in my being? 
Let solitude be if no meeting O love ! 

हम भी दुश्मन तो नहीं हैं अपने 
ग़ैर को तुझ से मोहब्बत ही सही 

After all, I am not your enemy. 
If with you,  rival has fallen in love. 

अपनी हस्ती ही से हो जो कुछ हो 
आगही गर नहीं ग़फ़लत ही सही 

Whatever happens let it be with me. 
If no awareness then oblivion O love ! 

उम्र हर-चंद कि है बर्क़-ए-ख़िराम 
दिल के ख़ूँ करने की फ़ुर्सत ही सही 

Anyway life is an electric move.
Let it be leisure to slay heart O love ! 

हम कोई तर्क-ए-वफ़ा करते हैं 
न सही इश्क़ मुसीबत ही सही 

It's not break up on my behalf. 
Let there be trouble, if it isn't love. 

कुछ तो दे ऐ फ़लक-ए-ना-इंसाफ़ 
आह ओ फ़रियाद की रुख़्सत ही सही 

Give something O unjust fate ! 
Relief from sighs 'n request O love ! 

हम भी तस्लीम की ख़ू डालेंगे 
बे-नियाज़ी तिरी आदत ही सही 

Me too will get used to accept. 
Let indifference be your habit O love ! 

यार से छेड़ चली जाए 'असद' 
गर नहीं वस्ल तो हसरत ही

' Asad' ! Let banter go on with her . 
Let there be desire if it isn't  love ! 

REKHTA.. TODAY'S 5+6 COUPLETS 21. . 9.'22.

जहाँ में मंज़िल-ए-मक़्सूद ढूंढने वाले।
ये कायनात की तस्वीर ही ख़याली है। 
..... शहज़ाद अहमद.....

In this world, you who are searching for the goal. 
The picture of universe is imaginary as a whole.

क़ैद-ए-मज़हब वाक़ई इक रोग है।
आदमी को चाहिए आज़ाद हो। 
..... वज़ीर अली सबा लखनवी.....

Religious bondage is really a disease.
Man should be free, feel at ease. 

ख़ाक उड़ती है तेरी गलियों में। 
ज़िन्दगी का वक़ार देखा है। 
..... साग़र सिद्दीक़ी.....

Only dust blows in your streets. 
I have seen life, honour it meets. 

पत्थरों के देस में शीशे सा है अपना वक़ार। 
देवता अपनी जगह है आदमी अपनी जगह।..... गणेश बिहारी तर्ज़.....

In this land of stones, my honour is made of glass.
 God is at His place, and 
mine is a separate class. 

ज़बान-ए-होश से ये कुफ़्र सरज़द हो नहीं सकता । 
मैं कैसे बिन पिए ले लूँ ख़ुदा का नाम है ऐ साक़ी। 
..... अब्दुल हमीद अदम..... 

While in senses, it's impious
 for me even to think. 
O barmaid how can I take His name without a drink? 

यही तो है कुफ़्र है यारान-ए-बेख़ुदी के हुज़ूर। 
जो कुफ़्र-ओ-दीं का मिरे यार इम्तियाज़ रहा।..... मिर्ज़ा अली लुत्फ़..... 

It's what companions of intoxication hide my lord ! 
To grade idolatry and Islam 
on their own  accord. 

जिसे ज़ौक़-ए-बादा-परस्ती नहीं है। 
मिरे सामने उस की हस्ती नहीं  है। 
..... मिर्ज़ा मसीता बेग मुंतही..... 

One who doesn't enjoy worship of wine.
 Before me, he does not exist, it's fine ! 

दुनिया मेरी बला जाने मंहगी है या सस्ती है? 
मौत मिले तो मुफ़्त न लूँ हस्ती की क्या हस्ती है?..... फ़ानी बदायूनी..... 

I don't care what people think, whether it's costly or cheap. 
I won't have even death for 
free, what's in life to peep? 

अपनी हस्ती से ही हो जो कुछ हो। 
आगही गर नहीं  ग़फ़लत ही सही। 
..... मिर्ज़ा ग़ालिब..... 

Whatever happens, let it be by my own. 
Let it be oblivion if not sense
 of own. 

हुई थी इक ख़ता सरज़द सो उस को मुद्दतें  गुज़रीं। 
मगर अब तक मिरे दिल से पशेमानी नहीं जाती।..... जगदीश सहाय सक्सेना..... 

