Sunday 21 August 2022

REKHTA TODAY'S 5+1COUPLETS.. 21.8.22

महसूस हो रहा है कि मैं ख़ुद को सफ़र में हूँ।
जिस दिन से रेल पर मैं तुझे छोड़ने गया।
..... कैफ़ अहमद सिद्दीक़ी.....

It appears as if I, myself am on move.
The day I left you in railway to move.

कभी तो सर्द लगा दोपहर का सूरज भी। 
कभी बदन के लिए इक किरन ज़ियादा लगी।..... नसीम सहर.....

At times even midday sun appeared cool. 
One ray appeared too much
 for  body pool.

तुझसे ऐ ज़िन्दगी घबरा ही चले थे हम तो।
पर तशफ़्फ़ी है कि इक दुश्मन-ए-जाँ रखते हैं।..... क़लक़ मेरठी.....

O life! I was getting confused with you. 
But it was a solace to have a lover too.

मिरे अज़ीज़ ही मुझको समझ न पाए कभी। 
मैं अपना हाल किसी अजनबी से क्या कहता?..... एहतिशाम अख़्तर.....

My near ones could never understand me. 
What could there be for a stranger to see?

इस अंधेरे में चिराग़-ए-ख़्वाब की ख़्वाहिश नहीं।
ये भी कहा क्या कम है कि थोड़ी देर सो जाता हूँ मैं।.... ग़ुलामी हुसैन साजिद....

I don't desire to have a lamp of dream in this dark.
Isn't it enough for a while, I can sleep in the park.

दिल ही दिल में याँ मोहब्बत अपना घर करती रही। 
हम रहे ग़ाफ़िल वो सौ टुकड़े जिगर करती रही।..... मुसहफ़ी ग़ुलामी हमदानी.....

Love made a home in my heart here, so beautiful 
She sliced liver in a hundred parts, I was unmindful.

मरने की दुआएँ क्यूँ माँगूँ, जीने की तमन्ना कौन करे?
ये दुनिया हो या वो दुनिया अब ख़्वाहिश-ए-दुनिया कौन करे?
..... मोइन अहसन जज़्बी.....

Why should I pray for death, who should have living desire? 
Whether it's this world or that, who should for world, aspire?

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 22.2.22

मेहनत कर के हम तो आख़िर भूके भी 
सो जाएँगे।
या मौला तू बरकत रखना बच्चों की गुड़धानी में।
..... विकास पंडित मुसाफ़िर..... 

We'll be sleeping on empty stomachs even after toil. 
O Lord ! Keep my cooking pot for children on the boil. 

सब्र करना सख़्त मुश्किल है तड़पना सहल है। 
अपने बस का काम कर लेता हूँ आसाँ देख कर।..... यगाना चंगेज़ी..... 

It's easy to dither but very difficult to be content. 
Whatever is easy I perform 
and that's my intent. 

तू रुके या न रुके फ़ैसला तुझ पर छोड़ा। 
हमने दर खोल दिए हैं तिरी आसानी को। 
..... सादुल्ला शाह..... 

The decision is yours, whether or not you stay. 
I have opened the doors for your easy way. 

क्या उसी का नाम है रानाई-ए-बज़्म-ए-हयात? 
तंग कमरा, बंद बिस्तर और तन्हा आदमी।..... चंद्रभान ख़याल..... 

Is that how  beauty of assembly of life is known ? 
Tight room, packed clothes
and the man left alone. 

दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो। 
इस बात से हम को क्या मतलब ये कैसे हो ये क्यों कर हो?.... . इब्न-ए-इंशा..... 

Heart is having parting pang, it's better if nearby you sang. 
Well, what to me does it  mean, how and why has it been ? 

बता ऐ अब्र मुसावात क्यों नहीं करता? 
हमारे गाँव में बरसात क्यों नहीं करता? 
...... तहज़ीब हफ़ी..... 

O cloud ! Say, why not equality is maintained? 
In my village also, why have
not you rained? 

दुनिया ने हमें छोड़ा 'जज़्बी', हम छोड़ न दें क्यों दुनिया को। 
दुनिया को समझ कर बैठे हैं, अब दुनिया दुनिया कौन करे?
..... मोइन अहसन जज़्बी..... 

O'Jazbi'! World has left me alone, why not me too leave
 it alone? 
 World has come up in my mind, why the word world should I grind? 

