Friday, 21 January 2022

DIFFERENT POETS DIFFERENT COUPLETS 63

उफ़ री शबनम ! इस क़दर नादानियाँ।
मोतियों को घास पर फैला दिया। 
.......... आग़ा शायर देहलवी..........

O dew ! It is prank of a child.
Pearls scattered on grass in wild.

फ़ानूस बन के जिस की हिफ़ाज़त हवा करे। 
वो शम'अ क्या बुझे जिसे रौशन ख़ुदा करे। 

Being a lantern, that's  protected by wind on it's own accord. 
How can that lamp extinguish which is protected by the Lord. 

जताते रहते हैं ये हादसे ज़माने के। 
कि तिनके फिर से जम'अ करें आशियाने के।..... साइल देहलवी..... 

Calamities of the world keep reminding me anew. 
To gather straws for the nest again, as wind blew. 


ख़लवत-सरा-ए-यार में पहुँचेगा कोई क्या 
वो बंद-ओ-बस्त है कि हवा का गुज़र नहीं।...  आग़ा हज्जू शरफ़..... 

In the friend 's solitude how can anyone reach. Arrangement is such that it's beyond wind' s reach. 

दिलों में दर्द का इम्कान भी ज़्यादा नहीं। वो सब्र है अभी नुकसान भी ज़्यादा नहीं। 
..... विपुल कुमार.... 

The possibility of pain in hearts isn't much. 
The patience is that the loss isn't much. 


ख़बर मुझ को नहीं मैं जिस्म हूँ या कोई 
साया हूँ। 
ज़रा इस की वजाहत धूप की चादर पे लिख देना। 
..... फ़ज़ा इब्न-ए-फ़ैज़ी..... 

I don't know whether I am a body or a shade, it's fun
Please write my existential detail on the carpet of sun

कभी तो मिस्ल-ए-गुल मुझे मिसाल-ए-ख़ार चाहिए। 
कभी मिज़ाज-ए-मेहरबाँ वफ़ा-शआर चाहिए।..... तनवीर अंजुम..... 

 At times, I want the thorns to behahe like flowers to me. 
At times I like the mood of benefactor to be sincere to me.

इफ़्शा-ए-राज़-ए-इश्क़ में गो ज़िल्लतें हुईं। लेकिन उसे जता तो दिया जान तो गया। 
..... दाग़ देहलवी..... 

In exposing love secrets, there was disgrace. 
But I could tell her 'n know about, face to face. 

डर तो मुझे किस का है कि मैं कुछ नहीं कहता। 
पर हाल ये इफ़्शा है कि मैं कुछ नहीं कहता।..... मोमिन ख़ान मोमिन..... 

I fear none that I say nothing. 
State is revealed that I say nothing. 
 

की है कोई हसीन ख़ता हर ख़ता के साथ। थोड़ा सा प्यार भी मुझे देदो सज़ा के साथ।..... कैफ़ी आज़मी..... 

I have committed a beautiful flaw, with each flaw. 
Give me some love  with  punishment that you draw. 

ने दिल को है सबात न हम को है ए'तिबार। 
किस बात पर चमन हवस-ए-रंग-ओ-बू करें ?..... ख़्वाजा मीर दर्द..... 

Neither heart has stability nor I have the belief. 
How can gardens lust for colour' n fragrance fief ? 

तुम्हारी याद में डूबे कहाँ कहाँ से गए। 
हम अपने आप से बिछड़े तो सब जहाँ से गए।..... सादिक़ा नवाब सहर..... 

Submerged in your memories, 
I went from place to place. 
Departing with myself, with whole world I lost trace. 

न जाने आह कि उन आँसुओं पे क्या गुज़री ? 
जो दिल से आँख तक आए मिज़ाँ तक आ न सके। 

I just do not know the fate of that particular tear. 
Came from heart to eye but on eyelashes didn't appear. 

आख़िर तड़प तड़प के वो ख़ामोश हो गया। 
दिल को सुकून आ ही गया इज़्तेराब में। 
..... साहिर होशियारपुरी..... 

Agitated, finally did it silence attain. 
Heart got peace in this restless campaign. 

बढ़ी जो हद से तो सारे तिलिस्म तोड़ गई। वो ख़ुश-दिली जो दिलों को दिलों से जोड़ गई।..... मजीद अमजद..... 