A mistake was committed 
 long long ago. 
While regret in heart, even 
now doesn't go. 
 
सलवटें हैं मिरे चेहरे पे तो हैरत क्यूँ है। 
ज़िन्दगी ने मुझे कुछ तुम से ज़ियादा पहना।..... अहमद फ़राज़..... 

Why do you wonder about wrinkles of my face? 
Life has worn me more than 
you in it's pace. 

 

Wednesday, 21 September 2022

REKHTA.. TODAY'S 5 COUPLETS

'मीर' साहब तुम फ़रिश्ता हो तो हो।
आदमी होना तो मुश्किल है मियाँ !

Being an angel, 'Mir' saheb! You can.
But it is difficult to become a  man.

इन आँसुओं का कोई क़द्र- दान मिल जाए।
कि हम भी 'मीर' का दीवान ले के आए हैं।..... मंज़र भोपाली.....

How I wish, a connoisseur of my tears is found ! 
Me too has 'Mir's collection 
of ghazals bound.

तह-ब-तह खुलती ही रहती है सदा।
' मीर ' के दीवान सी है ज़िन्दगी। 
..... उबैद हारिस.....

Layer by layer, is unrolling the sound.
Life is' Mir 's collection of ghazals bound.

' मीर 'का रंग बरतना नहीं आसाँ ऐ' दाग़ '
अपने दीवाँ से मिला देखिए दीवाँ उन का
..... दाग़ देहलवी..... 

O' Daagh'! It is not  easy to follow 'Mir's style.
Set his collection of ghazals with yours awhile.

आशिक़ी में' मीर 'जैसे ख़्वाब मत देखा करो। 
बावले हो जाओगे महताब  मत देखा करो।..... अहमद फ़राज़.....

In love, don't you dream like' Mir ' so soon. 
You will become lunatic, don't watch the moon. 


AHMAD MAHFUUZ.. GHAZAL.. AB IS MAKAAN MEN NAYAA KOII DAR NAHIN KARNAA.......

अब इस मकाँ में नया कोई दर नहीं करना 
ये काम सहल बहुत है मगर नहीं करना 

A new door in this home is not to be done. 
This work is very easy, but not to be done. 

ज़रा ही देर में क्या जाने क्या हो रात का रंग 
सो अब क़याम सर-ए-रहगुज़र नहीं करना 

This night may change it's colour in no time. 
So a journey on this route, is not to be done. 

बयाँ तो कर दूँ हक़ीक़त उस एक रात की सब 
प शर्त ये है किसी को ख़बर नहीं करना 

I may narrate the whole truth of that night. 
But condition is, telling others  is not to be done. 

रफ़ूगरी को ये मौसम है साज़गार बहुत 
हमें जुनूँ को अभी जामा-दर नहीं करना 

This season is very favourable for darning. 
In frenzy, tattering garments is not to be done. 

ख़बर है गर्म किसी क़ाफ़िले के लुटने की 
ये वाक़िआ है तो सैर - ओ - सफ़र नहीं करना

That a caravan is robbed, in air is the news. 
If it's a fact, roaming journey is not to be done

MIR TAQI MIR.. GHAZAL.. RAHII NA PUKHTAGII

रही न पुख़्तगी आलम में दूर ख़ामी है 
हज़ार हैफ़ कमीनों का चर्ख़ हामी है 

There's no maturity in world, but defects going far. 
Universe is a witness of thousand means going far. 

न उठ तो घर से अगर चाहता है हूँ मशहूर 
नगीं जो बैठा है गड़ कर तो कैसा नामी है 

If you want to be famous, keep settled at home. 
A jewel settled in ornaments, has a fame going far. 

हुई हैं फ़िक्रें परेशान 'मीर' यारों की 
हवास-ए-ख़मसा करे जम्अ' सो 'निज़ामी' है

O' Mir'! Thoughts of friends are getting disturbed.
One who assembles five senses, is 'Nizaami' going far. 

Tuesday, 20 September 2022

तुम को राधा का दिल था चुराना.... रवि मौन

तुमको राधा का दिल था चुराना, मेरे भी दुःख चुरा ले कन्हैया।
चोरी तो है तेरा इक बहाना, मुझ पे भी  आज़मा ले कन्हैया !
... तुम को राधा का दिल था चुराना.... 

