Friday, 6 January 2023

मिर्ज़ा असदुल्लाह ख़ान ग़ालिब 

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं 
ये बात है तो ठहर के उसके शहर में देखते हैं 
याँ  तो जो आये है वो पास ही बैठे है तिरे
हम कहाँ तक तेरे पहलू से सरकते जाएँ '

আমি জেনে শুনে বিষ করে চি পান 

ਪ੍ਰੇਮ ਨਾਲ ਮੱਥੇ ਲਗੀਂ ਦਾਤਾ ਦੇ ਦਰਬਾਰ। 
ਜਦ ਹੋਵੇ ਰੱਬ ਦੀ ਮੇਹਰ ਲੌ  ਲੱਗੇ ਓਂਕਾਰ 

نہ جانے اہ کی ان آنسوں  پی کیا گزری 
جو دل سر آنکھ  تک اے مشزاں 

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