Thursday, 23 December 2021

BASHIR BADR.. GHAZAL.. SUB'H HOTI HAI CHHUPA LO HUM KO....

सुब्ह होती है छुपा लो हम को।
रात भर चाहने वालो हम को। 

It's morning, conceal me. 
Night long, you did feel me.

हम ज़माने के सताए हैं बहुत। 
अपने सीने से लगा लो हम को। 

The world has tortured me. 
Just embrace 'n heal me. 

दिल न पा जाए कहीं शब का राज़। 
सुब्ह से पहले उठा लो हम को। 

Night secret be unknown to heart 
Before morn' pick, feel me.

हम हक़ीक़त हैं नज़र आते हैं। 
दास्तानों में छुपा लो हम को। 

I am truth, can be seen. 
In stories, conceal me. 

वक़्त के होंठ हम को छू लेंगे। 
अन-कहे बोल हैं गा लो हम को। 

 Lips of time will touch.
 Sing untold words, seal me. 

कल खरीदारों के पहरे होगे। 
आज की रात चुरा लो हम को। 

'morrow, buyers 'll guard. 
This night, you steal me. 


BASHIR BADR.. GHAZAL.. WOH SHAAYAD DILON KO DHADAKNE NA DENGE...

वो शायद दिलों को धड़कने न देंगे।
गुलों से महकने का हक़ छीन लेंगे। 

May be, they won't let hearts throb. 
Flower's right to fragrance rob.

हमारे दिलों के दिए बुझ चुके हैं। 
हम आँखों की तहरीर कैसे पढ़ेंगे ?

Put out are lamps of our hearts. 
How 'll we read eyes, snob ? 

हमारे बदन भी हमारे नहीं हैं। 
उसे छू के महसूस कैसे करेंगे ? 

Even our bodies we don't own. 
How' ll we touch and feel, sob! 

लहू का समंदर है पलकों के पीछे। 
ये रौशन जज़ीरे महकते रहेंगे। 

Behind eye- lashes, is sea of blood. 
Fragrant lit islands will  bob. 

सुनहरे सुनहरे परों वाले बादल। 
खुले गेसुओं की महक ले उड़ेंगे। 

Clouds on their golden wings. 
Fragrance of her tress, will rob. 

कभी सर्द सावन, कभी ज़र्द जाड़े। 
दरख़्तों के कपड़े बदलते रहेंगे। 

Green rain cover, cold yellow bark. 
Dress of trees keeps changing, snob ! 

जिन्हें रौशनी का बदन ओढ़ना है। 
वो कोहरे की चादर लपेटे रहेंगे। 

Those who need light body as cover. 
Will wrap sheets of fog, light job. 

 वसीला है इंसान, राज़िक ख़ुदा है। 
 जो दर बंद होंगे, दरीचे खुलेंगे। 

Man is means, provider God ! 
If doors close, windows lob. 

अज़ल से अबद तक सफ़र ही सफ़र है। 
मुसाफ़िर हैं, सब लोग चलते रहेंगे। 

It's a journey from start to end. 
We are travellers, a moving job! 


Wednesday, 22 December 2021

BASHIR BADR.. GHAZAL.. UDASI KE CHEHRE PADHAA MAT KARO....

उदासी के चेहरे पढ़ा मत करो।
ग़ज़ल आँसुओं से लिखा मत करो। 

 Do not read so sad a face.
Let not tears a ghazal trace. 

बहरहाल ये आग ही आग है। 
चरागों को ऐसे छुआ मत करो।

 Fire of lamp too, is fire. 
Touch it not even with grace. 

दुआ आँसुओं में खिला फूल है। 
किसी के लिए बद-दुआ मत करो। 

Flower in tears is a prayer. 
Let no ill - will be its base. 

तुम्हें लोग कहने लगें बे-वफ़ा। 
ज़माने से इतनी वफ़ा मत करो। 

Men 'll call you faithless. 
Do not much fidelity lace. 

अगर वाक़ई तुम परेशान हो।
किसी और से तज़़किरा मत करो। 

If you are really upset.
Tell no one in any case. 

 ख़ुदा के लिए चाँदनी रात में। 
अकेले अकेले फिरा मत करो। 

O God! In a moon lit night. 
Roam not alone, lovely face. 

BASHIR BADR.. GHAZAL.. YE CHIRAGH BE NAZAR HAI, YE SITARA BEZUBAAN HAI....

ये चिराग़ बे-नज़र है, ये सितारा बे-ज़ुबाँ है।
अभी तुम से मिलता जुलता, कोई दूसरा कहाँ है ?

This lamp has no eye, no tongue is with this star. 
Where is one that's like you, even if not at par.

वही शख़्स जिस पे अपने, दिल - ओ-जाँ निसार कर दूँ।
वो अगर ख़फ़ा नहीं है, तो ज़रूर बद-गुमाँ है।

One whom I can bestow, my heart 'n liver in row.
If isn't an angry foe, is suspicious too far.

कभी पा के तुझ को खोना, कभी खो के तुझ को पाना।
ये जनम जनम का रिश्ता, तेरे मेरे दरमियाँ है। 

Losing when I got, finding you missing a lot. 
Beyond our lives in trot, this relation' s ajar.

मैं इसी गुमाँ में बरसों, बड़ा मुतमइन रहा हूँ।
तिरा जिस्म बे-तग़इयुर, मिरा प्यार जाविदाँ है।

In this fancy for years, I have been all cheers. 
While your face 'll fade, my love death can't charr.

मिरे साथ चलने वाले, तुझे क्या मिला सफ़र में ?
वही दुख भरी ज़मीं है, वही ग़म का आसमाँ है।

You walked with me a lot, just tell me what you got ?
Same sorrow stricken earth, aggrieved sky so far. 

उन्हीं रास्तों ने जिन पर, कभी तुम थे साथ मेरे ।
मुझे रोक रोक पूछा, तेरा हमसफ़र कहाँ है ?
Walking on that route, when you were with me, cute !
Barred me finding mute, where is your co-star ? 

Tuesday, 21 December 2021

BASHIR BADR.... GHAZAL... PHOOL SA KUCHH KALAAM AUR SAHII.....

फूल सा कुछ कलाम और सही।
इक ग़ज़ल उसके नाम और सही। 

 Flowery songs acclaim
. A ghazal for that dame. 

उस की ज़ुल्फ़ें बहुत घनेरी हैं। 
एक शब का क़याम और सही। 

Her tresses are so thick.. 
One more night halt claim

ज़िन्दगी के उदास क़िस्से में। 
एक लड़की का नाम और सही। 

In sad tale of life. 
One more girl to name. 

कुर्सियों को सुनाइए ग़ज़लें। 
क़त्ल की एक शाम और सही। 

Recite ghazals to chairs. 
Kill one more night, shame ! 

कँपकँपाती है रात सीने में। 
ज़हर का एक जाम और सही। 

Shivers night in chest. 
This poison cup to blame. 





 

Sunday, 19 December 2021

MANY POETS MANY COUPLETS............

शाम की नासमझ हवा, पूछती है उस का पता।
मौज-ए-हवा-ए-कू-ए-यार, कुछ तो मिरा ख़याल भी।..... परवीन शाकिर.... 

The unknowing evening wind, is asking details of a kind. 
Current of air from lover's lane, care a little for me if you can. 

वो जो क़िस्से में था शामिल, वही कहता है मुझे। 
मुझको मालूम नहीं यार, ये क़िस्सा क्या है।..... हस्तीमल हस्ती...... 

One who was part of the tale, to me says so. 
Chum ! What's the matter, I don't know. 

तेरे साँचे में ढल गया आख़िर। 
शहर सारा बदल गया आख़िर। 
..........फ़रहत अब्बास....... 

Moulded in your way after all. 
The city has changed after all. 

आईने में कहीं गुम हो गई सूरत मेरी। 
मुझ से मिलती ही नहीं शक्ल-ओ-शबाहत मेरी।...... सरफ़राज़ ख़ालिद.... 

Shape of my face is lost in looking glass. 
There's no resemblance with features or class. 

हज़ार ताने सुनेगा, ख़जिल नहीं होगा। 
ये वो हुजूम है जो मुश्तइल नहीं होगा। 
..... आबिद मलिक.... 

Listening to a thousand taunts, it won't be ashamed. 
This crowd can't be excited, even when it's blamed. 

इक और तीर चला, अपना अहद पूरा कर। 
अभी परिंदे में थोड़ी सी जान बाक़ी है। 
.......... नाज़ क़ादरी......... 

Shoot one more arrow for your promise to complete. 
A little life in this bird is still there to delete. 

माँगने वालों को क्या इज़्ज़त - ओ-रुस्वाई से। 
देने वालों की अमीरी का भरम खुलता है।
.......... वहीद अख़्तर........ 

Beggars don't care for honour or disgrace. 
Doubts about richness of givers surface. 

 तुझे कुछ इश्क़ - ओ-उल्फ़त के सिवा भी याद है ऐ दिल ? 
सुनाए जा रहा है एक ही अफ़साना बरसों से।...... अब्दुल मजीद सालिक... 

 Do you remember anything besides love 'n affection O heart ? 
You are narrating that story since years from the start. 

इश्क़ ने जिस दिल पे क़ब्ज़ा कर लिया। 
फिर कहाँ उस में नशात-ओ-ग़म रहा ? 
......... दत्तात्रेय कैफ़ी........ 

A heart that's in love's reign. 
Where' ll pleasure, pain remain? 

यहाँ किसी को भी कुछ हब्स-ए-आरज़ू न मिला। 
किसी को हम न मिले और हम को तू न मिला।...... ज़फ़र इक़बाल....... 

Imprisoned desires set, none here could have met. 
Someone didn't get me and you, I didn't get. 

तुम मोहब्बत को खेल कहते हो। 
हम ने बर्बाद ज़िन्दगी कर ली। 
........... बशीर बद्र......... 

You call love a game ! 
It ruined my life 'n name. 

पूछता फिरता हूँ मैं अपना पता जंगल से। आख़िरी बार दरख़्तों ने मुझे देखा है। 
....... आबिद मलिक..... 

I keep asking about myself from jungle, am lost. 
Trees are first to accost, saw me last at any cost. 

जैसे वीरान हवेली में हों ख़ामोश चिराग़। 
यूँ गुज़रती हैं तिरे हिज्र में शामें ऐसी। 
............. तौक़ीर तक़ी........... 

Like silent lamps in deserted palace. 
After your departure, my evenings pace. 

भरी जो हसरत-ओ-यास अपनी गुफ़्तगू में है। 
ख़ुदा ही जाने कि बंदा किस आरज़ू में है। 

Stuffed in his talks are sorrows 'n desires. 
God only knows what the person requires. 

समझेंगे न अग़यार को अग़यार कहाँ तक ? 
कब तक वो मोहब्बत को मोहब्बत न कहेंगे ?..... ज़हीर देहलवी....... 

How long won't she call rival, a rival ? 
How long ' ll she take for love's survival ? 

दिन तो ख़ैर गुज़र जाता है। 
रातें पागल कर देती हैं। 
...... नून  मीम  दानिश.... 

Day somehow passes, am glad
The nights just turn me mad. 

तुम से उल्फ़त के तक़ाज़े न निबाहे जाते। 
वर्ना हम को भी तमन्ना थी कि चाहे जाते।........ शाबुल हक़ हक़्क़ी.... 

Demands of love, you won't get along. 
But being liked was a desire, since long. 

मैं ज़िन्दगी के सभी ग़म भुलाए बैठा हूँ। 
तुम्हारे इश्क़ से कितनी मुझे सहूलत है। 
.......... जीशान साहिल.......... 