कौन खाएगा इतना पुराना, यूँ ही ग्वालन कोई मल गई थी। 
 घर में माखन का है ही खज़ाना , क्यूँ कहीं से चुरा ले कन्हैया? 
... तुम को राधा का दिल था चुराना ... 

मटकी को फोड़ना है बहाना, दिल तो राधा का है ही सलामत। 
जिस पे साधा है तूने निशाना, उस को अपना बना ले कन्हैया ! 
.... तुम को राधा का दिल था चुराना..... 

आज सब का है रोना रुलाना, माँ यशोदा से कहती हैं ग्वालन। 
हम को तो था नदी में नहाना, कपड़े लेकर चढ़ा ये कन्हैया ! 
.... तुम को राधा का दिल था चुराना.... 

तुम को आता है बंसी बजाना, धुन निकलती है राधा को तक कर। 
नाचना और सभी को नचाना, ऐसी धुन  भी बजा ले कन्हैया ! 
.... तुम को राधा का दिल था चुराना.... 

ऊधौ तुम ज्ञान का हो ख़ज़ाना , मेरी 
चिंता में डूबी हैं सखियाँ । 
आज चिंतन उन्हें है कराना, उन को जा कर बचा ले रे भैया। 
.... तुम को राधा का दिल था चुराना.... 

MIR TAQI MIR.. GHAZAL.. RAAH-E-DUUR-E-ISHQ MEN ROTAA HAI HYAA.....

राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या 
आगे आगे देखिए होता है क्या 

Love's is a long way, why cry
 so? 
Just watch, what happens in show ! 

क़ाफ़िले में सुब्ह के इक शोर है 
या'नी ग़ाफ़िल हम चले सोता है क्या 

In the caravan there's  morning noise. 
O oblivious ! Why let the sleep grow? 

सब्ज़ होती ही नहीं ये सरज़मीं 
तुख़्म-ए-ख़्वाहिश दिल में तू बोता है क्या 

This territory will never turn green. 
Why in heart, seed of desire do you sow? 

ये निशान-ए-इश्क़ हैं जाते नहीं 
दाग़ छाती के अबस धोता है क्या 

Washing chest scars is just futile. 
These are love marks, will  not  go. 

ग़ैरत-ए-यूसुफ़ है ये वक़्त-ए-अज़ीज़ 
'मीर' उस को राएगाँ खोता है क्या

It's self respect of Joseph, dear time !
 Why for nothing, O 'Mir' let it go? 

REKHTA.. TODAY'S 5 +4 COUPLETS.. 20. 9.22

ग़म का ख़ज़ाना तेरा भी है मेरा भी।
ये नज़राना तेरा भी है मेरा भी। 
..... शाहिद कपूर.....

Treasure of grief is your 's and mine. 
This gift is your' s as well as mine. 

ख़ूब निभेगी हम दोनों में मेरा जैसा तू भी है।
थोड़ा झूटा मैं भी ठहरा थोड़ा झूटा तू भी है।..... फ़राग़ रोहवी.....

You are just like me, we'll get along well. 
I am a little liar, you are also a liar, swell. 

आते आते मिरा नाम सा रह गया। 
उस के होंटों पे कुछ काँपता रह गया। 
..... वसीम बरेलवी....

My name was coming, but rested on tips. 
Something kept trembling 
upon her lips. 

ज़िन्दगी तुझ से हर इक साँस पे समझौता करूँ।
शौक़ जीने का है मुझ को मगर इतना भी नहीं।..... मुज़फ़्फ़र वारसी.....

O life ! At each breath, I have to agree with you as such. 
Of course I have a desire to  live, but not all that much. 

मुझे दे रहे हैं तसल्लियाँ वो हर एक ताज़ा पयाम से। 
कभी आ के मंज़र-ए-आम पर कभी हट के मंज़र-ए-आम से।..... जिगर..... 

With every new message, she is giving me the solace. 
At times getting away from, at times a conscious place. 

क़ासिद नहीं ये काम तिरा अपनी राह ले। 
उन का पयाम दिल के सिवा कौन ला सके
..... ख़्वाजा मीर दर्द..... 

O postman!  It's not your job,
 go on your route.
But for heart, who can bring message of that cute? 

उन्हें अपने दिल की ख़बरें मिरे दिल से मिल रही हैं। 
मैं जो उन से रूठ जाऊँ तो पयाम तक न पहुँचे।..... शकील बदायूनी..... 

