Monday, 11 April 2022


लबों पर युँही सी हँसी भेज दे।
मुझे मेरी पहली ख़ुशी भेज दे। 
..... मोहम्मद अल्वी.....

Impart that smile, which for nothing, came.
Give my first pleasure, O Maker of game !

वो जो प्यासा लगता था, सैलाब-ज़दा था। पानी पानी कहते कहते डूब गया है।
..... आनिस मोइन.....

 One who looked thirsty, was a victim of flood water.
He has finally got drowned, saying "water, water !"

वरक़ वरक़ तुझे तहरीर करता रहता हूँ। 
मैं ज़िन्दगी तिरी तशहीर करता रहता हूँ। 
..... रईसुद्दीन रईस.....

I keep writing about you page after page. 
O life ! I popularise you at every stage.

 कोई दस्तक, कोई आहट, न शनासा आवाज़।
ख़ाक उड़ती है दर-ए-दिल पे बयाबाँ की तरह।
..... ज़हीर कश्मीरी.....

No knock, footfall, a voice known from start !
Dust storms, like desert  on the door of heart.

 कितनी दिलकश हैं तिरी तस्वीर की रानाइयाँ।
लेकिन ऐ पर्दा-नशीं ! तस्वीर फिर तस्वीर है !
..... शकील बदायूनी.....

How alluring are the beauties of your portrait !
But O veiled rachel ! Portrait is but a portrait ! 

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