Saturday 17 June 2023

REKHTA... TODAY'S COUPLETS

कोई तुम सा भी काश तुम को मिले
मुद्दआ हम को इंतिक़ाम से है 
मीर तक़ी मीर

Someone you too meet, who treats as you treat. 
To retaliate is all I need, which way I pay no heed. 

हम ने तो ख़ुद से इंतिक़ाम लिया 
तुम ने क्या सोच कर मोहब्बत की 
सलीम कौसर

A revenge was need of the day, that's how I got in the frey? 
What was in your mind  that you  jumped in love so blind. 

हुस्न को शर्मसार करना ही 
इश्क़ का इंतिक़ाम होता है
      असरार-उल-हक़ मजाज़.   

Beauty is humiliated. 
Love has retaliated  


ख़ुद अपने आप से लेना था इंतिक़ाम मुझे 
मैं अपने हाथ के पत्थर से संगसार हुआ 
..... इब्राहिम अश्क..... 

A revenge was the need, wirh myself in the lead. 
With a stone in my hand hold, I hurt myself, behold ! 

जब आ जाती है दुनिया घूम फिर कर अपने मरकज़ पर 
तो वापस लौट कर गुज़रे ज़माने क्यूँ नहीं आते
..... इबरत मछलीशहरी..... 

When world comes around, back on the same ground. 
Then just tell me why, don't return times gone by? 


पत्थर के जिस्म मोम के चेहरे धुआँ धुआँ
किस शहर में उड़ा के हवा ले गई मुझे 
..... इफ़्फ़त ज़र्रीं..... 

  Bodies made of stone, wax faces smoke prone 
To a city of which kind, did O wind for me
  find.? 

कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो
..... बशीर बद्र..... 

You won't even get a handshake, If in sudden embrace you overtake 
 This city has a different mood, keep space in meeting, don't brood. 

दोनों का मिलना मुश्किल है दोनों हैं मजबूर बहुत। 
उन के पाँव में मेंहदी लगी है मेरे पाँव में छाले हैं 
..... अमीक़ हनफ़ी..... 

It's difficult for both to meet, they are  a  hopeless treat. 
While hennaed are her feet, so blistered are my feet. 

चुरा के मुट्ठी में दिल को छुपाए बैठे हैं 
बहाना ये है कि मेहंदी लगाए बैठे हैं 
मीर मेहदी मजरूह

In her fist is my stolen heart, she sits in a state of art. 
Then there's this excuse, hennaed are hands, 
 I refuse. 

हुदूद-ए-वक़्त से बाहर अजब हिसार में हूँ 
मैं एक लम्हा हूँ सदियों के इंतिज़ार में हूँ 
आदिल मंसूरी

I am in a strange fort beyond limits of time. 
I am a moment awaiting centuries of time. 

मिरे वजूद को परछाइयों ने तोड़ दिया 
मैं इक हिसार था तन्हाइयों ने तोड़ दिया 
फ़ाज़िल जमीली

Shadows broke down my stature as such. 
I was a fort broken by solitude very much. 

आ देख कि मेरे आँसुओं में 
ये किस का जमाल आ गया है
..... अदा जाफ़री..... 

In my tears, come and see. 
Whose beauty can it be.? 

उस हुस्न का शेवा है जब इश्क़ नज़र आए 
पर्दे में चले जाना शरमाए हुए रहना
..... मुनीर नियाज़ी..... 

It's a habit of beauty, when confronted with love. 
To conceal in veil, keep shy over and above. 

मदहोश ही रहा मैं जहान-ए-ख़राब में 
गूँधी गई थी क्या मिरी मिट्टी शराब से 
..... मुज़्तर ख़ैराबादी..... 

 In bad world,from drink I never escaped
Was my soil mixed with wine and shaped? 


Transcreated by Ravi Maun. 

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