From my heart she's getting messages of her heart. 
If I get annoyed with her, no message 'll reach her part. 

वादा नहीं पयाम नहीं गुफ़्तगू नहीं। 
हैरत है ऐ ख़ुदा मुझे क्यूँ इंतजार है? 
..... लाला माधव राम जौहर..... 

No promise, no message, no talk. 
O God ! What for do I wait or balk? 

सब्ज़ होती ही नहीं ये सरजमीं। 
तुख़्म-ए- ख़्वाहिश दिल में तू बोता है क्या?..... मीर तक़ी मीर..... 

This region won't be green, nothing 'd grow. 
Why seed of desire, in the heart, do you sow? 


Monday, 19 September 2022

QAMAR JALAALI.. GHAZAL..

हुस्न कब इश्क़ का ममनून-ए-वफ़ा होता है 
लाख परवाना मरे शम्अ पे क्या होता है 

When is beauty grateful for constancy in love fame? 
Many moths may be dying, candle keeps it's  flame. 

शग़्ल-ए-सय्याद यही सुब्ह- ओ- मसा होता है
क़ैद होता है कोई कोई रिहा होता है। 

Hobby of captor, morning evening is the same. 
While someone is released, another becomes game

जब पता चलता है ख़ुशबू की वफ़ादारी का 
फूल जिस वक़्त गुलिस्ताँ से जुदा होता है 

The l>oyalty of fragrance is known at that tlme. 
Whenk flower is detached from garden all the same. 

ज़ब्त करता हूँ तो घुटता है क़फ़स में मिरा दम control..

आह करता हूँ तो सय्याद ख़फ़ा होता है 

ख़ून होता है सहर तक मिरे अरमानों का 

शाम-ए-वादा जो वो पाबंद-ए-हिना होता है bound by henna

चाँदनी देख के याद आते हैं क्या क्या वो मुझे 

चाँद जब शब को 'क़मर' जल्वा-नुमा होता है show of splendour 


Sunday, 18 September 2022

बलि और वामन....

सब से उत्तम हुए हैं दानवीर बलिराज।
इंद्रदेव शंकित हुए छिन जाएगा राज। 

गए शरण में विष्णु की रक्षा कीजे नाथ।
उसके सिर पर रख दिया हरि ने अपना हाथ।

है वह मेरा भक्त पर शरण पड़े तुम आय। 
तेरी रक्षा हेतु मैं कोई  करूँ उपाय।

कश्यप ऋषि का पुत्र बन लूँगा मैं अवतार
वामन बन कर हरूँगा मैं पृथ्वी का भार। 

माँगा हरि ने तीन पग का छोटा सा दान।
शुक्र अड़े, ये विष्णु हैं तू इन को पहचान। 

दुगुना फल मिलता अगर करें पात्र को  दान।
पात्र अगर हों विष्णु तो, दे दूँगा मैं दान।

हरि बोले संकल्प लो लिए हाथ में नीर। 
शुक्र घुसे उस पात्र में जिससे गिरता नीर

तिनका लेकर के किया दूर सभी अवरोध 
निकले सुजी आँख ले शुक्र, हो गया बोध। 
अब हरि ने अपना किया विस्तृत यों आकार। 
माप धरा को एक से गगन दूसरी बार। 

कहाँ तीसरा पग धरूँ बोले हरि मुस्काय। 
बलि बोले मम शीश पर दीजे इसे जमाय। 

हरि बोले पाताल का तुम्हीं संभालो भार। 
मैं प्रसन्न तुम पर, करूँ इच्छा हर साकार। 

बलि बोले पाताल का द्वार एक हर छोर। 
दर्शन पाऊँआपके मैं निकलूँ जिस ओर। 

हरि प्रहरी बन कर रहे बलि राजा के द्वार 
लक्ष्मी विचलित हो गईं ऐसा करें विचार। 

दानवीर बलिराज हैं देंगे मुझको दान। 
राखी बाँधूँ, लाउँगी हरि को संग मैं आन। 

जो दें हरि को दान में,  ऐसा दाता कौन ? 
ढूँढ रहा हर ओर पर मिला न हूँ मैं मौन।






NOOH NAARVI.. . GHAZAL.. AAP JIN KE QARIIB HOTE HAIN..

आप जिन के क़रीब होते हैं 
वो बड़े ख़ुश-नसीब होते हैं 

One, with whom you are near. 
Fate is kind on him, O dear! 