I forget griefs of life, every size
Your love 's given me such  a prize. 

ज़ख़्म खाते हैं और मुस्कुराते हैं हम। 
हौसला अपना ख़ुद आज़माते हैं हम। 
.......... ए  पी  जोश......... 

With wounds, I smile my best. 
I put own courage to test. 

इक रौशनी सी दिल में थी, सो भी नहीं रही। 
वो क्या गए, चराग़-ए-तमन्ना बुझा गए। 
......... अर्श मल्सियानी......... 

There was a glow in heart, no longer on fire. 
He went and spent was the lamp of desire. 












Saturday, 18 December 2021

JAUN ELIA...25.... COUPLETS

तुम्हारा हिज्र मना लूँ, अगर इजाज़त हो।
मैं दिल किसी से लगा लूँ, अगर इजाज़त हो।

A celebration for separation, if you so allow. 
With someone I may have fun, if you so allow. 

ये मुझे चैन क्यूँ नहीं आता ? 
एक ही शख़्स था जहान में क्या ? 

Why am I not getting peace ? 
Was he in world an only piece ? 

सारी दुनिया के ग़म हमारे हैं। 
और सितम ये कि हम तुम्हारे हैं। 

Sorrows of the world I own. 
It's a torture, I am your own. 

कौन इस घर की देखभाल करे ? 
रोज़ इक चीज़ टूट जाती है। 

 Who will care for this home, say. 
Something breaks here every day. 

कैसे कहें कि तुझ को भी हम से है वास्ता कोई। 
तूने तो हम से आज तक कोई गिला नहीं किया। 

How can I say that you have any rapport with me. 
Till date you have not lodged any complaint with me. 

उस गली ने ये सुन के सब्र किया। 
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं। 

That lane contended when it could hear. 
Those who had left, were not from here. 

मुझे अब तुम से डर लगने लगा है। 
तुम्हें मुझ से मोहब्बत हो गई क्या ? 

Now with you, there is some fear. 
Have you started loving me dear ? 

और तो क्या था बेचने के लिए ? 
अपनी आंखों के ख़्वाब बेचे हैं। 

What else could be sold otherwise ? 
I have sold dreams of my eyes. 

मेरी बाहों में बहकने की सज़ा भी सुन लो। 
अब बहुत देर में आज़ाद करूँगा तुझ को। 
Listen to punishment going astray in my arms. 
You 'll be released very late from these charms. 

सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर। 
अब किसे रात भर जगाती है ? 

Whom does her memory after all ? 
Now keeps awake' n let nights crawl. 

ज़िन्दगी एक फ़न है लम्हों को। 
अपने अंदाज़ से गँवाने का। 

Life is an art, with moments smart. 
In your style, with these you part. 

मैं रहा उम्र भर जुदा ख़ुद से। 
याद मैं ख़ुद को उम्र भर आया। 

 Life long was I separate from self. 
Life long, I remembered myself. 

बिन तुम्हारे कभी नहीं आई। 
क्या मिरी नींद भी तुम्हारी है ? 

Without you, never did it appear. 
Does my sleep belong to you dear ? 

दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते। 
अब कोई शिकवा हम नहीं करते। 

Listening heart grief isn't meant. 
Before no one, now I lament. 

याद उसे इंतिहाई करते हैं। 
सो हम उस की बुराई करते हैं। 

I remember him far too much. 
He is so bad, I call him such.

अब नहीं कोई बात ख़तरे की। 
अब सभी को सभी से ख़तरा है। 

There's nothing you can now call a danger. 
All are within range, each one a ranger. 

नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम ? 
बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँ करें हम ? 

Why new relation, should we create ? 
If we have to part, why quarrel O mate ? 

अब तो हर बात याद रहती है। 
ग़ालिबन मैं किसी को भूल गया। 

Every thing about her, memory has spun. 
Probably, I have forgotten someone. 

अपना रिश्ता ज़मीं से ही रक्खो। 
कुछ नहीं आसमान में रक्खा। 

Keep only with earth, a tie. 
There is just nothing in sky. 

काम की बात मैंने कई ही नहीं। 
ये मिरा तौर-ए-ज़िन्दगी ही नहीं। 

Never talked a thing worthwhile. 
This is not my life style. 

इक अजब हाल है कि अब उस को। 
याद करना भी बे-वफ़ाई है। 

It's strange, I now confess. 
Remembering is faithlessness. 

यूँ जो तकता है आसमान को तू। 
कोई रहता है आसमान में क्या ? 

The way, you stare at sky. 
Does someone live in sky ? 

जान लेवा थीं ख़्वाहिशें वर्ना। 
वस्ल से इंतिज़ार अच्छा है। 

Desires could take life, otherwise. 
Waiting is better than  meeting, to be precise. 

जिस्म की साफ़गोई के बावस्फ़। 
रूह ने कितने झूठ बोले धे। 

While body was clarity laid. 
For lies, the soul was made. 

आ गई दरमियान रूह की बात। 
ज़िक्र था जिस्म की ज़रूरत का। 

Please let me be in, soul pleads
It was a talk on body, it's needs 

जिस्म में आग लगा दूँ उस के। 
और फिर ख़ुद ही बुझा दू़। 

Settig her body on fire by my own. 
And then  douse her on my own. 

आग दिल शहर में लगी जिस दिन। 
सब से आख़िर में वाँ से हम निकले। 

When fire broke out in city of heart. 
I was the last to leave that part. 

जमा किया है हम ने ग़म दिल में।। 
इस के अब सूद खाए जाएँगे। 

I've accrued griefs in heart for long. 
Their interest will now last for long. 

हम पेशावर हैं जो लोगों के ज़ख़्म सीते हैं। हमारे ज़ख़्म हमारे बहुत चहीते हैं। 

As professionals, we stitch people's wounds. 
Very adorable are our own wounds. 

वो जिस्म जमाल था सरापा। 
और मुझ को जमाल चाहिए था। 

From head to toe she was beauty. 
And I wanted beauty for me.

ज़रा भी मुझ से तू ग़ाफ़िल न रहियो। 
मैं बे-होशी में भी बे-माज़रा नहीं। 

Don't feel free with me, always keep sense. 
As I am not quedo, even when out of sense. 

इश्क़ को दरमियाँ न लाओ कि मैं। 
चीख़ता हूँ बदन की उसरत में। 

Don't bring in love, I won't heed. 
I am crying  for body need. 

रूह ने इश्क़ का फ़रेब दिया। 
जिस्म को जिस्म की अदावत में। 

The soul deceived by love. 
In body feud over 'n above. 

है मिरा ये तिरा पियाला-ए-नाफ़। 
इस से तू ग़ैर को पिलाइयो मत। 

Your navel cup is mine to dip. 
Don't let any rival sip. 

ज़िन्दगी किस तरह बसर होगी ? 
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में। 

How will this life chart ? 
Love isn't liked by heart. 

तेग़-बाज़ी का शौक़ अपनी जगह। 
आप तो क़त्ल-ए-आम कर रहे हैं। 

Hobby of swordsman ship has a place of it's own. 
What you are doing, is massacre of human clone ! 





















  


PIIRZAADA QAASIM.. GHAZAL.. WAQT NE AARZOO KI LAU....

वक़्त ने आरज़ू की लौ, वक़्त से पहले बुझा भी दी।
अब भी पिघल रहे हैं आप, आप बड़े अजीब हैं।

Candle of desire by time, was put out before the time, you are very strange. 

GHAZAL ...SHARIF KAIFI.. JHOOT PAR US KE BHAROSA...

झूट पर उस के भरोसा कर लिया।
धूप इतनी थी कि साया कर लिया।

Covered her lies with belief. 
Sun was intense, shade a relief

क़ुर्ब का उस के उठा कर फ़ायदा।
हिज्र का सामाँ इकट्ठा कर लिया।

Took benefit of her so near. 
Gather parts to part as chief.

मोल था हर चीज़ का बाज़ार में।
हमने तन्हाई का सौदा कर लिया। 

Each thing had price in mart.
Sold some solitude, my fief.

गुफ़्तगू से हल तो कुछ निकला नहीं। 
रंजिशों को और ताज़ा कर लिया। 

Nothing was solved by talks
Refreshed the times of grief.

सारी दुनिया से लड़े जिस के लिए।
एक दिन उस से भी झगड़ा कर लिया।

For whom I quarreled with world.
Our own time was so brierf. 

Friday, 17 December 2021

GULZAAR..1... . COUPLETS

आईना देख कर तसल्ली हुई।
हम को इस घर में जानता है कोई। 

Looking at mirror, I am satisfied.
In this house I am identified. 

Wednesday, 15 December 2021

AKHTAR SHIIRAANI...........COUPLETS

ये किस को देख कर देखा है मैंने बज़्म - ए-हस्ती को।
कि जो शै है ख़ुदाई में हसीं मालूम होती है। 

After looking at whom, did the world I see ? 
Everything looks beautiful as far as I see. 

Monday, 13 December 2021

PARVEEN SHAKIR.....NAZM...ITNE ACHCHHE MAUSAM MEN...

इतने अच्छे मौसम में।
रूठना नहीं अच्छा। 
हार जीत की बातें। 
कल पे हम उठा रक्खें। 
आज दोस्ती कर लें। 

In such a splendid weather. 
Don't gather displeasure. 
Those talks of win or loss. 
In 'morrow' s pan we toss.
Now let friendship gather moss !
(Now let friendship treasure) 

Saturday, 11 December 2021

प्रियम....जन्म दिन.....11. 12.2021...

मेरे प्यारे सुंदर नाती।
तुझे देख कर गर्वित छाती। 

नज़र न लगे दुश्मनों की भी। 
नज़र न लगे परिजनों की भी। 

बुद्धि और बल दोनों बढ़ें। 
इक दूजे की होड़ में चढ़ें। 

पूर्ण कामनाएँ हों तेरी। 
जन्म दिवस पर आशिश मेरी। 

तुझ में हम देखें संसार। 
हम सब का है नेह अपार। 

हरि हर विधि हों तेरे साथ। 
रखें कृपा तुझ पर रघुनाथ। 

......... रवि 'मौन' ........


Friday, 10 December 2021

नीरज के अश'आर ...10..

ज़िन्दगी भर तो हुई गुफ़्तगू ग़ैरों से मगर। आज तक हम से हमारी न मुलाक़ात हुई।

 I have been talking with others life long.
I haven't met myself even once life long. 

हर ग़लत मोड़ पे टोका है किसी ने मुझ को। 
एक आवाज़ तिरी जब से मिरे साथ हुई। 

Someone could mend, at each wrong bend. 
When your voice with mine did blend. 

ज़िन्दगी भर मैं जिसे देख के इतराता रहा। मेरा वो रूप तो मिट्टी का धरोहर निकला। 

Seeing it life long, I felt  so proud and strong. 
Form the body attains, is  deposit of sand grains.

मेरे होटों पे दुआ उस की ज़ुबाँ पर गाली ।
जिस के अंदर जो छुपा था वही बाहर निकला ।

Prayer on my lips, on his tongue abuse. 
What was inside, only that would effuse. 

चाँद को छू के चले आए हैं विज्ञान के पंख। 
देखना ये है कि इंसान कहाँ तक पहुँचे। 

Wings of science caressed moon, what a scene ! 
How far can the man go, is yet to be seen. 

ख़ुशबू सी आ रही है इधर ज़ाफ़रान की। 
खिड़की खुली है फिर कोई उसके मकान की। 

Fragrance of Jasmine is coming this far. 
Some window of her home is again ajar. 

उस को क्या ख़ाक शराबों में मज़ाआएगा 
जिस ने इक बार भी वो शोख़ नज़र देखी है। 

How can the drinks, his pleasure enhance ? 
Who saw even once that mischievous glance ! 