Translated by Ravi Maun. 


REKHTA TODAY'S 5 +2 COUPLETS.. 23.8.22

गुल से लिपटी हुई तितली को गिरा कर देखो। 
आँधियो तुमने दरख़्तों को गिराया होगा। 
..... कैफ़ भोपाली..... 

Entwined with flower, could you shed a butterfly. 
Storms ! You have uprooted  trees, give it a try. 

ध्यान में उस के फ़ना हो कर कोई मुँह देख ले। 
दिल वोआईना नहीं जो हर कोई मुँह 
देख ले।..... जोशिश अज़ीमाबादी..... 

Get lost in his thoughts and then see the face. 
Heart is not that mirror where anyone can see face. 

इलाही क्या इलाक़ा है वो जब लेता है अंगड़ाई। 
मिरे सीने के सब ज़ख़्मों के टाँके टूट जाते हैं..... जुर'त क़लंदर बख़्श..... 

What's the reason O Lord!  When limbs she stretches. 
The wounds of my chest
 lose all their stitches. 

वही माबूद है' नाज़िम'जो है महबूब अपना। 
काम कुछ हम को न मस्जिद से न बुत-ख़ाने से। 
..... सैयद यूसुफ़ अली ख़ाँ नाज़िम..... 

O' Naazim' for me, only my lover is all in all. 
Neither in a mosque or temple is my footfall. 

बुलबुल से कहा गुल ने कर तर्क मुलाक़ातें। 
ग़ुंचे ने गिरह बाँधी जो गुल ने कही बातें। 
..... बक़ा- उल्लाह बक़ा..... 

Let's meetings curtail, said flower to nightingale. 
Bud listened with care and
 then refused to stare. 

न तसल्ली न तशफ़्फ़ी न दिलासा न वफ़ा। उम्र को काटें तिरे चाहने वाले क्यूँ नहीं कर?..... मिर्ज़ा असमन जह अंजुम..... 

Neither comfort nor consolation, nor hope to fulfill a promise.
Just tell us in which way can your lovers death dismiss ? 

REKHTA TODAY'S 5 +1 COUPLETS.. 25.8.22

थे हम तो ख़ुद-पसंद बहुत लेकिन इश्क़ में। 
अब है वही पसंद जो हो यार को पसंद। 
..... नज़ीर अकबराबादी..... 

I was self complacent but now in love. 
I love only what's liked by my love. 

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल जिंदगानी फिर कहाँ? 
ज़िन्दगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ?..... ख़्वाजा मीर दर्द..... 

Roam around the world O unmindful for life won't last. 
Even if this life lasts a little , youth will go very fast. 

दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है। 
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता।..... अहमद फ़राज़..... 

Heart is confident of  your craving tone. 
But is also afraid of  being
 left alone. 

तेरे दिए हुए दुख। 
तेरे नाम करेंगे।
..... बसिर सुल्तान काज़मी..... 

Griefs allotted by you.
Will be named for you. 

हमें अज़ीज़ हैं इन बस्तियों की दीवारें। 
कि जिनके साए भी दीवार बनते जाते हैं। 
..... किश्वर नाहीद..... 

Dear to me are these settlement walls. 
Even their shades 
become new walls. 

अभी कुछ और करिश्मे ग़ज़ल के देखते हैं।
 'फ़राज़' अब ज़रा लहजा बदल के देखते हैं।..... अहमद फ़राज़..... 

 Some more miracles of ghazal Iet's see.
'Faraz'!  Let's change the style and see. 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5+4 COUPLETS.. 26.8.22

और 'फ़राज़'  चाहिएँ कितनी मोहब्बतें तुझे। 
माओं ने तेरे नाम पर बच्चों के नाम रख लिए।..... अहमद फ़राज़..... 

O 'Faraz' how much love do you still need ? 
Mother's named their kids after you indeed. 

बहुत दिनों में कहीं हिज्र-ए-माह-ओ-साल के बाद। 
रुका हुआ है ज़माना तिरे विसाल के बाद 
..... सलीम कौसर..... 

After separation of months and years that have gone. 
World is still where you had left after meeting alone. 

नींद आएगी उसे कैसे भला शाम के बाद। 
रोटियाँ भी न मयस्सर हों जिसे काम के बाद।..... अज़हर इक़बाल..... 

After evening just tell  , how would he sleep ? 
When no bread is there after work, for upkeep . 

