Tuesday 18 January 2022

SEVERAL POETS SEVERAL COUPLETS....43......

हमीं जब न होंगे तो क्या रंग-ए-महफ़िल ?
किसे देख कर आप शर्माइयेगा ?

What colour of gathering can be without me ?
To reveal that shyness, whom will you see ?

रोज़ अच्छे नहीं लगते आँसू। 
ख़ास मौक़ों पे मज़ा देते हैं। 
........ मोहम्मद अल्वी.......

None likes, when daily tears show. 
At special times their pleasures glow. 

ज़ब्त - ए-गिरिया कभी करता हूँ तो फरमाते हैं।
आज क्या बात है बरसात नहीं होती है। 
........ हफ़ीज़ जालंधरी....... 

When I don't cry, she says twinkling the eye. 
It isn't raining today, can you tell me why ?

न उदास हो न मलाल कर, किसी बात का न ख़याल कर।
कई साल बाद मिले हैं हम, मिरी शाम तेरे ही नाम है।.... बशीर बद्र....

Don't be sad, don't repent so bad, don't care about something we had had. 
After many a year, we have come so near,let this eve' be spent with you dear.

मैं तमाम दिन का थका हुआ तू तमाम शब का जगा हुआ। 
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ।...... बशीर बद्र.....

I am tired working all the day, you were awake the night away.
Let us now wait on the way, to pass this eve'with you today.

अभी इस तरफ़ न निगाह कर मैं ग़ज़ल की पलकें सँवार लूँ। 
मेरा लफ़्ज़ लफ़्ज़ हो आईना तुझे आईने में उतार लूँ।....... बशीर बद्र...... ....

Don't look this way O my dear, ghazal lashes let me clear.
Let each word a mirror be, where I can store you with glee.

हज़ारों शे'र मेरे सो गए काग़ज़ की क़ब्रों में। 
अजब माँ हूँ कोई बच्चा मिरा ज़िंदा नहीं रहता।....... बशीर बद्र..... 

Thousands of my couplets slept in papery graves. 
A strange mother whose children aren't life' s slaves. 

जिसे ले गई है अभी हवा वो वरक़ है दिल की किताब का ।
कहीं आँसुओं से मिटा हुआ कहीं आँसुओं से लिखा हुआ ।... बशीर बद्र..... 

What has just been swept with wind, is a leaf from book of heart. 
Washed with tears at some place,written with tears from the start. 

चमन-ज़ार-ए-मोहब्बत में ख़ामोशी मौत है बुलबुल। 
यहाँ की ज़िंदगी पाबंदी - ए-रस्म-फ़ुगाँ तक है।........ इक़बाल........ 

O nightingale in the garden of love, silence is but death. 
Here life is just a ritual of crying with each breath. 

क्यूँ अपनी जान के पीछे पड़े हो परवाने 
ये शम'अ रोज़ जलाई बुझाई जाती है। 

O moth! why for losing life do you fight ?. 
This candle is ignited' n put out every night. 

दो तेज़ हवाएँ तो बुनियाद हैं तूफ़ाँ की। 
या तुम न हसीं होते या मैं न जवाँ होता। 

Two strong winds do just a storm make. 
If you weren't a beauty or I so young to take. 

बर्बाद न कर ज़ालिम ठोकर से मज़ारों को
ये शहर-ए-ख़मोशाँ है मर मर के बसाया है। 

O brute, using boot, don't graves spread. 
It's a silent city, inhabited by the dead. 

उनकी फ़ुरकत में भी रफ़्तार-ए-ज़माना है वही। 
शाम होती है शब आती है सहर होती है। 
........ रईस अमरोहवी....... 

Even after parting, world speed remained same. 
Eve' left, then night and then morn' came. 

मिलें न फूल तो तुर्बत पे मेरी हँस देना। 
सुना है फूल बरसते हैं मुस्कराने में। 

If flowers aren't there, on grave just smile. 
It's heard that flowers shower on smile. 