इतना मासूम है ख़ामोश है सारी महफ़िल 
पर न मालूम ये ख़ामोशी कहाँ तक पहुँचे।

 Well, she is so innocent, whole assembly is silent. 
But it's not yet known, how far silence has gone. 

तू ढूँढा ता था जिसे जा के बुर्ज-ए-बाबुल में। 
वो शख़्स तो किसी मीरा की चश्म-ए-तर में रहा। 
Whom you looked for in father 's tower as Lord. 
Was seated in Mira' s tear wet eyes as guard. 

हज़ारों रत्न थे उस जोहरी की झोली में। 
उसे न कुछ भी मिला जो अगर मगर में रहा। 

Thousand precious stones were in jeweler's bag. 
The indecisive one could not anything tag. 







Monday, 6 December 2021

IFTIKHAR AARIF...16..... COUPLETS

मिट्टी की मोहब्बत में हम आशुफ़्ता-सरों ने
वो क़र्ज़ उतारे हैं कि वाजिब भी नहीं थे।

We the distressed people, in love of land as clue. 
Paid those debts which were not even due. 

वफ़ा की ख़ैर मनाता हूँ बे-वफ़ाई में भी। 
मैं उसकी क़ैद में हूँ क़ैद से रिहाई में भी। 

Even when he is faithless, virtue of loyalty sees no reason
I am within his grip, even when released from prison. 

दुआएँ याद करा दी गई थीं बचपन में। 
सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम। 

While I was a child, prayers were memorised as drill. 
So I continue getting wounded and praying for goodwill. 

ख़ुद को बिखरते देखते हैं और कुछ नहीं करते हैं।
 फिर भी लोग ख़ुदाओं जैसी बातें करते हैं। 

Watching the self getting shattered, unable to do a thing. 
Even then these humans, to godliness just cling. 

दिल पागल है रोज़ नई नादानी करता है। 
पहले आग लगाता है फिर पानी करता है। 
 A new foolishness daily, so crazy is my heart ! 
First it sets on fire, then waters down the part. 

तुझ से बिछड़ कर ज़िंदा हैं। 
जान बहुत शर्मिंदा हैं। 

Even after separation, I am alive. 
O love, I am ashamed to survive. 

ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है। 
ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है। 

I want to scatter just like a dream. 
I want to die, loneliness is Supreme. 


वही चिराग़ बुझा जिस की लौ क़यामत थी। 
उसी पे ज़र्ब पड़ी जो शजर पुराना था। 

That lamp was extinguished which gave marked glow. 
An established tree was targeted for the blow.

वही फ़िराक़ की बातें वही हिकायत-ए-वस्ल।
नई किताब का एक इक वरक़ पुराना था।

Same talks of separation, tales of union, look !
Each and every page was old in new book. 

रास आने लगी दुनिया, तो कहा दिल ने कि जा।
अब तुझे दर्द की दौलत नहीं मिलने वाली। 
When I started liking world, the heart said "go".
The wealth of pain on your column won't show. 

बुलंद हाथों में ज़ंजीर डाल देते हैं। 
अजीब रस्म चली है दुआ न माँगे कोई। 

In bold hands, chains are cast to say.
Strange is the custom : none should pray. 

तमाम ख़ाना-ब-दोशों में मुश्तरिक है ये बात। 
सब अपने अपने घरों को पलट के देखते हैं। 

It's common to all gypsies who roam. 
Each one looks back on his home. 

हमीं में रहते हैं वो लोग भी कि जिनके सबब। 
ज़मीं बुलंद हुई आसमाँ के होते हुए। 

Those amongst us, who gave it a fair try. 
The earth rose high even when there was sky. 

अज़ाब ये भी किसी और पर नहीं आया। 
कि एक उम्र चले और घर नहीं आया। 

This calamity did on none else fall. 
Walked life long, didn't touch home wall. 

ख़ाक में दौलत-ए-पिंदार-ओ-अना मिलती है। 
अपनी मिट्टी से बिछड़ने की सज़ा मिलती है। 

A wealth of pride and ego goes in sand. 
It is punishment of parting with the land. 

पयम्बरों से ज़मीनें वफ़ा नहीं करतीं। 
हम ऐसे कौन ख़ुदा थे कि अपने घर रहते।

Messengers aren't treated as priority at earth. 
I was no God to make home stay worth. 

Wednesday, 1 December 2021

SHAKEEL BADAYUNI COUPLETS

kaise kah duuñ ki mulāqāt nahīñ hotī hai

roz milte haiñ magar baat nahīñ hotī hai


, ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया 


जाने क्यूँ आज तिरे नाम पे रोना आया 



SHAKEB JALAALI....... 20 COUPLETS

आज भी शायद कोई फूलों का तोहफ़ा भेज दे 

तितलियाँ मंडला रही हैं काँच के गुल-दान पर

May be someone sends flowers now as a gift. 
On glass flower vase, butterflies buzz swift. 


बद-क़िस्मती को ये भी गवारा न हो सका 
हम जिस पे मर मिटे वो हमारा न हो सका

Even this was not acceptable to my fate. 
Whom I liked with life,couldn't be mine O mate. 

तू ने कहा न था कि मैं कश्ती पे बोझ हूँ 
आँखों को अब न ढाँप मुझे डूबते भी देख 

You had said I was sinking the ship down. 
Don't cover your eyes, now watch me drown. 1

I am a load on ship, you had so told. 
Now don't cover eyes, my drowning behold. 

ये एक अब्र का टुकड़ा कहाँ कहाँ बरसे ?

तमाम दश्त ही प्यासा दिखाई देता है। 

(In rhyme of other couplets) 

Where can this cloud piece shower? 

Thirst of whole desert is seen. 


जाती है धूप उजले परों को समेट के। 

ज़ख़्मों को अब गिनूँगा मैं बिस्तर पे लेट के। 

Sunlight is leaving, folding it's bright wings. 

I 'll count on bed my wounds, those things. 


यूँ तो सारा चमन हमारा है

फूल जितने भी हैं पराए हैं


In view, whole garden is ours. 

Someone else owns all flowers


क्या कहूँ दीदा-ए-तर ये तो मिरा चेहरा है 

संग कट जाते हैं पानी की जहाँ धार गिरे। 


What to say O tear eyed, it's my face on score. 

Even stones get dented with persistent pour. 


मुझे गिरना है तो मैं अपने ही क़दमों पे गिरूँ। 

जिस तरह साया-ए-दीवार पे दीवार गिरे। 


Why not on my feet, if I have to fall. 

As a wall falls on the shadow of wall. 


मल्बूस ख़ुश-नुमा हैं मगर जिस्म खोखले 

छिलके सजे हों जैसे फलों की दुकान पर


Adorable clothes but on hollow bodies pop. 

Like skins decorated within a fruit shop. 


जहाँ तलक भी ये सहरा दिखाई देता है 

मिरी तरह से अकेला दिखाई देता है 


As far as this desert is seen. 

It is lonely as I have been. 


उतर के नाव से भी कब सफ़र तमाम हुआ 

ज़मीं पे पाँव धरा तो ज़मीन चलने लगी


I left ship but the journey was on groove. 

When I stepped on land, land was on move


आ के पत्थर तो मिरे सेहन में दो-चार गिरे 

जितने उस पेड़ के फल थे पस-ए-दीवार गिरे


In my courtyard too, some stones 'd fall. 

All fruits of that tree fell behind the wall. 


न इतनी तेज़ चले सर-फिरी हवा से कहो 

शजर पे एक ही पत्ता दिखाई देता है। 

(In rhyme of ghazal....) 

Don't blow off the top O wind. 

To fall last leaf is keen. 


जो मोतियों की तलब ने कभी उदास किया 

तो हम भी राह से कंकर समेट लाए बहुत


When desire of pearls saddened me still. 

I picked many pebbles en route at will. 


आलम में जिस की धूम थी उस शाहकार पर 

दीमक ने जो लिखे कभी वो तब्सिरे भी देख


The masterpiece which in world, gained fame. 

Look also at reviews by termites in name. 


फ़सील-ए-जिस्म पे ताज़ा लहू के छींटे हैं 

हुदूद-ए-वक़्त से आगे निकल गया है कोई


Fresh blood stains on body boundary are seen. 

He has crossed where time limits had been. 


गले मिला न कभी चाँद बख़्त ऐसा था 

हरा-भरा बदन अपना दरख़्त ऐसा था


Fate was such, embracing moon didn't strike. 

My full bloomed body and the tree were alike


लोग देते रहे क्या क्या न दिलासा मुझको 

ज़ख़्म गहरा ही सही ज़ख़्म है भर जाएगा 


People kept consoling me this or that way. 

The wound 'll heal, however deep it may. 


सोचो तो सिलवटों से भरी है तमाम रूह। 

देखो तो इक शिकन भी नहीं है लिबास में 


If you think, full of wrinkles and crinky is the soul. 

Nothing looks uneven on the dress as a whole. 


लोग दुश्मन हुए उसी के 'शकेब'  । 

काम जिस मेहरबान से निकला। 


O 'Shakeb' , to him did people malign. 

One who helped do job, was benign. 

 

Tuesday, 30 November 2021

GHAZAL.. KRISHNA BIHARI NOOR.. WOH LAB KI JAISE SAAGHAR- E- SAHBAA DIKHAI DE...

वो लब कि जैसे साग़र-ए-सहबा दिखाई दे।
जुंबिश जो हो तो जाम छलकता दिखाई दे। 

Those lips in which twin cups of wine can be seen. 
A touch 'n overflowing cup of wine can be seen. 

दरिया में यूँ तो होते हैं क़तरे ही क़तरे सब। 
क़तरा वही है जिस में कि दरिया दिखाई दे। 

There are drops and drops that make a stream. 
But the drop is one in which stream can be seen. 

क्यूँ आईना कहें उसे पत्थर न क्यूँ कहें ? 
जिस आईने में अक्स न उनका दिखाई दे

Why label it a mirror, why not a stone ? 
A mirror in which her image can't be seen. 

उस तिश्ना-लब की नींद न टूटे ख़ुदा करे। 
जिस तिश्ना-लब को ख़्वाब में दरिया दिखाई दे। 

Disturb not sleep of that dry lipped, pray.
The one in whose dream, stream can be seen. 

कैसी अजीब शर्त है दीदार के लिए। 
आँखें जो बंद हों तो वो जल्वा दिखाई दे। 

What a strange condition is set for her glimpse ? 
When you close your eyes, her face can be seen. 

क्या हुस्न है, जमाल है, क्या रंग रूप है ? 
वो भीड़ में भी जाए तो तन्हा दिखाई दे। 

What beauty, what elegance 'n what looks ? 
Even when in crowd, so distinctly can be seen. 



GHAZAL.. KRISHNA BIHARI NOOR.. AAG HAI MITTI HAI PAANI HAI HAVA HAI MUJH..

आग है, मिट्टी है, पानी है, हवा है मुझ में।
और फिर मानना पड़ता है ख़ुदा है मुझ में 

There are fire, air, earth 'n water within me.
And then I have to agree there's
God within me 

अब तो ले दे के यही शख़्स बचा है मुझ में। 
मुझ को जो मुझसे जुदा कर के छुपा है मुझ में।

Now he is all that is left within me. 
One who's separate, yet hidden within me.

आईना ये तो बताता है मैं क्या हूँ लेकिन। 
आईना इस पे है ख़ामोश कि क्या है मुझ में ? 

Mirror just tells me what I look like. 
But it's silent about what's within me ? 

अब तो बस जान ही देने की है बारी ऐ 'नूर' ।
मैं कहाँ तक करूँ साबित कि वफ़ा है मुझ में ? 