हिज्र के दिन तो हुए ख़त्म बड़ी धूम के साथ। 
वस्ल की रात ही क्यों मर्सिया-ख़ानी करें हम?..... सलीम सलीम..... 

Days of separation are over with pomp and show. 
Why should a sad music on meeting night flow? 

रौशन जमाल-ए-यार से  है अंजुमन तमाम। 
दहका हुआ है आतिश-ए-गुल से चमन तमाम।..... हसरत मोहानी..... 

Well lit is the gathering with  beloved's glow. 
Ignited is whole garden with flower's glow. 

दिल की दहलीज़ पे जब शाम का साया उतरा। 
उफ़ुक़-ए-दर्द से सीने में उजाला उतरा। 
..... हसन आबिदी..... 

On threshold of heart when did shadow of evening alight. 
From horizon of pain, on my chest, did light glow bright. 

जब भी दिल खोल के रोए होंगे ।
लोग आराम से सोए होंगे।... फ़राज़... 

Whenever you had cried all out. 
A peaceful sleep would be about. 

जब भी ज़मीर-ओ-ज़र्फ़ का सौदा हो दोस्तो। 
क़ायम रहो हुसैन के इंकार की तरह। 
..... अहमद फ़राज़..... 

When conscience 'n capacity are stuck at last. 
Like negation of Hussain, just keep steadfast. 

जी में जो आती है कर गुज़रो कहीं ऐसा न हो। 
कल पशेमाँ हों कि क्यूँ दिल का कहा माना नहीं।..... अहमद फ़राज़..... 

Do what you like, or  it may keep you apart. 
you may regret,why didn't I listen to  heart? 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 28.2.22

रास्ता पानी माँगता हे। 
अपने पाँव का छाला मार। 
..... फ़रहत एहसास..... 

The passage needs some water. 
Thrash blister, feed some
 water. 

दिल पर बर्फ़ की सिल रख देना नागन बन कर डस लेना। 
अपने लिए दोनों ही बराबर उजली हो या काली रात। 
..... अताउर-रहमान जमील..... 

Placing a lock of ice on heart, or to be bitten by a snake. 
Whether the night is dark or bright, to me it's same make. 

दिल पे इक ग़म की घटा छाई हुई थी कब से। 
आज जब उन से मिले टूट के बरसात हुई।..... मख़्मूर सईदी..... 

Since long a grief cloud was cast on heart. 
Meeting her today, it rained
 on every part. 

ऐ सनम वस्ल की तदबीरों से क्या होता
 है ? 
वही होता है जो मंज़ूर-ए-ख़ुदा होता है। 
..... मिर्ज़ा रज़ा बर्क़..... 

O lover, our meeting is no subject of whim. 
Only that happens which is approved by Him. 

हर आदमी में होते हैं दस बीस आदमी। जिस को भी देखना है कई बार देखना। 
..... निदा फ़ाज़ली..... 

There are many more men,within each man. 
While seeing anyone, 
at times  see the man. 

चले चलिए कि चलना ही दलील-ए-कामरानी है। 
जो थक कर बैठ जाते हैं उन्हें मंज़िल नहीं मिलती। ..... हफ़ीज़ बनारसी..... 

An evidence of success is to be on the move. 
Those who are tired 'n sit, goals don't approve. 

Translated by Ravi Maun 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 29.8.22

यही तशवीश शब-ओ-रोज़ है बंगाल में। 
लखनऊ फिर कभी दिखलाएँ मुक़द्दर मेरा।..... वाजिद अली शाह अख़्तर..... 

Day 'n night this alone is a matter of unease. 
Let fate show someday my Lucknow please ! 

कितने लहजों के ग़िलाफ़ों में छुपाऊँ तुझ को। 
शहर वाले मिरा मौजू-ए-सुख़न जानते हैं। 
..... मोहसिन नक़्वी..... 

In how many covers can I  conceal you in tone. 
City people know cover of  poetry so well alone. 

रंग बातें करें और बातों से ख़ुशबू आए। 
दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए। 
..... ज़िया जालंधरी..... 

Colours talk and through these fragrances emit. 
Pain is fragrant like flowers here when you sit. 

डरता हूँ आसमान से बिजली न गिर पड़े। 
सैयाद की निगाह सू-ए-आशियाँ नहीं। 
..... मोमिन ख़ान मोमिन..... 