Growing beyond limit, it broke magical spell. 
Liveliness that could the hearts well gel. 

I don't know what on those rolling tears did pass ? 
Who came from heart to eyes, but lashes couldn't cross. 

न जाने क्या कहा था डूबने वाले ने लहरों से। 
कि लहरें अब तलक सर मारती फिरती हैं साहिल से। 
I don't know what did drowning man say to the waves ? 
Till now banging their heads against shore are waves. 

दिलबरी जज़्ब-ए-मोहब्बत का करिश्मा है फ़क़त। 
कुछ करामात नहीं जादू नहीं एजाज नहीं।..... इस्माइल मेरठी..... 

Loveliness is just a divine deed of love. 
No greatness, magic, or direction from above. 

तस्वीर-ए-ज़िन्दगी में नया रंग भर गए। 
वो हादसे जो दिल पे हमारे गुज़र गए। 
..... महेश चंद्र नक़्श..... 

They painted with new colours the picture of my life. 
Those calamities that passed over my heart in life. 

दामन-ए-यार से जा लिपटे हमारे आँसू। 
गिर के इस तरह सँभलते हैं सँभलने वाले। 

Embraced lover's hem, when my tears leaked.
 This is how those who had fallen, peaked. 

तू मिला है तो ये अहसास हुआ है मुझ को। 
कि मेरी उम्र मोहब्बत के लिए थोड़ी। है। 
इक ज़रा सा ग़म-ए-दौराँ का भी हक़ है मुझ पर। 
मैंने वो साँस भी तेरे लिए रख छोड़ी हे। 

I realise now, after meeting you pal. 
This life for love is far too small. 
Claim of pain of world exists. 
I have spared those breaths for you in all. 

घर बार छोड़ कर वो फ़क़ीरों से जा मिले। चाहत ने बादशाहों को महकूम कर दिया। 
..... अंजुम बारहबंकवी..... 

Leaving home, he joined mendicants on their way. 
His longing subdued the emperors, kept at bay. 

मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है ? 
ये ज़िन्दगी की है सूरत तो ज़िन्दगी 
क्या है ?..... अहसन मारहरवी..... 

I don't know what's pleasure and what's pain ? 
If that's the kind of life, what's left to remain ? 

अपना नहीं ये शेबा कि आराम से बैठें। 
उस दर पे नहीं बाट तो काबे ही को हो आए।................ ग़ालिब..............

It is not within my habit to relax and sit. 
Went to Kaaba as her door wasn't open a bit.

दिल ये कहता थाकि सीने में छुपा लूँ उसको। 
शौक़ कहता था कि आँखों में बसा लूँ उसको। 

Heart wanted to hold her in an embrace. 
Desire wanted her in eyes, out of trace. 

इक ज़ख़्म था जो वक़्त के हाथों से भर गया। 
क्या पूछते हैं आप किसी मेहरबाँ की बात

It was a wound, got filled with time. 
Why want me to tell benefactor 's crime.

ऐ सबा ! लाल-ए-कमज़र्फ़ से इतना कह दे।
दिल की तौहीन है दाग़ों का नुमाया होना ।

Say to daffodils, a spotted beauty when seen.
Tell O breeze ! Showing spots of heart is mean.

खिल के गुल कुछ तो बहार - जाँ फ़िज़ाँ दिखला गए।
हसरत तो उन ग़ुन्चों पे है जो बिन खिले मुरझा गए ।......... ज़ौक़..........

I share their pleasure when flowers bloom. 
Dying buds dent my heart with gloom. 

कल न हो ये कि मकीनों को तरस जाए ये घर ।
दिल के आसेब का हर एक से चर्चा न करो ।............. बशीर बद्र...........

This house may long for anyone at all. 
Don't share troubles of the heart with all.

 गर्दिश-ए-वक़्त भी आगे हमें ले जा न स्की।
तुम जहाँ छोड़ गए थे मैं वहीं हूँ अब तक।
........ आल-ए-अहमद सुरूर..........

The whorls of time could no movement instil. 
Where you had left me, I am rooted still.

जिस ज़ख़्म की हो सकती हो तदबीर रफ़ू की। 
लिख दीजियो यारब ! उसे क़िस्मत में उदू की।

A wound worth mending is not for me. 
It's for rival's fate, give it to thee.