O 'Noor', it's time to part with the life. 
How far can I prove constancy within me ? 

मुज़्तर ख़ैराबादी के अश'आर..... 1

जिए जाते हैं पस्ती में तिरे सारे जहाँ वाले। कभी नीची भी नज़रें डाल ऊँचे आसमाँ वाले।

What a poor life is lead by your humans so diverse. 
At times look downward, sitting high on universe. 

Friday, 26 November 2021

SHAKEEL BADAYUNI....17...... COUPLETS

ये अदा-ए-बेनियाज़ी तुझे बेवफ़ा मुबारक।
मगर ऐसी बेरुख़ी क्या कि सलाम तक न पहुँचे।

The style to be possessed, O faithless you be blessed. 
But I don't care feel, why should you that reveal ?

कोई ऐ 'शकील' पूछे ये जुनूँ नहीं तो क्या है।
कि उसी के हो गए हम जो न हो सका हमारा।

O Shakeel let someone enquire, if not frenzy what 's the desire.
That I had always been her' s, whom I could never acquire.

ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया ।
जाने क्यूँ आज तिरे नाम पे रोना आया ।

O love I have wept considering your end. 
On your name, why this weeping trend ?

कैसे कह दूँ कि मुलाक़ात नहीं होती है। 
रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है। 

How can I say that we do not meet. 
We meet daily but don't talk at meet. 

उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद।
वक़्त कितना क़ीमती है आजकल ।

Her mention, memory and desire. 
How precious is time but on fire. 

कभी यक-ब-यक तवज्जो कभी दफ़-अतन तग़ाफ़ुल ।
मुझे आज़मा रहा है कोई रुख़ बदल बदल कर।

A sudden attention, then neglect to lace. 
Someone 's testing me by change of face.

मेरे हमनफ़स मेरे हमनवा मुझे दोस्त बन के दग़ा न दे। 
मैं हूँ दर्द-ए-इश्क़ से जाँ-ब-लब मुझे ज़िन्दगी की दुआ न दे।

My friend, my companion, being a friend do not deceive. 
With love pain I' m soaked to lips, prayer for life I can't receive. 

उन्हें अपने दिल की ख़बरें मिरे दिल से मिल रही हैँ। 
मैं जो उन से रूठ जाऊँ तो पयाम तक न पहुँचे। 

From my heart to hers, there is a news breach. 
If I get angry with her, no message will reach. 

मुझे दोस्त कहने वाले ज़रा दोस्ती निभा दे। 
ये मुतालबा है हक़ का कोई इल्तिजा नहीं है। 

As you call me a friend, then keep faith till the end. 
It is a demand of right, no request from my site. 

मुझे छोड़ दे मिरे हाल पर तिरा क्या भरोसा है चारागर। 
ये तिरी नवाज़िश-ए-मुख़्तसर कहीं मेरा दर्द बढ़ा न दे। 

You leave me in my state, O healer why trust you mate. 
I fear your brief request, may raise my pain to inquest. 

मोहब्बत में ही मिलते हैं शिकायत के मज़े पैहम। 
मोहब्बत जितनी बढ़ती है शिकायत होती जाती है। 

In love as it's content, is pleasure of constant lament. 
As you love more and more, there are complaints in galore. 

तर्क-ए-मय ही समझ इसे नासेह। 
इतनी पी है कि पी नहीं जाती। 

You call it abstinence O priest. 
So drunk, I can no longer feast. 

नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है। 
ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं शाम तक न पहुँचे। 

I have new morn' in sight, but still there is a fright. 
This morn' will slowly pass, till evening shows it's class. 

मैं नज़र से पी रहा था तो ये दिल ने बद-दुआ दी। 
तिरा हाथ ज़िन्दगी भर कभी जाम तक न पहुँचे। 

I was drinking with the eyes, heart cursed to give the prize. 
Hand is cursed for breach, cup of wine will be out of reach. 

मेरा अज़्म इतना बुलंद है कि पराए शोलों का डर नहीं। 
मुझे ख़ौफ़ आतिश-ए-गुल से है ये कहीं चमन को जला न दे। 

My love is simply great, isn't afraid of embers in spate. 
The heat of flowers in bloom, may set garden to fire in zoom. 

दिल की बर्बादियों पे नाज़ाँ हूँ ।
फ़तह पा कर शिकस्त खाई है। 

I am proud of heart, it's waste. 
After win could failure taste. 

वो हवा दे रहे हैँ दामन की। 
हाय किस वक़्त नींद आई है। 
This wind source is her hem. Let someone sleep stem. 






Thursday, 25 November 2021

PARVEEN SHAKIR.. GHAZAL.. SHAB VAHII LEKIN SITAARAA AUR HAI......

शब वही लेकिन सितारा और है।
अब सफ़र का इस्तिआ'रा और है।

Night is the same but star is another. 
Metaphor now for journey is another. 

 हद चराग़ों की यहाँ से ख़त्म है।
आज से रस्ता हमारा और है। 

Here, limit of the lamps is over. 
From today, my route is another. 

साथ तो मेरा ज़मीं देती मगर। 
आसमाँ का ही इशारा और है। 

Earth could have taken my side. 
But sky is pointing side, another 

और कुछ पल उसका रस्ता देख लूँ। 
आस्माँ पर एक तारा और है। 

Let me wait a few moments more. 
On the sky is a star, another. 

हारने में इक अना की बात थी। 
जीत जाने में ख़सारा और है। 

To lose was a matter of ego. 
But this winning is loss, another. 

मत्न में तो जुर्म साबित है मगर। 
हाशिया सारे का सारा और है। 

Guilt is proved in the middle. 
But the border all over is another. 

Monday, 22 November 2021

GHAZAL.. GHULAM MOHD. QAASIR... BAGHAIR USKE AB AARAAM BHI NAHIN AATA.....

बग़ैर उस के अब आराम भी नहीं आता।
वो शख़्स जिस का मुझे नाम भी नहीं आता। 

Without him, peace is not within call. 
A person, whose name I can not recall. 

उसी की शक्ल मुझे चाँद में नज़र आए। 
वो माह-रुख़ जो लब-ए-बाम भी नहीं आता।

Her face, I visualize within the moon. 
Moonfaced ! Who doesn't on terrace stroll. 

ANAND NARAYAN MULLA...... COUPLETS.

 रोने वाले तुझे रोने का सलीक़ा भी नहीं।
अश्क पीने के लिए हैं कि बहाने के लिए।

Those who weep, have no manner to cry still. 
Are tears meant to be swallowed or to spill..? 

PARVEEN SHAKIR.... 31.. COUPLETS

अपनी रुस्वाई तिरे नाम का चर्चा देखूँ।
इक ज़रा शे'र कहूँ और मैं क्या क्या देखूँ

My disgrace and your fame to see. 
Compose a couplet, then what to see ? 

कलरात जो ईंधन के लिए कट के गिरा है 
चिड़ियों को बड़ा प्यार था उस बूढ़े शजर से।

What was chopped down for fuel last night. 
Sparrows loved that old tree with delight. 

बस ये हुआ कि उसने तकल्लुफ़ से बात की। 
और हमने रोते रोते दुपट्टे भिगो लिए। 

He used etiquette when we talked 'n met.
I cried and cried till scarves got wet. 

शाम भी हो गई धुँधला गईं आँखें भी मिरी।
भूलने वाले मैं कब तक तिरा रस्ता देखूँ ?

My eyes are misty, it's eve' what was day.
O fogetter ! How long should I look your way ?

कमाल - ए-ज़ब्त को, ख़ुद भी तो आज़माऊँगी।
मैं अपने हाथ से उसकी दुल्हन सजाऊँगी। 
Tolerance limit I 'll try on myself.
I' ll decorate his bride, all myself.

बिछड़ा जो एक बार तो मिलते नहीं देखा। इस ज़ख़्म को हमने कभी सिलते नहीं देखा। 

Meeting one who has parted, wasn't seen. 
This wound getting stitched, I hadn't seen. 

किस तरह मिरी रूह हरी कर गया आख़िर ?
वो ज़हर जिसे जिस्म में खिलते नहीं देखा। 

Well, how then could it paint my soul green?
This poison blossoming in body wasn't seen. 

काँटों से घिरे फूल को चूम आएगी लेकिन। 
तितली के परों को कभी छिलते नहीं देखा। 

Kissing flowers surrounded by thorns was seen. 
But butterfly wings getting scratched hasn't been.

यक-लख़्त गिरा है तो जड़ें तक निकल आईं। 
जिस पेड़ को आँधी में भी हिलते नहीं देखा। 

Suddenly it fell, even roots got exposed. 
Shaking even in storm, this tree wasn't seen. 

दुश्मनों के साथ, मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं। 
देखना है, खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन   ? 

Along with enemies, my friends are also free. 
Who aims the first arrow, I just want to see. 

वो मुझ को छोड़ के, जिस आदमी के पास गया। 
बराबरी का भी होता, तो सब्र आ जाता। 

He had left me, for someone else, as a sequel. 
I could have patience, had he been my equal. 

हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ। 
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं । 

To understand beauty, needs a life time dear. 
Liking for a while,  girl's don't come clear. 

वो तो ख़ुशबू है, हवाओं में बिखर जाएगा 
मसअला फूल का है, फूल किधर जाएगा? 

He is fragrance, along with the wind 'll spread. 
Trouble is with flower, where' ll it go instead ? 

चलने का हौसला नहीं, रुकना मुहाल कर दिया। 
इश्क़ के इस सफ़र ने तो, मुझ को निढाल कर दिया। 

There's no courage to walk, difficult is even rest. 
This love journey is very tiring at its best. 

वो न आएगा हमें मालूम था इस शाम भी। इंतिज़ार उसका मगर कुछ सोच कर करते रहे। 

That evening too, he won't come, I knew. 
But I kept waiting with some thoughts, new. 

इक नाम क्या लिखा तिरा साहिल की रेत पर। 
फिर उम्र भर हवा से मिरी दुश्मनी रही। 

I had just written your name on the sands of shore.
 Life long enmity with the winds was in store. 

इतने घने बादल के पीछे। 
कितना तन्हा होगा चाँद। 

Covered by dense cloud zone. 
Moon must be feeling alone. 

मैं सच कहूँगी मगर फिर भी हार जाऊँगी। वो झूट बोलेगा और ला-जवाब कर देगा। 

I 'll be defeated while speaking the fact. 
He 'll tell a lie, get silence, a tact. 

कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी। 
दिल को ख़ुशी कै साथ साथ होता रहा मलाल भी। 

The wind was a little chill, your thoughts were there still. 
The heart was so pleased, but bearing pain on frill. 

उस के ही बाज़ुओं में और उस को ही सोचते रहे। 
जिस्म की ख़्वाहिशों पे थे रूह के और जाल भी। 

Confined in his arms and thinking about him. 
There were nets of soul over body's will. 

शाम की ना-समझ हवा, पूछ रही है इक पता। 
मौज-ए-हवा-ए-कू-ए-यार कुछ तो मिरा ख़याल भी। 

लड़कियों के दुख अजब होते हैं सुख उस से अजीब। 
हँस रही हैं और काजल भीगता है साथ-साथ। 

Strange are the grieves of girls and joys even more. 
The koel  keeps wet,even when laughing to the core. 

मिलते हुए दिलों के बीच और था फ़ासला कोई। 
उस ने मगर बिछड़ते वक़्त और सवाल कर दिया। 

The meeting hearts parted on another matter. 
While parting, he raised just another matter. 