चंद परछाइयां बैठी हैं थकी हारी हुई। 
कितना आबाद है हर शहर मिरे दिल के सिवा। 

Several shadows are seated in exhausted state.
 Each city is inhabited but for heart O mate. 

दिल एक आईना है इक रोज़ ये टूटेगा ज़रूर। 
एक झंकार सी महफ़िल में समा जाएगी। 

Heart is a mirror, will break one day. 
A jingle in  gathering awhile 'll stay. 

सोने वालों को क्या ख़बर ऐ रिंद। 
क्या हुआ एक शब में क्या न हुआ ? 
.......... साक़िब लखनवी...... 

O drunkard ! Those who slept weren't aware. 
What happened in a night, what wasn't there. 

रोज़ पीते हैं सुबूही की अदा कर के नमाज़। 
फ़र्क आ जाए तो पाबंदी-ए-औक़ात ही क्या ?......... दाग़ देहलवी........ 

I drink daily after cold morning prayer. 
No difference in the pattern is there. 

हुआ है चार सिजदों पर ये दावा ज़ाहिद तुम को। 
ख़ुदा ने क्या तुम्हारे हाथ जन्नत बेच डाली है ?......... दाग़ देहलवी....... 

With four bowings O priests you lay such claim. 
As if God sold heaven to you, in your name. 

है नमाज़ उन ज़ाहिदों की ज़ौफ़-ए-ईमाँ की दलील। 
सामने अल्लाह के जाते हैं उठते बैठते। 
........... अमीर मीनाई......... 

Prayer by these priest's is a defective pious claim. 
They go before Lord sitting, standing in his name. 

शैख़ ने मस्जिद बना मिस्मार बुतख़ाना किया। 
पहले इक सूरत तो थी अब साफ़ वीराना किया।........ नसीम....... 

Razing temple, a mosque was raised by priest. 
It's desert, earlier there was a face at least. 

ख़िलाफ़ - ए-शरह कभी शैख़ थूकता भी नहीं। 
मगर अंधेरे उजाले में चूकता भी नहीं। 
...... अकबर इलाहाबादी...... 

Against Qoran, priest does not even spit. 
But in light and dark, he doesn't spare a bit. 

छिपा कर बहुत पी है मस्जिद में वाइज़। 
ये ज़र्फ़-ए- वज़ू सब खंगाले हुए हैं। 
....... रियाज़ ख़ैराबादी....... 

Hidden in mosque has drunken the priest. 
These ablution pots are cleansed at least. 

शैख़ हो या बिरहमन माबूद है सब का वही। 
एक है दोनों की मंज़िल फेर है कुछ राह का।...... अज्ञात..... 

Whether priest is Hindu or Muslim, same is the God. 
There goal is  same, through different paths they trod. 

दहर की तहक़ीर कर इतनी न ऐ शैख़-ए-हरम।
आज काबा बन गया कल तक यही बुतख़ाना था।..... अमीर मीनाई..... 

Don't insult the temple much O Islamic priest. 
Where Kaaba stands, was a temple at least. 

लड़ते हैं जा के बाहर ये शैख़ और बिरहमन। 
पीते हैं मयकदे में साग़र बदल बदल कर। 
........ साइल देहलवी....... 

 Outside Hindu Muslim priest's fight a lot. 
Inside  tavern they exchange drinking pot. 

शायद इसी का नाम मोहब्बत है 'शेफ़्ता'। 
इक आग सी है सीने के अंदर लगी हुई। 

O'Shefta' probably it's called love by name. 
Inside the chest, there's a constant flame. 

बे-कैफ़ जवानी है बे-दर्द ज़माना है। 
नाकाम-ए-मोहब्बत का इतना ही फ़साना है........ सर्वर आलम राज़....   

A joy less youth, the world hard as stone. 
Unsuccessful love has so little to moan. 