जब तबीअ'त किसी पर आती है 
मौत के दिन क़रीब होते हैं 

When you long so for someone. 
Death days have drawn near. 

मुझ से मिलना फिर आप का मिलना 
आप किस को नसीब होते हैं 

Meeting and that too with you. 
Whose fate lines are so clear? 

ज़ुल्म सह कर जो उफ़ नहीं करते 
उन के दिल भी अजीब होते हैं 

Bear torment but don't sigh ! 
Strange is that heart O dear! 

इश्क़ में और कुछ नहीं मिलता 
सैकड़ों ग़म नसीब होते हैं 

Nothing else is gained in love. 
Hundreds of griefs come near. 

'नूह' की क़द्र कोई क्या जाने 
कहीं ऐसे अदीब होते हैं

 'Nooh'! Who knows your worth? 
Where are such masters dear? 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 18.9.22.

है शाम-ए-अवध गेसू-ए-दिलदार का परतव।
और सुब्ह-ए-बनारस है रुख़-ए-यार का परतव।..... वाहिद प्रेमी..... 

Avadh evening is a reflection of my beloved's tresses.
Shadow of her face is Benaras morn', that impresses.

परतव से जिस के आलम-ए-इम्काँ  बहार है।
वो नौ-बहार-ए-नाज़ अभी रह-गुज़र में है 
..... अली सरदार जाफ़री..... 

 Whose reflection as worldly possibilities is spring. 
Still on her way is that stylish new spring. 

थकना भी लाज़मी था कुछ काम करते करते। 
कुछ और थक गया हूँ आराम करते करते।..... ज़फ़र इक़बाल..... 

It was essential to be tired while working at a stretch. 
Now I am tired even more
 by resting at a stretch. 

न जाने कह गए क्या आप मुस्कराने 
 में। 
है दिल को नाज़ कि जाँ आ गई फ़साने 
में ।..... परवेज़ शाहिदी ..... 

 What was said by your smile as wind in the sail? 
Heart is graceful that a life is infused in my tale. 

पहले इस में इक अदा थी, नाज़ था, अंदाज़  था। 
रूठना अब तो तिरी आदत में शामिल हो गया।..... आग़ा शायर क़ज़लबाश..... 

Earlier there was coquetry, grace 'n style in it my love. 
To be annoyed is now a part
 of your  habit my love! 

गई यक-ब-यक जो हवा पलट, नहीं दिल को मेरे क़रार है। 
कहूँ उस सितम से मैं हाल क्या, मिरा ग़म से सीना फ़िगार है।
..... बहादुर शाह ज़फ़र..... 

There's in wind a sudden change, peace for heart is out of range. 
How can I to her express, my heart is in a state of distress.

वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो ।
वही यानि वादा निबाह का तुम्हें याद हो कि न याद हो ।.
.... मोमिन ख़ान मोमिन..... 

Between us there was a word of trust, whether you remember or not is just. 
Yes that promise to adjust,
whether you recollect is not
 a must. 

जाते हो खुदा-हाफ़िज़  बस इतनी गुज़ारिश है। 
जब याद हम आ जाएँ, मिलने की दुआ करना।..... जलील मानिकपुरी..... 

Good bye as you leave, there's a request to perceive. 
Whenever I come to mind, pray Him to meet and bind. 

उस की याद आई है साँसो ज़रा आहिस्ता चलो ।
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है।..... राहत इन्दौरी..... 

Her memories are in flow, O breaths just go slow. 
Even heartbeats perturb, in prayer these disturb. 

एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें। 
और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं। 
..... फ़िराक़ गोरखपुरी..... 

You were not in my memories since long. 
And I forgot , was not where  you  belong. 

कर रहा था ग़म-ए-जहाँ का हिसाब। 
आज तुम याद करते हुए बे-हिसाब आए। 
..... फ़ैज़ अहमद फ़ैज़..... 

I was keeping an account of the worldly pain. 
In my memories, you came again  and again. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 19.9.22 

कभी सैय्याद का खटका है कभी ख़ौफ़-ए-ख़िज़ाँ।
बुलबुल बस जान हथेली पे लिए बैठी है। 

Fear of captor or autumn to come. 
Nightingale is always afraid of some. 