जब कभी कोई मोहब्बत की क़सम खाता है। 
काँप उठता हूँ कहीं मुझ सा ही अंजाम न हो। 

When ever one takes a pledge in love-set.
He may meet my fate,so I tremble yet.

ख़याल तक न किया अहल-ए-अंजुमन ने कभी।
तमाम रात जली शम'अ अंजुमन के लिए। 
Those who gathered at night didn't care at all. 
For the candle that burnt all night in the hall. 

वही ख़त कि जिस पे जगह जगह दो महकते होठों के चाँद थे।
किसी भूले बिसरे से ताक़ पर तह-ए-गर्द होगा दबा हुआ।..... बशीर बद्र.......

That letter which at several places bore imprints of fragrant lips in lust.
Now on a forgotten wooden plank,is lying buried in soot and dust. 

आज हम सब एक बेहतर ज़िन्दगी की दौड़ में।
कैसे कैसे ख़्वाब क़ब्रों में सुलाने आए हैं।
................ बशीर बद्र.............

In the pursuit of a better life today. 
Dreams in grave, we have come to lay.

काँटों की ज़बाँ सूख गई प्यास से यारब।
इक आबला-पा वादी-ए-पुरख़ार में आए।
.................. ग़ालिब...............

O God ! Dried and thirsty are the tongues of thorns.
Let a blister footed man come in valley of thorns. 

ज़िन्दगी कम पढ़े परदेसी का ख़त है 'इबरत'।
ये किसी तरह पढ़ा जाए न समझा जाए। 
......... इबरत मछलीशहरी..........

O 'Ibrat' life is a letter from foreigner less literate.
Neither you can read nor understand it, O mate !

वो जब्र भी देखा है तारीख़ की नज़रों ने। 
लम्हों ने ख़ता की थी सदियों ने सज़ा पाई।....... मुज़फ़्फ़र राज़्मी........

Such oppression time has seen, can say. 
For fault of moments, centuries had to pay. 

हैं ख़ुश तो फिर मुसाफ़िर - ए-दुनिया नहीं हैं आप।
इस दश्त में बस आबलापाई है, रोइए।
............... अब्बास क़मर............

If happy, with this world you do not tie. 
In this jungle there are blistered feet that cry.

छुप जाएँ कहीं आ कि बहुत तेज़ है बारिश।
ये तेरे मेरे जिस्म तो मिट्टी से बने हैं। 
............ सबा इकराम...........

Let us shield to discard, it is raining so hard. 
Our bodies are made of clay,in water they can't stay.

ये देख कर तिरे रुख़सार-ओ-लब यक़ीं आया।
कि फूल खिलते हैं गुलज़ार के अलावा भी।......... अहमद फ़राज़............

Seeing your lips and cheeks made my view harden. 
That flowers can also bloom away from the garden.

'खुसरो' बाजी प्रेम की खेलूँ पिय के संग। 
मैं जीती तो पिय मेरे हारी तो पिय संग।

'Khusro' I 'll play with lover, knowing it's love game.
If I win he is mine, if he wins he shall claim.

' खुसरो' दरिया प्रेम का उल्टी बा की धार
जो उतरा डूबा वही जो डूबा सो पार ।

O' Khusro'! It is sream of love, it has reverse flow.
One who crossed got drowned, one who drowned could go

आशिक़ में बहुत ज़रूरी है। 
बेवफ़ाई कभी-कभी कर ली।.. बशीर बद्र

In love, it's so much a need in prime. 
To be disloyal from time to time.

मैं इस ख़याल से उस के क़रीब आया था। कि दूसरों की तरह वो भी बेवफ़ा होगा। 
............... बशीर बद्र...............

I came near her with the thought in mind. 
Like others, she'd be disloyal of a kind.

मैं घर से जब चला तो किवाड़ों कीओट में। 
नर्गिस के फूल चाँद की बाहों में छुप गए।
............... बशीर बद्र................

When I was leaving home just behind the door. 
Moon arms covered daffodil flowers once more. 

उन की आँखों को ग़ौर से देखो।
मंदिरों में चिराग़ जलते हैं। 

Look at her ryes with care. 
In temples, some lamps flair. 

वो सबहके सामने बाहों में आ के खो जाना। 
फरिश्तों जैसी ये मासूमियत हवस की नहीं।............... बशीर बद्र……....... 