दुनिया से हाथ धो के चले कूए यार में। 
जायज़ नहीं तवाफ़-ए-हरम बे- वज़ू किए। 
Washing hands off the world, I got in lover's lane. 
With unwashed hands, your worship is profane. 

तुम्हारा ही बुतख़ाना काबा तुम्हारा। 
है दोनों घरों में उजाला तुम्हारा। 
......... आग़ा शायर देहलवी..... 

Temle is yours and Kaaba is yours.
 In both these places, glow is yours. 

रुबरू-ए-दोस्त हंगाम-ए-सलाम आ ही गया। 
रुख़सत ऐ दैर-ओ-हरम दिल का मक़ाम आ ही गया।..... जिगर मुरादाबादी.... 

Confronting the friend is a tumultuous salute. 
Bye O temple mosque, heart site is so cute. 

तेरी ज़िक्र ने तेरी फ़िक्र ने तेरी याद ने वो मज़ा दिया। 
कि जहाँ मिला कोई नक़्श-ए-पा वहीं हम ने सर को झुका दिया। 
........ वहज़ाद लखनवी.... 

Your talk, your thought, your memory gave that pleasure. 
Where there was a footprint, I bowed my head in leisure. 

तेरे करम में कमी कुछ नहीं करीम है तू। 
क़ुसूर मेरा है झूठा उम्मीदवार हूँ मैं। 
......... अज़ीज़ लखनवी...... 

You don't lack generosity, you are generous even more. 
It's all my fault, demands are false from the core. 

न हुआ सुकूँ मयस्सर मुझे बहर-ए-ज़िंदगी में। 
किसी मौज ने डुबोया किसी मौज ने उभारा। 

I could not be at peace in violent life waves
While one wave drowns, the other one saves. 

शाम को जाम पिया सुब्ह को तौबा कर ली। 
रिंद के रिंद रहे हाथ से जन्नत न गई। 

I drank in the evening, promised at morn' not to drink. 
Thus I remained a drunkard, with heaven within a blink. 

अगर दर्द-ए-मुहब्बत से न इंसाँ आश्ना होता। 
न कुछ मरने का ग़म होता न जीने का मज़ा होता।..... चकबस्त....... 

If with griefs of love, the man wasn't aware. 
Neither gloom of death nor joy of life 'd be there. 

कब हक़परस्त ज़ाहिद - ए-जन्नतपरस्त है। हूरों पे मर रहा है ये शहवतपरस्त है। 

Priest longs for heaven, doesn't for truth long. 
He longs for houries, is  a womaniser strong. 

रिंद-ए-ख़राब हाल को ज़ाहिद न छेड़ तू। तुझ को पराई क्या पड़ी अपनी निबेड़ तू। O priest don't 

शम'अ के मानिंद हम इस बज़्म में। 
चश्म-ए-तर आए थे दामन तर चले। 
........ ख्वाजा मीर दर्द...... 

I entered this gathering like a flame. 
Came weteyed, left wethemmed in game. 

शादी की और ग़म की है दुनिया में एक शक्ल। 
गुल को शगुफ़्ता दिल कहो या तुम शिकस्ता दिल।..... ख्वाजा मीर दर्द.... 

Joy 'n pain havea similar face in world mart. 
Flower may be said a blooming or broken heart. 

तर दामनी पे शैख़ हमारी न जाइयो। 
दामन निचोड़ दें तो फ़रिश्ते वुज़ू करें। 
........ ख्वाजा मीर दर्द..... 

O priest! About wet hem you just don't mock.
Because if I squeeze it, then angels will flock. 

सूरतें क्या क्या मिली हैं ख़ाक में। 
है दफ़ीना हुस्न का ज़ेवर-ए-ज़मीं। 
......... ख़्वाजामीर दर्द...... 

What faces have gone within earth. 
There's a treasure of beauty below earth. 









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