बुलबुल को बाग़बाँ से न सय्याद से गिला।
क़िस्मत में क़ैद लिक्खी थी फ़स्ल-ए-बहार में..... बहादुर शाह ज़फ़र..... 

Neither for gardener nor captor does nightingale lament.
To be put behind bars in spring is my fortune's comment. 

ज़ब्त करता हूँ तो घुटता है क़फ़स में मिरा दम। 
आह करता हूँ तो सय्याद ख़फ़ा होता है। 
..... क़मर जलालवी..... 

If I control, in prison, it stifles my breath. 
If I sigh, the captor gets angry to death. 

न अपने ज़ब्त को रुस्वा करो सता के मुझे। 
ख़ुदा के वास्ते देखो न मुस्करा के मुझे। 

Don't disgrace your control by taking your toll. 
By God! Don't see me with a smile on the roll. 

मौसम-ए-याद न उजलत में यूँ वारे जाएँ। 
हम वो लम्हे हैं जो फ़ुरसत से गुज़ारे जाएँ।..... कुलदीप कुमार..... 

It's season of remembrance , don't waste in haste. 
We are moments to be spent 
at leisure so chaste. 

कौन सा जुर्म ख़ुदा जाने हुआ है साबित। 
मशवरे करता है मुंसिफ़ जो गुनहगार के साथ।..... सलीम सिद्दीक़ी..... 

Only God knows what a
 crime has been proved. 
Judge 'n culprit are in consultation grooved. 

है कायनात को हरकत तेरे ज़ौक़ से। 
परतव से आफ़ताब के ज़र्रे में जान है। 
.... मिर्ज़ा ग़ालिब..... 

There's movement in universe with your taste. 
Each grain of sand reflects the sun as chaste. 

ज़ाहिद ने मिरा हासिल-ए-ईमाँ नहीं देखा।
रुख़ पर तिरे ज़ुल्फ़ों को परेशाँ नहीं देखा। 
..... असग़र गौंडवी..... 

My gain of beliefs, the recluse didn't witness. 
Didn't face your face with tress in distress. 

ऐ जुनूँ ! फिर मिरे सर पर वही शामत आई।
फिर फँसा ज़ुल्फ़ों में दिल फिर वही आफ़त आई।
..... आसी ग़ाज़ीपुरी..... 

O frenzy! Calamity has struck me again. 
Heart is trapped in tress with disdain. 

Translated by Ravi Maun. 




Friday, 16 September 2022

JOHN ELIA.. GHAZAL.. BAHUT DIL KO KUSHAADAA KAR LIYAA KYAA........

बहुत दिल को कुशादा कर लिया क्या 
ज़माने भर से वा'दा कर लिया क्या 

Have you made so widespread the heart? 
Have you promised to be every one' s part? 

तो क्या सच-मुच जुदाई मुझ से कर ली 
तो ख़ुद अपने को आधा कर लिया क्या 

Have you made your self just half? 
Have you really planned to 
 part? 

हुनर-मंदी से अपनी दिल का सफ़्हा 
मिरी जाँ तुम ने सादा कर लिया क्या 

My love!  Have you made it blank? 
With skill, your  page of the heart ! 

जो यकसर जान है उस के बदन से 
कहो कुछ इस्तिफ़ादा कर लिया क्या 

What's total life, from his body. 
Tell, have you benefitted some sort? 

बहुत कतरा रहे हो मुग़्बचों से 
गुनाह-ए-तर्क-ए-बादा कर लिया क्या 

Trying to bypass minors serving at bar. 
Sinned renouncing wine or
 the sort? 

यहाँ के लोग कब के जा चुके हैं 
सफ़र जादा-ब-जादा कर लिया क्या

People from here have left long ago. 
Was journey way after way or the sort? 

उठाया इक क़दम तू ने न उस तक 
बहुत अपने को माँदा कर लिया क्या 

You haven't stepped ahead towards him. 
Have you exhausted your self 
in the art? 

तुम अपनी कज-कुलाही हार बैठीं 
बदन को बे-लिबादा कर लिया क्या 

You have lost your jaunty cap. 
Have you shed clothes from each part? 

बहुत नज़दीक आती जा रही हो 
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या

You are coming far too near. 
Have you finally planned to part? 