ख़ुशबू बता रही है कि वो रास्ते में है। 
मौज-ए-हवा के हाथ में उसका सुराग़ है। 

Fragrance is telling me that he is on this way. 
His is the hint on  gusts of wind, their sway. 

अब तो इस राह से वो शख़्स गुज़रता भी नहीं। 
अब किस उम्मीद पे दरवाज़े से झाँके कोई ? 
Now he doesn't pass this way anymore. 
With what hope should I look through door? 

कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उस ने। 
बात तो सच है मगर बात है रुस्वाई की। 

How to say that he has set me aside. 
It's true but there's infamy inside. 

नींद पर जाल से पड़ने लगे आवाज़ों के। 
और फिर होने लगी तेरी सदा आहिस्ता। 

Sleep is being covered by voice ambush. 
Slowly your voice subsided in the bush. 

मैं उस की दस्तरस में हूँ, मगर वो। 
मुझे मेरी रज़ा से चाहता है। 

Yes, I am within his reach, but still. 
He wants me out of my own will. 

मैं बर्ग बर्ग उस को नुमू बख़्शती रही। 
वो शाख़ शाख़ मेरी जड़ें काटता रहा। 

I helped him leaf-wise for his growth. 
He chopped my branches 'n roots, both. 

बोझ उठाती हुई फिरती है हमारा अब तक। 
ऐ ज़मीं माँ ! तिरी ये उम्र तो आराम की थी

You are even now bearing our load at your best. 
O mother earth! It was your age for some rest. 

राय पहले से बना ली तू ने। 
दिल में अब हम तिरे क्या घर करते ? 

You have formed a  view beforehand. 
How in your heart, could I then land ? 

काँच उठती हूँ मैं ये सोच के तन्हाई  में ! 
मेरे चेहरे से तिरा नाम न पढ़ ले कोई ? 

 I am terrified to think, in solitude  to interlink. 
Someone reading my face, your name may not trace. 

तेरे तोहफ़े तो सब अच्छे हैं मगर मौज-ए-बहार। 
अब के मेरे लिए ख़ुशबू-ए-हिना आई हो। 

O wave of spring ! Your gifts are all very well. 
But this time for me, be it Henna's smell ! 

 









Sunday, 21 November 2021

BASHIR BADR.10.... COUPLETS

मुख़ालफ़त से मिरी शख्सियत सँवरती है। मैं दुश्मनों का बड़ा एहतराम करता हूँ।

Contradictions dress up my esteem. 
I respect enemies beyond their dream.

 अगर फ़ुरसत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना ।
हर एक दरिया हज़ारों साल का अफ़साना लिखता है।

Read what's written on water if you have leisure. 
Each stream writes story of thousand year treasure.

मैं डर गया हूँ बहुत सायादार पेड़ों से। 
ज़रा सी धूप बिछा कर क़याम करता हूँ। 

I am afraid of the trees with shade.
To stay, bed of sunshine I've made.

लहज़ा कि जैसे सुब्ह की ख़ुशबू अज़ान दे
जी चाहता है मैं तिरी आवाज़ चूम लूँ ।

The tone was a fragrant morning prayer call.
My desire is to kiss your voice after all. 

मुझे ख़ुदा ने ग़ज़ल का दयार बख़्शा है
ये सल्तनत मैं मुहब्बत के नाम करता हूँ 

God has given me ghazal's plot
And this empire to love I allot. 

ये ज़र्द पत्तों की बारिश मिरा ज़वाल नहीं। 
मिरे बदन पे किसी दूसरे की शाल नहीं। 

This cascade of yellow leaves isn't my downfall. 
On my body there isn't another person's shawl. 

कोई फूल धूप की पत्तियों में हरे रिबन से बँधा हुआ। 
वो ग़ज़ल का लहजा नया नया न कहा हुआ न सुना हुआ। 

 A flower tied with sunlit leaves by a green ribbon. 
A brand new tone of ghazal, neither heard nor spoken. 

तुझे भूल जाने की कोशिशें कभी कामयाब न हो सकीं। 
तिरी याद शाख़-ए-गुलाब है जो हवा चली तो लचक गई। 

The attempts to forget you have always failed. 
Rose twig is your memory, swung as wind sailed. 

अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा। 
तुम्हें जिसने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो। 

There are many turns en route, some will come, some will go. 
One who forgot you from heart
You forget him well pray so.

बहुत अजीब है ये क़ुर्बतों की दूरी भी। 
वो मेरे पास रहा और मुझे कभी न मिला। 

This distance in togetherness is so strange to be. 
He had been with me, though I could never see. 

Tuesday, 16 November 2021

BASHIR BADR.. GHAZAL.. HOTHON PE MOHABBAT KE FASAANE NAHIN AATE...

होटों पे मोहब्बत के फ़साने नहीं आते।
साहिल पे समंदर के ख़ज़ाने नहीं आते। 

From my lips do not emerge sweet love lore. 
Ocean doesn't throw it's treasure on shore. 

पलकें भी चमक उठती हैं सोते में हमारी। 
आँखों को अभी ख़्वाब छुपाने नहीं आते। 

My eyebrows glisten while deep in sleep. 
My eyes can not still dreams ignore. 

दिल उजड़ी हुई एक सराय की तरह है। 
अब लोग यहाँ रात बिताने नहीं आते। 

The heart is a deserted highway inn. 
To stay, people do not knock at it's door. 

यारो नए मौसम ने ये अहसान किए हैं। 
अब याद मुझे दर्द पुराने नहीं आते। 

O chums! New weather has been kind to me. 
Old pain now doesn't knock at the door. 

उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में। 
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते।

Let the birds fly in this frenetic wind. 
Childhood period won't come any more. 

इस शहर के बादल तिरी ज़ुल्फ़ों की तरह हैं। 
ये आग लगाते हैं बुझाने नहीं आते। 

Clouds of this city are like your tress. 
These can inflame but shower no more. 

अहबाब भी ग़ैरों की अदा सीख गए हैं। 
आते हैं मगर दिल को दुखाने नहीं आते। 

Friends have learnt the rival's style. 
They visit but no longer pain explore. 



Saturday, 13 November 2021

GHAZAL.. RAVI MAUN.. LAFZ HI HAIN BAHUT SATAANE KO

 लफ़्ज़ ही हैं बहुत सताने को।
और क्या चाहिए जलाने को ? 

और कुछ देर बाद चहकेंगी। 
पेड़ पर फल हैं बहुत खाने को। 

तोड़ दी, लूट ली, जला डाली।
आप आए हैं अब मनाने को। 

मेरे महबूब की अदा है ये। 
कुछ नया चाहिए बहाने को। 

मंच से ज़हर उगलने वालो। 
बख़्श भी दीजिए ज़माने को। 

वोट माँगे थे जिनके घर जा कर। 
जाएँ दुखड़ा किसे सुनाने को ? 

लुट गई जिनकी आबरू उन को।
'मौन' क्या रह गया बचाने को ? 

GHAZAL.. RAVI MAUN.. AAP AKSAR UDAAS RAHTE HAIN...

आप अक्सर उदास रहते हैं।
जब मेरे आस पास रहते हैं। 

एक बच्चे का दिल अगर टूटा। 
आप भी मकबरे में रहते हैं। 

दश्त हो, शहर हो, जहाँ भी हैं।
तेरी यादों के साथ रहते हैं। 

कैसी पूजा नमाज़ है कैसी ?
दिल में नफ़रत जो पाले रहते हैं। 

ज़िन्दगी में ख़ुशी भी ग़म भी है। 
लोग तो जाने क्या क्या कहते हैं। 

पेड़ के नीचे ठिठुरता बुड्ढा। 
जिनको पाला था कहाँ रहते हैं। 

प्यार बहता सा एक दरिया है। 
आप क्यों ऐसी बात कहते हैं। 

इल्म तो नाम है समंदर का।
 खोज में कितने लोग बहते हैं।
उड़ते पंछी का साया पाया है। 
ज़ख़्म हैं अपने 'मौन' सहते हैं। 

GHAZAL... MERE KHUDA MUJHE ITNA TO MOTBAR KAR DE... IFTIKHAR...AARIF. .....

मेरे ख़ुदा मुझे इतना तो मोतबर कर दे।
मैं जिस मकान में रहता हूँ उसको घर कर दे। 

Make me at least so reliable O Lord. 
To house live in, grant home's regard.

ये रौशनी के त 'आक़्क़ुब में भागता हुआ दिन।
जो थक गया हो तो अब उसको मुख़्तसर कर दे। 

The day was in pursuit of light all through.
If it's exhausted, let it's greed retard. 

मैं ज़िन्दगी की दुआ माँगने लगा हूँ बहुत। 
जो हो सके तो दुआओं को बेअसर कर दे। 

I have started praying a lot for life. 
If possible, do not grant the reward. 

सितारा-ए-सहरी डूबने को आया है।
ज़रा कोई मिरे सूरज को बाख़बर कर दे

The morning star is  about to sink.
Let my sun be informed in this regard. 

क़बीलावार कमाने कड़कने वाली हैं। 
मिरे लहू की गवाही मुझे निडर कर दे। 

The tribes are about to be at war. 
Let the evidence of blood be my accord. 

मैं अपने ख़्वाब से कट कर जिऊँ तो मेरे ख़ुदा। 
उजाड़ दे मिरी मिट्टी को दर-ब-दर कर दे।

If I survive without my dream, well then. 
Scatter my burial dust from door to door O Lord.

 मिरी ज़मीन मिरा आख़िरी हवाला है।
 सो मैं रहूँ न रहूँ  इसको बारवर कर दे। 

My ground is the final reference for me. 
Whether or not I stay, make it fruitful O Lord. 

WASEEM BARELVI...... 5. COUPLETS

मैं बोलता गया हूँ वो सुनता रहा ख़ामोश।
ऐसे भी मेरी हार हुई है कभी-कभी। 

He kept mum while I spoke and spoke. 
I have also lost this way in a stroke

तुम मेरी तरफ़ देखना छोड़ो तो बताऊँ। 
हर शख़्स तुम्हारी ही तरफ़ देख रहा है।

If you stop looking at me, I can tell. 
Every one is looking at you in a spell. 

मुंतज़िर मैं ही नहीं रहता किसी आहट का
कान दरवाज़े पे उसके भी लगे रहते हैं।

Not only I wait for a little sound. 
To door, her ears are also bound. 

क़लम मैं तो उठा कर जाने कब का रख चुका होता। 
मगर तुम हो कि किस्सा मुख़्तसर करने नहीं देते। 

I could have set aside my pen since long. 
You don't want me to cut it short, let prolong.

वैसे तो इक आँसू ही बहा कर मुझे ले जाए। 
ऐसे कोई तूफ़ान हिला भी नहीं सकता। 

Even one tear can sweep me away.
 A storm can't displace me any way. 

Friday, 12 November 2021

QATEEL SHAFAAI.. GHAZAL.. APNE HATHON KI LAKEERON MEN SAJAA LE MUJHKO...

अपने हाथों की लकीरों में सजा ले मुझको।
मैं हूँ तेरा तू नसीब अपना बना ले मुझको। 
Give me a place in the lines of your palm. 
I am yours, make me your fate, be calm. 

मैं जो काँटा हूँ तो चल मुझ से बचा कर दामन। 
मैं हूँ गर फूल तो जूड़े में सजा ले मुझ को। 
If I am at horn, skirt away from me. 
If a flower I am, let in your tress jam. 

तर्क - ए-उल्फ़त की क़सम भी कोई होती है क़सम।
तू कभी याद तो कर भूलने वाले मुझको। 

The promise of break up in love is no promise. 
Just remember me O forgetful man, be calm. 