I fear, a spark may not come from the sky. 
Captor isn't looking at garden, if so why? 

अहल-ए-दल ने कभी मख़लूत हुकूमत न बनाई। 
अक़्ल वालों ने भी बे-शर्त हिमायत नहीं की।..... फ़रहत अहसास..... 

Loving people never made different governments here. 
The wise never extended
 help without conditions here. 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 +1 COUPLETS.. 29.8.22

हम नींद की चादर में लिपटे हुए चलते है। 
इस भेस में अब हम से मिलना हो तो आ जाना..... वारिस किरमानी..... 

We walk while covered by the sleep sheet. 
Come if you are want in this state, to meet. 

हम अजनबी हैं आज भी अपने दयार में। 
हर एक पूछता है यही तुम यहाँ कहाँ? 

We are strangers even today in our own place. 
Every one asks why you are here on face ? 

नज़रों की तशफ़्फ़ी का भी कर दे कोई सामान। 
दिल के तो बहलने को तिरा नाम बहुत है।..... वफ़ा शाहजहाँपुरी..... 

Make some arrangement for solace of eye. 
Your name is enough for heart to pacify. 

रात है चाँद है सितारे हैं। 
बे-सहारों के सौ सहारे हैं। 
..... पंडित विद्या रत्न असि..... 

There are stars, night and moon. 
For helpless, hundred helps soon. 

जिन के होटों पे हँसी पाँव में छाले होंगे। 
हाँ वही लोग तुम्हें चाहने वाले सभी होंगे। 
..... परवाज़ जालंधरी..... 

Those who have smile on lips and blisters on feet. 
Yes, such persons must be on your desired sheet. 

आती है नज़र उस में इख़्लास की हर सूरत। 
आईना है आईना इंसान मोहब्बत का।..... अबू ज़ाहिद सैयद याहिया हुसैनी क़द्र..... 

Loyalty is evident in the it's each face. 
Mirror is mirror, human love's trace. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS..3 I. 8.22

यूँ तो अपनों सा कुछ नहीं उस में। 
फिर भी ग़ैरों से कुछ अलग सा है। 
..... प्रकाश फ़िक्र..... 

There's nothing in him like my own. 
But he is different from rival clone. 

ख़ुद-कुश जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है। 
इसलिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है।..... इबरत सिद्दीक़ी..... 

Scuicide is a crime and an insult to solace. 
So in love, you live by death 
at slow pace. 

तौक़ीर अंधेरों की बढ़ा दी गई शायद। 
इक शम'अ जो रौशन थी बुझा दी गई शायद।..... एहतराम इस्लाम..... 

Probably reverence to darkness is on the rise. 
Probably a lit lamp is extinguished in premise. 

ऐ वाले-इंक़लाब ज़माने के जौर से।
दिल्ली' ज़फ़र' के हाथ से पल में निकल गई।..... बहादुर शाह ज़फ़र..... 

  Alas O revolution ! Due to the tyranny of fate. 
 Delhi slipped from 'Zafar' s hands of late. 

जो चुप-चाप दहती थी दीवार पर। 
वो तस्वीर बातें बनाने लगी। 
..... आदिल मंसूरी..... 

What was silently bound with the wall stock. 
That portrait has suddenly begun to talk. 

जहाँ में ज़र का है कारख़ाना न कोई अपना न है यगाना। 
तलाश-ए-दौलत में है ज़माना ख़ुदा ही हाफ़िज़ है मुफ़लिसी का।
.....जोर्ज पेश शोर..... 

There's no manufacturing unit of wealth, none who is unique or it's own. 
In it's search is world as a whole, may God save poverty before it's gone. 

मिरी जुस्तजू का हासिल मिरा शौक़-ए-वालिहाना।
मिरी आरज़ू की मंज़िल न चमन न आशियाना।..... नाज़ मुरादाबादी..... 

Desperate love is the goal for which I roam. 
Where I long to be, is neither garden nor home. 

Translated by Ravi Maun. 








REKHTA TODAY'S 5+2 COUPLETS..3 I. 8.22

यूँ तो अपनों सा कुछ नहीं उस में। 
फिर भी ग़ैरों से कुछ अलग सा है। 
..... प्रकाश फ़िक्री..... 

There's nothing in him like my own. 
But he is different from rival clone. 

ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है। 
इसलिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है।..... इबरत सिद्दीक़ी..... 

Scuicide is a crime and an insult to solace. 
So in love, you live by death 
at slow pace. 

तौक़ीर अंधेरों की बढ़ा दी गई शायद। 
इक शम'अ जो रौशन थी बुझा दी गई शायद।..... एहतराम इस्लाम..... 

Probably reverence to darkness is on the rise. 
Probably a lit lamp is extinguished in premise. 

ऐ वाए-इंक़लाब ज़माने के जौर से।
दिल्ली' ज़फ़र' के हाथ से पल में निकल गई।..... बहादुर शाह ज़फ़र..... 

  Alas O revolution ! Due to the tyranny of fate. 
 Delhi slipped from 'Zafar' s hands of late. 

जो चुप-चाप दहती थी दीवार पर। 
वो तस्वीर बातें बनाने लगी। 
..... आदिल मंसूरी..... 

What was silently bound with the wall stock. 
That portrait has suddenly begun to talk. 

जहाँ में ज़र का है कारख़ाना न कोई अपना न है यगाना। 
तलाश-ए-दौलत में है ज़माना ख़ुदा ही हाफ़िज़ है मुफ़लिसी का।
.....जोर्ज पेश शोर..... 

There's no manufacturing unit of wealth, none who is unique or it's own. 
In it's search is world as a whole, may God save poverty before it's gone. 

मिरी जुस्तजू का हासिल मिरा शौक़-ए-वालिहाना।
मिरी आरज़ू की मंज़िल न चमन न आशियाना।..... नाज़ मुरादाबादी..... 

Desperate love is the goal for which I roam. 
Where I long to be, is neither garden nor home. 

Translated by Ravi Maun. 








REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS..3 I. 8.22

यूँ तो अपनों सा कुछ नहीं उस में। 
फिर भी ग़ैरों से कुछ अलग सा है। 
..... प्रकाश फ़िक्री..... 

There's nothing in him like my own. 
But he is different from rival clone. 

ख़ुद-कुश जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है। 
इसलिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है।..... इबरत सिद्दीक़ी..... 

Scuicide is a crime and an insult to solace. 
So in love, you live by death 
at slow pace. 

तौक़ीर अंधेरों की बढ़ा दी गई शायद। 
इक शम'अ जो रौशन थी बुझा दी गई शायद।..... एहतराम इस्लाम..... 

Probably reverence to darkness is on the rise. 
Probably a lit lamp is extinguished in premise. 

ऐ वाए-इंक़लाब ज़माने के जौर से।
दिल्ली' ज़फ़र' के हाथ से पल में निकल गई।..... बहादुर शाह ज़फ़र..... 

  Alas O revolution ! Due to the tyranny of fate. 
 Delhi slipped from 'Zafar' s hands of late. 

जो चुप-चाप दहती थी दीवार पर। 
वो तस्वीर बातें बनाने लगी। 
..... आदिल मंसूरी..... 

What was silently bound with the wall stock. 
That portrait has suddenly begun to talk. 

जहाँ में ज़र का है कारख़ाना न कोई अपना न है यगाना। 
तलाश-ए-दौलत में है ज़माना ख़ुदा ही हाफ़िज़ है मुफ़लिसी का।
.....जोर्ज पेश शोर..... 

There's no manufacturing unit of wealth, none who is unique or it's own. 
In it's search is world as a whole, may God save poverty before it's gone. 

मिरी जुस्तजू का हासिल मिरा शौक़-ए-वालिहाना।
मिरी आरज़ू की मंज़िल न चमन न आशियाना।..... नाज़ मुरादाबादी..... 

Desperate love is the goal for which I roam. 
Where I long to be, is neither garden nor home. 

Translated by Ravi Maun. 


REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 1.9.22

 एक जैसे लग रहे हैं अब सभी चेहरे मुझे।
होश की ये इंतिहा है या बहुत नश्शे में हूँ। 
..... भारत भूषण पंत..... 

Now all the faces are appearing similar to me. 
Either very conscious
 or is inebriation in me. 

फूल  गुल शम्स-ओ-क़मर सारे ही थे। 
पर  हमें उन में  तुम्हीं भाए बहुत। 
..... मीर तक़ी मीर..... 

Light flowers, moon and sun were all there. 
But to me you were attractive of all there. 