Thursday, 15 September 2022

COUPLETS ON TIME

वक़्त की गर्दिशों का ग़म न कर
हौसले मुश्किलों में पलते हैं 
~ महफूजुर्रहमान आदिल

Don't grieve over altering time
Courage breeds in difficult time

वक़्त किस तेज़ी से गुज़रा रोज़-मर्रा में 'मुनीर' 
आज कल होता गया और दिन हवा होते गए 
~ मुनीर नियाज़ी

O Muneer ! How fast in daily chores, did time pass? 
Today became tomorrow and days lost their class. 
 
वक़्त करता है परवरिश बरसों 
हादिसा एक दम नहीं होता 
~ क़ाबिल अजमेरी

Over years, it's bred in the time. Accidents do not suddenly prime. 
 
उम्र भर मिलने नहीं देती हैं अब तो रंजिशें 
वक़्त हम से रूठ जाने की अदा तक ले गया 
~ फ़सीह अकमल

Enmities don't allow me to meet life long. 
Time snatched style to be angry since long. 

तुम चलो इस के साथ या न चलो 
पाँव रुकते नहीं ज़माने के 
~ अबुल मुजाहिद ज़ाहिद

You may or may not go with it. 
World will be on move, won't quit. 

Translated by Ravi Maun. 

ख़ुमार बाराबंकवी की ग़ज़ल:
 
हम उन्हें वो हमें भुला बैठे 
दो गुनहगार ज़हर खा बैठे 

हाल-ए-ग़म कह के ग़म बढ़ा बैठे 
तीर मारे थे तीर खा बैठे 

आँधियो जाओ अब करो आराम 
हम ख़ुद अपना दिया बुझा बैठे 

जी तो हल्का हुआ मगर यारो 
रो के हम लुत्फ़-ए-ग़म गँवा बैठे 

बे-सहारों का हौसला ही क्या 
घर में घबराए दर पे आ बैठे 
जब से बिछड़े वो मुस्कुराए न हम 
सब ने छेड़ा तो लब हिला बैठे 

हम रहे मुब्तला-ए-दैर-ओ-हरम 
वो दबे पाँव दिल में आ बैठे 

उठ के इक बेवफ़ा ने दे दी जान 
रह गए सारे बा-वफ़ा बैठे 

हश्र का दिन अभी है दूर 'ख़ुमार' 
आप क्यूँ ज़ाहिदों में जा बैठे 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS 

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं। सामान सौ बरस का है पल की ख़बर नहीं।..... हैरत अलाहाबादी.....

No man is aware about time of his death
 He may last a hundred years or next breath.

सब कपनी ज़ात में इक अंजुमन के मुजरिम हैं। 
किसी वजूद में कुछ फ़र्द जैसा है ही नहीं।..... अर्श सुल्तानपुरी.....

A culprit within his gathering is everyone. 
There's nothing like an individual in anyone. 

आँखें ख़ुदा ने बख़्शी हैं रोने के वास्ते। 
दो कश्तियाँ मिली हैं डुबोने के वास्ते। 
..... मुनीर शिकोहाबादी..... 

Eyes have been given by the God to weep. 
Two ships are meant to drown you deep. 

आज फिर मुझ से हा दरिया ने। 
क्या इरादा है बहा ले जाऊँ ? 
..... मोहम्मद अल्वी..... 



बिछड़ने का इरादा है तो मुझसे मशवरा कर ले। 
मोहब्बत में कोई भी फैसला ज़ाती नहीं होता।..... अफ़ज़ल ख़ान..... 




था इरादा तिरी फ़रियाद करें हाकिम से। 
वो भी ऐ शोख़ तिरा चाहने वाला निकला।..... नज़ीर अकबराबादी..... 



बहुत नज़दीक आती जा रही हो ।
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या ? 
.... . जौन एलिया..... 

You are coming far too near. Have you decided to part O dear? 

KHUMAAR BAARAHBANKWII.. GHAZAL.. VAHII PHIR MUJHE YAAD AANE LAGE HAIN..

वही फिर मुझे याद आने लगे हैं 

जिन्हें भूलने में ज़माने लगे हैं 

वो हैं पास और याद आने लगे हैं 

मोहब्बत के होश अब ठिकाने लगे हैं 

सुना है हमें वो भुलाने लगे हैं 

तो क्या हम उन्हें याद आने लगे हैं 

हटाए थे जो राह से दोस्तों की 

वो पत्थर मिरे घर में आने लगे हैं 

ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को 

ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं 

हवाएँ चलीं और न मौजें ही उट्ठीं 

अब ऐसे भी तूफ़ान आने लगे हैं 

क़यामत यक़ीनन क़रीब आ गई है 

'ख़ुमार' अब तो मस्जिद में जाने लगे हैं 


Tuesday, 13 September 2022

FAANI BADAYUNI.. GHAZAL..