मुझ से तू पूछने आया है वफ़ा के मा'नी।
ये तिरी सादा दिली मार न डाले मुझको।

You came to ask me meaning of fidelity. 
This simplicity ' ll kill me leaving for balm. 

मैं समंदर भी हूँ, मोती भी हूँ, ग़ोताज़न भी। 
कोई भी नाम मिरा ले के बुला ले मुझको। 

I am ocean, pearl and diver too. 
Call me by any name, I am a psalm. 

तूने देखा नहीं आईने से आगे कुछ भी। 
ख़ुद परस्ती में कहीं तू न गँवा ले मुझको। 

You have not looked beyond the mirror. 
In this narcissism, you'll lose, suffer harm. 

बाँध कर संग-ए-वफ़ा कर दिया तूने ग़र्क़ाब। 
कौन ऐसा है जो अब ढूँढ निकाले मुझको। 
Tied with fidelity stone, you let me drown. 
Who 'll now search me 'n break the calm. 

ख़ुद को मैं बाँट न डालूँ कहीं दामन दामन। 
कर दिया तूने अगर मेरे हवाले मुझको। 

I may gift myself to others part by part. 
If you hand me over to myself to be calm. 

मैं खुले दर के किसी घर का हूँ सामाँ प्यारे। 
तू दबे पाँव कभी आ के चुरा ले मुझको। 

I am the luggage of an u bolted house. 
You can come and pick me  break no calm. 

कल की बात और है मैं अब सा रहूँ या न रहूँ। 
जितना जी चाहे तिरा आज सता ले मुझको। 

I know not whether tomorrow I 'll be like this. 
To your heart' s content torture me, be calm. 

बादा फिर बादा है मैं ज़हर भी पी जाऊँ 'क़तील' ।
शर्त ये है कोई बाहों में संभाले मुझको। 

Wine is just wine, I 'll gulp poison' Qateel'. 
Only someone should hold me in her arm. 

JAVED AKHTAR.. GHAZAL.. KAL JAHAAN DEEWAR THI HAI AAJ IK DAR DEKHIYE...

कल जहाँ दीवार थी है आज इक दर देखिए। 
क्या समाई थी भला दीवानेके सर देखिए।

Yesterday there was a wall, today there's a way.
Some ideas in the lunatic's mind did sway.

पुरसुकूँ लगती है कितनी झील के पानी पे बत। 
पैरों की बेताबियाँ पानी के अंदर देखिए।

The duck looks peaceful on surface of lake. 
Only turmoil of feet inside water can pay. 

छोड़ कर जिसको गए थे आप कोई और था।
अब मैं कोई और हूँ वापस तो आकर देखिए। 

Whom you had left, was someone else. 
Come back 'n see I am different every way.

छोटे से घर में थे देखे ख़्वाब महलों के कभी। 
और अब महलों में हैं तो ख़्वाब में घर देखिए। 

In a small house I had dreamt of palace. 
Now from palace I dream of home all the way. 

अहले-इंसानी इधर, आफ़ाक़ की वुस'अत उधर।
इक मज़ा है यहाँ, अंदर है कि बाहर देखिए।

Human brain inside, universal expanse on the other. 
There is one world inside or outside in the sway. 

अक़्ल ये कहती है दुनिया मिलती है बाज़ार में। 
दिल मगर ये कहता है कुछ और बेहतर देखिए। 

The brain says, world can be sought from the mart. 
The heart tells we should look for a better way. 

JAVED AKHTAR.. GHAZAL. JIDHAR JAATE HAIN SAB JAANA UDHAR ACHCHHA....

जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता।
मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता। 

Where every one goes, I don't want to go. 
On oft beaten track, I don't want to go.

ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेना।
बहुत हैं फ़ायदे इसमें मगर अच्छा नहीं लगता। 

Silently listening to wrong talks and then agree. 

There are gains in it, but I don't want it so. 

 मुझे दुश्मन से भी ख़ुद्दारी की उम्मीद रहती है।
किसी का भी हो सर क़दमों में सर अच्छा नहीं लगता। 

I expectselfrespecteven from the foes. 
Be it any one 's head, on the feet, on no.

बुलंदी पर इन्हें मिट्टी की ख़ुशबू तक नहीं आती। 
ये वो शाख़ें हैं जिनको अब शजर अच्छा नहीं लगता। 

From high up, they can not smell the soil. 
To these branches, love for tree isn't so.

ये क्यों बाक़ी रहे, आतिश-ज़नो ये भी जला डालो।
कि सब बेघर हों और मेरा हो घर, अच्छा नहीं लगता। 

Burn it too scorchers, why leave it alone. 
Why should I have a home, there's none in the row. 

Thursday, 11 November 2021

रवि मौन छोटी कविता

प्रेम मय संसार है।
विश्व का आधार है। 
धरा हो या हो गगन। 
बजता इसी का तार है। 

बाँसुरी घनश्याम की हो। 
राधिका के धाम की हो। 
धूल होगी गोपदों की। 
भक्ति कुछ अविराम सी हो।

धरा हो या हो गगन। 
बजता इसी का तार है। 
प्रेम मय संसार है।
विश्व का आधार है।

रवि मौन। 

बिखरे विचार

Inside the bar, he is always a star.
And that's because he raises the bar....... . Ravi Maun.

 नव शिशु क्रंदन, हर दुःख भंजन, है अभिनंदन भाई।
शिशु की हर क्रीड़ा, हरती पीड़ा, लगती है सुखदाई।...... रवि मौन ।

एक बच्चे की मुस्कराहट पर।
 कुछ भी कर दें निसार, वो कम है। 

हर इंसाँ के माज़ी में कुछ तस्वीरें हैं। 
क्या पाओगे ये तो सोचो उरियाँ कर के। 

भाग्य सोच ले कब तक मेरे पीछे होगा तू कभी हार थक जाएगा और छोड़ ही देगा तू। 

मश्क करना भी तो लाज़िम है हर इक फ़न के लिए। 
सिर्फ़ तक़दीर से मुमकिन नहीं अच्छा होना। 
दोस्तों को भी हर इक बात न दिल की कहिये। 
सह सकेंगे क्या किसी राज़ का उरियाँ होना ? 

ग़ैर को पाती लिखूँ ये भी कोई बात हुई। 
अभी तो अपने मिरे ख़त के इंतज़ार में हैं। 
वक़्त गुज़रता, यादें लेकिन रह जाती हैं। 
कितनी सारी बातें हमसे कह जाती हैं। 

साथ-साथ जो वक़्त गुज़ारा हम ने प्यारा
उसी समय का दिखलाती हैं हमें नज़ारा। 

शाश्वत सत्य यही है जो भी आता है सो जाता। 
लेकिन बच्चों से तो माता का विचित्र है नाता। 
वह कमरा सूना सूना है लगता ख़ाली ख़ाली। 
बैठे घूर रहे हैं उसको मैं मेरी घरवाली ।
स्नेह मिला है इतना तुम से शब्द पड़ रहे कम हैं ।
लें प्रणाम परिजन का माते आँखें सब की नम हैं ।

What aprt your heart and soul and then rolls down the cheek is tear. 
Copious fluid shed on the departure of a treacherous one or dear is tear. 

Biyer dine dibo keep Maan aashirbaad tor. 
Shaajan ke bhoolish na jaano eyee khaner por. 
Maa, baaba ar deedi, daada shetaau paribaar. 
Nutun baarhir bohu hoyecho, shei tomaar shanshaar. 

हे प्रभु ये क्या तरीक़ा है तेरे संसार का ? 
क्यों लिखी उनसे जुदाई जिनके दिल में प्यार था ? 
गर मैं इस लायक नहीं थी साथ रह सकती सदा। 
तो मुझे पैदा किया क्यों माँ ज़रा ये तो बता ? 

सालगिरह राजा बेटे कीबहू लाड़ली मेरी। सदा चूड़ियाँ खनकें रहे माँग सिंदूरी तेरी। 
प्यार रहे आपस में यूँही ऋतु आयें ऋतु जाएँ ।
इक नन्हा सा बालक तेरा घर आँगन महकाए। 
बाबा कह कर प्यारा सा शिशु सीने से लग जाए। 
पास खड़ी दादी मुस्काते अपने पास बुलाए। 
नन्हें राजा! आजा, तेरे साथ साथ मैं खेलूँ।
तेरी सभी बलाएँ बेटा अपने सर पर लेलूँ। 

When ever in your mind, some thoughts grow. 
Record these, later it may not be so. 

छलक पड़े हैं आँसू जब भी आई हैं आँखें।
कभी ख़ुशी ने और कभी ग़म ने भी साथ दिया। 

राखी के दिन आ गई फिर से भाभी याद। 
नश्वर है संसार यह जितना हो आबाद। 
स्नेह मिला था जो हमें उन हाथों भरपूर। विधना क्यों छीना उन्हें होकर इतना क्रूर। 

दूरभाष पर मन की गाँठें खोल चुके हो बच्चो। 
अब तन की भी ओर ध्यान दो हृदय पटल के सच्चो। 
कब इनकी बगिया में प्यारे प्यारे सुमन खिलेंगे। 
दोनों व्यक्ति हिसाबी हैं यह निर्णय स्वयं करेंगे ।

First cry of a newborn is simply a boon. 
Sends heart of listener over the moon. 
When the twins cry, it's doubled pleasure. 
These moments are just there to treasure. 

नाज़ुक सा, नन्हा सा शिशु जब इस दुनिया में आए। 
रोने पर भी वो सुनने वालों का मन हर्षाए। रहा पेट में जब से माँ की धड़कन ख़ूब सुनी है। 
इसीलिए माँ के सीने से लग कर चुप हो जाए। 

नमन करूँ गिरिजा तनय गौरी पुत्र गणेश। करें कृपा इस काव्य पर्दें आशीश विशेष। 
गुरुजन औ' माता-पिता जिनसे सीखी वाणि। 
चरण छुऊँ माँ सरस्वति रखें शीश पर पाणि।।। 

हमने तिरी दुनिया में बड़ा काम कर लिया। यूँ मुफ़्त अपने आप को बदनाम कर लिया। 

कुछ दोस्तों के साथ कटी ऐसे ज़िन्दगी। 
थोड़ा सा काम और बहुत आराम कर लिया। 

कुछ लोग साथ वक़्त के बहते चले गए। 
कुछ सोच नई लाए अपना नाम कर लिया। 

उनकी कहो जिन्हें नहीं रोटी हुई नसीब। 
और हुक़्मरान-ए-वक़्त ने बदनाम कर दिया। 

कल रात ही तो जश्न में शामिल थे हम सभी। 
जब सुब्ह ने अंगड़ाई ली सुनसान कर दिया। 

उड़ते हुए पंछी किसे अच्छे नहीं लगते। 
सैयाद ने इन्हें भी तह-ए-दाम कर लिया। 

जो भूल गए काश उन्हें हम भी भूलते। क्यूँ 'मौन' होके किस्सा ही तमाम कर दिया। 

अंकित मानस पटल पर वो मनभावन शाम। 
लिख रखा मैंने जिसे भाभी तेरे नाम। 
परसा जिसका प्यार से भाभी ने निज हाथ। 
उस भोजन की याद मैं ले आया हूँ साथ। 

कोमल इसके हाथ पाँव हैं कोमल इसके बाल। 
सुंदर इसकी उँगलियाँ तलवे इसके लाल। 
मुस्काते हौले से जब तो मन को बहुत लुभाय। 
उन्नत इसकी नासिका उन्नत इसका भाल।

दिल भरा है हमारा खुशियों से आज तो हरि की मेहरबानी है। 
दो दो बच्चों को दिया गोदी में ख़ूबसूरत सी ये कहानी है। 
इसको गोदी में लूँ कि उसको लूँ
बात कब ये समझ में आनी है। 
ये भी प्यारा है वो भी प्यारी है
इस तरफ़ दादी उधर नानी है। 

Who doesn't know that man is born and stays a sucker. 
Who knows not about milk'n who suckles with love, mother. 
That man 'll drink' n drown his griefs, as 'n when they appear. 
That is why the mammary pores are kept open by mother. 