Getting lost in my arms in presence of all. 
This angelic innocence is no lust call. 

इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद। 
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता। 
....... अकबर इलाहाबादी........ 

Love is simply so delicate. 
It can't bear knowledge weight. 

चमकती है कहीं सदियों में आँसुओं से ज़मीं ।
ग़ज़ल के शे'र कहाँ रोज़ रोज़ होते हैं। 
................ बशीर बद्र.............. 

With tears of centuries when the earth can glow. 
It is not daily that ghazal couplets can flow. 

सच कहा था ये किसी दोस्त ने मुझ से 
' सीमाब'। 
अमन हो जाएगा गर मुल्क में अख़बार न हो।........ सीमाब अकबराबादी........ 

O 'Seemab' our friend gave a true narration. 
Without newspaper, there will be peace in nation. 

अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिस ने भी मोहब्बत की। 
मरने की दुआ माँगी जीने की सज़ा पाई ।
............. नुशूर वाहिदी........... 

Who ever was sincere in love reached this end. 
He prayed for death, suffering life till end. 

हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं। 
दिल हमेशा उदास रहता है।.. बशीर बद्र.. 

At times I laugh, am glad. 
The heart is always sad. 

'अख़्तर ' गुज़रते लम्हों की आहट पे यूँ न चौंक। 
इस मातमी जुलूस में इक ज़िन्दगी भी है। 
....... अख़्तर होशियारपुरी......... 

Don't get startled by sound of moments going by. 
'Akhtar' this mourning mob, life joins on a high. 

रहता है इबादत में हमें जान का ख़तरा। 
हम याद-ए-ख़ुदा करते हैं करले न ख़ुदा याद। 

There's a risk of life in prayer, when you chant His name. 
It's O. K. but what happens, if He takes your name. 

बगूले किस तरह उठते हैं उठ कर फैल जाते हैं। 
ये कह कह कर उड़ाई ख़ाक उस ने मेरी तुर्बत की।......... नूह नारवी........ 

 Saying how dust storms rise,  spread on the way. 
With wind, dust of my grave, she let go astray. 

वफ़ा करेंगे, निबाहेंगे, बात मानेंगे। 
तुम्हें भी याद है कुछ ये कलाम किस का था  ?....... दाग़ देहलवी.........

. I shall be loyal, agree for life, and shall stay. 
Do you recollect who could these words say. 

मसरूफ़ कर लिया मुझे उस के ख़याल ने। 
जा ऐ अजल कि मरने की फ़ुरसत नहीं मुझे।......... जलील........ 

I am so busy with her thoughts held high. 
O death ! You go, I have no desire to die. 

हमारे शीशा-ए-दिल को संभल कर हाथ में लेना। 
नज़ाकत इस में इतनी है नज़र से जब गिरा टूटा। 

  Handle with care my glass of heart, it's light. 
So delicate, will break if it is  out of sight. 

दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ़ तो हुई। 
लेकिन तमाम उम्र का आराम हो गया। 
............. सफ़ी लखनवी.......... 

With heartbreak was some discomfort. 
But it has given lifetime comfort. 

मैंने दिन-रात ख़ुदा से ये दुआ माँगी थी। कोई आहट न हो दर पर मिरे जब तू आए........... बशीर बद्र.......... 

Day and night before God I had prayed. 
No footfall on door, while you stayed. 

ठहर जा ऐ क़ज़ा आता है वो मेरी अयादत को। 
दम-ए-आख़िर तो मिल लेने दे मुझ को उस सितमगर से।
...... .. हमदम अकबराबादी.......... 

O death ! Wait a while, she comes to ask if I am well. 
Let me know what tyrannical lover wants to spell. 

रहा ख़्वाब में उन से शब भर विसाल।
 मेरे बख़्त जागे मैं सोया किया ।
......... अमीर मीनाई........ 

I met her in dreams for the whole night.
 My fate was awake while I slept tight. 

   आँचल दुपट्टे का रुख़-ए- अनवर पे तान कर ।
देते हैं मुझे शर्बत-ए- दीदार छान कर ।
............ दाग़ देहलवी......... 

Using one end of scarf to cover her glowing face.. 
She serves filtered syrup of her looks with grace. 





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