Monday 25 January 2021

ANWAR SHAUUR.. GHAZAL.. HAVAS BALAA KI MOHABBAT HAMEN BALAA KI HAI..

हवस बला की मोहब्बत हमें बला की है।
कभी बुतों की ख़ुशामद कभी ख़ुदा की है

I have lots of lust 'n love to reveal.
At times, it's to God and idols to appeal.

तुम्हारा चेहरा-ए-पुरनूर देखता हूँ मैं।
यक़ीन ही नहीं आता कि जिस्म ख़ाकी है

While looking at your glorious face, I feel. 
It's hard to believe, in dust you' ll conceal.

किसी को चाहने वाले यही तो करते हैं। 
बड़ा कमाल किया है अगर वफ़ा की है। 

Those who love, have this much to do. 
If you keep faith, it is a great deal. 

तमाम रात पड़ी थी गुज़ारने के लिए।
चुनाँचे ख़त्म सुराही ज़रा-ज़रा की है।

Whole night was there to pass with glass.
So the goblet I consumed piece meal. 

ज़रा-सी देरको आए थे शैख़ इधर लेकिन।
यहीं जनाब ने मग़रिब यहीं इशा की है।

For a short while, came priest this way.
For eve', morn ' prayers, he was here to kneel. 

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