दिल धड़कना छोड़ देगा हमनवा। 
आप भी गर ग़ैर होकर रह गए। 
ज़ीस्त का दामन नहीं इतना वसीअ। 
कहिए यूँ क्यूँ' मौन' होकर रह गए। 

सेहरा ने सेहर डाल दिया आज दुल्हन पर। हाँ कह ही दिया चेहरे पे डाली नहीं नज़र ।
शाकी नहीं हूँ साक़ी के दामन की ख़ैर हो सब पी रहे हैं कुछ तो मुझे भी मिले अगर 
सहर तक फूल मुरझाएँगे जो हैं सेज पर बिखरे। 
करेंगे गुफ़्तगू हीआज भी क्या आप यूँ शब भर ।

ज़ीस्त तेरे साथ गुज़रे था न मेरे बख़्त में। 
ग़ैर का हो जाऊँ मैं ये तो नहीं कर पाऊँगा। 
मेरे मालिक उसको देना मेरे हिस्से की ख़ुशी।
 यह हुआ तो अक्स उसके नूर का पा जाऊँगा। 
ज़िन्दगी कोई गिला तुझसे नहीं होता है ये। 
रफ़्ता रफ़्ता मैं भी तेरी रौ में बहता जाऊँगा। 

पितु ने भी तो हाथ उठाया पति सम निकला दुष्ट। 
सारे मर्द एक से होते कथन हो गया पुष्ट। 
बहुत देर तक हिचकी लेकर बिटिया रोई रात। 
बंद हुए जब झटके माता पिता हुए संतुष्ट। 
झटके यदि चलते रहते तो विपदा आती भारी। 
इन्हें रोकना आवश्यक था यह ही थी लाचारी। 
मूत्राशय अंतड़ियाँ बाहर आने को हो जाती। 
यह कैसे होने देते हम समझो बिटिया प्यारी। 

उतनी ही प्रिय अब लगती हो जितनी पहली रात। 
हे सर्वांग सुंदरी हे मेरे बच्चों की मात। 
शब्द कहाँ से लाऊँ जो तेरे गुण करें बखान। 
चयन रात भर करते-करते हो जाए परभात। 

सावण मैं सारी भौजाई। 
लागैं सैं सासू की जाई।

Shabai gurujon ke boli, aami O bhat khabo. 
Shudhu dudhu koto bolun aami aar chalaabo. 
Dadu Thakur MA ke boli Toole kole dulao. 
Eika Eika khachchen keinun aamaaye bhaat khaavao. 
Maayer doodh to khachchi ee majhe majhe eoo khabo. 
Bhaater oopure lobh uthe che aaj keyee she khaabo. 

Pudhaano pokaa chhilo raatrer shabhaaye sriti chinho. 
Shakaal parjonto tumi chhaadhle naa oke he shameer.

Jaar buke aagun jole, sheyi boojate paare. 
Arthoheen, bemaani laage she chharha shonshaar. 

Ghoorte thakuk dhamaniye, aami aashwasto naanyi. 
Chok diye naa jhorle, aami rokto bolibo naanyi. 

Jotodoor parjonto morubhoomi daikha jaay.
Aamaar mutuni ee sheoo eklaayi dekhaay. 

Aito rege cholchish kainun he baataash. 
Shesher paataa to nije yi podte chai che. 


Shubhra Tewari.. Duarte, California  0016263580247.


Copied from Dr. C. K. Chatter Ji's chamber....... 

Why worry ? 
There are only two things to worry about. 
Either you are well or you are sick. 
If you are well there is nothing to worry about. 
If you are sick either you will get well or you will die.
 If you get well, there's nothing to worry about. 
If you die there are only two things to worry about. 
Either you go heaven or hell
If you go to heaven, there's nothing to worry about. 
If you go to hell, you will be so busy shaking hands with old friends, you won't have time to worry. 
So why worry ? 

मोहित पर मोहित हुईपूजा सी सुकुमार। 
मन ही मन पूजा करे मोहित छवि निहारि।
हे प्रभु इनका भी रहे जीवन भर का साथ। रखें कृपा इन पर सदा हरि ब्रह्मा त्रिपुरारि।

रौनक़ ने की कामना रहूँ कामना संग। 
ये कन्या सुंदर लगी लागूँ इसके अंग। 
मम्मी सी लागे अगर बीस बरस के बाद। 
तो मैं मानूँगा इसे श्रीहरि का प्रसाद। 

रेखा संग महेन्द्र के बीते पच्चिस साल। 
जीवन रेखा बन गई भैया की तत्काल। 
जीवन में सुख दुःख हैं हर प्राणी के साथ। काटे जिनने प्रेम से उन्नत उनके भाल। 

था गणतंत्र दिवस पर घर में शादी का उत्साह।
 साक्षी अग्निदेव की भैया भाभी का था ब्याह। 
मुझे नहीं विश्वास हुए शादी को साल पचीस। 
भाभी की तो उम्र अभी लगती है केवल बीस। 

काम बहुत मुश्किल है सारे रिश्तों को ख़ुश रखना। 
अंधीयारा तो रूठेगा ही जब चिराग़ जलता है। 

आता है अभिमान जब हमें लगता हम करते हैं। 
मिलता है सम्मान लगे जब जग को हम करते हैं। 

भक्ति नहीं धन देती पर रखती है हृदय प्रसन्न। 
नर्क निराशा, स्वर्ग है जब हो हृदय प्रसन्न। 

जोश-ए-बहार दामन-ए-गुल चाक कर गया। 
इल्ज़ाम साथ रहने से काँटों के सर गया। 

दोस्त बिन मांगे सलाह दें उनकी ये फ़ितरत नहीं। 
दुश्मनों से लूँ नसीहत ये मेरी आदत नहीं। 
धूल उछले गर युंही इसमें कोई इज़्ज़त नहीं। 
नई पीढ़ी दूर सच से जाय तो इबरत नहीं। 

मधुर कभी झरनों से ना संगीत सुनाई देता
जल के रस्ते में न कहीं गर पत्थर होते प्यारे। 


















Wednesday, 10 November 2021

FAANI BADAYUNI... GHAZAL... KHALQ KAHTI HAI JISE DIL...

ख़ल्क़ कहती है जिसे दिल तिरे दीवाने का।
एक गोशा है ये दुनिया इसी वीराने का। 

What the world labels your lover's heart.
World is an area in this desert mart. 

 इक मु'अम्मा है समझने का न समझाने का।
ज़िन्दगी काहे को है ख़्वाब है दीवाने का।

A riddle unworthy of being listened or solved. 
Life is nothing but a crazy's dream of art.

हुस्न है ज़ात मिरी इश्क़ सिफ़त है मेरी। 
हूँ तो मैं शम'अ मगर भेस है परवाने का। 

Beauty is my quality' n love the style.
I am the flame playing firemoth's part.

काबे को दिल की जियारत के लिए जाता हूँ। 
आस्ताना है हरम मेरे सनमख़ाने का। 

Temple is the site of worship for me.
I go to Kaba as  pilgrim of heart

मुख़्तसर क़िस्सा-ए-ग़म ये है कि दिल रखता हूँ।
राज़-ए-कोनैन खुलासा है इस अफ़साने का।

The gist of my story is that the work site.
In short, story of grief is in having a heart.

ज़िन्दगी भी तो परेशाँ है यहाँ ला के मुझे। 
ढूँढती है कोई हूला मिरे मर जिने का। 

Life is repentant to bring me here.
Looking for a pretence of carrying on cart.

अब इसे दार पे ले जा के सुला दे साक़ी। 
यूँ बहकना नहीं अच्छा तिरे दीवाने का। 

Now just take him to gallows for sleep.
For your crazy, it's not a good start. 

दिल से पहुंची तो हैं आँखों में लहू की बूँदे
सिलसिला शीशे से मिलता तो है पैमाने का। 

The sequence is  meeting cup from jug.
To eyes drops of blood have come from heart. 

वहशत-ए-हुस्न केजल्वों की है कसरत ऐ इश्क़।
दिल के हर ज़र्रे में आलम है परीख़ाने का। 
It's an exercise for exhibits of beauty. 
There's fairyland in every corner of heart. 

चश्म-ए-साक़ी असर-ए-मय से नहीं है गुलरंग।
दिल मिरे ख़ून से लबरेज़ है पैमाने का। 

It's not wine colouring barmaid 's eyes.
Filled to brim is cup with blood of my heart. 

किस की आँखें दम-ए-आख़िर मुझे याद आई हैं।
दिल मुरक़्क़ा है छलकते हुए पैमाने का। 

Whose eyes have come to my mind at the end.
Splashing cup is the album of my heart. 

TETRADS... RAVI MAUN

हया भी है शोख़ी भी आँखों में तेरे। यहाँ तक समझ बात आती है मेरे।
मगर हर घड़ी ये तिरा मुस्कुराना। 
ये सीखा कहाँ से कहो जान-ए-जाना।

जी में आता है कि देखूँ यार के रुख़सारो पर।
हाँ वहीं जिस पर कि तिल है और गड्ढा भी मगर। 
जो नहीं दिखता किसी को एक मेरा दिल भी है। 
जिस ने सीखा रूठने का मुस्कुराने का हुनर। 

BASHIR BADR..GHAZAL.. AGAR YAQIN NAHIN AATA TO AZMAYE MUJHE...

अगर यक़ीं नहीं आता तो आज़माते मुझे।
वो आईना है तो फिर आईना दिखाए मुझे

Let her try me, if she does not believe. 
If she is a mirror, then let her perceive. 

अजब चिराग़ हूँ दिन रात जलता रहता हूँ। मैं थक गया हूँ हवा से कहो बुझाए मुझे। 

I am a strange lamp that's always alit. 
Let a sudden gush of wind now come 'n deceive. 

मैं जिस की आँख का आँसू था उस ने क़द्र न की। 
बिखर गया हूँ तो अब रेत से उठाए मुझे। 

She cared not for me, a tear of her eyes. 
I am spilt on the sand, now pick up to achieve. 

बहुत दिनों से मैं इन पत्थरों में पत्थर हूँ। 
कोई तो आए ज़रा देर को रुलाए मुझे। 

Since long I am a stone among these stones. 
Let someone make me cry and relieve. 

मैं चाहता हूँ कि तुम ही मुझे इजाज़त दो। 
तुम्हारी तरह से कोई गले लगाए मुझे। 

I want that you should permit it be done. 
Let someone embrace and an armlock achieve. 

FAIZ AHMAD FAIZ.. A TETRAD

रात यूँ दिल में तिरी खोई हुई याद आई।
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए। 
जैसे सहराओं में हौले से चले बाद-ए-समीर।
जैसे बीमार को बेवजह क़रार आ जाए। 

Last night your memories erupted in heart. 
As in a barren land has appeared the spring.
As in a desert flows morning breeze. 
As now there is hope for the patient to cling. 

A QAT'AA.. AKHTAR ANSARI

ये बोसीदा फटी गुदड़ी ये सूराख़ों भरी कमली ।
जिसे सब आसमाँ के नाम से मौसूम करते हैं।
तिरी रहमत पे क़ुर्बां इस को नीचे फेंक दे यारब ।
ज़मीं वाले बहुत रातों की सर्दी में ठिठुरते हैं। 

This old tattered sheet, with very many holes. 
Which is labelled sky by all on spot. 
By your grace, you gently let it slide. 
In chilly winter nights, people shiver a lot. 