इस घर की सारी दीवारें शीशे की हैं। 
लेकिन इस घर का मालिक ख़ुद इक पत्थर है।
..... रसा चुग़्ताई..... 

All walls of this house are made of glass. 
But it's owner is himself a stone in class. 

उफ़क़ के आख़िरी मंज़र पे जगमगाऊँ मैं 
हिसार-ए-ज़ात से निकलूँ तो ख़ुद को पाऊँ मैं।..... कबीर अजमल..... 

I 'll dazzle on horizon, it's last stretch. 
Getting out of me, can the self
 I fetch. 

आशिक़ का ख़त है पढ़ना ज़रा देख भाल के। 
काग़ज़ पे रग दिया है कलेजा निकाल के।..... लाला रखा राम बर्क़..... 

It's letter of a lover, read
 it with great care. 
Put heart on paper, kept nothing to spare. 

Translated by Ravi Maun. 

REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 2.9.22

बदन के दोनों किनारों से जल रहा हूँ मैं। 
कि छू रहा हूँ तुझे और पिघल रहा हूँ मैं 
..... इरफ़ान सिद्दीक़ी..... 

From both sides of the body I am on fire. 
I am touching you and melting in entire. 

तुम तकल्लुफ़ को भी इख़लास समझते हो 'फ़राज़'। 
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला। 

'Faraz' you think, formality 
is sincerity as well. 
All those who shake hands aren't friends as well. 

यूँ ज़िन्दगी गुज़ार रहा हूँ तिरे बग़ैर। 
जैसे कोई गुनाह किए जा रहा हूँ मैं। 
..... जिगर मुरादाबादी..... 
I am passing the life without you this way. 
As if I am committing some
 sin every day. 

मैं तो चलता हूँ तेरी याद के साथ। 
रास्ता मेरे साथ चलता है। 
..... लतीफ़ साहिल..... 

I go on your memory way. 
Path goes with me, people say. 

मैं शर की शरारत से तो होशियार हूँ लेकिन। 
अल्लाह बचाए तो बचूँ ख़ैर के शर से। 
..... पिन्हाँ..... 

I am careful about naughtiness of evil this far. 
But can be saved by wellbeing only by God's bar. 

ब-क़द्र-ए-पैमाना-ए-तख़य्युल सुरूर हर दिल में है ख़ुदी का। 
अगर न हो ये फ़रेब-ए-पैहम तो दम निकल जाए आदमी का। 
..... जमील मज़हरी..... 

Equal to measure of winepot imagination, is joy of pride in us all. 
But for this constant deception, the capacity to breathe will go for all. 

Translated by Ravi Maun. 











REKHTA TODAY'S 5 COUPLETS.. 2.9.22

बदन के दोनों किनारों से जल रहा हूँ मैं। 
कि छू रहा हूँ तुझे और पिघल रहा हूँ मैं 
..... इरफ़ान सिद्दीक़ी..... 

From both sides of the body I am on fire. 
I am touching you and melting in entire. 

तुम तकल्लुफ़ को भी इख़लास समझते हो 'फ़राज़'। 
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला। 

'Faraz' you think, formality 
is sincerity as well. 
All those who shake hands aren't friends as well. 

यूँ ज़िन्दगी गुज़ार रहा हूँ तिरे बग़ैर। 
जैसे कोई गुनाह किए जा रहा हूँ मैं। 
..... जिगर मुरादाबादी..... 
I am passing the life without you this way. 
As if I am committing some
 sin every day. 

मैं तो चलता हूँ तेरी याद के साथ। 
रास्ता मेरे साथ चलता है। 
..... लतीफ़ साहिल..... 

I go on your memory way. 
Path goes with me, people say. 

मैं शर की शरारत से तो होशियार हूँ लेकिन। 
अल्लाह बचाए तो बचूँ ख़ैर के शर से। 
..... पिन्हाँ..... 

I am careful about naughtiness of evil this far. 
But can be saved by wellbeing only by God's bar. 

ब-क़द्र-ए-पैमाना-ए-तख़य्युल सुरूर हर दिल में है ख़ुदी का। 
अगर न हो ये फ़रेब-ए-पैहम तो दम निकल जाए आदमी का। 
..... जमील मज़हरी..... 

Equal to measure of winepot imagination, is joy of pride in us all. 
But for this constant deception, the capacity to breathe will go for all. 

Translated by Ravi Maun. 












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