ख़ल्क़ कहती है जिसे दिल तिरे दीवाने का
एक गोशा है ये दुनिया इसी वीराने का 

What the world  labels this fanatic 's heart. 
The world is just this desert' s edge or part. 

इक मुअ'म्मा है समझने का न समझाने का 
ज़िंदगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का 

It's a a puzzle,unlikely to be learnt or told. 
Life is just a dream on the lunatic' s part. 

हुस्न है ज़ात मिरी इश्क़ सिफ़त है मेरी 
हूँ तो मैं शम्अ मगर भेस है परवाने का 

Love is my quality and beauty one of my own. 
Although a candle, I am playing month's part. 

का'बे को दिल की ज़ियारत के लिए जाता हूँ 
आस्ताना है हरम मेरे सनम-ख़ाने का 

Entrance of my temple is through the  mosque. 
I visit Kaaba as pilgrimage  of the heart. 

मुख़्तसर क़िस्सा-ए-ग़म ये है कि दिल रखता हूँ 
राज़-ए-कौनैन ख़ुलासा है इस अफ़्साने का 

Secret of universe is gist of this tale. 
In short, grief story is my possession of heart. 

ज़िंदगी भी तो पशेमाँ है यहाँ ला के मुझे 
ढूँडती है कोई हीला मिरे मर जाने का 

Life is also lamenting to bring me here. 
It's searching an excuse for death on my part. 

तुम ने देखा है कभी घर को बदलते हुए रंग 
आओ देखो न तमाशा मिरे ग़म-ख़ाने का 

Have you ever seen a house changing colours? 
Come and watch the show of my grief from start. 

अब इसे दार पे ले जा के सुला दे साक़ी 
यूँ बहकना नहीं अच्छा तिरे मस्ताने का 

O wine girl ! Now let him lie at the gallows. 
This swaying is no good on your lunatic 's part. 

दिल से पहुँची तो हैं आँखों में लहू की बूँदें 
सिलसिला शीशे से मिलता तो है पैमाने का 

There's some meeting of the tumbler and cup. 
Some blood drops reached the eyes from heart. 

हड्डियाँ हैं कई लिपटी हुई ज़ंजीरों में 
लिए जाते हैं जनाज़ा तिरे दीवाने का 

Some bones are simply entwined by chains. 
Live people are carrying your lunatic's cart. 

वहदत-ए-हुस्न के जल्वों की ये कसरत ऐ इश्क़ 
दिल के हर ज़र्रे में आलम है परी-ख़ाने का

Oneness of beauty is exercise of love show. 
 There's a fairyland in every grain of  heart

चश्म-ए-साक़ी असर-ए-मय से नहीं है गुल-रंग 
दिल मिरे ख़ून से लबरेज़ है पैमाने का 

Winegirl 's eyes aren't stained by wine effect. 
Filled is the winepot with blood of my heart. 

लौह दिल को ग़म-ए-उल्फ़त को क़लम कहते हैं 
कुन है अंदाज़-ए-रक़म हुस्न के अफ़्साने का 

Power is style of writing this beauty's tale. 
Grief of love is pen and iron is called heart. 

हम ने छानी हैं बहुत दैर ओ हरम की गलियाँ 
कहीं पाया न ठिकाना तिरे दीवाने का 

I have roamed in lanes of temples and mosques . 
No where could I trace your  lunatic on chart. 

किस की आँखें दम-ए-आख़िर मुझे याद आई हैं 
दिल मुरक़्क़ा है छलकते हुए पैमाने का 

Someone 's eyes I recall at the 
 life's end. 
Splashing winecup is an album of heart.

कहते हैं क्या ही मज़े का है फ़साना 'फ़ानी' 
आप की जान से दूर आप के मर जाने का 

What a pleasure to tell this tale O' Faani'? 
Talking about your death and away from your heart. 

हर नफ़स उम्र-ए-गुज़िश्ता की है मय्यत 'फ़ानी' 
ज़िंदगी नाम है मर मर के जिए जाने का 

'Faani' ! Each breath is cadaver of past life. 
Life is a name given  to dying  part by part.