Tuesday, 9 November 2021

RAVI MAUN KI MADHUSHALA.. VIRAH VEDNA MARMANTAK...

विरह वेदना मर्मांतक है, दधक रही है यह ज्वाला।
अपने होते तो न छोड़ते, कहती है साकीबाला।
अपने दुःख पहुँचाते हैं तो पीड़ा दुगुनी होती है। 
शायद मदिरा से बुझ जाए, आया हूँ मैं मधुशाला। 

RAVI MAUN KI MADHUSHALA.. KAI TARAH KE VASTRPAHAN KAR AATI HAI SAQIBALA.

कई तरह केे वस्त्र पहन कर आती है साकीबाला।
कई तरह के मधुघट मिलते कई तरह की है हाला।
कई धर्म के कई जाति के लोग यहाँ पर आते हैं।
एक साथ मिल कर पीते हैं जब आते हैं मधुशाला। 

GHAZAL.. RAVI MAUN.. JAB SE PYAR JAGA JIVAN MEN...

जब से प्यार जगा जीवन में।
उस पल से तुम मेरे मन में 

टुकड़े टुकड़े आसमान है। 
छोड़ो शहर चलो अब वन में। 

मैंने प्यार जता भी डाला। 
तुम हो अब तक किस उलझन में। 

दुनिया को पहचान न पाए। 
धोके खाए जब से जन्मे। 

नाम प्यार से लेकर मेरा। 
मुख देखो अपना दर्पन में। 

जीत तुम्हारी मेरी ही है। 
छोड़ो क्या रखा अनबन में। 

मेरी चाहत की गहराई। 
पाओगे अपने नैनन में। 

तुम ही हो विश्वास हो गया। 
देखा जिस को कभी सपन में। 

मन बेचारा, रहा हमारा।
'मौन' सदा तेरे बंधन में। 

MALIK MOHAMMAD JAYESI.. ONE COUPLET

हाड़ भए सब काँकरी नसें भई सब ताँत।
रोम रोम से धुन उठै कहूँ बिरह केहि भाँत

Bones have turned into pebbles
every tendon has become a cord.
Tune pours from every pore, how to set parting on record. 

NASIR KAZMI... GHAZAL.. DIL MEN AUR TO KYA RAKHA HAI..

दिल में और तो क्या रखा है।
तेरा दर्द छुपा रखा है। 

What else is there in heart. 
Your pain hidden in a part. 

इतने दुखों की तेज़ हवा में। 
दिल का दीप जला रखा है। 

In swift winds of pain.
Alit is lamp of heart. 

धूप से चेहरों ने दुनिया में। 
क्या अंधेर मचा रखा है। 

Sunny faces of world. 
Do injustice impart. 

इस नगरी के कुछ लोगों ने। 
दुख का नाम दवा रखा है। 

Some people in this place. 
Call pain as drug in mart. 

वादा-ए-यार की बात न छेड़ो।
ये धोका भी खा रखा है। 

Leave aside promise of pals. 
I have seen them retort. 

भूल भी जाओ बीती बातें। 
इन बातों में क्या रखा है। 

Forget bygone things.
 It is nothing smart. 

चुप चुप क्यूँ रहते हो 'नासिर'। 
ये क्या रोग लगा रखा है। 

Why are you silent 'Nasir' 
This is bad for heart. 

Monday, 8 November 2021

KHATIR GHAZNAVI..2. ...COUPLETS

गो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए।
लेकिन इतना तो हुआ, कुछ लोग पहचाने गए।

A friendship of years couldn't bypass a small remark.
But at least it identified some people in the dark. 

मैं इसे शोहरत कहूँ या अपनी रुस्वाई कहूँ। 
मुझ से पहले उस गली में मेरे अफ़साने गए। 

ShouldI label it my fame or call my disgrace. 
Much before me in that lane, my tales could leave a mark. 

MAJAZ LAKHNAVI.. COUPLETS

सब का तो मदावा कर डाला अपना ही मदावा कर न सके।
सब के तो गरेबाँ सी डाले अपना ही गरेबाँ सी न सके। 

You treated one and all but could not treat your own. 
Stitched cloaks of one and all but for just your own. 

MIR TAQI MIR..... QAT'AA

क्या बूद-ओ-बाद पूछो हो पूरब के साकिनो।
हम को ग़रीब जान के, हँस हँस पुकार के। दिल्ली जो एक शहर था आलम में यादगार।
हम रहने वाले हैं उसी उजड़े दयार के। 

Why talk about us O people of east. 
Thinking, we are poor 'n laughing at our state.
Delhi city that had dazzled in minds of all. 
We are the residents of that ruined state. 

RAVI MAUN 4 TETRADS, 2 COUPLETS.

तुम को चाहूँ यही तमन्ना है।
 ये जनम हो कि हो जनम अगला ।
रूह में हो मेरी धड़कन में हो ।
मैं तो शायर हूँ मौन इक पगला। 

फूल ख़ुशबू बिखरते हर सू। 
और काँटे कभी नहीं खिलते। 
फिर भी काँटों की मेहरबानी है। 
वर्ना ये फूल याँ नहीं मिलते। 

रेत पर पाँव के निशानों को। 
आने वाली लहर मिटा देगी। 
और फिर कौन कह सकेगा यह। 
मैं भी इस रास्ते से गुज़रा हूँ। 

मेरे मालिक मिरी ख़ता तो बता ।
किस गुनह की मुझे सज़ा दी थी। 
प्यार जब था न मेरी क़िस्मत में ।
किसलिए ज़िन्दगी अता की थी ।


मिट गई ख़ुशबू तिरे ख़त से मगर 'मौन' उसे। 
छूके दिल झूम उठा, नैन मेरे भर आए। 

नींद आँखों से उड़ गई मेरी।
बूँद बारिश की शोर करती हैं। 

FAIZ AHMAD FAIZ.. TETRADS

वक़्फ़-ए-हिरमान-ओ-यास रहता है।
दिल है, अक्सर उदास रहता है।
तुम तो ग़म दे के भूल जाते हो। 
मुझ को अहसाँ का पास रहता है। 

Expecting nothing, it is bound. 
Often in sorrow, heart is found. 
You give sorrow, then forget. 
Your gratitude with me stays sound. 

रात यूँ दिल में तेरी खोई हुई याद आई। 
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए। 
जैसे सहराओं में हौले से चले बाद-ए-नसीम।
जैसे बीमार को बेवजह क़रार आ जाए। 

Last night your lost memories came to cling. I 
As stealthily comes in desert, the spring. 
As in Sahara the wind just blows. 
As if a patient achieves solace in nothing.

मता-ए-लौह-ओ-क़लम छिन गई तो क्या ग़म है।
कि ख़ून-ए-दिल में डुबो ली हैं उँगलियाँ मैंने।
ज़बाँ पे मोहर लगी है तो क्या कि रख दी है। 
हर एक हल्क़ा-ए-ज़ंजीर में ज़ुबाँ मैंने।

What if they snatched my pad 'n pen.
I' ve soaked in blood my fingers then.
Why worry, if they 've sealed my tongue.
My voice will be heard in  chains of den. 

रवि मौन... कविता

दिल में है ख़लिश कुछ यादों की तो आँखें भी भर आएँगी ।
है धूल वक़्त की चेहरे पर थोड़ी सी बहा ले जाएँगी। 

ग़म किस से बाँटूँ ये मेरे अपने हैं मुझ को प्यारे हैं। 
ख़ुशियाँ हैं चीज़ बाँटने की औरों को ख़ुशी दे पाएँगी। 

कल किस ने देखा है यारो जैसा जीना है आज जियो। 
हों रातें जितनी अंधियारी फिर सुब्ह नई ले आएँगी ।

RAVI MAUN KI MADHUSHALA

भगवा वस्त्र पहनता हैपर जपता है स्वर्णिम माला।
पीता नित्य सोमरस शिष्यों को वर्जित करता हाला। 
रात्रि बिताने चलासंभल कर जहाँ षोडशी कन्या थी।
इस से तो अच्छा था तू भी आ जाता यदि मधुशाला। 

RAVI MAUN KI MADHUSHALA

दिन भर जो अर्जित कर पाया, चरणों में तेरे डाला।
तिस पर भी रखा हाथों में साक़ी यह आधा प्याला।
जीवन रक्षा हेतु पिलाती है थोड़ा थोड़ा मुझ को। 
पीते पीते धीरे-धीरे समझ रहा हूँ मधुशाला। ु

Saturday, 6 November 2021

तीन चतुष्पदी... रवि मौन

रेत पर पाँव के निशानों को।
आने वाली लहर मिटा देगी। 
'मौन' फिर कौन कह सकेगा यह।
मैं भी इस रास्ते से गुज़रा हूँ। 

मेरे मालिक मिरी ख़ता तो बता। 
किस गुनह की मुझे सज़ा दी थी। 
प्यार जब था न मेरी क़िस्मत में। 
किसलिए ज़िन्दगी अता की थी   ?

तुम को चाहूँ यही तमन्ना है ।
ये जन्म हो कि हो जन्म अगला।
रूह में हो मिरी धड़कन में हो। 
मैं तो शायर हूँ 'मौन' इक पगला। 

एक ग़ज़ल.... रवि मौन

अपनी क़िस्मत आज़माना चाहता हूँ।
हाँ तुझे अपना बनाना चाहता हूँ। 

आख़िरी हिचकी तिरे शाने पे निकले। 
मौत भी मैं शायराना चाहता हूँ। 

ज़िन्दगी में ग़म ख़ुशी जो भी मिलेंगे। 
साथ तेरे मैं बिताना चाहता हूँ। 

बेवफ़ा कहदूर मत कर ज़िन्दगी से। 
वक़्त का मरहम लगाना चाहता हूँ। 

दिल में बसने वाले अब बस भी करो तुम। याद सीने में बसाना चाहता हूँ। 

मेरी तबियत ठीक है ऐ'मौन' फिर भी। 
थोड़ा सा उस को सताना चाहता हूँ। 

दीपावली.... रवि मौन

जगमग जगमग दीप जलेंगे आई आज दिवाली ।
कुछ बच्चे रोएँगे और कुछ रोएँगी घरवाली। 
सरहद पर जो गिरे वीर रोएँ उनकी माताएँ 
उनकी स्मृति में आओ हर घर एक प्रदीप जलाएँ ।
श्रद्धांजलि उन वीरों को देना कर्तव्य हमारा ।
जिनको मेरा देश लगा अपने प्राणों से प्यारा ।

रवि मौन... एक चतुष्पदी

नहीं मैंने कोई कहानी कही है।
जवानी सदा से दिवानी रही है। 
अगर आप समझें, हमें भी बता दें।
 ग़लत क्या है इस में, क्या इस में सही है। 

Thursday, 4 November 2021

MIR TAQI MIR.. GHAZAL.. MUNH TAKAA HI KARE HAI JIS TIS KA...

मुँह तका ही करे है जिस तिस का ।
हैरती है ये आईना किस का ।

To look at each face is keen. 
Whose face has mirror seen. 

शाम ही से बुझा सा रहता है।
 दिल हुआ है चिराग़ मुफ़लिस का। 

A dying out light emits. 
Poor man's lamp heart has been. 

फ़ैज़ ऐ अब्र चश्म-ए-तर से उठा। 
आज दामन वसीअ है इस का। 

O cloud glorified wet eyes. 
Widespread it's cloak has been. 

सब्र किस कोजो हाल-ए-मीर सुने। 


Who has time to listen about 'Mir'? 
Condition of gathering all have seen.